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  • 2 days ago
Transcript
00:00दिवाली जरे दिवला दिवला जो जरे तो कहाई दिवाली
00:09आंगन द्वार मुने रन पे
00:16आंगन द्वार मुने रन पे देखो जोत ही जोत सिछाई दिवाली
00:23अंबर नित्य मनावत है धरती ने हूँ आज मनाई दिवाली
00:38खोल के द्वार खड़ी ग्रेह लक्ष्मी की लक्ष्मी हमारे ही ग्रेह में आवे लक्ष्मी
00:46चंचल प्रक्ति की स्वावी नी एक तिजोरी उसे नहीं भावे

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