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त्रिपुरा DGP की ऑफिस में फंदे से झूलती मिली लाश, देखें पूरी वारदात

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00:05नमास्कार मैं हूँ शम्स काहरखान और आप देख रहे हैं वारधात
00:08तिरपुरा के सबसे बड़े पुलिस अफसर यानि राजी के डीजी पी
00:12सोववार सुबह पुलिस हेटकॉर्टर अपने दफ्तर जाते हैं
00:16पुलिस हेटकॉर्टर वो जगा होती है जहाराजी के सबसे सीनियर पुलिस अफसर बैठते हैं
00:22दफ्तर जाने के बाद वो अगले डेड़ घंटे तक न किसी से मिलते हैं न किसी का फोन उठाते हैं
00:28दफ्तर का दर्वाजा भी अंदर से बन था तेड़ घंटे बाद मजबूरन पुलिस वाले दर्वाजा तोड़कर जब अंदर दाखिल होते
00:36हैं
00:37तो दफ्तर के अंदर ही मौजूद बाथरूम में डी जी पी साहब की लाश फंदे से जूलती मिलती है
00:45यह तस्वीर 18 जुलाई की है तिरुपरा की राज थानी अगर तला में तिरुपरा पुलिस के 92 बैच की पासिंग
00:53आउट प्रेट थी
00:54इसमें राज जी के मुख्य मंतरे और तिरुपरा पुलिस के सबसे बड़े अफसर यानि राज जी के डी जी पी
01:00अनुराग धंकड भी मौजूद थे
01:02इस मौके पर डी जी पी अनुराग धंकड ने ने पुलिस वालों को संबोदित भी किया था
01:08तस्लीर देखकर कहीं से भी कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि बता और डीजीप अनुराग धनकड की ये आखिर पासिंग
01:16आउट प्रेट साबित होगी
01:17इस पासिंग आउट प्रेट के सिर्फ 48 खंटे बाद वो हुआ जो इससे पहले देश में कभी नहीं हुआ था
01:34तिर्पुरा की राजधानी अगरतला में मौझूद ये तिर्पुरा पुलिस का हेटकॉर्टर है
01:39दो मनजिला इस हेटकॉर्टर की पहली मनजिल पर राज्य के डीजीपी का दफ्तर है
01:44रोजाना की तरह सुबा करीब साड़े दस बजी अनुराग धंकर अपनी सरकारी गाड़ी में दफ्तर पहुंचते हैं
01:51अमोवन दफ्तर आने के बाद डीजीपी पुलिस हेटकॉर्टर में मौझूद सीनियर पुलिस अफसरों के साथ सुबा की मीटिंग करते हैं
01:59लेकिन सोमवार को अपने दफ्तर में दाखिल होने से पहले उन्होंने वहां मौझूद गाड़ और अपने पीएसो यानि परसनल सीक्रियोटी
02:08आफिसर को हिदायत दी कि उन्हें कोई डिस्टरब नहीं करेगा
02:11वो कुछ जरूरी काम में बिसी है इसके बाद वो अपने दफ्तर में दाखिल होगे
02:22दफ्तर में दाखिल हुए डीजी पी अनुराग धंकर को अपकरी टेड़ घंकर को अपकरी तेड़ गंटे हो चुके थे
02:30कोई उन्हें डिस्टरब न कर लेकिन हैरानी की बात ये थी कि इस दौरान उन्हें लैंड लाइन नंबर पर भी
02:37जो फोन आ रहे थे
02:38वो डीजी पी टिक नहीं कर रहे थे अमोमन ऐसा होता नहीं है डेड़ घंटे तक उन्होंने किसी को बुलाया
02:45भी नहीं
02:46कई सीनियर अफसर भी उन्हें कॉल कर रहे थे पर वो किसी का मॉबाइल पर भी कॉल नहीं खा रहे
02:51थे
02:51तब पहली बार सिक्रेटी गार्ड और पेसो को कुछ अजीब लगा उन्होंने डीजी पी साहब के कमरे में जाने का
02:59फैसला किया
03:00लेकिन तब वो और हैरान रहे गए जब धक्का देने पर भी दर्वाजा नहीं खुला
