काफी दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे छात्रों के अटूट हौसले और ऐतिहासिक आंदोलन के आगे आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे देश के युवाओं को आज बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। छात्रों के चौतरफा भारी दबाव और न्याय की इस लड़ाई के सामने हार मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।यह जीत देश के उन लाखों छात्र-छात्राओं की एकजुटता, उनके आंसुओं और दिन-रात किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का परिणाम है, जिन्होंने मुश्किल हालातों में भी हार नहीं मानी। जंतर-मंतर पर आज छात्रों की खुशी का ठिकाना नहीं है, चारों तरफ 'हम जीत गए' के नारों के साथ जश्न और उत्साह का माहौल है। यह साबित हो गया है कि लोकतंत्र में जब देश की युवा शक्ति एक सुर में अपनी आवाज उठाती है, तो बड़े से बड़े तंत्र को उसकी जायज मांगें माननी ही पड़ती हैं। सत्य और छात्र एकता की इस अभूतपूर्व और शानदार जीत पर देश के सभी संघर्षशील युवाओं और छात्रों को दिल से ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं!