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  • 2 days ago
पति का कत्ल कर दफनाया शव, 2 साल बाद कैसे खुला राज? देखें वारदात

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00:05आप देख रहे हैं वारदात आज वारदात में आपको एक लाइव क्राइम सीन दिखाने जा रहा हूँ
00:12एक नर्स पत्नी का पती पिछले दो सालों से आउस्टेलिया में नौकरी कर रहा था
00:18ऐसा पत्नी का कहना था मगर सचाई ये थी कि उसका पती उसी शहर में पिछले दो सालों से एक
00:26कबर में सो रहा था
00:27जैसे ही ये सचाई सामने आई पुलिस फॉरन क्राइम सीन की तरफ पहुँची लाश को कबर से बाहर निकालने
00:35इसके बाद अब जो कुछ भी होता है वो सब कुछ आप लाइव देखेंगे
00:44ये गुजरात के जामनगर इलागे में मौझूद एक इंडस्ट्रियल एरिया है
00:48इसलिए यहां कई कारखाने है
00:5129 जुलाई बुदवार का दिन था अचानक पुलिस की गारिया इस कारखाने का रुख करती है
00:58इलागे की एसपी यानि असिस्टेंट सुपरिंटेंडन आप पुलिस खुद इस आउपरेशन को लीड कर रही है
01:13शायद आउपरेशन की खबर आसपास के लोगों को भी मिल चुकी है
01:17लहाजा कारखाने के चारों तरफ अब भीड भी इखटा है
01:23यह उसी कारखाने के अंदर का सीन है
01:26कुछ पुलिस वाले बैठे हैं तो कुछ खड़े हैं
01:29इन्ही पुलिस वालों की मौजूदगी में एक मजदूर कारखाने के अंदर इस जगा फर्श पर ड्रेलिंग मशीन से खुदाई शुरू
01:37करता है
01:53अब तक सब कुछ यहां सामान में है
01:55पुलिस वाले आपस में बाते कर रहे हैं कुछ मुस्कुरा भी रहे
02:01पुलिस वालों को खबर देने वाला जमीन के उपर था
02:04लेकिन जो खबर थी वो जमीन के अंदर थी
02:07लहादा शुरुआत ड्रेलिंग मशीन से होती है
02:10और खबर की सक्चाई को गहराई से बाहर निकालने के लिए खुदाई शुरू हो जाती है
02:23जैसे जैसे गहराई गहरी हो रही थी
02:25यहाँ वैठे तमाम पुलिस वालों की सांसे उपर नीचे हो रही थी
02:30पता नहीं खबर सच है भी की नहीं
02:35पता नहीं दो साल पुराना रास इस गड़े से बहार आ पाएगा भी की नहीं
02:40खेर खुदाई में अभी वक्त लगेगा क्योंकि खबर देने वाले ने ये बताया था
02:46कि असली खबर जमीन के बारा फीड नीचे है अब बारा फीड पहुचने में जाहिर है वक्त तो लगेगा है
02:52इसलिए तब तक इस कारखाने से बाहर निकलते हैं और उन दोनों से मिलते हैं जिन्हों ने ये खबर दी
02:59थी
03:08पुलिस हिरासत में मौचूद ये पृत्वी है पेशे से एक नर्स और इसके साथ ख़ड़ा ये निलेश है
03:15ये दोनों इस वक्त इसलिए पुलिस की कस्टडी में हैं क्योंकि इन्होंने कतल की बात कुबूल की है
03:22पृत्वी ने पुलिस को ये बताया कि कैसे उसने अपने पती जिगनेश को मारा
03:27और निलेश ने पुलिस को ये बताया कि जिगनेश को मारने के बाद उसने उसकी लाश कहां चुपाई
03:34यानि दोनों ने एक कतले के बारे में आधी आधी जानकारी थी
03:38और ये जानकारी जब पूरी हुई उसके बाद ये पुलिस ने आगे बढ़ने का फैसला किया
03:43यानि जमीन के उपर खबर देने वाले यही पृत्वी और नीलेश थे
03:48और जमीन के नीचे जिसकी खबर दी गई वो पृत्वी का पती जिगनेश है
03:58तो यहां तक की कहानी तो आप समझ गए अब चलीए वापस उसी कारखाने में चलते हैं
04:03शायद अब तक खुदाई पूरी हो चुकी होगा
04:12और ये लीजिए नीलेश ने बिलकुल सही खबर दी थी
04:15कारखाने में जमीन के अंतर नाप तोलकर ठीक बारा फीट की गहराई से लाश तो नहीं
04:22पर लाश के सारे सबूत एक एक कर अंदर से बाहर आने लगते हैं
04:27सबसे पहले मिट्टी के साथ कुछ इनसानी हड़्डियां बाहर आती है
04:31फिर बास्केट में कंकाल का ये सिर बाहर आता है
04:35इसके बाद किष्टों में बाकी हड़्डियां बाहर आती है
04:38खबर सही थी
04:39अब दो साल पहले बारा फीट की गहराई में दफनाए गए
04:43किसी इनसान की लाश
04:45लाश की शक्र में तो बाहर आने से रही
04:47आएगी तो सिर्फ हड्डिया कंकाल की शक्र में और वही बाहर आए
04:52अब पुलिस ने उन्हें कपड़ों की पोर्टली में बंद कर एम्बूलेंस में रखा
04:57और अस्पताल के लिए रवाना हो गए
04:58दो चीज जानने के लिए
05:00पहली के जिसका एक अंकाल है उसकी मौत कैसे हुई
05:04और दूसरी क्या मरने वाला सक्मुत जिगनेशी है
05:07मौत कैसे हुई ये तो पोस्ट मौटम रिपोर्ट बता देगी
05:11लेकिन ये हड्डिया जिगनेश की ही है
05:13ये जानने के लिए थोड़ा इंतिजार करना होगा
05:16क्योंकि इसका पता डियने रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा
05:21अब वापस फिर से पिर्थवी और निलेश के पास चलते हैं
05:25क्योंकि सारी कहानी यहीं से पता चलेगी
05:27करीब 5-6 साल पहले पिर्थवी की शादी जिगनेश से हुई
05:31पर जब पिर्थवी की शादी हुई तब पिर्थवी निलेश से प्यार कर दी थी
05:35शादी के कुछ वक्त बात तक तो पिर्थवी और निलेश एक दूसरे से दूर रहे
05:40लेकिन फिर कुछ वक्त बात फिर से करीब आ गये
05:43जिगनेश का जामनगर में फरनीचर का बिजनेस था
06:08बात दो साल पुरानी है
06:10एक रोज अचानच जिगनेश गायब हो जाता है
06:13जब काफी दिनों तक उसकी खबर नहीं मिलती
06:15तब रिष्टेदार और दोस्त पृत्वी से जिगनेश की बारे में पूछते हैं
06:20तब पृत्वी उन्हें बताती है कि जिगनेश � आउस्टेलिया चला गया और वहीं काम कर रहा है
06:25जब रिष्टेदार जिगनेश का फोन नमबर मांगते हैं तो पिर्थवी कहती है कि आस्ट्रेलिया में जिगनेश के दफ्तर में फोन
06:32पर बात करना मना है
06:33इसलिए फोन हमेशा बन रहता है
06:36इस तरह अगले दो सालों तक
06:38जिगनेश से कोई भी रिष्टेदार संपर्क नहीं कर पाया
06:41इदारीज दौरान पिर्थवी बिलकुल आम जिंदगी जी रही थी
06:45पारिवारी फंक्शन से लेकर तेहवार तक में वो हिस्सा ले थी
06:49अब तो रिष्टेदार भी यकीन कर बैठे थे