03:05दरसल दर्वाजा अंदर से बंग था और ऐसा पहली बार हुआ था
03:09पिछले दस महीने से जब से अनुराग धनकर डीजी पी बने थे कभी अंदर से उनका दर्वाजा बंद नहीं गुआ
03:16था
03:17जब आवाज देने पर भी दर्वाजा नहीं खुला तो पुलिस हेड़कौाटर में हरकम बच गया
03:23फौरण आला पुलिस अफसरों को इतला दी गई इसके बाद वो भी डीजी पी के कमरे के बाहर इखटा हो
03:29गए
03:31मगर जब तमान कोशिशों के बावजूद अंदर से कोई रिस्पॉंस नहीं मिला नहीं दर्वाजा खुला तब ये तै कि डीजी
03:39पी सहाब के कमरे का दर्वाजा तोड़ दिया जाए
03:41इसके बाद धर्वाजा तोड़ दिया गया पर कमरे में दाफिल होने वाले लोग हैरां थे डीजी पी सहाब अपनी कुरसी
03:49पर नहीं थे
03:50पूरा दफ्तर खंडालने के बाद जब ही पुलिस अफसर उनके आफिस के अंदर ही वाश्रूम में जाबता है तो सन्ने
03:57रह जाता है
03:58अंदर वाश्रूम में डीजी पी अनुराल धंकर दिलाश भंदे से छूल रही थी
04:06यदेश का पहला ऐसा मामला है जब एक राजजी के डीजी पी यानि सबसे बड़े पुलिस अफसर की लाश पुलिस
04:14हेड़कॉर्टर के अंदर उनी के दफ्तर में यूँ भंदे से छूलती थी
04:18अमुमन ऐसे आम केस में आम लोग लाश को फंदे से उतारने से पहले पुलिस को फोन करते हैं
04:25लेकिन यहां अजीब सीन था खुद पुलिस हेड़कॉर्टर के अंदर डीजी पी सहाब की लाश फंदे से छूल रही थी
04:32और राज्य के ज्यादा तर सीनियर पुलिस अफसर उस वक्त उसी पुलिस रेड़कॉर्टर में मौझूट है
04:37लेज़ पुलिस वालों की मौझूद की में ही आनन फानन डीजी पी सहाब की लाश फंदे से नीचे होतारी थी
04:44और फिर फूर पुलिस वाले अम्बुलिस के साथ नस्दीग के सरकारी अस्पताल गोविंद बल्लब हास्पिटल पहुशते हैं
04:54अस्पताल में जैसे ही डॉक्टरों को पता चलता है कि इस वक्त सीरियस हालत में किसी होर को नहीं
04:59बलके तिरपुडा के डीजीपी को लाया गया है पूर अस्पताल हरकत में आ जाता है
05:04यह तस्वीर ठीक उसी वक्त की है जब डीजीपी साहब को यहां लाया गया था
05:09अस्पताल में लाते ही डॉक्टर उन्हें सीपियार देना शुरू कर देते हैं
05:14CPR यानि सीने पर हाथों से दबाओ डाल कर सांस को वापस लाने की कोशिश
05:19इस वक्त जो आप अपने टीवी स्क्रीन पर देख रहें
05:23अस्पताल के डॉक्टर डीजीपी सहब को वही CPR देने की कोशिश कर रहे
05:28लेकिन काफी कोशिश के बाद भी डीजीपी सहाब की सांसे नहीं लोटी
05:33इसके बाद 12 बच कर 48 मिनट पर डॉक्टरों ने डीजीपी को मुर्दा करार दे दिया
05:41कर देख बाद 12 बारों ना गादाना होई तकम उनार अमधेज जी आप्रों नी अट्रेम्ट करें
05:47उनार पाज ब्लाद प्रेशर पाटेम्परेचर बावन नकुन जे जीबनेर चे शाइन बिलिए
05:53पाजनी शंगे उनाके काड़ेव पाल्मने रिस्तेक्शन शुरू कर आ होई एक्गम इमर्जनेर ते आम उन्द शब एक्सपार्टर में प्राई 48
06:02मिनिटेर मोटों करने सीप्यर देया होई
06:05और शब जनेरे प्रोचेशका आम रहे पारे निजा उन्द रिवाइड करते तक हम बारा टा अर्चर दिश्पार्टर में अमरा देखलार
06:13कि बीद्टर बंद ने लिए अप्रोंगने अमरा शंबव नए अवाश्तार यह था निटर ब्रॉटर देख होई करने आमरा पोस्�
06:48इससे पहले दोपहर को जब डीजीपी साहब की मौत की खबर पुलिस हेड़कौटर से बाहर आए
06:53तब कुछ देर तक यह अफवा थी कि उन्होंने खुद को गोली मार भी है लेकिन डीजीपी साहब के शरीर
06:59पर गोली अज़क में की कोई निशान नहीं मिरे बाकी मौत की असली वज़ा तो पोस्मोटम रिपोर्ट ही बता दे
07:06दी अब सबसे बड़ा सवाल ये कि अगर सक्मु
07:23अगर ऐसा कोई सुसाइड नोट सामने नहीं आया अगर ऐसा कोई सुसाइड नोट है तो हो सकता है बाद में
07:30सामने आ ये भी मुम्किन है कि फिलाल सुसाइड नोट का सक्षित्र पुड़ा पुलिस ने छुपा रखा
07:37महानित देशक अनुराग धानकर सहेग आजके एटा अस्षाभाविक बिक्तु अबंग इए अस्षाभाविक तार प्रेचोने जे आमदेत कि पुपराज्टे जे अस्षाभिक
07:53अता भिरास कोट छे एटा एट दुर्गटना तारी कारण
07:58अनुराग धानकर सहाभिर मतों एकजन फाइनेस्ट ओफिसार आत्तो सन्मान भोद संपन्द ओफिसार जीने एज़ डिप्यू ठेके एके बरेट डिजी ओप
08:11दिउठे छेन एरुकम बहुँ गटना समलेस्षेन तार मतों एकजन ओफिसार निजे के दिजय जिपननी ते पा
08:24एक गटना एक त्विपराज्येर मुध्धे त्विपराज्येर आईएस आईपिएस जारा शौत दक्ख तादे रूपरे बिगत शारे अड़ बच्छ तरे जिए दरुनेर
08:38मनुषीक ठावे तादरेके पदस्तों गरा होच्छे
08:41को ग्राज्येर शादिर्णों तके ना होच्छे तादे आत्तोसं मना आगात्तव ना होच्छे आज के ही घतनार इए पहराण तार पेछने
08:51आ आमरे एकने देखेची आमरे बोले थी तार एकमात्रों छेले नके कनाड़ा एई तार छेले एकन आशा होपती तार त्यहों
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09:10सब्सक्रावी जानावों ए घटनार विचार विभागी हो है जन्द आमादेर हाई कोर्टेर पर्तमान्चिप जास्टिस ता न्यत्तित ते ध्रुतों यह तोदंत
09:22प्रशंड हो क्याना घटनाट होलो एटा इटा इपराज्चेर नागोरिक राज्यात की निरापत नेरी पुल
09:40अफसर अनुराग धनकड पिछले साल मई में ही ट्रिपुरा के डीजीपी बने थे बताओ डीजीपी उनका कारेकार पिछले मही ने
09:48जून में ही खत्म हो चुका था लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें एक्स्टेंशन दे दिया था अनुराग धनकड के परिवार
09:55में पत्मी �
10:24और एक बेटा है बेटा कैनेडा में है
10:26पर्टमांची पनाजी शिंगराए उनिमेज देव बूर मा अमरा शुभाई एसी जिए जिए अबों डाक्तर देश्टोंगे काथा बुरिबारे नस्ती चिले अना
10:34श्रते काथा बुलार प्चिस्टा को रेची तो बेटा ही बोलते पारभू जिए जेका होएची अत्तुम
10:52अना श्रते काथा बुलीष अना श्रते काथा बुलीष पुलीष अना थांक शाहें उनार अन्नाचेलल देथ वहेचे अनुणुण।
11:16अनुण।
11:48शुने, हम्रा दो जुने एक्ट मखोशल छेला, छुटे इस्सु ना के यदे, लेखात जन्ना, शौममेदाला काफ़न कड़ा जन्ना, ए मुहुर्त
12:02ने जिए तुटा आर्नाचेरल ले, हमादे बक्खे ए मुहुर्त ने, एत्ते के बेशी कमेंड कड़ा, खीक हवे माँ, अ�
12:16जो पदोस्तों पूलीश आधरी के करिक्दे का चाहिए, लेखात जन्ना, शुरुवाती तफ्तीश के बाद जो खबर सामने आ रही है,
