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चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा की आस... श्रीराम पर भक्तों की आस्था बरकरार

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00:08लोग वर्षों की बात करते हुए जिस नगरी को देखते हैं उस अयोध्या ने युगों की राह देखी
00:14मोक्ष दाइनी सब्त पुरियों में सम्मिलित होकर आध्यात्म का शीर्ष देखा है
00:19साखेत नगरी बनकर बैकुंठ धाम होने का मान पाया है
00:23श्री राम के अवतरण के साथ रामराज्य के मर्यादाओं की साक्षी बनी है वही अयोध्या
00:29श्रद्धालूँ की अटूट श्रद्धा और अडिक विश्वास के बीच आज फिर कुछ प्रशनों का सामना कर रही
00:36अयोध्या फिर उत्तर दे रही है
00:40एक और अध्याए अयोध्या में जुड़ रहा है
00:59राम वप्तों पर तो कुछ भी फरक नहीं पड़ेगा
01:05जो तालू आ रहे हैं भी रहे हैं तो भूप को भी देखते हैं
01:08लोग आ रहे हैं दस्किन करने के लिए जा रहे हैं
01:12कोई फर्क नहीं है यह सब अख्वाह है है अब आओ बज्धान नहीं देना चाहिए
01:17अब जंदी मिलना चाहिए तो भी देंगे उप्र बाले जंदी भी मिलेंगे और को
01:27कि राम भक्तों में कोई कमी नहीं हुई है ना चड़ावे में कोई कमी हुई है
01:52अयोथ्या जिसका चरित्र मर्यादा है
01:59अयोथ्या जिसका आचरण त्याग है अयोथ्या जिसकी आत्मा खुद श्री राम है
02:14आज अयोथ्या आप देखते होंगे हमारी अयोथ्या
02:22तीनों लोकों से नियारी है अब अयोथ्या
02:27बैबाव साली है
02:32वहां की गलिया चमक रही है
02:39लाइट रहती है और देश की चुनिंदास उन सीटी में से एक
02:47जो सॉलर सीटी ओ प्रणान मंत्री मोदी जी का विजन
02:52मोदी जी ने का कि सूर्य वंस की राजधानी है तो सूर्य वंस की राजधानी भगवान सूर्य की रोसनी से
03:02ही रात्री में भी जगमगाहट होनी चाहिए और अयोथ्या सॉलर सीटी बन गई है
03:13अयोध्या जहां रामराज्य की नीव ही नयाय पर आधारित थी जहां दोश चुप नहीं सकते थे जहां पापी को अभैदान
03:20नहीं मिल सकता था जहां अन्याय शरंड नहीं पासकता था उस अयोध्या ने हर
03:25दौर में आरोप से हर काल खंड में संघर्ष किया हर समय काल में परीक्षाएं दी लेकिन जो शाश्वत सत्य
03:34की तरह नहीं बदला वो था विश्वास वो थी इस नगर के प्रतियास्था वो है राम नाम के प्रतिया टूट
03:41श्रद्धा
04:01श्री राम जन्म भूमी मुक्ति आंदोलन का वैचारिक जंडा लेकर चलने वाला रस्स सामने आया
04:08राष्ट्रिय स्वयम सेवक संग सखित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनिय गटना
04:21को अचाधारण मानकर गंभीरता से व्यवस्ता इवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतू
04:30परिनाम कारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोडो रामबक्तों की आस्था वश्रद्धा अकंड एवं अटूट बनी रहे।
04:42श्रद्धालूओं के मन में गहराए शंका के बादल छटे ताकि कोई संदेह न रह जाए इसकी कोशिशें भी शुरू हुई
04:49सभी ने स्री राम जन्मभमी मंदिर में दान पेटी चड़ावे की गिंती में हुई अनिमित्ता की घटना पर दुख व्यक्त
04:57किया।
04:58तता तिर्थक शेत्र न्यास के निवेदन पर चल रही साइटी पर पुलीस कारवाई निर्रायक मोड पर पहुंचेगी यह विश्वास व्यक्त
05:07किया।
05:08तिर्थक शेत्र न्यास्त या पेक्षा की गई है कि वह सुनिश्चित करें कि भविश्य में ऐसी कोई घटना नहों जिससे
05:16समस्तर रामबक्तों की राममंद्र के प्रतीश रदा पगहरी आस्ता पर आगास हो।
05:24अयोध्या का अर्थी है जिससे युद्ध न किया जा सके। लेकिन कुछ सित विचारों ने कब अयोध्या के सामने युद्ध
05:31की स्थितिया नहीं खड़ी की।
05:33कब अयोध्या को युद्ध में नहीं ललकारा, लेकिन अयोध्या कभी हारी नहीं, अयोध्या को कोई कुछेश्टाओं के साथ कभी जीत
05:41नहीं सका.
