00:03क्यों दे रही है चंद्रिका खुद को ही सजा आखेर ऐसा क्या हुआ कि दादी सा की बात को भी
00:10चंद्रिका ने कर दिया अंसुना
00:11सीरियल वसुधा का आने वला एपिसोड बहुत ही जादा ड्रमाटिक हो चला है
00:16जहाए एक और चंद्रिका को और वसुधा को एक करने में दादी सा काम्याब हो गई है
00:22इस बात को लेकर देव भी बेहत खुश है
00:25वहीं दूसरी और दादी सा कुछ ऐसी डिमांड रख देती हैं चंद्रिका के सामने
00:30जिसे चंद्रिका पूरा करने से साफ इंकार कर देती है
00:33दरसल होता ये है कि बिमार दादी सा का ख्याल रखते हुए
00:37चंद्रिका दादी सा के परिशानी का कारण पूछती है
00:53कि दादी सा आखिर कहना क्या चाती है
00:54दादी बताती है कि क्यों नहीं
00:57चंद्री का वसुदा को माफ करके
00:59उसे बहुत स्विकार कर ले रही है
01:01कब तक वसुधा शादी शुदा
01:02होते हुए भी एक नौकरानी
01:05बनकर जीते रहीगी इस परिवार में
01:07कब तक उसे इंतजार करना पड़ेगा इस परिवार में अपना अधिकार जमाने के लिए
01:11चंद्री का ये बात सुन जाती है समझती है पर स्विकार नहीं करती
01:16वो परिशान होकर मंदिर चली जाती है जहां पर वो देवी मा के सामने प्राटना करते नजर आती है
01:22और अपने गुनाहों के लिए पश्टाती है वो अपनी मजबूरी की बात करती है कि वो चाहकर भी वसुधा को
01:28बहु के रूप में स्विकार नहीं कर सकती
01:31और इसी के लिए वसुधा जो की शादी शुदा है वो आज तक अपने पती से दूर है उसका आधिकार
01:38उसे मिला नहीं है इन सब की कारण केवल और केवल मैं हूँ और फिर चंद्रिका फैसला करती है कि
01:45वो खुद को सजा देगी
01:46पास रखे हुए रसीयों के धेर को वो उठा लेती है और जिस तरह से एक खेल दिखाने वाला अपने
01:54शरीव पर उस रसीयों के चाबुख से वार करता है ठीक वैसे ही चंद्रिका मंदिर के प्रांगण में खड़ी होकर
02:01खुद पर उस चाबुख से वार करने लगती है एक के �
02:05बाद एक बार को वो बरदाश्ट कर रही होती है और चीखे भी निकलती है तभी वहाँ वसुधा आ जाती
02:11है चीखते हुए और अपने देवी हुकुम को यो पशाताप की आग में जलता वो देख नहीं पाती इसलिए वो
02:18लगातार उन्हें रोकने की कोशिश करती है पर चंद
02:34आईएगा और हमें ये भी बताना कि क्या अब दादी साके कहने पड़ चंदरी का पसुधा को बहु के रूप
02:40में सुविकार करेगी या नहीं वेल एंटेटेन्मेंट जगत से जुड़े सारे अपडेट्स को जानने के लिए हमारे चैनल फिल्मी बीट
02:48को लाइक शेर और स�
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