00:07सिंदू जल संधी को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है
00:11सूत्रों के मुताबिक मौजूदा परिस्तितियों में पाकिस्तान के साथ ये संधी पहले की तरह लागू नहीं होगी
00:17भारत का कहना है कि जब तक सीमा पार आतकवाद पर विश्वस्नी और रठोस कारवाई नहीं होती
00:23तब तक इस मुद्दे पर किसी तरह की सामान एस्तिती की उमीद नहीं की जानी चाहिए
00:27आके भारत का नया रुख क्या है? पाकिस्तान क्यों परिशान है और इस पूरे मामले से क्या सब कुछ सामने
00:34आ रहा है आए जानते हैं इस निपोर्ट में
00:37नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:41भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्ता में हुई सिंदूजल संधी एक बार फिर चर्चा में
00:47है
00:48हालिया घटना क्रम के बीच भारत ने संकेत दिये हैं कि मौजूदा हारात में ये संधी अपने पुराने स्वरूप में
00:55लागून नहीं रहेगी
00:56सूत्रों के अनुसार यदी भविश्य में जल बटवारे से जुड़े किसी भी प्रावधान पर आगे बढ़ा जाता है तो वो
01:02नई शर्तों और नए धांचे के तहत ही संभव होगा
01:06सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत का रुक अब पहले से अधिक सक्त हो गया है
01:10उसकी सबसे बड़ी वज़े सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की लगतार बनी हुई चिंताएं
01:15भारत का मादना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस भरोसे मंद कदम नहीं उठाता
01:21तब तक सिंदुजल सन्धी को समाने रूप से लागू करने का कोई सवाल नहीं उठता
01:27गौरतलब है कि भारत ने पहले भी पहलगामातंग की हमले के बाद इस संधी को स्थगित करने का फैसला दिया
01:33था
01:33इसके साथ ही भारत ने ये भी कहा था कि बदलते समय और मौजूदा सुरक्षा परस्तितियों को देखते हुए इस
01:40समझोते की समीक्षा और उसमें संशोधन आवश्यक है
01:43अलाकि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोशना हुई नहीं है कि भारत इस संधी से पूरी तरह बाहर निकलने जा रहा
01:50है
01:50सुत्रों के मुताबिक सरकार अभी 1960 की समझोते को समाप्त करने पर सक्रिया रूप से विचार नहीं कर रही है
01:56लेकिन ये विकल्प भविश्य के लिए खुला हुआ है
01:59कानूनी पहलू की बात करें तो सिंधुजल संधी में किसी भी पक्ष के लिए सीधे बाहर निकलने का प्रावधान नहीं
02:05है
02:05हलाकि भारत का तर्ख है कि अंतराष्ट्य कानून के सिधानतों के अनुसार यदि कोई पक्ष संधी की मूल भावना का
02:12गंभीर उलंगन करता है
02:13तो दूसरा पक्ष उसे आंशिक या फिर पूर्ण रूप से निलंबित कर सकता है
02:18भारत का मानना है कि सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना ऐसे ही गंभीर उलंगनों में शामिल हो सकता है
02:24इस बीच पाकिस्तान लगतार इस बुंदे को अंतराष्ट्य मंचों पर उठाने की कोशिश कर रहा है
02:30पाकिस्तान का दावा है कि संधी के स्थग्ण से उसके करोडो नागरिकों की जल सुरक्षा प्रभावित हो सकती है
02:36वहीं भारत का कहना है कि एक सब्प्रभू राष्ट्र होने के नाथे वो ऐसी व्यवस्था को जारी रखने के लिए
02:43बाध्या नहीं हो सकता है
02:44जो उसकी राष्टे सुरप्षा और हितो के अनुकूल ना हूँ
02:48भारत ये भी कहता है कि संधी केस थगित रहने के बावजूद मानमिया आधार पर बाढ़ संबंधी चेतावनिया पाकस्तान को
02:56दी जाती रही है
02:57साथी भारत का ये भी दावा है कि संधू बेसिन के अधिकांच जल संसाधन मिलने के बावजूद पाकिस्तान ने दशकों
03:03में जल भंडारन और आधुनिक जल प्रबंधन पर परियाप्त निवेश नहीं किया है
03:07भारत के अनुसार पाकिस्तान की बड़ी समस्या पानी की कमी नहीं बलकि जल प्रबंधन की कमजोर व्यवस्ता है
03:13पिलहाल भारत का रुक स्पष्ट है
03:15जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वस्तनी और स्थाई रूप से रोकने के लिए ठोसकदम नहीं उठाता
03:20तब तक सिंदू जल संधी को पहले की तरह बहाल करने पर उस पर कोई सवाल ही नहीं होता
03:26भारत और पाकिस्तान के रिष्टों में तनाव कोई नई बात नहीं है
03:29कभी सीमा पर गोली बारी, कभी आतंकवाद, कभी कूटनी तिक टकराओ और कभी व्यपार पर रोक
03:34लेकिन इस बार विवाद ना गोलियों का है ना मिसाइलों का
03:38इस बार लडाई की वजह है पानी
03:45पाकिस्तान के रक्षा मंतरी खवाजा आसिक ने खुले मंच से कहा
03:48कि अगर पाकिस्तान के पानी पर खत्रा हुआ तो ये युद्ध की वजह बन सकता है
03:53यानि इस लेमाबाद में साफ संकेत दिया है कि सिंधु नदी का पानी उसके लिए सिर्फ प्रक्रतिक संसाधन नहीं बलकि
03:58राष्टे सुरक्षा का मुद्धा है
03:59उदर भारत का रुख भी पहले से कहीं ज्यादा सक्त दिखाई दे रहा है
04:04पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने साफ शब्दों में कहा था
04:08खून और पानी एक साथ नहीं रह सकते
04:10इसके बाद भारत ने 1960 के सिंधु जलसंधी को स्थगित करने का फैसला लिया
04:15और अब उन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है
04:20जिन से पाकिस्तान जाने वाली पानी के प्रवाव पड़ सकता है
04:23अब सवाल ये है कि आखिर सिंधु जलसंधी क्या है
04:28इससे किसने बनाया था
04:30भारत ने दशकों तक इस समझहोते का पालन क्यू किया
04:33पाकिस्तान इस संधी को लेकर इतना बेचैन क्यू है
04:36और कि अब वास्तों में भारत पाकिस्तान का पानी पूरी तेरह रोख सकता है
04:41आज के इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे सिंधो जल संधी का पूरा इतिहास
04:45इसके पीछे की राजुनीती, भारत और पाकिस्तान के अलग-अलग रुख और मौजूदा विवाद की पूरी कहान
04:52इसके लिए थोड़ा पीछे चलना होगा
04:54साल था 1960, भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुए करीब 13 साल बीच चुके थे
04:58लेकिन दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद केवल सीमा का नहीं था
05:02बलकि नदियों के पानी का भी था
05:05विभाजन के बाद सिंधु नदी प्रणाली की कई नदियों का उदगम भारत में था
05:09यानि कि जहां से नदिया निकलती हैं जिसका सोर्स वो भारत में था
05:13जबकि उनका अधिकांश प्रवाह पाकिस्तान के ओर जाता था
05:17यानि कि भारत से निकलती थी लेकिन पाकिस्तान के ओर रुप करती थी
05:20पाकिस्तान की खेती, उसकी अर्थ व्यवस्ता और लाखों लोगों का जीवन इन्ही नदियों पर निर्भर था
05:25दोनों देशों के बीच कई वर्षों तक विवाद चला
05:29आखिरकार विश्व बैंक की मध्यस्ता में तत कालीन भातिय पधानमंतरी जवाहरलाल नहरू
05:34और पाकिस्तान के राष्टपती फील्ड मार्शल अयूब खान ने 19 सितंबर 1960 को कराची में सिंधू जल संधी पर अस्ताक्षर
05:43की
05:43इस संधी के तहत छे प्रमुख नदियों को दोनों देशों के बीच बाटा गया
05:48पुर्वी नदिया, रावी, ब्यास और सतलुज का पूरा उपयोग भारत को मिला
05:53जबकि पश्चिमी नदिया, सिंधू, जेलम और चिनाब का अधिकांच जल पाकिस्तान के हिस्से इंग गया
05:59हलाकि इन पश्चिमी नदियों का उदगम भारत में होने के बावजूद भारत को इन पर सिमित उपयोग की अनुमती भी
06:06गए
06:06भारत घरेल उपयोग से चाई और रन ओफ दरीवर पन बिजली पर योजनाय बना सकता था
06:12लेकिन बड़े स्तर पर पानी रोकने का या उसका रुख बदलने का पर उस पर कई प्रतिवंध लगाए गया
06:17यही कारण है कि दशोकों तक भारत ने इस संधी का पालन किया