05:57अयोध्या की पवित्रता कुछ लोगों के अपराद से कम नहीं हो जाती.
06:12कुछ लोगों की बेईमानी, अयोध्या के प्रति करोडों लोगों की श्रधा नहीं चुरा सकती.
06:32भगवान के घर में चोरी करके, कुछ लोग अयोध्या का चरित्र धूमिल नहीं कर सकते.
06:39कोई कमी नहीं आस्था में और ना चोरी हुआ है.
06:42लोगों की दिलों में चोरी घुसी हुई है, तो उसका कोई जबाब नहीं है.
06:48राम जी का पैसा खाने वाला कौन है? कोई नहीं.
06:52राम जी थे, है और हमेशा सभी के दिलों में राज करते रहेंगे.
07:01दोशी अपनी गत को जा रही है, मिश्चित ही जाएंगे.
07:04लेकिन इनसे कोई श्री राम लला के मंदिर में गूंचते जयकारों का नाद नहीं घटा सकता.
07:24अस्था के नाम पर जिसने अयोध्या का विश्वास तोड़ा है, तो उसका हिसाब विधी सम्मत हो रहा है.
07:30लेकिन करोडों लोगों की श्रद्धा का फैसला कोई आरोप नहीं कर सकता.
07:36अयोध्या इसलिए नहीं जीतती, कि वहाँ कभी संकट नहीं आते.
07:39अयोध्या इसलिए जीतती है, क्योंकि हर संकट के बाद उसके भक्त पहले से ज्यादा विश्वास के साथ रामलला के द्वार
07:47पर लोटते हैं.
07:48और यही उसकी सबसे बड़ी विजय है.
08:29यह अयोध्या है.
08:30गलियों में राम, सडकों पर राम, मन में राम, मुह में राम.
08:34दर्शनों के लिए लगी भक्तों की लंबी कतारे, भगवान को देख लेने का शद्धालों के चहरे पर असी मानग.
09:04आप लोग आईएगा, जड़ोर आईएगा और देखियेगा कितना कैसा है, इंसान कैसा है इसका.
09:12कुछ लाल्चियों ने पवित्र चड़ावे के साथ जो चौर्य कर्म किया, उसका रोश इन्हें भी है.
09:17उन्हें दंड के पक्षधर ये भी है, लेकिन मंदिर की गरिमा पर कोई सवाल नहीं, क्योंकि आस्था तो राम में
09:24है.
09:47श्रीराम के जैकारे, दूर तक दिखाई देती दर्षनों के लिए भक्तों की व्याकुलता बता रही है,
09:53कि हार उनकी हुई है जिन्होंने अनुचित कृत्य किया अयोध्या का मान रत्ति भर नहीं कम हुआ
10:01तेखे आस्था है ना इस्वर पे वो किसी भी स्थिती में अडिग रहता है वो किसी भी स्थिती में इधर
10:07उधर नहीं होता है
10:08और हमने अगर कोई दान दे दिया, समर्पिक भाव से हमने दान दे दिया, तो हमारा यह अधिकार नहीं कि
10:13हम उस पे टिकाटि पड़ी करें या हस्तचेप करें या पूछें, आपने जो दान दे दिया तो दे दिया, उसके
10:19बारे अच्छा, अगर कुईसी भी प्रकार की कोई �
10:22इस्थिती ऐसी उत्पन हुई है, चंदा चोरी हुई है, जो भी है, तो उसके लिए पुलिस प्रसासन है, सरकार है,
10:27सांसद है, यह लोग उनकी निकरानी करेंगे, यह हमारा कारी छेत्र नहीं
10:32चड़ावे की चोरी का अध्याए इसी साल के जून महीने से खुलना शुरू हुआ, यह आयोध्या के लिए परीक्षा की
10:39घड़ी थी, सदियों के संताप के बाद अभी तो फिर से वैभव लोटना शुरू हुआ था, दर्श नाभिलाशी आँखों को
10:46अभी तो प्रभुरा
11:11व्यवस्था स्थापित हो, यह प्रयास शुरू हुए।
11:38आरोपों के घेरे के बावजूद आस्था के मंदिर से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर भक्तों की श्रद्धा में मिल ही
11:44जाता है।
12:08मंदिर प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस अवधि में श्रद्धालू की संख्या लगभग 20 प्रतिशत अधिक रही
12:16है।
12:18होटल में जैसा पहले अपना ये वाला सीजन वैसे भी ऑफ सीजन हुआ करता था और इस टाइम पर आमोमन
12:25जो है भीड कम ही रहती है।
12:28मौसम का आप कह सकते हैं जाज तर ये टाइम लोगों का हिल स्टेशन में जाने का होता है।
12:32तो ये वाला सीजन वैसे भी हम लोगों के लिए ऑफ सीजन का रहता है।
12:35तो बट मेरको नहीं रखता कि इस वज़े से भीड में कुछ हैसर पड़ा होगा।
13:01जो दोशी है वो दंड पाएंगे। भक्त भी ऐसा होते देखना चाहते हैं।
