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जंतर मंतर पर बैरिकेड्स को वेल्डिंग क्यों किया गया है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नवस्कार मैं हूँ अंजराओं करशप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि क्या दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को हमेशा के लिए बंद कर दिया है
00:08ये सवाल इसलिए क्योंकि सोचल मीडिया पर वेल्डिंग किये गए 8 फीट उचे बैरिकेज्स की तस्वीरे वाइरल है
00:15दावा है कि नए आंदोलन को रोकने के लिए किलेबंदी की जा रही है
00:19लेकिन पुलिस का कहना है कि चंतर मंतर पर अब भी खुला है सब कुछ और वेल्डिंग सिर्फ 20 जुलाई
00:24को टूटे बैरिकेज्स की मरवमत के ले की गई है
00:27लेकिन आज हम इसके पीछे का सच आपको बताएंगे क्योंकि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी संसत भवन से सिर्फ 100 मीटर
00:35दूर रह गए थे
00:37और इसके बाद आपको सोनम बांग्चुक के बारे में बताएंगे जो 26 दिनों की भूखरताल और अस्पताल से भावुक संदेश
00:43देने के बाद
00:44अब एक बार फिर चर्चा में है इस बार उन्होंने वंदे भारत और चिनाप पुल की तारीफ करते हुए
00:50सरकार को इमाओं पर कारवाई ना करने का बादा भी आद दिलाया
00:54अज आपको बताएंगे कि सोनम बांग्चुक ने सरकार पर गर्फ करने के लिए क्या शर्त रखिये है
01:00जिस वक्त प्रदर्शन कारियों पर सुरक्षा बलों के आक्शन पर सियासत हो रही है
01:04तमाम राज़रेतर सुरक्षा बलों के जवानों पर कारवाई की मांग कर रहे है
01:08तब आपको CRPF के DG ग्यानेंदर पताप सिंग के बयान के बारे में बताएगे
01:13उन्होंने जवानों का होसला बढ़ाते हुए कहा
01:16कि ड्यूटी के दौरा इमानदारी और नियमों के तहट फैसला लेते वक्त बिलकुल ना हिचके जाए
01:21अगर कोई जिम्मेदारी या जवाब देही तै होगी तो उसे वो खुद संभालेंगे
01:26जवानों पर आच नहीं आने देगे
01:29लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या दिल्ली पुलिस ने जन्तर मंतर को प्रदर्शन कारियों के लिए बंद
01:35कर दिया है
01:36सोशल मीजा पर कुछ ऐसी तस्वीरे वाइरल हो रही है जिनमें ये दिखाई देता है
01:40कि जन्तर मंतर पर लगाए गए लोहे के बैरिकेद्स को वेल्डिंग करके आपस में जोड़ दिया गया है
01:47दावा है कि सरकार को ऐसी आशंका है कि कौक्रो जन्ता पार्टी फिर से अंदोलन चुरू कर सकती है
01:52जिसके कारण पुलिस पहले ही ऐसी तयारी कर रही है कि कोई बड़ा प्रदर्शन ना हो सके
01:57हाला कि ये दावा कितना सही है इसकी पुष्टी करने के लिए हमारी टीम खुद जन्तर मंतर पर पहुँची
02:02वहाँ जाकर हमें तीन बाते समझ में आई है
02:05पहली बात ये दावा सही है कि कई बैरिकेड्स को वेल्डिंग करके आपस में जोडा गया है
02:12ताकि उन्हें आसानी से गिराया या तोड़ा ना जा सके
02:17दूसरी बात जन्तर मंतर पर अब भी बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और रापर आक्शन फोर्स के जवान तैनाते
02:22यानि सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह अब भी कड़ी बनी हुई है
02:27और तीसी बात आंदोलन खत्म हुए कई दिन हो चुके हैं
02:31लेकिन वहां लगाये गए CCTV कैमरे, लाउड स्पीकर्स और जो दूसरी अस्थाई सुरक्षा इंतजाम है वो अब भी हटे नहीं
02:39है
02:40यानि ये तीनों बाते पूरी तरह सही है
02:44लेकिन इनी सारी बातों के बीश दिल्ली पुलिस ने खुद सामने आकर ये कहा है
02:48जनतर मंतर को किसी भी विरोध प्रदशन और धरने के लिए पंद नहीं किया गया है
02:53दिल्ली पुलिस का कहना है कि जनतर मंतर आज भी विरोध प्रदशन के लिए खुला है
03:00पहले की तरह अभी पुलिस के अनुमती लेकर कोई भी वहाँ जाकर प्रदशन किया जा सकता है
03:05और मौजूदा नियमों के मुदाबिक एक समय में करीब 1,000 लोगों को जंतरमंतर पर विरोध प्रदशन की अनुमती दी
03:12जा सकती है
03:13यारी ये दावा सही नहीं है कि जंतरमंतर को जैन्जी युवाओं के विरोध प्रदशन के कारण अब हमेशा के लिए
03:19बंद कर दिया गया है
03:21या ये भी समझे कि अगर जंतरमंतर विरोध प्रदशन के लिए खुला है तो पुलिस ने वहाँ आठ फीट उचे
03:28बैरिकेड्स क्यों लगाए है
03:30और उन्हें इस तरह वेल्डिंग से क्यों जोडा गया है
03:34पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई को हुए हंगामे में कई बैरिकेड्स टूट गये थे और इसलिए उनकी मरम्मत
03:40कराई गई है
03:41दूसा जिन बैरिकेड्स पर आपत्ती जनक नारे और प्रधारवंत्य नरेंद्रमोदी के खिलाफ अब शब्द लिखे गये थे
03:47उन्हें दोबारा ठीक किया गया है पेंट किया गया है और तीसरा इन बैरिकेड्स को वेल्डिंग से जोड़ने की विवस्था
03:54नहीं नहीं है और ये पहले भी होता रहा है
03:5920 जुलाई के आंदोलन में जब प्रधर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को गिराने की कोशश की थी तब भी कई जगा इन्हीं
04:06बैरिकेड्स को वेल्डिंग से जोड़कर मजबूत किया गया था
04:09पुलिस का कहना है कि इसका मकसद किसी आंदोलन या विरोध प्रधर्शन को रोकना नहीं बलकि भीड को नियंतरत करना
04:17और काणून व्यवस्था बनाए रखना है
04:20और ये जरूरी क्यों है उसके लिए अब आप इन तस्वीरों को जरा देखे
04:25अब तक यही कहा जा रहा था कि 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने प्रधर्शन कारियों को संसद भवन की
