00:00ये मंतरी, मतलब ये भाड़े के टट्टू, एक साल की पढ़ाई की खीमत क्या बात पता है? मैं खुद एकारेसस
00:07हूँ, मैं, I feel so sad कि मैं जंतर मंतर नहीं जा पारी हूँ, कॉंट्राक में हूँ, अगर वहां गई,
00:14अगर वहां से मुझे अगर जेल में चली गई तो उचे सौ
00:28काम है, काम करते हैं, तो मैं शोडिंग से आ रही हूँ, and just want to say that, very sad,
00:37very sad, जो अभी हो रहा है, जंतर मंतर बे लाटी चार चोरी है, टॉचर किया जा रहा है, पानी
00:43फेका जा रहा है, देश के कोने कोनी से लोग आ रहे हैं, प्रोटेस्स करने के लिए, उनका हक है,
00:51हमारा हक है
00:53हमारे भी भती जे भांजे हैं, पेपर लिख हो गया है, नित पेपर लिख हो गया है, बट लोगों के
01:00कान में जुई तक नहीं रेंगती है, ये मंतरी, मतलब ये भाड़े के टटू, मुझे आज इनको मैंने ही वोड़
01:07दिया, मेरे पुरे हंदा ने वोड़ दिया, मैं खु
01:13आज मुझे दुख हो रहा है, ये कहते हुए है, शेम शेम शेम, क्यों? कि गरीब पुरा साहल महनत करते
01:23हैं, यार आमीरों के बच्चे तो चलो, पड़े लिख कर hp भर जाएंगे, फिर से कहां से पैसे आएंगे? उनके
01:31माबाप कहां जाएंगे? 1 साल की की खीमत क्या है बत �
01:36अबूने पर जो है एक किड़िनी भी बेचेंगे ना तो भी वह साल का चुका नहीं पाएंगे यार घरीब ने
01:42पैदा होके क्या जुरम किया है देश में यह नो अमीर होते जा रहें गरीब क्या हो रहा है बेरोजगार
01:50नोकरी
01:53नहीं है क्यों पैसा नहीं है क्या करेगा आप बताइए ना और ये मंत्री इं मंत्रियों के बच्चे इंडिया में
02:00पढ़ते और इनके बच्चे जो है बेटे बेटियां सब अबरोड में पढ़ते हैं यह सिक्षा मंत्री इनकी बाहर पढ़ रही
02:07है सिक्षा मंत्री ऐसा है इन
02:09इनको तो लपेडे मारने चेक्षियू कि उनको लगता है इंडिया की सिक्षा में दम नहीं है तब इन्होंने अपने बच्चों
02:16को अमरिका लंडन भेजा है बढ़ने के लिए वेरी शेम
02:25दिल फट जा रहा है दिल मेरा फट रहा है दिल मैं क्या करूँ अरे उनको बिचारे वो बैटे उनको
02:34उठाकर लिकर गए बाई हंगर स्ट्राइक पर बैटना हमारा अधिकार है यह हमारा अधिकार है
02:42जब हमको सिधी उंगली से घी नहीं निकलता तब जाके उंगली तेड़ी हुई ना तब जाके अभी अंदोलन हुआ ना
02:50तब जाके अभी प्रोटेस्ट हुआ ना देश की जनता भड़क गई है भाई अब तो आर्मी वकील हर कोई भड़क
02:58गया है पुलिस वालो तुम बच
03:09को मार रहे इधर मार रहे उधर मार रहे किल गए
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