13:06लेकिन इससे शुरी राम मंदिर की पवित्रता और धार्मिक महत्व पर कोई सवाल उठाए तो ये भी स्वीकार नहीं।
13:36या कुछ लोगों की जो लिफसा है धन दो लूपता है उससे शिकार नहीं होने देगी।
13:40सरकार निशीत रूपसिस पर एक्षेल लेगी और आप देखेगा बहुत तगड़ा एक्षन होगा।
14:03व्यक्ति जनित विवाद अयोध्या से विश्वास डिगा नहीं पाए।
14:08देश दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालू आ रहे हैं तो बस एक कामना लिये कि बस दर्शन हो जाएं
14:14श्री रामलला है।
14:16दान की शैली थोड़ी अवश्य परिवर्तित हुई है।
14:20सोने चांदी के अभूशन कम चढ़ाए जा रहे हैं लेकिन अगर कोई चढ़ा रहा है तो उसका पूरा ब्योरा उसी
14:26समय दर्ज किया जा रहा है।
14:28पारदर्शिता का सवाल है ताकि फिर कोई उंगली न उट सके।
14:42अयोध्या इस समय दो धाराओं में बह रही है। एक निश्चित तौर पर श्री राम लला के लिए अरपन किया,
14:49उनी तक पूरी इमानदारी से पहुँचे और दूसरी श्री राम के प्रती अटूट अविचल अडिग श्रधा जो निरंतर बढ़ रही
14:56है।
14:59आयोध्या जहां राम लला का भव्य मंदिर आज करूणों लोगों की आस्था का केंद्र है।
15:04लेकिन इस मंदिर तक पहुचने का सफर सिर्थ पत्थरों और शिल्प का नहीं था।
15:08मंदिर निर्मान की शुरुआत से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक कई सवाल उठे, कई आरोक लगे, कई विवाद हुए, हर मोड
15:16पर आयोध्या की परीक्षा हुई।
15:18लेकिन क्या इन सब के बीच राम भक्तों का विश्वास दिगा, क्या इन आरूपों के बीच अयोध्या हारी। भव्यमंदर की
15:25अडिक विरासत इसका जवाब खुद दे रही।
15:48जब बनेगा, कैसे बनेगा? ऐसे सवाल पीड़ी दर पीड़ी सुनाई देते रहे। लेकिन आयोध्या ने श्री राम की मर्यादा निभाई
15:57और विधी सम्मत मंदिर निर्माण का रास्ता बना।
16:04सदियों से संघर्ष करती अयोध्या जीती जब पहली बार मंदिर की नीव रखी गई।
16:14अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सिर्फ पत्थरों को जोड़ने की कहानी नहीं है।
16:20इसने सदियों तक इंतजार किया। ये उस संघर्ष की कहानी है। जिसमें तारीखें बदली, सरकारें बदली, अदालतें बदली, लेकिन राम
16:28लला के प्रतियास्था नहीं बदली।
16:31पांच अगस्त 2020।
16:41अयोध्या में नया इतिहास लिखा जा रहा था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन और शिलान
16:47न्यास किया।
16:55सदियों से जिस मंदिर की कलपना करोड़ों श्रधालूं के मन में थी उसकी नीव अब जमीन पर रखी जा रही
17:01थी। लेकिन नीव पढ़ते ही सवाल भी उठें।
17:08हर शुबकार के लिए मौर देखा जाता है और चतुर मास में कोई शुबकार नहीं होता है शादी विवा नहीं
17:16होता है।
17:18तो फिर राम मंदिर का शिलान्यास पांच अगस को जो की भादों में आता है। उसमें क्यों किया जा रहा
17:25है।
17:26कुछ विपक्षी दलू ने भूमी पूजन को धार्मिक आयोजन से ज्यादा राजनीतिक कारेक्रम बताया।
17:33आरोप लगा कि मंदिर निर्मार का इस्तिमाल चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।
17:37कोरोना के दौर में समय पर भी सवाल उठाया गया।
18:08लेकिन मंदिर निर्मार शुरू हो चुका था।
18:11श्रद्धालों के लिए ये सिर्फ एक निर्मार स्थाल नहीं था।
18:15ये उस सपने का पहला पत्थर था जिसका इंतजार पीडियों ने किया था।
18:23लेकिन मंदिर की नीव के साथ ही एक और विवाद सामने आया।
18:27जमीन के खरीद को लेकर।
18:30गरीब आदमी ने अपना पेट काटके प्रभुसरी राम के मंदिर के लिए चंदा दिया।
18:36मजदूर हो किसान हो करमचारी हो और उस चंदे के पैसे में चोरी हो रही है।
18:42कोई घोटाला नहीं हुआ है देश के राम भकतों का भरोसा और विश्वास।
18:46उसी राम जनुही तीर छेत्र ट्रस्ट के प्रति था है और आगे भी रहेगा।
18:53सवाल उठते रहें।
18:55जवाब दिये जाते रहें।