04:30ओर बढ़ने से रोक दिया था
04:32लेकिन हमारी जाज में मिले 5 अलग-अलग CCTV कैमरों के फुटेज एक अलग तस्वीर दिखाते है
04:37इन फुटेज में साफ दिखाई देता है कि उस दिन बड़ी संख्या में प्रधर्शन कारी संसद भवन के चारों ओर
04:45मौजूद अलग-अलग रास्तों तक पहुच गये थे
04:47और कई जगों पर उनकी दूरी जो है वो संसद भवन से सिर्फ सौ मीटर रह गई थी
04:53इन में भी सबसे एहम फुटेज रेल भवन के पास सेल्फी पॉइंट इलाके का है
04:57यहाँ बड़ी संख्या में प्रधर्शन कारी मौजूद थे
05:01उनके पीछे संसद भवन साफ नजर आ रहा था
05:04यानि प्रधर्शन कारी संसद के बहुत करीब थे
05:08इसके अलावा दूसे क्यामरा जो वहाँ पर है
05:11उनके फुटेज में भी ट्रांसपोर्ट भवन
05:13और आसपास के इलाके जितने हैं उनमें प्रधर्शन कारी दिखाई देते हैं
05:17कई जगा उनके पीछे संसद भवन और संसद परिसर की इमारते साफ नजर आती है
05:23यारी इन तस्वीरों से साफ संकेत मिलता है कि धारा 163 लागू होने के बावजूद
05:29कर जगा प्रधर्शन कारी पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ने में काम्याब रहे थे
05:33अब सवाल है कि ऐसा हुआ कैसे
05:36तो पुलिस की जो शुरुआती रणनीती थी
05:39यह थे कि जो लोग जंतर मंतर पहुट जाएं उन्हें धर्णा स्थल तक जाने दिया जाए
05:44लेकिन वहाँ से बाहर निकल कर संसत की ओर ना जाने दिया जाए
05:49दूसी तरफ जो प्रधर्शन कारी मेट्रो से आ रहे थे
05:51उन्हें स्टेशन या रास्ते में ही रोकनी की कोशिश की जाए
05:54लेकिन दावा है कि यही रणनीती उल्टी पड़ गई
05:57जैसे जैसे लोगों को जंतर मंतर के अंदर आने दिया गया
06:02वहाँ भीड लगादार बढ़ती गई
06:04बाहर निकलने के रास्ते सीमित थे
06:06पुलिस लोगों को आगे नहीं बढ़ने दे रही थी
06:08इससे भीड का दबाव बढ़ता गया और आखिरकार कई जगा
06:12बैरिकेद्स टूटे और पड़ी संख्या में लोग अलग अलग दिशाओं में निकल पड़े
06:24यह भी दावा है कि जिन प्रदर्शनकारियों को मेट्रो स्टेशन के बाहर रोका गया था उन्हें ऐसे निर्देश मिले कि
06:32जंतर मंतर
06:33पहुचने के बजाए वो सीधे संसद मार्च की तरफ पढ़े इसके बाद जो लोग जहां थे वहीं से अलग-अलग
06:39रास्तों से
06:40संसद भवन की और बढ़ने लगे और यहीं वजह रही कि प्रदर्शनकारी कई दिशाओं से संसद परिसर के बेहत करीब
06:47पहुच गए और इस पूरे घटना क्रम से दो बाते साफ समझाती है
06:51पहली बाद 21 जुलाई की स्थिती सामान विरोध प्रदर्शन से कहीं जादा गंभीर हो चुकी थी
06:57उस समय संसद का सत्र चल रहा था सरकार और विपक्ष के संसद संसद के अंदर मौजूद थे
07:03और उसी दोरान प्रदर्शन कारी संसद भवन से करीब 100 मीटर की दूरी तक पहुच गए थे
07:07और दूसी बाद अगर उस दिन सुरक्षा विवस्था थोड़ी और कमजोर पड़ती या हालात थोड़े और बिगड़ते
07:13तो स्थिती कहीं जादा गंभीर हो सकती थी
07:17और यही कारण है कि अब दिल्ली पुलिस भविश्य में ऐसे किसी तरह के हालात नहीं हो और कोई भी
07:26मार्ट जो यहां से निकले
07:27सुरक्षा इंतजामों को मजबूत बनाए रखना चाहती है और इनी कारणों से उसकी दलील है कि भारी सुरक्षा बल की
07:34तैनाती जारी है
07:35बैरिकेट्स को वेल्डिंग किया जा रहा है अब पहले यह देखिए
08:20इस वक्त चंतर मंतर के बहार की तस्वीरे हैं जहां रैपिट आक्शन फोर्स अभी भी डिपलॉइड है और उनके पीछे
08:25अगर आप देखें तो यह बड़े-बड़े विशालका है जो बैरिकेट्स हैं यह अब यहां पर लगा दिये गए हैं
08:31यह पिछले कई सालों से ऐसे
08:32बैरिकेट्स यहां पर नहीं लगे थे यह बैरिकेट्स आखरी बार जो देखा गया था वो किसान आंदोलन के टाइम पर
08:38दिल्ली के वॉड़र्स पर लगे वे दिखाई दिये थे लेकिन इस वक्त आप देखें तो जंतर मंतर पर भी इस
08:43तरह के बैरिकेट्स जो एंट्री �
08:44इसके अलावा जो एक नई चीज इस वक्त दिखाई दे रहे हैं जंतर मंतर पे वो है इन बैरिकेट्स का
08:50आपस में वेल्ड होना यह देखे इस तरीके से इन बैरिकेट्स को एक दूसरे से वेल्ड कर दिया गया है
08:55जिससे फाइदा क्या होगा फाइदा आमोमन यह होगा कि अ�
09:03लगेंगे और बैरिकेट्स को गिराना और जादा मुश्किल हो जाएगा यह जो नया एक तरीके से एसूपी हम देख रहे
09:09हैं या जो नए चेंजिस किये गए हैं इससे ये कही ना कहीं साबित होता है कि जिस तरीके से
09:1520 तारिक को हमें बैरिकेट्स गिरकर वे दिखे वो हो स
09:31इस सब के बीच CIPF यानी Central Reserve Police Force के डिरेक्टर जेनरल ज्यानेंद्र प्रताप सिंग का एक बहुत बड़ा
09:37बयाना है उन्होंने अपने जवानों और अधिकारियों से कहा है कि ड्यूटी निभाते समय अगर वो इमानदारी और नियमों के
09:44तहत कोई फैसला लेते हैं या कोई क
09:59दाला जाएगा यानी इसकी आच जवानों तक नहीं जाएगी यह बयान इसने एहव है क्योंकि दिल्ली में हुए आंदोलन के
10:06दौरान Rapid Action Force की कारवाई और पेलेट गन के इस्तमाल को CRPF पर कई सवाल जिसकी वज़े से उठाए
10:13गए और संसद में भी विपक्ष इस पर खू
10:29पानिदेशक बल के प्रमुक के रूप में आप सभी को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं चाहे हमारी Operational Battalions हों
10:41चाहे हमारी Law and Order की Units हों आप सभी
10:48राश्ट्र हित में जन हित में बल हित में जो भी निर्णे लेते हैं जो भी एक्षन लेते हैं जो