06:51कि जिगनेश ऑस्ट्रेलिया में अच्छा काम कर रहा है
06:54इसलिए प्रत्री यहां खुश है
06:5626.26 को सिटी बी पुलिस टेशन में एक अरजी आई थी
07:02कि उसमें फर्यादी आशोक, धर्मीश भाई, माधरजी भाई, मावध दिया
07:08उन्होंने बोला कि उनका भाई जिसका नाम जिगनेश है
07:12वो पिछले दो साल से लाप्टता है
07:14उसकी पतनी से पूछने पर उसकी पतनी कहती थी
07:30तो दो साल उसका उसके परिवार के साथ कोई संबर्ख नहीं हो पाया
07:34पिर्थवी की अब तक की चाल तो काम्याब रही
07:37लगबग रिष्टेदारों ने यकीन कर लिया
07:39कि जिगनेश सही सलामत और उस्टेलिया में ही है
07:42पर गरबड इस महीने की 25 जुलाई को तब हुई
07:45जब जिगनेश के चाचा का बेटा यानि उसका कजन पिर्थवी से मिलने पहुचा
07:50उसने कहा कि वो काम के सिरसले में आस्टेलिया जा रहा है
07:54जहां जिगनेश से भी उसकी मुलाकात हो जाएगी
07:56इसलिए उसने पिर्थवी से जिगनेश का मुबाई नमबर और पता माना
08:00पहले तो पिर्थवी वही रटा-रटाया बहाना करती रही
08:04कि वहाँ फोन पर बात करना मना है
08:06लेकिन जब कजन ने कहा कि वो घर पर उससे बात करेगा
08:09और उसके घर जाएगा तब पिर्थवी घबरा गई
08:12वो ना जिगनेश का उस्ट्रेलिया का पता दे रही थी ना फोन नमबर
08:16कजन को शक हुआ उसने सीधे पुलिस के पास जाने की धमकी दी
08:20अब पिर्थवी घबरा गई और पहली बार उसने खुलासा किया
08:24कि असलम जिगनेश को उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दो साल पहले माड आला है
08:31उसका परिवार का उसके काका का बेटा उस्ट्रेलिया जा रहा था
08:35तो उन्होंने उसकी वाइफ से वापिस पूछा कि हमें हमारे भाई का नमबर दो मैं वहां जा रहा हूं
08:40मैं उनसे मिलना चाहता हूं तब उसकी वाइफ ने उन्हें बताया पुलिस की जब धंकी दी गई तो उसकी वाइफ
08:48ने बताया कि उसको तो हमने दो साल पहले मार दिया है
08:51इस बात की फर्याद उन्होंने सीटी बी पुलिस टेशन में 26 राध बेहजार 26 को गुम दाखिल करवाई
08:58उसमने उन्होंने बोला कि उन्हें डाउट है कि उनके भाई को उसकी वाइफ ने अपने प्रेमी के साथ मिलके मार
09:05दिया है
09:06इसी के बाद 26 जुलाई को जिगनेश का कजन पुलिस में जाकर रिपोर्ट लिखा देता है
09:11रिपोर्ट लिखने के बाद जब पुलिस प्रित्वी से पूच ताच करती है तब वो अपना जुरू पूबूल कर लेती है
09:18वो बताती है कि दो साल पहले उसने अपने प्रेमी निलेश के साथ मिलकर जिगनेश के गतल की प्लैनिंग की
09:24इसी साज़िश के तहत निलेश ने जिगनेश को किराय के अपने इसी कारखाने में बुलाया
09:30शराब में साइनाइड मिलाया और फिर उसे पिला दिया
09:34जो विक्टिम है जिगनेश उसकी बीवी पृत्वी ने अपने प्रेमी निलेश के साथ मिलकर उसकी धारू में साइनाइड मिलाकर उसका
09:45मडर कर दिया और उसकी लाश दरेड के कारखाने के अंदर गार दे और अभी इसका आगे की होदकाम चालू