18:57लेकिन मंदिर का निर्मान रुका नहीं था।
18:59पत्थर तराशे जा रहे थे।
19:03स्तंब खड़े हो रहे थे।
19:05दीवारे उठ रही थे।
19:09प्रारंब में इतनी अपेक्षा नहीं थी कि इतनी बड़ी जमीन इतना सब कुछ मिलेगा।
19:17तो ट्रस्ट का जो प्रारंब का प्लैन था वो बहुत छोटा मंदिर था।
19:22उसके बाद ट्रस्ट का प्लैन हुआ कि एक किला का ग्राउंड फोर और एक किता का मंदिर होगा।
19:30फिर ट्रस्ट ने ही यह निर्ने लिया कि एक ग्राउंड फ्लोर होगा और दो फ्लोर उसके अबब होंगे।
19:38और हर फ्लोर की धर्म से क्या बेवस्ता होगी वह भी उन्होंने सोचा उस समय यह निर्णे लिया गया था
19:45कि इस निर्मान को तीन चरण में हम पूर्ण करेंगे
19:52हर गुजरते दिन के साथ राम मंदिर का आकार बड़ा होता जा रहा था और फिर आया वो समय जो
19:58अयुध्या के इतिहास में नया अध्याय जोडने वाला था
20:04जन्वरी दो हजार चौबीस
20:12मंदिर निर्मान अपने सबसे एतिहासिक पड़ाव पर पहुँच चुका था लेकिन इस बार सवाल जमीन को लेकर नहीं था
20:18सवाल था क्या मंदिर पूरी तरह तयार है
20:44विपक्ष ने भी सवाल उठाए कहा गया कि अधूरे मंदिर का उद्गाटन राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है
20:54भगवान शिरी राम का राजनीति करण नहीं हो सकता
20:59भगवान शिरी राम के मंदिर को आप RSS BJP का इवेंट नहीं बना सकते
21:08हंगामे के बीच 22 जनवरी 2024 की तारीखागर वो दिन जिसकी प्रतीक्षा देश दुनिया में करोडों लोगों ने की थी
21:23मंदर मनवाया उसकी खुसी है हमको बहुत अच्छा मंदर है
21:30हम लोग सब महल में रहते हैं हमारा भगवान जुपटी में रहते हैं उसके आज महल मिल गया हम लोग
21:37के आज खुसी के लिए हमको आसू आ रहे हैं
21:40बड़ा मंदर बन रहा है वो देखके बहुत दिल खुश हो गया कि इतना बड़ा मंदर देखके राम मंदर बहुत
21:45अच्छा मन रहा है मुदी जी ने बहुत अच्छा काम कराया है
21:51राम लला अपने भव्य मंदर में विराजमान हुए सदियों की प्रतीक्षा पूरी हुई
22:03निर्मान कार्य पूरा होता गया लेकिन सवालों का सिलसिला यहीं हत्म नहीं हुआ
22:09श्री राम जन भूमी मंदर का जब निर्मान पूरा हो गया तो तारीख आई 14 अप्रेल 2025
22:18प्रिधानमंत्री नरेंद्र मूदी की ओर से मंदिर के शीर्ष पर ध्वज और कलश स्थापित किये गए
22:25लेकिन एक बार फिर इस महा आयूजन पर विवाध हो गया
22:36अब ट्रस्ट के सदस्यों की नियत घेरे में हैं सवाल फिर खड़े हैं अयोध्या फिर संगर्ष में
22:48जब से ये ट्रस्ट बना है ट्रस्ट ने जब से जमीन एक्वाइर की दो दो करोड की जमीन तेड़ घंटे
22:5545 मट के अंदर सेम डे और सेम गवाओं द्वारा 24-24 करोड में ट्रांसफर की गई है और ये
23:04पैसा कोई भारतियंदा पार्टी का नहीं था
23:05ये पैसा उन तमाम राम बक्तों का था जिनके जज़वाद थे कि भगवान प्रवुश्री राम का एक भविन मंदिर बने
23:12ये विवाद जो चड़हावा का शुरू हुआ
23:17उसका कितना आप प्रभाव इस समाज पर देख रहे हैं और उसका कितना प्रभाव आप सोचते हैं
23:26कि दूर किया जा सकता है समाज से लोगों की मन से वो अशंकाएं सारी निकाली जाती हैं जा सकती
23:32हैं
23:33महंजी अगर मैं आपसे शुरू करूँ
23:34भगवान राम लला और राम जन्मोट्सव, राम जन्मभूमी और ये मंदिर ये करोनों हिंदों की आस्था का विशे है और
23:43केवल और केवल किसी संस्था, किसी सामान ने विवस्था, किसी बिक्ती के आधार पर ना तो सरधा में कोई कमी
23:52हो सकती है और ना ही किसी भी इस्थित
23:58प्रमात्मा रागविन सरकार की भक्ती में कोई कमी आ सकती है।
24:06इन तमाम विवादों के बीच दो चीजें लगातार चलती रही।
24:10मंदिर का निर्वान और श्रधालूओं की आस्था हमेशा सवाल होते रहे।
24:15लेकिन भक्तों के लिए सवालों के बीच भी रामलला वहीं थे।
24:19उसी अयोध्या में, उसी मंदिर में, उसी आस्था के केंद्र में।