11:00कि Bonafide Discharge of Duty में है उन सभी निर्णेयों का और उन सभी एक्षन का संपूर्ण रूप से बलके
11:10प्रमुक के रूप में दायतों मेरा है
11:14आप अपना काम निर्भय होकर करते रहें जहां भी जो भी दायतों लेना होगा वैं संपूर्ण रूप से मैं महानिदेशक
11:24के तौर पर लूँगा
11:26कहते हैं कि किसी व्यक्ति का शब्द कोश उसके मन और सोच की असली खिड़की होता है
11:32और अब हम इसी खिड़की से कौक्रो जन्ता पार्टी के संस्थापक अभी जीर दीप के सोनम बांग्चुक के आगे की
11:38रणनीती को समझने की कोशश करेंगे
11:4026 दिनों तक भूख खरताल करने के बाद जब सोनम बांग्चुक ने केंद्रिय स्वास्तमंत्री जेपी नड़ा के हातों जूस पीकर
11:46अपना अंशन खत्म किया
11:47तो सोशल मीडिया पर एक बहस चड़ गई
11:50कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने सही फैसला लिया
11:53लेकिन कुछ लोगों ने उन पर सवाल भी उठाने शुरू कर दिये
11:56यहां तक कि उन पर सरकार से समझोता करने के आरोप लगाने लगे
11:59उस वक्त स्थिती ऐसी बन गई कि सोनम बांग्चुक को अस्पतार से ही एक विडियो जारी करना पड़ा
12:05और उन्होंने भावुक होकर कहा कि क्या 26 दिनों की भूख हरताल के बाद भी अब उन्हें अपनी इमानदारी का
12:10सर्टिटिकेट देना पड़ेगा
12:12ये बात उन्हें इसले भी जादा चुबी क्योंकि इस पूरे आंदोलन की शिरुआत करने वालों में सबसे प्रमुक चहरा वही
12:19थे
12:19और इसी के साथ साथ उनके भूख हरताल की वज़े से वहाँ पर पूरे देश में एक भावनात्मक उफान आया
12:26जब उन्होंने भूख हरताल शुरू की थी तब देश पर के हजारों जन्जी वावने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया था
12:33लोग एक दूसरे से अपील कर रहे थे कि अगर सोनम वांग्चु के वावं के भविश्य के लिए भूखे रह
12:39सकते हैं तो वो जन्तर बंतर जाकर उनका साथ नहीं दे सकते
12:42और एक मुहिन चली यानि उस वक्त सोनम वांग्चु के सांदोलन की सबसे बड़ी प्रेणा बन गए थे
12:48लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद महौल बदला कुछ लोगों और कुछ नेताओं ने उन पर सरकार के साथ समझाता
12:55करने के आरूप लगाने शुरू के
12:57जिसके कार और सोशल मीडिया पर सोनम वांग्चु को लेकर एक बहस चलती रही और अब लगबग वही बहस एक
13:02बार फिर से शुरू हो गई है
13:04आग सुबध अर असल सोनम वांग्चु कने एक नया वीडियो पोस्ट किया
13:07इसमें उन्होंने बताया कि दिली से श्रिनगर के बीच उन्होंने पहली बार वंदे भारत ट्रेन में सफर किया
13:13उन्होंने चिनाव नदी पर बने हुए दुन्या के सबसे उचे रेलवे पुल को भी पहली बार देखा
13:19और कहा कि यनभव उनके लिए बहुत शानदार रहा
13:22उन्होंने कहा कि उन्हें भारतिय रेल पर गर्व है
13:25इसके बाद उन्होंने सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाये गया
13:28इस अंशोधित कानून का भी स्वागत किया
13:30और उमीद जताई कि जिस तरह परिक्षा प्रणाली को सुधारने की कोशिश की जा रहे है
13:35उसी तरह पूरी शिक्षा विवस्ता में सुधार होगे
13:38और यहां उन्होंने सिर्फ तारीफ नहीं की
13:40विडियो के आखर में उन्होंने सरकार को उसका एक वादा भी याद दिला है
13:44उन्होंने कहा कि अंदोलन के दौरान सरकार ने भरोसा दिया था
13:49कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खलाफ कोई कानूनी कारवाई नहीं होगी
13:53और अब उस वादे को पूरी इमानदारी से निभाने का वक्त है
13:57यानि एक ही विडियो में उन्होंने सरकार के कुछ फैस्टों की सराहना की
14:01सरकार को उसका वादा भी याद दिला है
14:03लेकिन सोशल मीडिया का एक हिस्सा सिर्फ पहले हिस्से पर थम गया है
14:07रुख गया है
14:08कुछ लोगों ने कहना शुरू कर दिया है
14:10कि अगर सोनम वांग्चुक वंदे भारत ट्रेन और चिनाप ब्रिज की तारीफ कर रहे है
14:13तो इसका मतलब है उनका रुख बदल गया है
14:16लेकिन यहाँ एक बड़ा सवाल ये खड़ा होता है
14:19कि अगर लोगतंत्र में सिर्फ आलोचना ही स्वीकार हो
14:25प्रशंसा नहीं या सिर्फ प्रशंसा ही स्वीकार हो आलोचना नहीं
14:29तो फिर दोनों तरफ से लोगतंत्र के मायने पर सवाल उठता है
14:33यही वज़ा है कि हम चाहते हैं कि आप भी सुनम वांग्चु का ये पूरा विडियो देखें और इसी जिस
14:38चेनाब पुल की वो प्रशंसा कर रहे हैं वही आप टेलविजन स्क्रीन पर इस वक्त देख रहे हैं
14:42क्या इस विडियो में ऐसा कुछ है जिससे उनकी नियत पर सवाल उठाया जाए उस शक्स पर जिसने सबसे लंबी
14:49अवधी तक भू खड़ताल करके इस आंदोलन को इतना मजबूत बनाया था
14:58नमाशकार दोस्तों जूले जैसा मैंने आप लोगों को कहा था परसों हम लदाक के लिए निकल रहे हैं तो हम
15:06रेल गाड़ी से निकले जो की मेरा सबसे पसंदीदा यातायात है
15:11और जो दिल्ली से स्रीनगर तक वंदे वारत की सेवा शुरू की गई है उस पर मेरा पहला अनुबव था
15:20और चिनाप पर बने पुल को भी देखना चाहता था और बहुत ही खूबसूरत अनुबव रहा बहुत गर्व है मुझे
15:27भारतियर रेल पर
15:28और आज और कल यहां कश्मीर में एक दिन का विश्राम लेके हम लड़ा के लिए बढ़ रहे हैं साफ
15:37पानी और हवा लेकर थोड़ी ताकत लेकर
15:40बाकी मैं यह कहना चाहता हूँ कि मैं खुश हूँ कि परिक्षाओं के सुधार पर संसद में बिल लाई गई