09:54है आगे की जो भी अपडे�
09:57जहरेली श्राब पीने के कुछ देर बाद ही जिगनेश की मौत हो गए इसके बाद निलेश ने इसी कारखाने में
10:04बारा फीड गहरा गठा खोद कर उसे तफना दिया
10:25जाम नगर पुलिस इस बात पर है कि आखर पिर्थवी और निलेश ने पूरे दो साल तक कतल के इस
10:32राज को छुपाए कैसे रखा
10:34हैरानी इस बात पर भी है कि दो साल तक जिगनेश की कोई खबर नहीं थी
10:39पूरे दो साल तक रिष्टेदारों से उसका कोई संपर्क नहीं था
10:43फिर भी किसी ने जिगनेश के बारे में जानने की कोशिश तक नहीं की
10:50ये अशोक मवादिया है जिगनेश के बड़े भाई
10:53अशोक मवादिया नहीं पुलिस में अपने भाई की गुमशुदवी की रिपोर्ट लिखाई थी
10:58इनका कहना है कि इन्होंने कई बार जिगनेश की पत्नी प्रित्वी बेन से जिगनेश के बारे में पूछा
11:05लेकिन उसने हमेशा इन से जूट पो रहा
11:08इन्होंने गुजराती में हमारे रिपोर्टर को बताया कि वो बार बार यही कहकर हम सब को गुमराह करती रही
11:15कि जिगनेश आस्टेलिया में है
11:17अशोक मवादिया का कहना है कि अगर उनका चचेरा भाई आस्टेलिया ड़ जा रहा होता
11:23तो शायद जिगनेश का सच कभी सामने ही नहीं आपाता
11:29वो अशोक मवादिया ही थे जिनको प्रित्वी बेन ने आखिर में फोन कर पहली बार यह बताया था
11:35कि जिगनेश आस्टेलिया में नहीं है बलकि उसको मा डाला है
11:42यह सुनने के बाद ही अशोक मवादिया पुलिस के पास गये थे
11:45इन्होंने ही यह भी कहा कि प्रित्वी बेन को देखकर कभी ज़रा सा भी शक नहीं हुआ
11:50कि उनके भाई के साथ कुछ ऐसा भी हो सकता है
11:55सारी सचाई और कंकाल की शक्ल में लाश बाहर आने के बाद
11:59जामनगर पुलिस ने पिर्थ्वी बेन और उसके प्रेमी नीलेश को जामनगर की अदालत में पेश किया
12:07पुलिस दोनों की साथ दिनों की रिवान मांग रही थी
12:09हाला कि अदालत ने चार दिनों की पुलिस सिरासत दी है
12:13अब इन चार दिनों में पुलिस को नहीं सिर्फ दो साल पुरानी इस गतले की सारी कड़ियों को जोड़ना है
12:19बलकि ऐसे पुखता सबूत और गवाहों के भी ठूंड़ना है जिन से आगे चलकर दोनों को कड़ी से कड़ी सजा
12:26दिलाई जा सकी हाला कि जामनगर पुलिस के मताबि गिराफतारी के बात से लेकर अब तक पृत्वी बेन से पूचताथ
12:33के दोरान कभी ऐसा नहीं लगा कि उस
12:49घर के चोथे शक्स पर जाता है अब पुलिस उसकी तलाश में जुड़ जाती है लेकिन कुछ वक्त बात ही
12:55उस चोथे शक्स की भी लाश मिलती है अब पुलिस परिशान हो जाती है लेकिन इसके बाद उन चारों लाशों
13:02और क्राइम सीन की फिर से जब नए सिरे से जाच की
13:06जाती है, तो अचानक असली कातिल का चहरा सामने आ जाता है।
13:36भयाल आया कि घर की अच्छे से तलाशी ली जाए और उसी तलाशी के दौरान आरूशी के गतल के एक
13:42तिन बाद उसी घर की छट से हेम्राज की लाश मिली
