00:00कुल्धरा गांव, राजस्थान, जैसलमेर से लगभग 18 किलोमीटर दूर, रेकिस्तान के बीचों बीच एक गांव है जो 200 साल से
00:06विरान है, कुल्धरा, इन ही के पास था अपार सोना, लेकिन 1825 की एक रात, पूरा गांव खाली हो गया,
00:12रातो रात, एक भी इनसान नहीं बच
00:14क्यों? इतिहास कहता है, उस समय जैसलमेर का दीवान था सलीम से, एक क्रूर और लालची आदमी, उसकी नजर पड़ी
00:19कुल्धरा के मुखिया की बेटी पर, उसने मांग रखी बेटी उसे दो, और अगर नहीं दी, तो गांव पर ऐसा
00:24कर लगाऊंगा, कि सम बरबाद हो जा�
00:27जो आज भी रहस्य है, एक ही रात में 1500 से ज्यादा लोग 84 गावों से एक साथ गायब हो
00:33गए, कोई नहीं जाना, और जाते जाते उन्होंने श्राप दिया, कि इस गाव में अब कोई नहीं बसेगा, जो बसने
00:38की कोशिश करेगा, तबाह हो जाएगा, और श्राप सच निकला
00:41कुलधरा के लोग अपना सोना छोड़ गए थे, पालिवाल प्राहमणितना सोना अपनी संपत्ती गाव में ही कहीं चुपा दी, आज
00:47भी कुलधरा में रात को लोगों को आवाजें सुनाई देती हैं, प्रचाईयां देखती हैं, राजस्तान सरकार ने इसे परेटन स्थल
00:53�
00:53बना दिया है, दिन में लोग आते हैं, तस्वीरें खींचते हैं, लेकिन रात होते ही गाइट भी वहाँ रुकने से
00:58मना कर देते हैं.