15:48और उमीद करता हूँ कि सुधार सिर्फ परिक्षाओं में नहीं शिक्षा परनाली में भी हो यह जारी रहे
15:54और दूसरी तरफ अपील करना चाहूँगा सरकार से कि वो जो समझोते हुए थे पहले मेरे साथ लिखित में और
16:02फिर सीजेपी के साथ कि वो प्रदर्शन में जो छात्र थे उन पर कोई कानूनी कारवाही नहीं करेंगे
16:11उस पर कायम रहे पालन करें और देश में खासकर युवा पीडी में एक बरोसे का माहूल बनाएं और सब
16:19मिलकर राष्टनमान और एक महान भारत बनाने में जुड़ जाएं फिर से बरोसे के साथ जुड़ता रहूँगा आप लोगों से
16:27जैहिन
16:29अब बात करते हैं साथ दोलन के दूसे प्रमुक चहरे अभीची दीपके की इस वक्त दीपके और सोनम वांग्चुक दोनों
16:36की चिंता लगबग एक है दोनों चाहते हैं कि प्रदशन में शामिल युवाओं के खिलाफ कानूनी कारवाई ना हो लेकिन
16:42उस वांग को रखने क
16:43दोनों का तरीका बिलकुल अलग है दीपके का अंदास आक्रमक है वो सरकार को घेर रहे है वहीं चिनाप ब्रिच
16:51की तारीफ को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है वांग्चुक की तरफ से सरकार को दीपके चेताबनी देते हुए अगर
17:09युवाओं के खिलाफ दर्ज माम
17:13सुनम वांग चुका की युमाओं का भरोसा तूपना नहीं चाहिए सरकार को अपना वादा निभाना चाहिए और इसी वजह से
17:18आथ सोशल मीडिया पर सिर्फ इस आंदोलन की नहीं बल्कि दोनों के कारेशयली और भाशा की भी चर्चा हो रहे
17:24है अगर फायर पीछे नहीं �
17:28सुड़न्स को ऐसी परिशान करते रहेंगे तो हम फिर से आंदोलन करेंगे इस सरकार को ये बात समझनी चाहिए कि
17:33सुड़न्स का गुस्सा कम नहीं हुआ है अगर अगर उन्हें लगता है एक धरमेंदर पताहन का इस्तिफा देकर ये गुस्सा
17:37ठंडा हो जागा ऐसा नहीं
17:42मैं खुश हूँ कि परिक्षाओं के सुधार पर संसद में बिल आई गई और उमीद करता हूँ कि सुधार सिर्फ
17:51परिक्षाओं में नहीं शिक्षा प्रनाली में भी हो ये जारी रहे
17:56अब ये मांग लगातार हो रही है कि पेपल लीग के खिलाफ हुए आंदोलन में जो प्रदशनकारी शामिल हुए उनके
18:02खिलाफ कानूनी कारवाई नहीं होनी चाहिए
18:04केंद्र सरकार ने खुदस मांग पर अपनी सहमती दी है जादातर जो राज्य है उनमें प्रदशनकारीयों के खिलाफ दरज्वे मुकदमों
18:11को वापस भी लिया गया है
18:12लेकिन आज ही हमारे पास दिल्ली पुलिस की एक इंटरनल रिपोर्ट आई है अब ये रिपोर्ट क्या कहती है ये
18:18बताया गया है कि जब जंतरवंतर पर कॉक्टरो जंता पार्टी का आए आंदोलन चल रहा था तब वहां कुल 2873
18:24जो अपराधियों हैं उनको देखा गया है
18:28इन में 101 अपराधी हत्या, 62 अपराधी हत्या की कोशिश, 284 अपराधी डकैती और लूट, 161 अपराधी रेप, 239 अपराधी
18:41आम्स आक्ट, 135 अपराधी लूट पार्ट, 19 अपराधी अपहरर, 25 अपराधी महिला उत पीड़न और 6 अपराधी पॉक्सों माम लेके
18:49थे
18:49और जानते हैं आंदोलन में घुसे इन अपराधियों की पहचान कैसे हुई
18:53पुलिस ने फेशल रेकिनिशन कैमरे और गाडियां खड़ी की थी
18:56जिन में कैमरों की मदद से पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर इन अपराधियों को पहचाना गया
19:00इनके चेहरे स्कैन करके उनकी प्रोफाइल की जाच हुई
19:05हम यहाँ दो बाते और जोड़ना चाहते हैं
19:08पहली बात चेहरों को स्कैन करके जिस तरह उनका डिजिटल रिकॉर्ड इकठा किया जाता है
19:13उसका लीगल फ्रेमवर्क अभी तैन नहीं हुआ है
19:15और हाई कोर्ट में इस पर सुनवाई चल रही है
19:18कि क्या पुलिस का ऐसा करना लोगों की निजटा का हनन है उलंगन है
19:22और दूसरा अगर इन अपराधियों को इस आंदोलन में देखा गया
19:45हत्या, रेप, डकैती, लूट के कितने अपराधियों को देखा गया
19:49लेकिन कि आपको पता है कि अगर यही फेशल रेकिनिशल कैमरे जो है
19:54उसंसद अलग-अलग राज्यों की विधान सबाओं में लगा दी जाए
19:57तो यह सवाल आएगा कि नजाने कितने माननिया ऐसे नजर आ जाएंगे
20:01जिन पर हत्या, हत्या की कोशिश, रेप, डकैती, लूट जैसे गंभीर आरोप है
20:082024 में देश के 46 प्रतिशत सांसद दागी थे
20:11इनमें भी 31 प्रतिशत सांसदों पर हत्या, रेप, लूट, अफरण जैसे संगीन अपराद के मामले थे और आज भी है
20:17राज्य सभा में 31 प्रतिशत सांसदों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्जे
20:21और अगर राज्य सरकारों की बात करें तो
20:23चौदर राज्य और केंडर शासद प्रदेशों के मुक्यवंत्य उपर आप राधिक मुकदमे दर्जे
20:29यहां हमें नेताओं की प्रतिश्टा पर सवाल नहीं उठा रहे हैं
20:32हम सिर्फ यह बताने की कोशश कर रहे हैं कि जब आप राधिक मामलों की बात होती है
20:37तो हमको देखना होगा कि हमारे कितने नेता दागी है
20:44कई नेता तो अब राध करने के बाद राजनीती में आए और सांसद और विधायक भी बन गए
20:49यहां ये भी समझना होगा कि भारत का जैंजी आंदोलन श्रिलंका, बांगलादेश, नेपाल के जैंजी आंदोलन से बहुत अलग था
20:55श्रिलंका के जैंजी वहां की संसद राश्रपती भवन में घुज गए
21:00राश्रपती गोटाबाया, राजपक्षे को देश छोड़ कर भागना पड़ा
21:04बांगलादेश के जैंजी आंदोलन में भी 1400 लोग मारे गए थे और शेक हसीना को अपना देश छोड़ कर भारत
21:09में शरण ले भी पड़ी
21:10नेपाल के जैंजी आंदोलन में भी 76 लोग मारे गए खुब खराबा हुआ खुब लेकिन भारत का जैंजी आंदोलन अपने
21:17मुद्दे से भटका नहीं