06:21यहां तक कि 1965, 1971 और 1999 के युद्धों के दौरान भी भारत ने कभी सिंधू जल संधी को नहीं
06:29तोड़ा
06:29दुनिया इसे भारत की सबसे उदार अंतराष्ट्य संधीयों में से एक मानती रही
06:34लेकिन तस्वीर बदलने शुरू हुई लगतार बढ़ते आतंकवाद के बाद
06:38भारत का कहना था कि एक और पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा देता है
06:43और दूसरी और सिंधू जल संधी के तहर भारत से पानी भी देता है
06:462016 के उरी आतंकी हमले के बाद बिधानमंती नरेंद्र बूदी ने पहली बार कहा था
06:52खून और पानी एक साथ नहीं बैसकते
06:54इसके बाद भारत ने पश्चिमी नदियों पर बनने वाली अपनी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया
07:00फिर आया पहलगाम आतंकी हमला
07:02हमने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले दिये
07:06इनहीं में सबसे एहम फैसला था सिंधू जलसंधी को स्थगित करना
07:10भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंकवात को पूरी तरह समाप्त नहीं करता
07:17तब तक सामाने ववस्था बहाल नहीं की जाएगी
07:20और यहीं से पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई
07:22तो आखिर पाकिस्तान इतना परेशान क्यों है
07:24दरसल पाकिस्तान की पूरी अर्थववस्था लगभग सिंधू नदी प्रणाली पर टिकी हुई है
07:29देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी इसी नदी बेसिन पर रहती है
07:3490 प्रतिशत से अधिक खेती की सिचाई इन्ही नदियों के पानी से होती है
07:38देश के लगभग सभी प्रमुख जल विद्यूत सैयत्रन इसी नदी प्रणाली पर आधारी थे
07:44यानि कि जो जहां से एलेक्रिसिटी बनती है वो सब कुछ इन नदियों पर आधारी थे पाकिस्तान में
07:48यानि अगर पानी की उपलब्धिता प्रभावित होती है तो पाकिस्तान की खेती, बिजली उत्पादन और खादे सुरक्षा तीनों पर सीधा
07:56असर पड़ेगा
07:56इसलिए पाकिस्तान बार बार भारत पर आरोप लगाता रहा है कि भारत पानी को हथियार बना रहा है
08:01अब भारत के चिनाब ब्यास लिंक चैनल जैसे बड़े प्रोजेक्स पर काम तेज कर दिये हैं
08:08इन परियोजनाओं का उदेश्य भारत के हिस्से के पानी का अधिक्तम उप्योग करना है
08:12इसे बीच भारतिय जल संसाधनमंतरी सीयार पाटिन ने ये बयान दिया कि वर्ष दोजर अठाईस तक पाकिस्तान जाने वाले पानी
08:19को रोकने के दिशा में काम चल रहा है
08:21इस बयान ने पाकिस्तान की चिंता और ज्यादा बढ़ा दिया
08:25पाकिस्तान लगतायर भारत को पत्र लिखता रहा
08:28उसने चिनाब नदी के जल प्रवाह में अचानक बदलाओ को लेकर आपत्ती भी जताई
08:33लेकिन भारत का कहना है कि वो अपने अधिकार छेत्र में रहकर काम कर रहा है
08:37और आतंकवाद के महौल में पुराने समझोतों की समिक्षा सुभाविक है
08:41तो अब सवाल उड़ता है कि भारत वास्तों में पाकिस्तान का पूरा पानी रोक सकता है
08:46विशशग्यों का मानना है ये उतना आसान नहीं है
08:49सिंधु, जेलम और चिनाब जैसी विशाल नदियों का पूरा पानी रोकने के लिए
08:54बेहद बड़े जलाशईयों और बुन्यादी धाचे की जरूरत होगी जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है
09:00हलाकि भारत अपने हिस्से के पानी का पूरा उप्योब कर सकता है
09:04नए बांध, नहरे, सुरंगे, जलवध्युत परियोजनाय बनाकर वो पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को और उसके समय
09:12को प्रभावित कर सकता है
09:14यही कारण है कि पाकिस्तान सबसे ज्यादा चुन्तित दिखाई दिखाई देता है
09:17इस पूरे विवाद में दोनों देशों का रुख बिलकुल अलग है