24:24अयोध्या की कहानी सिर्फ विवादों की कहानी नहीं है।
24:27ये उस विश्वास की कहानी है जो हर सवाल के बाद और मजबूत होता गया
24:32भक्तों के लिए राम मंदिर सिर्फ पत्थरों से बना धांचा नहीं है
24:36ये सदियों की प्रतीक्षा का उत्तर है
24:43अयोध्या का पौराने के तिहास रहा है कि अयोध्या को कोई कभी साध नहीं पाया
24:48भगवान राम के पूर्वज राजा सगर ने अपने पुत्र को अयोध्या सौपनी चाही
24:53तो विधी का विधान ऐसा बना कि उनके पुत्र को राज्य ही छोड़ना पड़ा
24:57राजा सगर के पोत्र भगीरत गंगा को घरती पर लाने में जुटे रहे और अयोध्या मंत्रियों ने समहा ली भगवान
25:06राम की जगे भरत राजा बने तो यही अयोध्या उठकर बनवासी राम के पीछे चल दी और जब भगवान राम
25:13ने संसार छोड़ा तो उन्होंने अप
25:27का शासक कभी कोई नहीं बन पाता जिसमें एहंकार आता है अयोध्या उसे नकार देती है लेकिन जो श्रद्धा से
25:34आता है अयोध्या उसी की हो जाती
25:47विकास भले सरकार करें निर्णयों में भागिदार भले ट्रस्ट या प्रबंध समितियां रहें व्यवस्था भले अधिकारी देखें लेकिन अयोध्या में
25:55सब सेवक है श्री राम लल्ला के यहां के स्वामी सिर्फ और सिर्फ श्री राम लल्ला है
26:03अयोध्या की गटना निश्चित ही हम सब की आस्ता हम जैसे राम भक्तों की आस्ता को आहत करती है ट्रस्ट
26:12ने अन्रोथ किया गौर्मेंट ने उसके साइटी गठित की
26:15साइटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कारवाई भी सुरूकी जो छे लोग बीज्वल में चोरी करते हुए पकड़े गए
26:24उनकी गरफतारी भी जो उनमें सयोग कर रहे थे उनकी गरफतारी भी और गरफतारी होने के साथ ही नैतिक आधार
26:33पर भी दो इस्तिपे और हु
26:38चड़ावे की राशे में अनियमित्ता की आरोप लगे तो समाधान के रास्ते भी तुरंत खोजे गए
26:43भक्तों की आस्था अखंडित रहे इसके लिए अब नई व्यवस्था में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी
26:49देश भर से लोगों ने आवेदन किये
26:52एक मुख्य कारेपालक अधिकारी CEO की नियुक्ति का काम उसको सौपाए
27:00तो प्रफेशनली मैनेज होना योग्य व्यक्तिने CEO होना
27:07प्रोसीजर्स तै होना जो सुरक्षा के लिए एक्विप्मेंट्स और गैजेट्स हैं वो होना
27:14इन सब कामों को वो आगे करेंगे
27:19जो करोडों श्रधालूओं के चड़ावे की वित्तिय देखरेख कर सके
27:24वो बनेगा नया CEO
27:26जो मंदिर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेच सके वो बनेगा CEO
27:32जो वर्तमान के विवाद की भविष्य में पुनरा वृत्ति न होने दे वो बनेगा CEO
27:38जो कि उनका नाम ही चीप एक्जिक्टिव आफिसर है मुख्य प्रबंदक अधिकारी होंगे
27:43तो वह ट्रस्ट के अधिन प्रबंदन का कारे देखेंगे और यह तो ट्रस्ट पर निर्भर करेगा कि वह किस प्रकार
27:54का
27:54delegation CEO को करते हैं और जैसा delegation करेंगे वैसा ही फिर CEO जो है वो अपना स्टाफ वहाँ पर
28:05व्यवस्था की करेंगे
28:06लेकिन सब कुछ ट्रस्ट के अधिन है भगवान राम निश्पक्षता न्याय और कर्तव्य के प्रतीक हैं वो धर्म त्याग और
28:16समरस्ता के ध्वजवाहत मर्यादा पुरुशोत्तम है
28:18वो असत्य पर सत्य की विजय के मानक है अयोध्या उनकी है जो कभी हार नहीं सकती है
28:28अयोध्या ने कई राजनीतिक युग बनाए और अयोध्या ही राजनीतिक भ्रम भी तोड़ सकती है
28:34अयोध्या के बारे में कभी प्रचलित था कि अयोध्या सकता छीन लेती है
28:39दशकों तक ये धारणा बनी रही लेकिन फिर मुद्दों के केंद्र में अयोध्या हमेशा रही
28:47लाजग्या बनाए बनाए लाजग्या स्थमाटा के वल्या के राजनीतिक राजनीतिक बनाए तक में लाजग्यामिवां
28:54ऐसे अरलताओेशा के अर रही है
29:01अर पिंदित्सकारणा झालतादानीतिक भिए incorporanी प्रेकों..
