00:00मैं सरकार का धन्यवाद करूंगा कि सरकार ने इतियास में अमर होने के बहुत करी पहुंची सरकार बर जंडल डाय
00:07की तरह गोलिया नहीं चलवा पाई ऐसा लग रहा था सरकार अपने जेश के छात्रों से नहीं बल्कि आतंगवादे से
00:12लड़ रही है गर नहीं बोलने देना �
00:28सवापती जी ये तीस सेकंड चली गए इनको आप एड़ करवा देना मेडम सबसे पहले मैं उन बीच से ज्यादा
00:39बच्चे जिनकी जिनोंने
00:45आत्म हत्या की नीट की वैवस्ता से पेपर लीक जो हुआ उसके कारण मैं उनको आदराजली पेस करता हूँ
00:57और उनके परिवारों को प्रकृति संबल दे ऐसे काम ना करता हूँ
01:02और जब मैं बात सुरू कर रहा हूँ तो ये कहूंगा कि अच्छा लाएगा अगर देश के प्रदान मंतरी उन
01:07बच्चों को के परिवारों को बलाके संबल दे उनके दुक को सुने
01:12सबापती जी आद देश का चादर पूछ रहा है क्या उसकी सफलता उसकी मैनत तै करेगी या पेपर लीग गिरो
01:21कहा जाता है कि मैनत का फल मीट़ा होता है लेकिन आच चादर पूछ रहा है कि पहले ये तो
01:26तै कर दीजिए कि मैनत का फल मिलेगा भी या नहीं मिलेगा
01:30वह किताब से कम और मुबाइल के नोटिफिकेशन से ज़्यादा डड़ता है कहीं फिर से पेपर लिएक परिक्षा रदिया दुबारा
01:37परिक्षा खबर ना जाए
01:39सरकार कहती है सब नियंतर में लेकिन अगर ऐसा है तो बार बार वेवस्ता फ़े विपल क्यों हो रही है
01:43परिक्षा देने वाले चात्रों की पैचान आधार बायमेट्रिक और कई श्तर की जाच से होती है फिर भी परसंपत्र सुरक्षित
01:51नहीं रह पाता यदि लाखो चात्रों की पैचान सुरक्षित की जा सकती है तो परसंपत्र की सुरक्षा क्यों नहीं की
01:59जा सकती है पिछले क�
02:13कि गड़बडी प्रिक्षार्याद मुल्यांकर विवाद और ओमर्स और स्केजन का पिसे जुड़ी सिकायतों ने लाखों छात्रों का भुष्ट से परबाद
02:21किया जब नॉर्मलाइजेशन के अधार पर छात्रों का भुष्ट से तह किया जाता है तो रोज स्कोर प्रियुक्
02:33परक्रिया गोपने रखने का कोई चित्ते नहीं है पारदर्शिता विश्वास पैदा करती है जबकि गोपनी ता संदे मैं सिक्षा मिंतर
02:40के श्थेपे का भी उन्ले करना चाहता हूं छात्रों से एक्स्वा मांगने के वियावने लिखा कि छात्रों को भ्रहम के
02:45कुछ अक्
03:01पानी मांग रहे थे उन्हें देखकर मुझे सहीद आजम सर्दार भगत सिंग जी की भू करता लिए आदाए और मेरे
03:07आज भी याद है जब अंग्रेजों से उपानी मांग रहे थे उन दिन पानी नहीं मिला उल्टा लाठिया मिली आसू
03:14कैस के गोले मिले
03:18सभाबती जी बच्चे धुए में अपनी सास नहीं ले पा रहे थे
03:23मैं सरकार का धन्यवाद करूँगा कि सरकार ने इतियास में
03:27अमर होने के बहुत करीब होंची सरकार
03:29बड़ जंडरल डाय की तरह गोलिया नहीं चलवा पाई
03:45सभाबती जी चार मिनट नहीं हुए अभी पूरे अगर नहीं
03:50बोलने देना चाहता सदन तो बता दे या 15-15 मिनट लोगों
03:54ने बोला आप बत्य कर लो कोई तो नियम होगा अगर आप मने कर दी तो मैं
03:59इनको छोड़ देता हूं लेकिन अगर आप पूरी बाद देंगे तो पूरी बाद लिए कंप्लिट कर लिए सभा की कारबाही
04:08कल दिनांग
04:08तीस जुनाई दोजाट शक्वीस को ग्यारा बज़े तक की लिए इस्तिकित की जाती है
04:12झाल
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