21:18सरकार ने प्रदशन कारियों से समबाद किया उनकी मांगों पर सहमती दी केंदर शिक्षामंति धरमेंद प्रधान का स्टीफा हुआ आंदोलन
21:26खत्म हुआ
21:27इसके अलावा यह अंदोलन सिर्फ जंतरमंतर तक सीमत नहीं था
21:30जो लोग इसे सिर्फ जंतरमंतर का अंदोलन मानते हैं वो गलती कर रहे हैं
21:3517 जुलाई से 19 जुलाई के बीच पूरे देश में 27 विरोध प्रदर्शन हुए
21:39यानि हर दिन औसतन 9 विरोध प्रदर्शन इस पेपर लीग के खिलाफ हुए
21:43इसी तरह 20 जुलाई से 22 जुलाई के बीच 24 विरोध प्रदर्शन हुए
21:48जिसका मतलब यह था कि हर दिन औसतन 81 प्रदर्शन
21:53अगर आप इस ग्राफिक्स को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि 18 जुलाई को पूरे देश में
21:57धर्मेंद्र प्रदान के स्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर समेथ
22:01कुल 11 जगों पर विरोध प्रदर्शन हुआ
22:0319 जुलाई को भी इनकी संख्या 13 थी
22:06लेकिन इसके बाद 20 जुलाई को 62, 21 जुलाई को 75, 22 जुलाई को पूरे भारत में 107 जगा विरोध
22:15प्रदर्शन हुए
22:15और इससे भी बड़ी बात यह है कि पूरे भारत में कुल 412 विरोध प्रदर्शन हुए
22:20लेकिन इन में से 328 शांती पूर्ण थे
22:23तेसर जगा पुलिस या सुरक्षा बलों को हस्तक शेप करना पड़ा
22:2621 विरोध प्रदर्शन कुछ हद तक हिंसक रहे
22:30यानि या अंदूलन बड़ा था
22:32लेकिन जादतर जगों पर ये विरोध प्रदर्शन शांती पूर्ण रहे
22:36और कारण यही है कि जादतर जैनजी युवा अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे
22:43ये भी देखिए कि इस वक्षण एशिया के देशों में सबसे जादा विरोध प्रदर्शन भारत में
22:50एक जनवरी से 24 जुलाई 2026 तक दक्षण एशिया में कुल 27,253 विरोध प्रदर्शन और दूसी गटा है दरजुई
22:58इनमें भारत में सबसे जादा 15,760 पाकिस्तान में 6,818 बांगलादेश में 1,875 नेपाल में 1,257 गटा
23:09है
23:09इस ग्राफिक से आप समझ सकते हैं कि भारत में कैसे सड़कों पर विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है
23:16खेर अब नज़र रहेगी कि कैसे ये कानून का रूप लेता है
23:20इसका implementation कितना हो पाता है और कितना वाकई छात्रों के हित में बच्चों के हित में बदलाओ हो पाता
23:26है
23:27लेकिन एक बड़ा बदलाओ अगर आप देखें सांदोलन से ये आया है कि अब अलग अलग राज्यों शेहरों में युवा
23:32और चात्र बधाल शिक्षा व्यवस्ता के लिए जवाब देही और जिम्यदारी की मांग कर रहे है
23:36यानि केंद्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्तीफे ने देश के युवाओं और चात्रों का नजरिया बदला है
23:42अब वो मौझूदा हालात में अज़स्ट करने वाली इस परंपरा के साथ आगे नहीं बढ़ना चाते
23:46जैसे फतेपुर सरकारी स्कूल में साफ पानी बिजली पंके शौचाले की मांग को लेकर जेन आलफा बच्चों ने विरोध प्रधर्शन
23:54किया
23:55और इसका असर ये हुआ कि शिक्षा विभाग को अपनी घलती जो है वो माननी पड़ी और ततकाल स्कूल में
24:02पंके लगाने के आदेश जारी किये गए
24:06बिहार के गया में भी जेन जी वाओं की तरह जेन आलफा बच्चों ने मूलबूत से वधाओं के लिए विरोध
24:12प्रधर्शन किया
24:12यहां भी कुछ गंटों में जवाब देही तै हुई प्रशासन को हरकत में आना ही पड़ा
24:18उत्राखंड में जिस समण गाओं के 38 लोग भारते सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं
24:22उस गाओं के स्कूल में भी 72 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक टीचर है
24:26और इस पर भी अब वहां के बच्चे शिक्षा विभाग सरकार की जवाब देही मांग रहे हैं
24:47इसकी जवाब देही आपकी है आपको इस स्थिती को बदलना चाहिए
24:50इसी के साथ एक और मामला IIT कानपूर का है पिछले दिनों आधिकारिक वेबसाइट हैक हो गई थी
24:56और इस पर सिर्फ यही लिखा हुआ दिख रहा था कि मुझे बस एक फैर चांस यानि एक इमानदार मौका
25:02चाहिए
25:04शुरुआत में वेबसाइट हैक होने पर IIT कानपूर में हलचल मच गई
25:09पूरा संस्थान इस मामने में FIR दर्च कराने की तयारी कर रहा था
25:14लेकिन जाच आगे बढ़ी तो कहानी ने एक ऐसा मोड लिया जिसकी उमीद शायद किसी ने नहीं की थी
25:19पता चला कि वेबसाइट हैक करने वाला कोई साइबर अपरादी नहीं बलकि एक छात्र है
25:26और सबसे दिल्चस्प बात ये थी कि वो चात्र IIT कानपूर के बीटेक साइबर सेक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला लेना चाहता
25:34था
25:34लेकिन उसे एडमिशन नहीं मिल पाया था
25:36इसके बार उसने अपनी काबलियत दिखाने के लिए IIT कानपूर की वेबसाइट को हैक कर लिया
25:43और उसके स्क्रीन शॉट्स को सोशल मीडिया पर शेर कर दिया
25:47ऐसा करने के पीछे एक बड़ा मकसद यही था कि इस चातर को IIT कानपूर के साइबर सेक्योरिटी प्रोग्राम में
25:53दाखिला चाहिए
25:55वो अपनी काबलियत सावित करने की कोशिश कर रहा था
25:58यह देखकर IIT कानपूर ने भी इस चातर से बात की
26:02और अब ऐसी खबरे हैं कि इस चातर को एक इमानदार मौका देने के लिए
26:06IIT कानपूर इंटर्णशिप दे सकता है
26:10यहां इस बात पर बहस हो सकती है कि इस चातर का तरीका सही था या घलत था
26:14लेकिन ये बात कई लोग बान रहे हैं कि इस चात्रे ने एक इमानदार मौके के लिए ये जोकिम उठा
26:21और इसलिए उठाया क्योंकि वो पीछे नहीं छूटना चाहता है