29:13इ dłंडतानीतिक फिके फिवचक भाजब कि अ wilderness
29:15अयोध्या धार्मिक नगरी है
29:17श्री रामलला का जन्मस्थान है लेकिन यहीं अयोध्या हर युग में नीती-अनीती और राजनीती की दिशा भी तैक करती
29:24आई है
29:24दशकों, शताप्तियों पहले भी अयोध्या देश की नीती निर्धारक थी आज भी है
29:36विशेश तौर पर 90 के दशक में प्रदेश हो या देश राजनीती अयोध्या से ही शुरू होती थी
29:43तब मंदिर के नाम पर सियासी तूफान उठते थी
29:47अब जब कि श्री रामलला का मंदिर बन गया तब भी प्रदेश और देश की राजनीती आज भी अयोध्या से
29:53ही शुरू होती है
29:55जिन लोगों ने अयोध्या मैं राम भक्तों पर गोलिया चलाई वे आज आस्ता की बात करते हैं
30:06जिन लोगों ने हर इस्तिती में राम मंदिर का निर्मार नहों उस मुद्धे पर हर प्रकार से बाधा और बैरियर
30:19लगाने के प्रियास की
30:21अपने अधिवक्ता खड़े की राम मंदिर के विरोत में आज वे आस्ता की बात कर रहे हैं
30:26अयोध्या ने जनमत के आदेश दिये जनादेश की भूमिकाई लिखी विधान सभाओं से लेकर संसद तक अयोध्या का विमर्ष गूंजा
30:36लेकिन हर बार अयोध्या ने एक संदेश स्पष्ट दिया
30:39उसके नाम पर राजनीती अस्थाई है लेकिन श्रद्धा और श्री राम लल्ला में विश्वास स्थाई
30:44अयोध्या से संबंधित फैजाबाद की एक सीट की हार जीत संसद का तापमान बढ़ा देती
30:50अयोध्या से जुड़ी मिल्कीपूर विधान सभा का उपचुनाव राष्ट्रिय सुर्खिया पाता है
30:55कारण सिर्फ ये है कि केंद्र में अयोध्या है और अयोध्या के केंद्र में देश की राजनीती
31:00कि यह वही लोग हैं जिनोंने प्रभु श्री राम के होने के अस्त्र पर सवाल उठाया था सुप्रीन कोट में
31:09हल्फ नामा दायर किया था कि प्रभु श्री राम एक काल्पनिक चीज हैं यह वही लोग हैं जिनोंने कार सेवकों
31:18पे गोलियां चलाई थी और खून की नदियां
31:21बही थी इसी अयोध्या के पवित्र नगरी पर आज वो बात करते हैं आस्था की बात करते हैं और ये
31:29घरियाली आसु बहने वाले लोग कभी हिंदु धन की आस्था के पर बात उठाई नहीं सकते
31:35उत्तर प्रदेश का 2027 का चुनाव हो या देश का 2029 का चुनाव केंद्र में फिर से अयोध्या है
31:44अयोध्या एक और राजनीतिक युद्ध की साक्षी बनने वाली है लेकिन अयोध्या ने कब सियासी पेंतरों से हार मानी है
31:51वो उभर कराती है, निखर कराती है, करोडों लोगों का विश्वास अयोध्या को हारने नहीं देता
32:02अयुद्या पर करोणों लोगों का विश्वास किसी व्यक्ति, संस्था या पद के कारण नहीं है
32:07बल्कि ये सीधे श्री राम लला पर विश्वास से जुड़ा है
32:11श्रधालों का सवाल व्यवस्था पर है
32:15लेकिन श्री राम को लेकर कोई संदेह नहीं
32:33राम नाम का दीप जब जलता है तो केवल एक लौ नहीं जलती
32:37करोडों लोगों की आस्था प्रकाशित हो उठती है
32:40राम नाम का दीप जब जलता है तो मिट्डी का दीपक भी दिव्यता का प्रतीक बन जाता है
32:46और उसकी लौ में युगों की आस्था जिल मिलाने लगती है
32:56यही है अयोध्या यही उसका अध्यात्म और यही उसके दीपोट्सव का महत्व
33:02एक समय था जब आयोध्या की पहचान सिर्फ एक प्राचीन धार्मिक नगरी के रूप में थी
33:11श्रद्धालू यहां आते जरूर थे लेकिन सीमित सुविधाएं थी, संकरी गलियां थी, कम विकसित पर्यटन इसकी क्षमता के साथ न्याय
33:19नहीं करता था
33:24लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है भव्य श्री राम मंदिर, चौड़ी और आधुनिक सडकें, नया अंतरराश्ट्री हवाई अड़ा,