13:45यानि जिसे नोड़ा पुलिस कातिल मान रही थी खुद उसका कतल हो चुका था
13:50मतलब साफ था क्या आरूशी और हेमराज का असली कातिल को या और था
13:54कौन था ये खैराज 18 साल बाद भी किसी को नहीं बता
14:02नोईडा वाले इसी यूपी के परियागराज में लगभग लगभग आरूशी की यही कहानी दोहराई जाने वाली थी
14:10एक घर से तीन लोगों की लाश मिलती है और उस घर का चौथा मेंबर यानि घर का बेटा गाइब
14:16पुलिस समेट लोगों को यही लगा कि बेटे नहीं अपने मावाप और बहन का गतले किया और भाग गया
14:23पर शायद आरूशी की कहानी प्रियागराज पुलिस के जहन से गई नहीं थी
14:27लहादा पुलिस ने उस गल्पी को दोहराने की बजाई ये तै किया
14:31कि पूरे घर और घरवालों के दुकान की अच्छी से तलाशी ली जाए
14:35फैसला काम कर गया जिस बेटे पर घर के तीन लोगों के कतल का शक्त था
14:40दुकान से उसी बेटे की लाश मिलती है
14:44यानि अब मरने वालों की तादाद चार हो गई थी
14:47और जिस पर कातिल होने का शक्त था खुद उसका कतल हो चुका था
14:54असल में चार कतले की ये वो कहानी है जो आपको हर कदम पर चौकाएगी
14:59इस कहानी में ऐसे ऐसे ट्विस्ट है क्रिमिनल दिमाग की ऐसी ऐसी सोच
15:04कि क्या कहीं सबसे अजीब तो इस कहानी का क्लाइमेक्स है
15:08जो पूरी कहानी का ही रुख मोर देती है
15:10तो चलिए, कहानी शुरू करते हैं
15:13बात दो जून की है
15:14प्रियागराज के इस घर से पडोसियों को कुछ बद्बू आती है
15:18ये घर सत्तर साल के विरेंद्र वैश का है
15:21घर के नीचे अठारा दुकाने है
15:23ये सभी दुकाने विरेंद्र वैश की ही है
15:25घर में विरेंद्र वैश के अलावा उनकी पत्मी
15:2865 साल की अनीता और 45 साल की बेटी मिनाक्षी रहती थी
15:33इन तीनों के अलावा विरेंद्र का 40 साल का बेटा अभिशेग भी इसी घर में रहता था
15:38घर से आती बद्बू की शिकायत मिलने पर जब पुलिस घर के अंदर गई
15:42तो अंदर का मनजर बेहत टराबना था
15:45सीड़ी पर मिनाक्षी की लाश पड़ी थी
15:48जबकि कमरे में विरेंद्र और उनकी पत्मी अनीता की
15:51सभी के सर पर किसी वजनी चीज से हमला किया गया था
15:54लेकिन अभिशेग घर पर नहीं था
15:56कुछ वक्त पहले ही विरेंद्र ने अपने बेटे अभिशेग को अपनी संपत्ती से बेदखल कर दिया था
16:02पड़ोसियों और रिष्टेदारों से ये पता चलते ही
16:05पुलिस को लगा कि केस आसान अभिशेग नहीं तीनों का गतले किया और भाग गया
16:10लेकिन तभी घर के अंदर से पुलिस को दो ऐसी चीजें मिले
16:14जिसके बाद पुलिस को लगा कि वो खाम खाविशेग पर शक कर रही
16:18असल में एक जगा दीवार पर लिखा था बेटा बहु और उसी घर में एक गत्ते पर लिखा मिला
16:24बंटी बबली और बहु ने मारा
16:27पुलिस का दिवाक चक्रा गया है कहानी में अचानक बंटी और बबली की अबेंट्री हो चुकी थी
16:33असल में बंटी कोई और ने विरेंद्र का बड़ा बेटा अश्वनी वैश है और अश्वनी की पत्नी रितू वैश है
