00:10बिहार में बाड की दस्तक के साथ ही दर्भंगा के कुसे स्वर अस्थान में हतोडों की आवाज तेज हो गई
00:17है
00:17क्योंकि यहां बाड सिर्फ पानी नहीं लाती बलकि पूरी जिन्दगी को नाव के भरों से छोड़ जाती है
00:23हर रास्ता नाव से होकर गुजरता है ऐसे में गाओं के बढ़ई बाड आने के दो-तीन महीने पहले से
00:30दिन रात नाव बनाने में जुट जाते हैं
00:33क्योंकि उन्हें पता है कि कुछ ही दिनों में यही नाव हजारों लोगों की लाइफ लाइफ लाइन बनेगी
00:39I don't know how to do it I don't know I don't know I don't know
01:25ुष्युवा, पुर्षवर अस्थान के इटहर, उसरी, उज्वा, सिमटोका और तिलकेशवर जैसे गाउं में नाव कोई सौक नहीं, लोगों की जरूरत
01:33है।
01:34यहाँ प्रसोपीडिता को अस्पताल पहुचाना हो, बच्चों को इस्कूल भेजना हो, बाजार जाना हो या किसी का अंतिम संसकार करना
01:42हो, हर सफर नाव से तै होता है
01:45यहाँ तक की शादी में बारात और दुलहन की विदाई भी नाव के सहारे होती है
01:50बाड से कुसेसवर अस्थान के इलाके घिरने भी सुरू हो गये है
02:20foreign
02:51अलाकि जीला प्रसासन दावा कर रहा है कि इस बार तयारियां पूरी है
02:55186 नावे नावीकों के साथ तयार रखी गई है
02:58512 रहत सिवीर और 621 समुदाई किचन के लिए अस्थान चिनित किये जा चुके हैं
03:05तटबंधों की निग्रानी भी लगतार की जा रही है
03:32यहां के लोगों की सबसे बड़ी सिकायत यह है
03:35कि हर साल राहत मिलती है समधान नहीं
03:37बार आती है लोग तटबंध पर पहुचते हैं
03:41फिर पानी उतरने के बाद उसी जगत दोबारा घर बनाते हैं
03:44यही सिल्सिला वर्सों से चलता आ रहा है
03:48बार का इस्तिती तो हमेशा से खराब रहा है हमारे श्यत्र का
03:51और भ्यावा इस्तिती रहा है बहुत सारा पडिवार का आवागमन बाधित रहा है विस्ताफोर करके लोग उचे अस्थान पर गये
03:59हैं
04:00तो बार एक ऐसी चीज है खास करके कुशेसवर अस्थान जमालपूर की रितपूर साइट का जो कोशी कजल अस्थर बढ़ता
04:08है
04:09तो वहाँ की इस्तिती ऐसी हो जाती है कि जैसे क्यामत आ गया
04:13क्यामत सा इस्तिती होता है उचेत के लोगों के लिए और जब लोग बाढ़ का सुनते हैं तो रोख आप
04:19जाता है
04:20तो आज भी इस्तिती वहाँ की वैसी की वैसे ही बनी भी है जिसके लिए अस्थाई समधान की जरुवत है
04:27दर्भंगा का कुशेश्व रस्थान बाढ़ के समय बिहार के संवेदन सील इलाकों में से एक है
04:32हर साल लोगों को ऐसे हालातों का सामना करना पड़ता है
04:35ऐसे में देखना ये है कि यहां के लोगों को कब तक नाव के सहारे निर्भर रहना पड़ता है
04:41ETV भारत के लिए दर्भंगा से वरुन ठाकुर की रिपोर्ट
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