33:34रेलवे स्टेशन, घाटों का सौंदरी करण, पहतर याता यात व्यवस्था और तीर्थ यात्रियों के लिए विकसित
33:42सुविधाओं ने अयोध्या को विश्वस्तरिय बना दिया है।
34:12अयोध्या इतिहास को हर वर्ष निरंतर जीती है।
34:43अधिया है, अकलपनी है, अभी स्वसनी है। ऐसा दीप उस्थो कहीं भी नहीं होगा पूरे, आपके बिदेश में भी ऐसा
34:52दीप उस्थो नहीं होगा।
35:06जब जब दीपोत्सव की रात अयोध्या पर उतरी, तब तब ये नगरी केवल रोश्नी से नहीं, बलकि आस्था, इतिहास और
35:13अध्यात्म से चमकी है।
35:14सर्यू के तट पर सजे लाखों दीप, राम की पैड़ी की सीडियों पर जिल मिलाती लौ। मंदिरों से उठती घंटियों
35:22की ध्वनी मिलकर ऐसी तस्वीर पैदा करते हैं, जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं।
35:32यह दीप केवल दीप नहीं है। यह दीप पांसो वर्सों के अंदकार में पांदकार पर आस्ता के विजय के प्रतीक
35:47भी हैं।
35:49पांसो वर्सों में किस प्रकार के अपमान को जेलना पड़ा था और किस प्रकार के संघर्सों से हमारे पूर्वज जूजे
35:58थे यह दीप उसी के प्रतीक स्वरूप हैं।
36:05भारत में दीपावली हर घर में मनाई जाती हैं। लेकिन दीपोच्षव केवल अयोध्या में अपने पूर्ण आध्यात्मिक स्वरूप में दिखाई
36:14देता है।
36:15श्री राम मर्यादा, सत्य, न्याय, करुणा और आदर्श शासन के प्रतीक हैं।
36:20इसलिए अयोध्या में जलने वाला प्रतीक दीप सिर्फ मिट्टी का दीपक नहीं होता, बलकि वो राम के आदर्शों का प्रतीक
36:27बन जाता है।
36:32हर साल अयोध्या ने दीपोट्सव के नए नए रिकॉर्ड बनाये हैं।
36:392017 में दीपावली पर सर्यू के तक पर लगभग 1,70,000 दीप जलाए गए थे।
36:472022 में लगभग 15,76,000 दीप जलाकर अयोध्या ने नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
36:532023 में ये संख्या 22,000,000 से अधिक हो गई।
36:5824 का दीपोट्सव अपने आप में एतिहासिक था।
37:02राम की पेडी सहिट 56 घाटू पर फुल 26,17,215 दीप प्रज्वलित किये गए।
37:08इसी अवसर पर 2,128 लोगों द्वारा एक साथ सर्यू आरती का भी विश्वर रिकॉर्ड बनाया गया।
37:2210,000 से अधिक छात्र छात्राएं, वॉलेंटियर्स और कई विभागों के कर्मचारी कई दिनों तक लगातार मेहनत करके लाखों दीपों
37:30को सजाते हैं।
37:32हर दीप में तेल भरना, बाती लगाना, समय पर उसे प्रज्वलित करना और पूरी व्यवस्था को ठीक रखना अपने आप
37:38में एक बड़ी चुनोती होता है।
37:41जब रात के समय सर्यू के तट पर एक साथ लाखों दीप जल उठते हैं, तब ऐसा प्रतीत होता है
37:47मानू अयोध्या ने तारों की चादर ओड़ ली हो।
37:55हम सब के संकल्प का प्रतीक है। एक नब्य और दिव्य अयोध्या के प्रता प्रतीक है।
38:05मर्यादा प्रसुत्तम भक्वान सीराम की मर्यादा भी है और दीप की दया भी है।
38:1922 जनवरी 2024 को श्री राम लला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्था के बाद दीप उच्छव का महत्व और
38:26भी बढ़ गया है।
38:28अभ्या अयोजन कीवल राम जी के अयोध्या लोटने की स्पृती में नहीं रह गया, बलकि राम लला के अपने दिव्य
38:35धाम में विराजमान होने के उच्छव का भी प्रतीक बन चुका है।
38:47मंदिर निर्मान का कार्या अब अपने अंतिम चरण के अंतिम सोपान पर है।
38:51सद्यों की प्रतीक्षा के बाद मंदिर की ध्वज पता का फैरा रही है।
38:55राजनीतिक तूफानों और विवादों की लंबी शेंखला का इतिहास अतीत होने को है।