26:24जानते हैं हमारे युवाओं के अंदर ये डर, ये बेचैनी, ये नराशा क्यों आई है
26:28अगर उसे समझना है तो इन आकड़ों को एक बार देखिए
26:32भारत में 22-29 साल की जो जैन्जी युवा है, उनकी औसत जो मासिक तंखवा है, मंतली सैलरी, वो 18
26:40-22 जार है
26:41जबके हमारे देश में जैन्जी युवाओं की सबसे बड़ी आवादी रहती है, वही चाइना में जैन्जी युवाओं की मासिक तंखवा
26:47है, औसतन एक लाख 26,000 रुपे है, जो भारत की जैन्जी युवाओं से 6 गुना ज्यादा है
26:51अमेरिका में जेंजी युवाओं की मासिक तंखा 4,30,000 रुपे है
26:56बिरिटिन में 3,42,000 रुपे है
27:00जर्मनी में 4,68,000 रुपे है
27:03यह आक्रे बताते हैं कि हम जिस संस्कृती से आते हैं
27:06उसके मताबिक अभी युवाओं को अच्छी शिक्षा, संसाधन, नौक्रियां और सालरी नहीं मिल रही है
27:13यह तब हो रहा है जब भारत के युवाओं इस देश के असली शक्ति पुझ है
27:16जब हमारे देश के लोगों की ओसत उम्र 29 साल है
27:27मुझे लगता है उसमें कुछ गल्ती थी ओसतन उम्र देश की 29 साल नहीं है
27:32लोगसभा सांसदों की ओसत उम्र जो है वो देखिए 56 साल है
27:36राज़सभा सांसदों की ओसत उम्र 63 साल है और देश भर के विधायकों की ओसत उम्र जो है वो 54
27:42साल है
27:43और आकड़े PRS और ADFJC संस्थाओं के ये आकड़े हैं जो हम आपको दिखा रहे हैं
27:51केंद्र सरकार का शिक्षा बजट 1,49,000 करोड रुपे का है
27:55जिसमें पिछले साल के मुकाबले 8.27 प्रतिशत की व्रद्धी हुई है
27:59लेकिन क्या आप जानते हैं कि केंद्र सरकार और हमारी राज्य सरकारे
28:03एक साल में शिक्षा पर जितना पैसा खर्च करती है
28:06वो हमारी कुल GDP के सिर्फ 4.1 प्रतिशत के बराबर है
28:10जबकि 2020 की National Education Policy ये कहती है
28:13कि देश का शिक्षा खर्च GDP के 6 प्रतिशत के बराबर होना चाहिए
28:18यानि हम शिक्षा की जो जरूरत है उसके मुताबिक खर्च नहीं कर रहे
28:24ये बात सही है कि शिक्षा पर हमारा खर्च पाकिस्तान, नेपाल, श्रिलंका, बांगलादेश, चाइना के अरुपात में ज्यादा है
28:30लेकिन फिर भी ये खर्च सरकार के ही मुताबिक परयाप्त नहीं है
28:36यही कारण है कि आज शायद पेटेंट अप्लिकेशन्स दायर करने के मामले में भारत बहुत ज़ादा पीछे है
28:42वर्ल्ड इंटिलेक्ट्ट प्रॉपर्टी इंडिकेटर्स की पिछले साल की रिपोर्ट कहती है
28:46कि चाइना ने 18 लाग पेटेंट अप्लिकेशन्स दायर की
28:49साड़े बारक करोड की आबादी वाले जापान ने भी 3 लाग से ज़ादा पेटेंट के लिए आवे दन दिया
28:54लेकिन भारत ने इसी दौरान 64,000 पेटेंट अप्लिकेशन्स बेज़े
28:59और इसी स्थिती में विश्रे कुछ सालों में सुधार हुआ
29:01लेकिन ये स्थिती अब भी अच्छी नहीं है
29:05बड़ी बात क्या है?
29:08शिक्षा व्यवस्था में कई खामियों के कारण
29:10आज प्राइवेट स्कूल में बच्चों की भीड बढ़ती जा रही है
29:13भारत के 289 बच्चों पर एक प्राइवेट स्कूल है
29:17जबकि 118 बच्चों पर एक सरकारी स्कूल
29:20यानि सरकारी स्कूल जादा है फिर भी
29:22बहुत सारे लोग अब अपने बच्चों को महंगी फीज देकर
29:25प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहते है
29:27और इनमें भी कई मातापिता की ये शिकायत होती है
29:30कि सरकारी स्कूलों में शिक्चा का स्थर बहुत कमजोर है
29:33उदारण के लिए 1,843,000,000 स्कूल तो ऐसे है
29:37जहाँ एक से जादा टीचर नहीं है
29:39और यहाँ बाद सर्फ स्कूल्स की नहीं है
29:43भारत में जो बच्चे बारवी कख्षा के बाद
29:45अपनी पढ़ाई जारी रखते है
29:47ऐसे भी 2,222 पच्चों पर एक सरकारी कॉलेज
29:51और यही वज़ा है कि इन कॉलेजिस से डिग्री लेने के बाद भी
29:55बहुत सारे युवा आज बेरोजगार जा रहे है
29:59जून 2026 में 15-39 साल के युवाओं की बेरोजगारी दर 16.2 प्रतिशत रहे
30:05जिसे आप हमारे युवाओं की स्पीडा को समझ सकते है
30:08इसी शिक्षा विवस्था के कारण साल 2024 तक भारत के 13 लाग से जादा बच्चे
30:14विदेशों में पढ़ने के लिए गए
30:15और इनमें भी सबसे जादा बच्चों ने अपनी शिक्षा के लिए कैनडा देश को चुना
30:20सोचे भारत कैनडा से बड़ी अर्थ विवस्था है
30:23लेकिन हमारी शिक्षा विवस्था और शिक्षा गुणवत्ता कैनडा से बहुत पीछे
30:28ये भी सोचे कि सारी बाते उस भारत की शिक्षा के बारे में जहां कल ही गुरु पूर्णे मा कातियो
30:34हार मनाये गए
30:45सोचाले के बारे में बोल रहे थे सोचाले इतना गंदा था कि ना के बरावर ही था
30:52कोई नहीं जाता था बट अब फुड़ा संसेबूल बेगरा भी पहले से खराब था
30:56जब आवाज उठाया तो संसेबूल भी बन गया और सबकु साफ सफाई भी हो गया
31:26हमारे देश में सबसे बड़ी समस्या राजनीती की है
31:29जो पार्टियां बीजेपी शासित राज्यों में छात्रों के विरोध प्रदशन और पेपर लीग के मुद्दे पर आक्रोश दिखाती है
31:34वही पार्टियां अपने राज्यों की स्थिती पर खामोश रहती है
32:03और हमें लगता है कि यही खंडित और सेलेक्टिव राज्यीती इस देश के लिए खत्रा है
32:07बड़ी बात यह है कि इस देश के जैंजी युवा आज इस राज्यीती को समझ भी रहे है
32:11आज पेपर लीग के खिलाफ जारकन में विरोध प्रदशन हो रहे है
32:22जबरदस विरोध प्रदशन परिक्षाओं में धानली के खिलाफ पंजाब में शिक्षा मंतरी के इस्तीफे की मांग हो रही है
