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  • 1 day ago
भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख दर्रे के रास्ते होने वाले व्यापार को लेकर स्थानीय व्यापारियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. चीन की ओर से तकलाकोट जाने के लिए सिर्फ 20 भारतीय व्यापारियों को मंजूरी दी गई है, जिसके चलते बाकी 42 व्यापारी फंस गए हैं.व्यापार शुरू होने की उम्मीद में व्यापारियों ने करीब एक महीने पहले ही गुंजी में अपना सामान (गुड़, मिश्री आदि) पहुंचा दिया था. अब अनुमति न मिलने और लगातार हो रही बारिश के कारण यह सामान खराब होने लगा है. जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है. जिन 20 व्यापारियों को अनुमति मिली है. उनका पहला दल 1 अगस्त को तकलाकोट रवाना होगा. उन्हें भी अपने साथ नया सामान ले जाने की इजाजत नहीं दी गई है.

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00:28गुंजी में गुंड, मिश्री और अन्य सामान पहुचा दिया था।
00:32अब अनुमती में देरी के कारण बारिश में रखा सामान खराब होने रगा है।
00:37व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द अनुमती नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
00:44भारत चीन व्यापार समीती के मुताबिक चीन ने फिलहाल केवल उन्हीं व्यापारियों को अनुमती दी है जिनका पहले से तक्ला
00:53कोट में सामान मौझूद है।
00:55अनुमती पाने वाले 20 व्यापारियों का पहला दल एक अगस्त को तक्ला कोट के लिए रवाना होगा।
01:02Although the situation is not in the same way, it is not in the same way.
01:08The first thing is that the first place of the court is the first place of the court.
01:15The court will be the second place of the court.
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