12:35वो ये, कि अनुराग धंकड और उनकी पत्नी के बीच बंती नहीं थी, दोनों में अक्सर छगड़े हुआ करते थे,
12:41सूत्रों के मता�
12:43जबिक रविवार रात्मी पती पत्मी में जगड़ा हुआ था, इसके बाद सुभा डीगीपी घर से सीधे पुलिस हेड़कॉर्टर पहुँचे और
12:50उसके बाद फंदे से जूलती, उनकी लाश मेरी
12:55अनुराग धंकड एक बेहत इमांदार पुलिस अफसरमाने जाते थे, पूरे करियर में उनकी छवी बेदाख रही, करीब तीन दशक के
13:03अपने कारेकाल में, तिलपुरा पुलिस के अलावा, डेपुटेशन पर वीएसेफ, सियाइसेफ, यूएन पीस कीपिंग फोर्स के सा
13:10साथ, CBI में भी वो काम कर चुके थे, धंकड CBI में रहते हुए उस जाच टीम का हिस्सा थे,
13:18जिसने पंजाब नैशनल बैंक घोटाले की जाच की, जिसमें नीरव मोदी मुख्यारोपी थे, इसके लावा 1984 के सिक दंगों की
13:26जाच में भी वो शामिल रहे, तिरपुरा के DGP
13:29बनने से पहले वो राज्य के इंट्रिजेंस के हिट थे, तन्वे चक्रुबर्ती अगरतला तिरपुरा आज तक
13:41हनिमून पर अपने ही पती राजारा गुवन्शी के कतल की आरोपी, सोनम की जमानत सही है या गलत, इस पर
13:48कल यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है
13:51पिछले हफ़ते सुप्रीम कोर्ट ने मेगाले पुलिस से ये पूछा था कि क्या सोनम की गिरफतारी की वक्त उसे गिरफतारी
13:59की वज़ा बताई गई थी, और अगर वज़ा बताई गई थी, तो उससे जुड़े दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश
14:05किया जाए
14:21सोनम जेल के बाहर आजाद रहेगी या वापस जेल जाएगी
14:26ये वो सवाल है जिसका जवाब तलाशने में खुद देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रिम कोट को भी वक्त लग
14:33रहा है
14:35एक जुलाई को सोनम की जमानत कानूनी सवालों में लिपटकर सुप्रिम कोट पहुची थी
14:41तीन जुलाई को तैह हुआ के इस केस को एक तारीख दो
14:45तो नौ जुलाई को नई तारीख दी गई
14:47पहली सुनवाई हुई मेघाले पुलिस की तरफ से सॉलिसेटर जनरल तुशार महता पेश हुई
14:53दलील दी कि मेघाले की पहले लोर कोट और फिर हाई कोट ने सोनम को गलत जमानत दी है
14:59एक धारा के टाइपो एरर की वजह से कोई जमानत का हगदार नहीं हो जाता
15:05सुप्रिम कोट ने दलील सुदी और फिर सोनम को नोटिस चारी कर जवाब मांगा
15:10कि उसकी जमानत क्यों न खारिच कर दी जाए
15:1314 जुलाई को दूसरी सुनवाई की तारीख तैह हो
15:16लगा 14 जुलाई को ही इस बात का फैसला हो ही गाएगा
15:20कि सोनम वापस जेल जाएगी या बाहर आजाद रहेगी
15:24लेकिन दलील और बहस यहां तक पहुँच गई
15:27जहां सुप्रिम कोट को मेगाले पुलिस से पूछना पड़ा
15:30कि गलत धारा छोड़िये
15:31क्या अपने सोनम को गिरफतार करते वक्त उसे उसकी गिरफतारी की वज़ा बताई थी
15:37अगर हां तो वो दस्तावेज हू बहु कोट को दिखाईए
15:40अब दिखाने के लिए तो वक्त चाहिए
15:43लियादा सुप्रिम कोट में एक हफते का और वक्त दे दिया
15:46कहा 21 जुलाई को दस्तावेज के साथ आईए
15:49और तब तैय करें कि सोनम का करना क्या है
15:54वैसे है न कमाल
15:55एक हाई प्रोफाईल और बेहत चर्चित राजा रगोवन्शी मडर केस के मामले में
