00:02डिली के बचये सबसे अंचे
00:30वैन ने मुक हमन्तोर नहीं वहात एक थैयरे शी थैट इस बच्छ लक्र आज़ों
01:04इस दिल्ली राज्ये में वो लाखों बेटिया जो पैदल अपने घर आती जाती है शाया जिनके माबाब के पास वो
01:16समय नहीं हो पाता नौकरी पे जाने के कारण, काम पे जाने के कारण
01:22मैं अपनी और से सरकार की और से उन सभी बेटियों को साइकिल के रूप में वो पंख दूँ जिससे
01:32वो खुले आकाश में अपनी उडान भर सके
01:39अपना अर्श आपको देखते करें हैं हम इनके ताजियों के माफ्या से वो आपकान
01:46आपकान
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