00:00नेपाल की तरवेनी नदी से भखकर आई डॉल्फिन मचली को रेस्क्यू कर गॉरकपुर की रापती नदी में डाल दिया गया
00:05है।
00:05डॉल्फिन को सुरक्चित गॉरकपुर लाने के लिए भठट से बावन किलोमेटर के रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
00:10लगवग एक घंटे के सफर के बाद डॉल्फिन को उपचार के बाद नदी में छोड़ा गया।
00:14गॉरकपुर के बरिष्ट पुलिस अधिक्चक डॉक्टर कॉस्तुक के आदेश पर डॉल्फिन को सुरक्चित रापती में छोड़ने के लिए ग्रीन कॉरिडोर
00:20बनाया गया।
00:20दरसल डॉल्फिन भटक कर एक कैनाल में आकर फस गई थी और वहाँ तीन दिन से फसी थी और उसकी
00:25जान को बचाना बहुत जरूरी था।
00:27वहीं बैंसन रचकों द्वारा डॉल्फिन को 19 जुलाई को पटड़ने का प्रयास किया गया।
00:31लेकिन बारिस के कारण कैनाल में पानी ज्यादा था और बहाँ बहुत तेज होने के कारण बहुत कठिनाई हो रही
00:36थी।
00:37रेस्क्यू के बाद डॉल्फिन को एंबुलेंस में रखा गया और उसका प्राध्मी को उपचार किया गया।
00:41आपको बता दें कि साथ फिट दो इंच लंबी डॉल्फिन 147 किलोग्राम की प्रेगनेंट मादा है।
00:47डॉल्फिन को राजगाट के पास राप्ती नदी में छोड़ा जाना था क्योंकि राप्ती ही डॉल्फिन के लिए सुरक्चित अस्थान है।
Comments