32:34वहाँ एक मंच बनाया गए
32:36यह वही मंच था जिस पर पंजाब के मुक्य मंतरी भगवन्त मान और दूसरे माननी ये बैठे
32:42लेकिन जानते हैं इसके बाद इस ग्राउंड की कोई मरमत नहीं हुई
32:45और अब ये जन्जी खिलाडी सरकार से पूछ रहें कि उनके साथ ही ऐसा क्यों किया जाता है
33:16यहां पर एक religious function जो है वो कराया गया पंजाब सरकार दौरा
33:20आमाधी पाटी गर्मन्ट क्योंकि religious functions करा रही है
33:23एक शाम शिव के नाम अलग-लग शहरों में तो रोपड में भी कल राख को जो है
33:28एक function कराया गया जिसमें मुक्य मतरी भगवन सिंग मान शामिल हुए थे
33:45हैं मैडल लाते हैं लेकिन उनकी sports ground का क्या हल किया गया है
33:48एक religious function के रही आप देख सकते हैं
33:50यह कोई सरकार ने नहीं इसके उपर काम किया था कार सेवा के थुरू बाबाजी टिबी साब बढ़े हैं
33:55उन्होंने अपने पैसों से लोगों के पैसों से संगत के पैसा कठा करके यहां पर track बढ़ाया था
34:00वो सारा testness कर दिया और बाहर आप बोर्ड देखोगे college का बोर्ड लगवा यह सरकारी college का ground है
34:06यह सरकारी college है पीछे वहां बोर्ड पे लगा हुआ है अंदर कोई भी धार्मिक प्रोग्रम नहीं हो सकता
34:11आज आपने एक permission दे दिया आपने एक floodgates खोल दिया आप किसी और धरम के कोई और यही चाहे
34:17कोई
34:17कोई भी धरम का होगा वो आगे गेंगे हम भी program करेंगे तो आप उनको कैसे मना करोगे
34:22अगर सरकार एक program करा सकती है तो कोई भी program करवा सकता है
34:33पंजाब के अलावा आज ही करनाटक से खबर आई कि वहाँ पशू चिकित्सा अधिकारियों की भरती में
34:38जो गड़बड़ी और बेहिमानी हुई उसे दवाने की कोशिश हो रही है
34:41इस मामले में करनाटक हाई कोट ने कॉंगरस की सरकार से पूछा है
34:45कि क्यों न वो इस मामले की जाच CBI को सौथ दे
34:50जबकि पंजाब में पेपली के मुद्दे पर डिली में पीजेपी ने प्रदर्शन किया
34:54और शिक्षामंत्री हर्जोत सिंग बैस के स्थीफ़े की मांग की देखे
35:10पंजाब के सिक्षामंत्री स्थीफा दो
35:17शरम नहीं आती है केजरिवाल जी को
35:19अरे अपने घर में झाब के देखो किस तरह से पंजाब में लगातर बेपली के
35:49आज की एक और बड़ी खबर ये है कि अबसे कोई बंदे मातरम का अपमान करेगा
35:53तो उसे अधिक्तम तीन साल जेल की सजा हो सकती है
35:55सरकार इसे लेकर जो बिल लाई थी वो राज्य सभा के बाद आज लोग सभा में भी पास हो गया
36:00है
36:01इस बिल के तहट अगर कोई व्यक्ती जान बूच कर वंदे मातरम को रोकता है या कारक्रम में बाधा पैदा
36:07करता है
36:07तो उसके खलाफ कानूनी कारवाई हो सकती है
36:10दूसरा अगर कोई व्यक्ती जान बूच कर ऐसा काम करता है जिससे वंदे मातरम का अपमान हो तो वो इस
36:15कानून के तहट अपराध होगा
36:17और तीसरा ऐसे मामलों में अधिक्तम तीन साल जेल की सजा हो सकती है
36:21यानि अब वंदे मातरम का अपमान कोई सामान ये घटना नहीं होगे
36:25जो लोग वंदे मातरम गाने का विरोध करेंगे या इसमें बाधा डालेंगे या इस पर हमला करेंगे तो उन्हें कानूनी
36:32रूप से दोशी माना जाएगा
36:33अब ये कोशिश तो अच्छी लेकिन यहां में एक जरूरी बात को जोड़ना चाहते हैं जिस कानून में सरकार ने
36:39बदलाव किया है उसका नाम है प्रिवेंशन ओफ इंसल्ट्स टू नाशनल ओनर
36:43ये वही कानून है जिसके तहट पहले राष्ट्रे ध्वज, भारते सम्विधान, राष्ट्रगान, जन्गनमन के अपमान को अपराद माना गया है
36:51लेकिन जानते हैं इस कानून के तहट जितने भी आपराधिक मुकद में दर्ज हुए उनमें कभी भी आरोपियों को सजा
37:00हो ही नहीं पाई
37:00साल 2014 से 2024 के बीच इस कानून के तहट पूरे देश में 699 मामले दर्ज हुए जिनमें 1102 लोगों
37:09की गिरफतारी हुई
37:09लेकिन 11 सालों के अंदर हमारी अदालते सिर्फ साथ दोश्यों को ही सजा सुना पाई
37:15बाकी मामलों में सबूतों के अभाव और कमजोर जाज के कारण आरोपी छूट गए या उन पर लगे आरोप साबित
37:21ही नहीं हुए
37:23इसे सवाल ये उठता है कि जब पुराने कानून की प्रभाव शीलता जो है एक तरह से वो कम थी
37:28तो वंदे मातरम के लिए जब इस कानून में बदला हुआ
37:31तो क्या इस तस्वीर को बदला जाएगा हमारे देश में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो वंदे मातरम को इसलाम
37:37विरोधी मानते हैं जबकि ऐसे आतेहासिक शाक्षों और पुस्तकों में इसका उलेक मिलता है कि साल 1905 से पहले वंदे
37:43मातरम सभी धर्म के लोग गाते थे
37:47यह बात हमने आपसे पहले भी कही थी कि वंदे मातरम सिर्फ राश्रेगीत नहीं वलकि भारत माता को भारत के
37:52लोगों की ओर से किया गया नमन है और विवाद अगर इस पर हो तुद दाय तो सोचना होगा भारत
37:58में देश और धन यह आपस में विरोधा भासी नहीं हो सकते
38:30होगोगोगोगोगोगी ओंस परण।
38:49अब हम ये बोलना चाह रहे हैं कि जनगन मन जब आप पढ़ते हैं तो जनगन मन में क्या दिखता
38:57है कि देश दिखता है और देश की जनता दिखती है जब आप वंदे मातरम पढ़ते हैं तो वो तो
39:03एक भगवान और देवी के बारे में पूजा की बात है उसमें
39:09और मैं कही रहा हूँ कि 1950 में राजिंदर प्रसाद में बहुत बड़ी घलती की
39:13बगए रिजुलूशन के उन्होंने कही दिया कि नैशनल सॉंग है जब कि रिजुलूशन लेना चाहिए था उनको