16:00आरोपी नमबर बन सोनम नौ महीने में ही जमानत पर रिहा हो जाती है
16:05इसी साल 27 अपरिल को सोनम को शिलाउं की एक अदालत जमानत दे देती है
16:09पुलिस मेघाले हाई कोट में फैसले को चुनौती देती है
16:13लेकिन मेघाले हाई कोट भी 29 जून को अपने फैसले में सोनम की जमानत को बरकरा रखती है
16:19फिर मामला सुप्रिम कोट पहुचता है
16:21सोनम को जवानत पर बाहर आये लगबंग धाई महीने तो हो ही चुके है
16:26पर कमाल देजिए कि धाई महीने बाद भी ये फैसला नहीं हो पाया
16:30कि सोनम की आजादी सही है ये खलत
16:36दरसल मेगाले पुलिस ने सोनम की गिरफतारी के बाद
16:39कतल से जुड़े मामले में नए नए जन में भारतिय न्याइक संखिता
16:44यानि बियनिस की जो धारा लगाई थी
16:46वो कानून की किताब में तो छोड़ी है
16:49किसी आदालत या पुलिस स्टेशन के पन्नों तक में तर्च नहीं
16:53यानि मेगाले पुलिस ने राजा रगवनशी के कतल के मामले में
16:57सोनम पर जो धारा लगाई उस धारा का कोई वजूद ही नहीं
17:01अब जब धारा ही नहीं तो आदालत को कैसे पता चलेगा
17:06कि पुलिस ने सोनम को किस जर्म में पकड़ा है
17:08और जब पुलिस को ही पता नहीं
17:10तो पुलिस सोनम को कैसे बताएगी
17:12कि उसे किस जर्म में उसने गिरफतार किया
17:15ये लाइने हमारी नहीं है
17:17ये मेगाले हाई कोट ने कहा है
17:19सोनम को जमानत देते हो
17:21अगर अब भी आप पूरी कहानी नहीं समझ पाए तो चलिए आसान लबजों में समझाता हूँ
17:28पिछले साल मैं में में राजा रगवनशी के कतल के बाद मेगाले पुलिस ते सोनम समेट कुल पांच लोगों को
17:35गिरफतार किया था
17:36इन में तीन किराय के कातिल थे और एक सोनम का प्रेद बाद में मेगाले पुलिस ने अदालत में चारशी
17:43दाखिल की और सोनम को अपने ही पती के कतल के एक्जाम में आरोपी नमबर एक बना है
17:48चारशी दाखिल होने के बाद अदालत में मुकदमा शुरू होगा
17:52मुकदमा शुरू होते ही सोनम ने शेलाओं की निचली अदालत में जमानत की अरजी लगा दिया
17:58बस यहीं से खेल शुरू हो
18:01असल में एक जुलाई 2024 से देश में अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे
18:06CRPC और IPC में बड़े बदलाओं करते हुए
18:10न सिर्फ इनके नाम बदल दिये गए बल्कि बहुत सी धाराईया को हटा दी गए
18:15या फिर कई धाराओं को एक साथ जोड़ी गए
18:18अब IPC यानि इंडियन पीनल कोड या भारतिय दंड संहिता की जगह
18:22भारतिय नयाई संहिता यानि BNS का जन्म हो चुका था
18:27इस BNS के तहर देश में होने वाले तमाम जुर्मों को कुल 358 धाराओं में लपेड दिया गया
18:34यानि BNS के तहर देश में होने वाले हर तरह के जुर्म के लिए कुल 358 धाराई ही
18:41अब जाहिर है आजादी के बास से चली आ रही IPC की धाराओं की जगह
18:46जब BNS और उसकी नई धाराएं आईं तो आम लोगों को छोड़िये
18:50खुद पलिस और कानून के रखवालों को इसे समझने रटने और याद करने में मुश्किले आने लगे
18:56मसलन पहले लोगों की जुमान पर रटा हुआ था
