00:00Namaskar!
00:01You are watching Indian Bhakti Dharah.
00:03Here we represent the Bhagavan Shri Krishna's dreams of the world
00:06and we bazen to join in thehistory languages.
00:11So we don't need tooint our own world for all.
00:15We don't have a knowledge of all these days on our lives.
00:17We don't have an understanding of our story.
00:17This is a matter of the book of Shri Krishna's.
00:19Shri Krishna's title is the first one of the First Things of Shri Krishna's.
00:23First, the fact that you believe is the Department of Shri Krishna.
00:58।
00:59उसने परिवार को समय देना छोड़ दिया, छुटिया रद कर दी, रात राद भर काम किया, फिर भी उसे लगा
01:07कि वो वही का वही खड़ा है, ठक कर वो रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बैट कया, उसने आसमान की
01:14ओर देखा और धीरे से कहा,
01:16हे कृष्ण, क्या मेरी मेहनत में कमी है, या मेरी किस्मत ही खराब है, तभी हवा में बासुरी की मधुर
01:23धुन गूंज उठी, अर्जुन ने देखा, सामने भगवान श्री कृष्ण मुस्कुराते हुए खड़े थे, वे उसके पास बैट गए और
01:31बोले,
01:32अर्जुन, एक प्रश्ण का उत्तर दो, यदि कोई व्यक्ति दिल्ली जाना चाहता हो, लेकिन गलती से मुंबई जाने वाली ट्रेन
01:40में बैट जाए, तो क्या पूरी राद जाग कर मेहनत करने से वह दिल्ली पहुँच जाएगा?
01:45अर्जुन तुरंद बोला, नहीं प्रभू, क्योंकि ट्रेन ही गलत है, क्रिश्न मुस्कुराए, यही बात अधिकांश लोग अपने जीवन में नहीं
01:55समझ पाते, वे मेहनत बहुत करते हैं, लेकिन पहले ये नहीं देखते कि वे जिस दिशा में जा रहे हैं,
02:02क्या वही उन
02:15इसलिए चुना, क्योंकि परिवार चाहता था, किसी ने नौकरी इसलिए नहीं छोड़ी, क्योंकि समाज क्या कहेगा, किसी ने अपने सपनों
02:24को केवल एक सुरक्षित वेतन के बदले बंद कर दिया, याद रखो अर्जुन, गलत ट्रेन में बैठ कर तेज दौडने
02:32का कोई
02:32लाब नहीं होता, मन्जिल फिर भी गलत ही होगी, अर्जुन ने पूछा, प्रभू, फिर सही रास्ता कैसे पहचानू, क्रिश्न बोले,
02:41अपने आप से केवल तीन प्रश्न पूछो, क्या ये काम मुझे भीतर से खुशी देता है, क्या इससे किसी और
02:48का जीवन बहतर बनता
02:49और यदि कुछ समय धन न मिले, तो क्या मैं फिर भी ये काम करना चाहूंगा, यदि इन तीनों का
02:55उत्तर हार, तो समझो तुम सही ट्रेन में बैठे हो, लेकिन यदि हर सुबह काम पर जाने से पहले ही
03:02मन थक जाए, तो समस्या मेहनत की नहीं, दिशा की है, अर्जुन ने फ
03:19कफल हो जाओगे, तब भी लोग बाते करेंगे, इसलिए अपना जीवन लोगों की आवाज से नहीं, अपने अंतरमन की आवाज
03:27से चलाओ, याद रखो, गलत त्रेन से जितनी जल्दी उत्रोगे, सही मन्जिल उतनी जल्दी मिलेगी, इतना कहकर भगवान श्री कृष्ण
03:37�
03:37अद्रिश्य हो गए, लेकिन उनकी बात अर्जुन के मन में हमेशा के लिए बस गई, उसकी नौकरी नहीं बदली, लेकिन
03:45उसकी सोच बदल गई, और जब सोच बदल जाती है, तो जीवन बदलने में देर नहीं लगती, यदि आज आज
03:52आपको भी लगता है कि आप बहुत म
04:06कमेंट में राधे राधे अवश्य लिखें, इस विडियो को उन लोगों तक जरूर पहुचाईए, जो जीवन में बहुत तेज दौड
04:14रहे हैं, लेकिन शायद गलत दिशा में, ऐसी ही प्रेणा दायक श्री कृष्ण की जीवन शिक्षाओं और सनातन ज्यान से
04:22जुडने क
04:22के लिए इंडियम भक्ती धारा को सब्सक्राइब करें, राधे राधे
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