16:40इन दोनों का नाम बंटी बबली इसकी एपड़ा क्योंकि दोनों ही एक नंबर के ठग है
16:44फ्रॉड के कई केस इनके सर पर है यहां तक कि पुलिस ने इन पर 25-25 जार रुपे का
16:50इनाम भी गोशिद कर रखा था
16:51अश्वनी इस वक्त जेल में है जबकि उसकी पत्नी यानी बबली जेल से बाहर
16:57विरेंडर वैश ने दोनों की इसी करतूत के चलते अपने दूसरे बेटे को भी बेदेखल कर रखा है
17:02अब पुलिस कंफ्यूज थी कि तीनों कतल अगर बंटी बबली ने किया है तो अभी शेक कहा खाया थै
17:09आरुशी केस वाली गलती न धुहराई जाए इसलिए अब पुलिस ने विरेंडर और अभी शेक की दुकानों की तलाशी लेने
17:14की सोचे
17:15अभी शेक की दुकान बंटी ताला खोल कर पुलिस अंदर गे अंदर जाते ही पुलिस एक बार फिर हैराण
17:21जिस अभी शेक को शुरुवात में पुलिस ने कातिल मारा वो खुद अंतर मुर्दा पड़ा था
17:27इस तरह अभ लाशों की गिंती चार तक जा पहुँची
17:30अभी शेक की लाश मिलने के बाद जब पुलिस को पता चला
17:33कि विरेंदर का दूसरा बेटा यानी अश्वनी उर्फ बंट पहले से ही जेल के अंदर है
17:38तो फिर वो गतल कैसे कर सकता है
17:40लहाजा पुलिस ने अब नए एंगल के साथ अपनी जाच शुरू की
17:44पुलिस ने सबसे पहले आसपास के तमाम सीसी टीवी कैमरों को तसली से खंगालने का फैसला किया
17:50आनन फानन में बीस टीमें बनाएगी
17:53अभी शेक समेद घरवालों के कॉल डिटेल निकालेगी
17:56इनी सारी कवायत के दौरान दो चीज़े हुए
17:59पहली एक सीसी टीवी कैमरे में एक जून की सुबा पांच बजे एक शक्स विरेंदर के घर से बाहर निकलते
18:06दिखा
18:06जब उसकी शिनाक कराई गए तो पता चला उसका नाम सनी गुपता है
18:11सनी की अभिशेक की दुकान के पास ही समोसे और कचोरी की दुकान है
18:15इसके बाद जब अभिशेक के मॉबाइल के कॉल डिटेल निकाले गए तो पता चला
18:19कि 31 मई की शाम तक अभिशेक और सनी ने कई बार फोन पर बात चीत की थी
18:25पुलिस की एक टी सनी के घर पहुंचती है और उसे ग्रफतार कर लेती है
18:30ग्रफतारी के बाद अब जैसे ही सनी मूँ खोलता है पूरी कहानी ही पलड जाती है
18:35कहानी का पूरा क्लामिक्स ही बदल जाता है
18:38असल में वो विरेंद्र का बेटा अभिशेक ही था
18:41जिसने सनी के साथ मिलकर अपने माबाप और बहन का कतल किया था
18:47तो फिर अभिशेक का कतल किस ने किया
18:49तो चली अब सिलसलवार हर साजिश से परदा उठाते है
18:54असल में जब अभिशेक को उसके पिता ने बेदखल किया
18:56तब ही सो वो नारास था
18:58कर्स बेबी डूबा था
18:59इसी के बाद उसने सनी के साथ मिलकर
19:02अपने माबाप और बहन के कतल की साजश रच
19:04अभिशेक ने तै कि एकटिस मैं की शام
19:07वो इस कतल को अंजाम देगा
19:09एकटिस मैं की दो बहर से
19:11अभिशेक और सनी पहले बेर पीते हैं
19:13कचौरी खाते हैं
19:15और फिर घर में ताखिल होते हैं