18:59क्या IPC की धारा 300 यानि केस मडर का है और धारा 302 यानि कितनी सजा उस मडर के लिए
19:06मिलेगी
19:07BNS में धारा 300 की जगह 100 हो गया
19:10101 मतलब मडर केस का है
19:13जबकि BNS में 302 की जगह 103 नई धारा बनी
19:17103 ये बताती है कि मडर के लिए क्या सजा मिलेगी
19:23सोनम के केस में गल्टी ये हुई कि मेगाले पुलिस ने BNS की धारा 103 यानि मडर के केस की
19:30जगह 403 लिख दिया
19:33अब चूंकि BNS की धारा 358 पर आकर ही खत्म हो जाती है तो जाहिर कानून की किताब में 403
19:40नंबर की धारा कोई हो ही नहीं सकती है
19:43बस इसी एक गल्टी को शिलौन की निचली अदालत ने पकड़ लिया कोट का कहना था कि जब धारा 304
19:50है ही नहीं तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि सोनम को किस जर्म में पकड़ा गया है
19:54यानि इस हिसाब से सोनम कभी उसका जर्म पुलिस ने नहीं बताया होगा
19:59इसलिए निचली अदालत ने इसी साल 27 अप्रेल को सोनम को जमानत पर रहा करने का हुक्म सुना दिया
20:08जाहिरे सोनम को जमानत मिल जाना हर किसी के लिए हैरान करने वाला था
20:12मेगाले पुलिस भी हैरान थी
20:14इसी के बाद मेघाले पुलिस ने सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघाले हाई कोट में
20:21चुनोती है
20:24मेघाले हाई कोट में इस पर लंबी बहस हुए
20:26उमीद यही थी कि हाई कोट नितली अजालत के फैसले को पलटते हुए सोनम की जमान से खालिच कर देगी।
20:33लेकिन मेघाले हाई कोट ने भी चौका दिया।
20:56अश्थ, दौका दूका दूका देखा
21:26पर शुर्म पर शुर्ट नागे विए भी एनजी वही चारसो तीन वाली धारा पकड़ जो कहीं कानून में है ही
21:48हाइक आधा कि बेनस की धारा चारसो तीन जो वजूद में ही नहीं उससे कैसे पता चलेगा
21:55कि सोनम पर इल्जाम क्या है हाइक कोट का ये भी कहना था कि गलत धारा लगाने से ये भी
22:01पता चलता है कि खुद सोनम भी इस बात से अंजान थी कि पुलिस ने उसे क्यों पकड़ा तीन इसलिए
22:08निचली अधालत का फैसला सही है और सोनम जमानत की हक्तार मेगाले हाइक कोट �
22:1329 जून को इसी बिना पर मेगाले पुलिस की उस अरजी को भी खारिच कर दिया जिसमें सोनम की जमानत
22:19खारिच करने की गुजारिश की गई थी अब सोची कानून की एक छोटी सी गलती ने सोनम को वो आजादी
22:26दिला दी जो आने वाले कई बरसों तक शायदी उसके हिस्से आ
22:44कि यह बता कि सोनम को जमात नहीं मिलना चाहिए जमात दें दिये तो अभी आप सरकार पुरे और विड़ा
22:52देख रहे कि लेडी से आज में क्यों मार रही है उसके वज़ए सरकार दे पूछो सरकार ने पूचा थी
22:58कि क्यों मार रही है सरकार तो हमके आख बूंद करके बिठ
23:39मेघाले पुलिस का ये भी कहना है कि धारा लिखने के दौरान उनसे
23:43गल्टी जरूर दूर और बाद में उन्होंने कोट के सामने अपनी इस गल्टी को माना दूए मगर इस एक गल्टी
23:49के लिए सोनम के ज़ानत पर बाहर आने को मेघाले पुलिस घलत मान दूए आज तक बेरो
23:58तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक

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