09:20भारत कहता है कि आतंकवाद और सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते
09:24पाकिस्तान कहता है कि पानी को राजनितिक हतियार नहीं बनाया जाना चाहिए
09:28भारत का तर्क है कि वो केवल अपने वैद्या दिकारों का इस्तिमाल कर रहा है
09:32जबकि पाकिस्तान इसे अपनी आर्थिक और खादे सुरक्षा के लिए खत्रा बता रहा है
09:36तो कुल मिलाकर तस्वीर बिलकुल साथ
09:39सिंधुजल संधी केवल दो देशों के वीच पानी बाटने का समझोता नहीं है
09:44बलकि ये दक्षिन एशिया की राजनीती, कूटनीती और छेत्रियस स्थीरता को
09:49इसकी सबसे एहम कडियों में से एक रही है
09:511960 में जब समझोते पर हस्ताक्षर हुए थे
09:55तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि 6 दशक बाद
09:58यही संधी भारत-पाकिस्तान संभंदों का सबसे बड़ा रणनेते की उद्धा बन जाएगी
10:04पिछले वर्षों में भारत और पाकिस्तान के बीच कई उद्ध हुए
10:08सीमा पर तनाव बढ़ा, आतंकवादी हमले हुए, राजनितिक रिष्टे कई बार तूटे
10:12और दोनों देशों के बीच संभाद भी लंबे समय तक बन रहा
10:16लेकिन इन सब के बावजूर सिंधू जलसंधी किसी न किसी रूप में कायम रही
10:21यही वज़य है कि इसे दुनिया के सबसे सफल अंतराष्टिय जलसंधौतों में गीना जाता है
10:26लेकिन अब परिस्तितियां बदल चुकी है
10:29भारत का कहना है कि आतंकवाद और सामाने संबंद एक साथ नहीं चल सकते
10:33नई दिल्ली का सपष्ट संदेश है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं होगा
10:39तब तक पुराने धड़े पर लोटना संभौ नहीं है
10:44दूसरी पाकिस्तान का कहना है कि पानी को राजनीतिक या फिर रणनीतिक हतियार नहीं बनाया जाना चाहिए
10:49क्योंकि उसकी करोडों की आबादी खेती उद्योग और बिजली उत्पातन इसी नदी प्रणाली पर निर्भर है
10:54यानि ये विवाद केवल पानी का नहीं रह गया है इसके साथ राष्ट्य सुरक्षा, तंकवाद, भूटिनीति, आर्थिक हित और शेत्रिय
11:01शक्ति संदुलन जैसे कई बड़े मुद्दे अब एह मुद्दे इसमें जोड़ चुके हैं
11:05और यही कारण है कि दोनों देशों के हर बयान, हर फैसले पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है
11:11आने वाले समय में भारत अपनी नदी परियोजनाओं को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है
11:16पाकिस्तान अंतराष्ट्रिय मंचों पर इसमुद्दे को किस तरह उठाता है
11:20और दोनों देशों के बीचे राज़ुनितिक रिष्टे किस दिशा में जाते हैं
11:25इस सभी बाते तय करेंगी कि सिंधुजल संधी का भविश्य क्या होगा
11:29हलाकि एक बात उतनी ही महतोपूर्ण है कि पानी जीवन का आधार है
11:34इसलिए किसी भी समाधान में छेत्रिय स्थीर्ता, अंतराष्ट्रिय दायत्व
11:38और दोनों देशों के लोगों की हितों का भी ध्यान रखना होगा
11:41सरकार के लेगवड़ी चुनावती भी होने वाली है
11:43विशेशग्यों का मानना है कि लंबे समय तक तनाव किसी के हित में नहीं होता
11:47और अंतरता समवाध ही स्थाई समधान का रास्ता बनता है
11:51फिलहाल इतना तय है कि दक्षिन एशिया की राजनीती में
11:53अब पानी केवल प्राकृतिक संसाधन भी बलकी रणितिक शक्ती
11:57राष्टिस रक्षा और कूटनितिक दबाब का एक बड़ा माध्यम बन चुका है
12:01इसले सिंधू जलसंदी से जुड़ा हर फैसला आने वाले वर्षों में
12:05भारत पाकिस्तान संबंधों के दिशा और दशा दोनों तय कर सकता है
12:09इसी बड़े सवाल के साथ फिलहाल के लिए इतना ही
12:12लेकिन आगे इस पर क्या होता है
12:14तुमारी नजर बनी हुई है
12:15जो भी नई अपडेट आएगी आपको हम जरू दिखाएंगे
12:17तक बने रहे बने इंडिया हिंदी के साथ
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