39:00अयोध्या का गौरव अयोध्या हासिल कर चुकी है।
39:15यह वही अयोध्या है जहां कभी राम लला के दर्शन के लिए लंबा इंतजार था।
39:20आज वही अयोध्या एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
39:28राम मंदिर बना। राम लला विराजमान हुए और अब पूरी अयोध्या बदल रही है।
39:34अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं रही। यह आस्था का केंद्र है।
39:38यह विरासत की नगरी है और अब आधुनिक विकास का नया मॉडल भी बन रही है।
39:4622 जनवरी 2024 को राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए।
39:52इसके बाद अयोध्या में विकास की रफ्तार और तेज हुए।
39:55सडकों से लेकर घाटों तक, रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट तक, शहर की गलियों से लेकर नए टाउन्शिप तक अयोध्या
40:03का चेहरा लगातार बदल रहा है।
40:08आज अयोध्या नगरी एक बार फिर वैसा ही एक उदाहरण समूचे विश्व को देने के लिए तैयार है।
40:24अगर नगरी का किया जा रहा है कि लोग संतुष्क स्वैम को महसूस करते हैं तो ये एक बहुत बड़ी
40:31चीज हो जाती है।
40:32लेकिन अयोध्या नगरी आज अपने पुराने वैभव को त्रेता युग के प्रतीक्षा की बात तो सब करते हैं।
40:38दीपावली का त्योहार उसी याद में उसी सोच के साथ हर बार मना लिया जाता है।
40:44लेकिन अगर सचमुच में उस तरह की तस्वीर और त्रेता युग का वैसा वैसी जो एक तरह से कहें उपलबदी
40:51और वैसा रुत्मा अगर इस नगरी को हासिल हो जाता है।
40:55तो इससे बढ़कर अयुध्या वासियों के लिए क्या हो सकता है।
41:25तयार किया जा रहा है।
41:55अगरी हिंदू जाता है।
41:58अयुध्या का वैक्ति देश के अंदर जाता है।
42:02दुनिया के अंदर जाता है।
42:05अयुध्या का नाम यूपी का कोई नागरिक ले लेता है।
42:09या भारत का कोई नागरिक दुनिया की किसी देश में जाके अयुध्या का नाम लेता है।
42:13तो सामने वाले ब्यक्ति के चेरे पर चमक आकर के खुसी होती है।
42:17कि वाह भग्वान राम की पावन जन्म होमी से जुड़ेवे लोग है।
42:26लेकिन अयुध्या के विकास की सबसे बड़ी तस्वीर महा योजना दो हजार इकतीस में दिखाई देती है।
42:33दो हजार इकतीस तक 23,623.5 हेक्टेर इलाके को विक्सित करने की योजना है।
42:41करीब 45 प्रतिशत जमीन पर आवासिय विकास होगा।
42:45अनुमान है कि दो हजार इकतीस तक अयुध्या की आवादी करीब 24 लाख तक पहुँच सकती है।
42:51सरकार का मकसद है बढ़ती आवादी को विवस्थित तरीके से बसाना।
42:56नई अयुध्या को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना।
42:59और धार्मिक नगरी के साथ एक सुन्योजित शेहर का विकास करना।
43:04राम मंदिर बनने के बाद अयुध्या में श्रद्धालू की संख्या में अभूत पूर्व बढ़ूतरी हुई है।
43:1122 जन्वरी 2024 के बाद से अब तक 30 करोड से ज्यादा श्रद्धालू आ चुके हैं।
43:20आज हमारा जीवन धन्य हो गया है, जो कि हम स्री राम चंद्री जी के चरणों में आज उनके दर्शन
43:26करने आए, बोलो राम लला की।
43:30पिछली बार आया था तो बहुत कष्ट हुआ था मुझे देखके राम लला को ऐसे बड़ इस बार जब मैं
43:34आया हूँ तो मुझे बहुत खुशी हो रही है मंदर देखके।
43:59केंद्र बनाने की तैयारी है। अयोध्या अब सिर्फ दर्शन की जगह नहीं। ये एक ऐसा शहर बन रहा है जहां
44:06आस्था है, विरासत है, पर्यटन है, व्यापार है।
44:29इन समय के साथ जवाब भी अयोध्या ही देगी।
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