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  • 2 weeks ago
पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे

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00:02एक पेपर लीक लखो लोगों की उमीदों पर पानी फेर देता है। चात्रों के भविश्य को अंधकार मय बना देता
00:10है।
00:112024 और 2026 के नीट पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। सडक से संसद तक
00:18बवाल हुआ।
00:19इसके बाद प्रधान मिंतरी नरेंद्र मोदी ने सक्त कारवाई का एलान किया। कुछी घंटों के बाद मोदी कैबिनेट ने एक
00:27ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी। अगले सबता है इस बिल को संसद में पेश किया जा सकता है।
00:33आज हम बात करेंगे इस एतिहासिक बिल की जो पेपर लीक माफियाओं को खत्म करने के लिए लाया जा रहा
00:39है।
01:03आपकेंद्र सरकार ने पबलिक एग्जामिनेशन आक्ट दोहजर चौपिस लाया। राष्ट्रपती द्रौपती मुर्मू ने इस पर मुहर लगाई और 21 जून
01:12दोहजर चौपिस को ये कानून लागू हो गया।
01:34अगर कोई व्यक्ती पेपर लीक या नकल में शामिल पाया जाता है तो उसे 3-5 साल की जेल और
01:4110 लाग रुपे तक का जुर्माना हो सकता है।
01:50तो सजा और भी सकत है ऐसे लोगों को 5-10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड
01:56रुपे का जुर्माना भरना होगा।
01:58और अगर कोई सर्विस प्रोवाइडर यानि परिक्षा कराने वाली कमपनी गड़बडी करती है तो उस पर 1 करोड रुपे का
02:06जुर्माना लगाया जाएगा और उसे 4 साल तक परिक्षा कराने से रोक दिया जाएगा।
02:11साथ ही उससे परिक्षा खर्च की वसूली का प्रवधान किया गया है।
02:41परिक्षा हॉल में अनाधिक्रत व्यक्ती की पहुच को भी अपराध मना गया है।
02:46इस कड़े कानून के बावजूद 2026 में फिर नीट यूजी का पेपर लीग हो गया।
02:52इसे लेकर सडक से संसत तक बवाल हुआ।
02:55और 24 जुलाई 2026 को मोधी काबिनेट ने इस कानून को और भी सक्त बनाने के लिए एक नए ड्राफ्ट
03:01बिल को मनजूरी दे दी।
03:03अब सवाल उठता है कि जब पहले से ही इतना कड़ा कानून मौजूद था तो नए कानून की जरूरत क्यों
03:08पड़ी।
03:08इस सवाल का जवाब नए बिल के प्रवधानों में मौजूद है।
03:38इसे मनजूरी दे दी। इस बिल में 15 तरह के अपराध गिनाए गए हैं।
03:43जैसे पेपर लीग करना, OMR शीट से छेट छाड़ करना, फर्जी वेपसाइट बनाना, फर्जी एड्मिट कार्ट जारी करना।
03:50तो ये कानोन सिर्फ सजा के बारे में नहीं है, ये लाखो चातरों के सपनों की रक्षा के बारे में
03:56है।
03:56Bureau Report, ETV भारत
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