19:17घर में गुस्ते ही सबसे पहले अभिशेक को अपनी बहन मीनाक्षी स्टीडियों पर नज़र आए।
19:22इस से पहले की मीनाक्षी कुछ समझ पा दी।
19:24अभिशेक और सनी ने अपने साथ लाए लोहे के रौड और बेर की बोटल से उस पर हमला कर दिया।
19:31इसके बाद दोनों उस कमरे में गए जहां विरेंदर और उनकी पत्नी मौजूद थी।
19:36दोनों ने उन दोनों के सिर पर भी लोहे के रौड से हमला किया और दोनों को माड़ा तीन कतले
19:42करने के बाद दोनों घर में रखें करीब एक कीलो जेवराद जिनकी प्यमत बेर कडोर से ज्यादा है।
19:48एक बैग में भरते हैं फिर लोहे का रौड बियर की बोटर मोबाइल फोन लैपटॉप हतौड़ा सब कुछ उसी घर
19:55में पानी की टंकी में डाल देते हैं।
19:58अब लोट के सामान के साथ दोनों नीचे आते हैं। अभिशेक और सनी अभ अभिशेक की दुकान में बैठे थे।
20:05अब बारी लोटे गए जेवराद का हिस्सा करना था। अभिशेक ने सनी को लोटे गए जेवर में सिर्फ पांच कंगन
20:11दिये। सनी को ये बुरा लगा। �
20:29अभिशेक का कतल करने के बाद सनी उसी दुकान में बैठा रहा। उसने खून साफ किया। लाश पर तेजाब जैसी
20:36चीज डाली। फिर वापस विरेंद्र के घर गया। पूरी रात वही रहा। चुकि कपड़े खून से सने थे लहाज़ा उसी
20:43घर में नहाया। फिर विरे
20:58चाया कि कतल के बाद घर की दिवार और गत्ते पर बंटी बबली और बहू की कहानी क्यों लिखी गई
21:03थी। असल में अभिशेक को पता था कि उसका बड़ा भाई घोशित क्रिमिनल है। लहाजा कतल का सारा शक उसी
21:10पर जाएगा। और वो अपने पिता की सारी मिलकियत का इ
21:25खा दें गुपता जी समोसे वाले यानि कि समोसे वाला उसकी दुकान भी इसी कॉंप्लेक्स का एक हिस्सा थी। दो
21:34दिन तीन दिन पहले जो व्यक्ति यहां समोसे तल रहा था। उसकी मदब से पूरे परिवार को घर के ही
21:42बड़े बेटे ने खत्म कर दिया है। बड़ी ब
21:55जिससे आरोब छोटे बेटे और उसकी प्रेमिका पर लग जाए। लेकिन पूलीस ने इस केस को सॉल्फ किया।
22:04जब इस चार कतल के खुलासे के लिए प्रियागराज पुलिस ने प्रेस कॉन्फेंस की तो सनी लगातार पीछे खडा था।
22:11प्रेस कॉन्फेंस खत्म होने के बाद जब उसे ले जाए जा रहा था। तब सनी ने कहा कि असल में
22:17तीन कतल करने के लिए अभीशेक नहीं उसे �
22:44माबाप और बहन का कातिल भी बन गया, खुद भी मारा गया, ना दौलत मिल, ना जायदात, और क्या पता,
22:51अब सब कुछ उसी बंटी बबली के हिस्से आ जाए, जिसका नाम दिवार और गत्ते पर लिखकर अभिशेख ने, पुलिस
22:57को उलजाने की कोशिश की लिए,
22:59वो एक लाइन है ना, ना खुदा ही मिला, ना विसाले सनब, या विशेख पर पूरी तरह फिट बैट रही
23:06है, पंकच श्रिवास्तफ के साथ समर्थ श्रिवास्तफ प्रियाग राज आज तक,
23:15तो वारदात में फुलाल इतना ही, मगर देश और दुनिया की बागे खबरों के लिए, आप देखते रही आज तक,
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