00:00foreign
00:30volleyball की national खिलाडी रजनी कुमारी बताती है कि पहले वे volleyball के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी
00:37लेकिन जब से volleyball खेलना शुरू किया है तब से उनके जीवन में काफी बदलाव आया है
00:43इस खेल से आज उन्हें एक अलग पहचान मिली है
00:47ज्यादा डिफरेंस आया है पहले जब नहीं खेलते थे तो एक नॉर्मल स्टूडेंट की थे
00:52और अब खेलते हैं तो अब बहुत एक प्लेयर हो गया है और अपने इस्टिक डिस्टिक का नाम भी हमने
00:59निगोशन किया है
01:12वालीबॉल खिलाडी सीता कुमारी बताती हैं कि कोच प्रवीन सर हम लोगों को बहुत अच्छी ट्रेनिंग दे रहे हैं
01:20उनका सपना है कि वह देश के लिए खेले और गूल्ड मेडल जीते
01:32कोच प्रवीन मिश्रा बताते हैं कि साल 2005 में डे बोर्डिंग केंदर की इस्थापना की गई थी
01:39तब से लेकर अब तक उन्होंने खिलाडियों के खेल को निखारने के लिए लगातार प्रयास किये हैं
01:46अब तक सत्तर से अधी खिलाडी इस केंदर से निकल कर राष्ट्रिय इस्तर तक पहुँच चुके हैं
01:52चुरुआत 2005 में हुई थी स्री राजबन सिंग सारेरिक सिछा अधिछक के द्वारा इसका नियू रखा गया था
02:01और लगातार पेलकूदवम युगा कार निदेशाल है जिलापरशासन का सहयोग इस सेंटर को हमेशा मिलते रहा है
02:08इसी का कारण है और यही सब रिजन है कि यह सेंटर आज इस मुकाम पर पहुँचा है कि यहां
02:16के मैक्समम खिलाडी आगे बढ़ रहे हैं
02:18राश्ट्रिय प्रतियोगताओं में भाग ले रहे हैं धारकन टीम का प्रतिनी दित्व कर रहे हैं
02:33वही जिला खेल पदाधिकारी अविनेश त्रिपाठी का कहना है कि लातेहार वालीबॉल डे बॉर्डिंग सेंटर के खिलाडी काफी बहतर कर
02:44रहे हैं
02:44डे बॉर्डिंग सेंटर को रेसिडेंसिल केंदर के रूप में बदलने की योजना बनाई जा रही है ताकि खिलाडियों को और
02:53भी बहतर सीखने का मौका मिले
03:22लातेहार के SDM दिनेश कुमार बताते हैं कि पहले नकसलवात के कारण परिस्तिती अनुकूल नहीं रहती थी लेकिन अब यहां
03:31के बच्चे खेल के शित्र में काफी बहतर कर रहे हैं
03:36उम्मीद है कि यहां के बच्चे अब खेल के शित्र में काफी आगे बढ़ेंगे
04:06के वल जिले के युवाओं को नई दिशा दी है बलकि पूरे रज के लिए प्रिर्णा की मिसाल भी पेश
04:13की है
04:13जिसका श्रे लातेहार बालक बालिका वालीबॉल डे बोर्डिंग सेंटर के कोच प्रवेन मिश्रा को जाता है
04:22ETV भारत के लिए लातेहार से राजीव कुमार की रिपॉर्ट
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