00:11उत्राखन में मौनसून धीरी धीरे अपना रूप बदल रहा है।
00:15आस्मान से बरस रही आफ़त से लैंड्सलाइड, सणक धंसना, सडकों पर मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाए घट रही है।
00:23दूसरी तरफ परवत्य लाकों में हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं।
00:29लगातार मौसम विभाग भी बारिश को लेकर अलर्ड जारी कर रहा है।
00:49॥
01:19।
01:20तो ननिताल में 34% कम बारिश record हुई है
01:24हरिद्वार जिले में 13% अधिक
01:27तो पितोरागर्ण में 14% कम बारिश record की गई है
01:32उसी तरह उधम सिंग नगर में 7% अधिक
01:35तो रुद्प्रियाग में 23% कम
01:38अलमोडा में 10% अधिक
01:40उतरकाशी में 8% कम
01:43और आजधने देहरदून में भी 8% कम बारिश record की गई है
01:48कुल मिलाकर पूरे प्रदेश में 4% कम बारिश दर्ज की गई है
01:53देखी अगर मौनसून की वर्षा की बात करें
01:55तो 1 जून से लेकर 22 जुलाई तक
01:57उतराखंड में अभी जो है सामानी के आसपास ही वर्षा रही है
02:01सामानी तर जो है 466 mm बारिश इस दौरान मिलती है
02:05और अभी जो है में लगवाग 449 mm बारिश मिल चुकी है
02:10तो ये सामानी से 4% कम है
02:13जो सामानी श्रेणी में ही आता है
02:16जनपद बार बात करें तो जो है बागेश्वर जनपद में सबसे जाधिक वर्षा
02:20जो है मिली एज दौरान और लार्ज जो है एक्सेस रेंफॉल रही है
02:24124 प्रतिशत सामाने से अधिक रेंफॉल रही है
02:28उसके अलावा चमूली और जो हमारा टीरी गडवाल है
02:31वहाँ पर एक्सेस में रेंफॉल रही है
02:34जबकि डेफिसिट की बात करें तो जो हमारे चमपावत, नैनिताल, पॉड़ी और रुदर प्रयाग जनपद है
02:40यहाँ पर वर्षा इस मौनसून सीजन में अभी तक डेफिसिट शिरेडी में रही है
02:46विशेशग्यों की माने तो अगर बारिश का पैटर्ण इसी तरह चलता रहा
02:50तो कहीं जरुरत से ज़्यादा बारिश के कारण बाढ़ और कहीं सामाने से कम बारिश होने से सूखी के आसार
02:57बन सकते हैं
02:57इस तरह का इरेटिक इरेटिक विहेवियर रिवर बारिशों का पहले भी होता रहा है लेकिन अब इसमें ब्रिद्धी हो रही
03:06है इस तरह के इसकी तादाद में ब्रिद्धी हो रही है
03:21?
03:30This year you will see that no n
03:34foreign
03:40foreign
03:40foreign
03:41foreign
03:42It has been just a few months since 2013, the same day, but it was not even in the same
03:52way.
03:53In the past, the same way, we have not seen this.
03:55We have seen the same way through the entire region and the entire region have been installed in the entire
04:05region.
04:05तो यह सारा recovery कर सकता है जितना भी यह अभी तक बारिस के deficiency होई है वो cover कर
04:12सकता है
04:13हालांके वग्यानिक इसे global warming और जल्वायू परिवर्थन का असर मानते हैं
04:17लेकिन इसके परिणाम काफी चिन्ता जनक हो सकते हैं
04:21वग्यानिक मानते हैं कि सीमित समय अंतराल के भीतर सामाने से अधिक बारिश होने के कारण
04:27जमीन को पानी सोखने का परियाप्त समय नहीं मिल पाता
04:31नदियों और गदेरों में अचानक पानी बढ़ जाता है
04:51साथ ही जंगलों और पारिस्तिक तंद्र को आवश्यक नमी भी नहीं मिल पाती
05:21साल भर के ड्राइड देज ज्यादा हो रहे हैं
05:25बहराल आंकडे बताते हैं कि पहाडों में बारिश का पैटन मदल रहा है
05:29और इस बदलाव को समझना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है
05:34दूसरी और मौसम की निगरानी और जिलेवार बारिश के आंकडों पर लगातार नजर रखना भी बेहत जरूरी हो गया है
05:41खास कर उन जिलों में जहां सामायने से काफी अधिक बारिश हो रही है
05:45इची विभारत के लिए देहरादून से नवीनोनियाल
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