00:02आज गुरू पुर्णिमा के मौके परवारा नसी से जो तस्वीर सामने आई वो सिफ आस्था की नहीं बल्कि गंगा जमुनी
00:10तहजीद की भी मिसाल बन गए
00:14सौ से जादा मुस्लिम शद्धालूों ने सनातन परंपरा के अनुसार गुरू पूजा की गुरू मंत्र लिया
00:22आरती उतारी और सामाजिक सौहादर का संदेश दिया
00:28मुस्लिम वारा नसी के पाताल पूरी मठ पहुँचे जगत गुरू बालक देवाचारे के सानेधु में गुरू दिक्षा ली
00:35और सनातन परंपरा के अनुसार गुरू पूजन में शामिल हुए
00:39सुबह से ही वारा नसी, गाजेपुर और मिर्जापुर समेट कई जिलों से शद्धालू मठ पहुचते रहे
00:46गुरू मंत्र ग्रहन करने के बाद सभी ने महंत बालक दास की आरती की, आशिरवाद लिया और गुरू के प्रती
00:55अपनी आस्था वेक्त की
00:56इसमें कई शद्धालू ऐसे भी थे जो सालों से महंत बालक दास के शेश्य हैं, जबकि कई लोगों ने पहली
01:04बार गुरू दिक्षा ली
01:07इस आयोजन की सबसे खास बात रही धर्म से उपर उठकर गुरू परमपरा के प्रती सम्मान
01:14हम लोग गुरू पुरिमा के पावन पर पर आज अपने जगद गुरू अब बीना गुरू के कोई ग्यान नहीं होता,
01:33कोई भी एक अच्छा अपने जीवन में कोई एक अच्छा गुरू हो चाहिए किसी जाती, किसी मजब, किसी भी धर्म
01:39का होगी
01:40तो इनसान को हर इनसान को ही चाहिए कि बीना गुरू के कोई ग्यान नहीं होता, एक जीवन में कुछ
01:47पाने के लिए एक अच्छे गुरू की जरूरत होती है
01:51दो तीन वर्सों से आदरी प्रमशद्य बालकनाद जीशेक आश्रवाद से मैं जुड़ा हुआ हूँ
01:57तो मेरे गुरू समाम है और लगातार उनके शिक्षाएं जो हैं वो हम लोग को समाज में समरस्ता के लिए
02:05जोड़ा गया है
02:29वही जगत कुरू बालक देवाचारे ने कहा कि साल भर में ये पर्व शिश्यों के लिए खास होता है
02:38गुरू महमा ऐसी है कि साल भरे में ये परवा आता है सिस्सों के लिए
02:43जो अज साल भर अपने गुरू जी की पुझा नहीं कर पाते हैं इदर दर रहते हैं
02:48तो जो आज की दिना वह आ करकाए गुरू पुझा कर सकते हैं और अपने शाल बड़े की
03:11वारा नसी में गुरु पुर्णिमा के इस आयोजन ने एक बार फिर ये संदेश दिया
03:16कि बात जब गुरु ग्यान और इंसानियत की हो तो धर्म की दिवारे छोटी पड़ जाती है
03:22काशी की धर्ती से आई ये तस्वीरे, सद्भाव, समर्सता और गंगा जमनी तहजीब की जिवन्त मिसाल बन गए