39:19तो और कहीं पर भी नैशनल सॉंग का डेफिनेशन नहीं है
39:23तो आप इसको इस तरह से मुसलत कर रहे हैं देश के ओपर जिस घलत है बिलकूर आटिकल 25 फ्रिट
39:30ओव रिलिजन है
39:31खर आगे बढ़ते हैं और आपको यह दिखाते हैं कि कैसे भारते सेना असम में आई बार से लोगों की
39:37जान बचा रहे है
39:38हाली में जब जंतर बंतर का अंदोलन हुआ कुछ लोगों ने भारते सेना के लिए भी आपत्ती जनक और अपशब्द
39:44का इस्तमाल किया
39:46लेकिन अगर हमारी सेना और उसके बहादुर और देश के प्रती समर पे जवानों को देखना और समझना जरूरी है
39:53तो आपको असम में आई ये तस्वीरे जरूर देखनी चाहिए
39:57जब असम बार में डुबा हुआ है तब सेना ही वहाँ सबसे बड़ी रक्षक बनी हुई है
40:02अब तक भारती सेना एक हजार लोगों को बार से रेस्क्यू कर चुकी है
40:05200 से ज़्यादा लोगों का इलाज कराया गया है
40:0830,500 फूड पैकेट्स, 43,000 लीटर पानी, दूसरा खाने पीने का सामान
40:15सेना द्वारा बाड़ पीड़ों तोर तक पहुचाया गया है
40:19देखिए
40:47करता बाड़ों को
41:05पूरा असम बार का शिकार है इनसान से लेकर जानवर तक जान बचाने के लिए जद्दो जहद कर रहे हैं
41:10तब ये सोचना होगा कि आखर असम देश में चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा क्यों नहीं है जिस तरह ये
41:16राज्यों और ये इलाका दूरास के समझे जाते हैं
41:19इनकी चर्चाएं भी दूर से हो रही है ना ये संसद में चर्चा का विशह है ना खबरों में बहुत
41:23जगा मिली है और इसलिए हमने आज सोचा कि आपको पूरे असम की तस्वीरे दिखाएं किस तरह की मुश्किलों का
41:29लोग सामना कर रहे हैं
41:29असम में बार का ऐसा हाल तब है जब वहां मौनसून का सीजन अच्छा नहीं रहा है और इस मौनसून
41:35में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है तब स्थिती देखिए भयावा हो रही है
41:39असम कम बारिश में भी डूब रहा है और इसके पीछे कारण यह है कि असम में बहने वाली कई
41:43नदियां रोणाचल प्रदेश नागलेंट पुर्वी हिमाले से निकलती है
41:46और क्योंकि यह नदियां उफान पर है इनका पानी रहाईश एलाकों में आ चुका है इसलिए यह बार भयानक रूब
41:53ले चुकी है
41:57अब हम इरान बॉर की खबर बताते हैं जो पाच दिन के वीराम के बाद फिर से भड़ा कुटी है
42:02इरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये जिसके बाद से अमेरिका ने इरान पर कहर बर पा दिया
42:08है
42:09इरान ने 28 जुलाई को जॉर्डन और फिर अगले दिन 29 जुलाई को मिस्स के दमियाता बंदरगाह पर हमला किया
42:16था
42:16इरान के निशाने पर जॉर्डन के अमेरिकी सेहने ठिकाने थे और मिस्ल के दमियता पॉट पर खड़े दो गास टैंकर्स
42:24थे जो अमेरिकी कमपनी के थे
42:27दमियता पॉट पर जो हमला हुआ वो एक ड्रोन अटाक था उसकी तस्वीरे आई है इस हमले में दोनों गास
42:33टैंकर्स जिनमें आग लग गई और हलाकि हम अगर देखे तो इस हमले में किसी की जान तो नहीं गई
42:39लेकि नियू यूर्क चाइम्स ने इरानी सुत्रों के हवाले
42:41से दावा किया है कि मिसर के दमियता पॉट पर जो हमला हुआ है उस सांकेतिक हमला था इरान ये
42:48दिखाने की कोशश कर रहा है कि अगर अमेरिका ने जंग को और बढ़ाया तो दुनिया की एक और समुद्री
42:54मार्क को वो रोक सकता है और उस रास्ते होने वाली एनरजी सप्ल
42:58प्राइचेन को भी तोड़ सकता है आपको बता दे कि स्ट्रेट अफ और मूस के बंद होने के बाद से
43:04दुनिया के 20 प्रतिशत कच्छे तेल का व्यापार प्रभावित हुआ है अलाकि इसी के पास में एक और समुद्री माल
43:11जो बावल मंदेप है जिसके बारे में हम लगता
43:25पर हमला किया है वो बावल मंदेप और स्यूर्ज के नाल समुद्री मार्क से जुड़ा एक बहुत महत्पुन बंदर का
43:32है यह हमला करके इरान ने दिखा दिया है कि वो बावल मंदेप समुद्री मार्क को भी रोकने में सक्षम
43:38है और इसका मतलब समझते हैं इधर हॉर्मू
44:24पर एक बड़ा हमला करेगा क्योंकि अब अमेरिका की बारी है।
44:25पर भी बंबारी की अमेरिकी सेना ने बुशहर पर भी अटाक किया तो इसके बाद एक साथ किश, केशम और
44:33अबू मुसादूी पर अटाक किये है।
44:55अमेरिकी सेना के 50,000 से जादा सेनिक मौजूद है जो किसी भी वक्त और कैसे भी परिस्तिती में सेन्य
45:03ओपरेशन के लिए तैयार रहते है।
45:06इरान ने जॉर्डन के अमेरिकी सेने ठिकानों पर जो हमले किये वो अमेरिका और सौधी अरब के इराग पर किये
45:12गए हमले का जवाब था।
45:1328 जुलाई को अमेरिका ने सौधी अरब के साथ मिलकर इराग के मिलिश्या ग्रूप PMF के ठिकानों पर हमला किया
45:21था।
45:4329 फातंकी मारे गए।
45:45PMF पर हमलों के जवाब में ही इरान ने जॉर्डन पर पांच मिसाइले दागी थी जो नाकाम हो गई और
45:52उसके बाद अमेरिका ने इरान पर भीशन बंबारी की।
45:54अब इस बंबारी के बाद इरान ने धंकी दी है कि आज रात अमेरिका को इस हमले की सजा दी
45:59जाएगी।
46:00फार्स न्यूज एजनसी के मताबिक IRGC ने बड़े हमलों की चेताबनी जारी की है और साथ ही साथ दुनिया भर
46:06के देशों को धंकाया है कि इरान की इजाज़त के बिना हर्मूस से कोई भी जहाज नहीं गुज़वेगा यानि अगर
46:13किसी देश ने ऐसा किया तो इरान उनक
46:27प्षाई देती है जो तलाशता है उसे खामी दिख ही जाती है नमस्कार
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