00:00हेदराबाद की स्काई रूट एरो स्पेस भारत का पहला प्राइविट और्बिटल रॉकिट विक्रम वन्च लाउंच करेगी
00:06कमपनी ने साल दो हजार बाइस में विक्रम एस सब और्बिटल रॉकिट लाउंच किया था
00:12जो 985 किलो मीटर की उचाई तक गया था अब विक्रम वन्च लाउंच किलो मीटर की प्रत्वी की निचली कक्षा
00:20तक जाएगा
00:21इस लाउंचिंग को मिशन आगमन नाम दिया गया है इसके तहट विक्रम वन्च रॉकिट अपने साथ टेक्नलोजी से लेकर कला
00:29से जड़े पेलोड्स अंतरिक्ष में ले जाएगा
00:46तो श्री हली को टासे से लाउंच किया जाएगा और अफ़े कुछी देरवाद भारत की एक बड़ी उडांग देखने को
00:52मिलेगी निच्जी स्पेस ट्रेक्टर में ये बड़ी चलांग कही जाएगी
00:56और मिशन आगमन इसका नाम रखा गिया है पहला और्बिटरल रॉकेट विक्रम वन
01:06देखें से पहले नवासी दिश्रिल अपाज किलोमीटर की उचाई पर गया था और इस बार साड़े चार सो किलोमीटर बताया
01:12जा रहा है
01:13शिवानी हमारे सायोगी हमारे साथ जड़ी हुई है शिवानी भारत की एक और बड़ी उड़ांग
01:21बहुत बड़ा दिन है आज भारत के स्टेस सेक्टर के लिए क्योंकि यह पहला निजी कंपनी द्वारा बनाया गया और्बिटल
01:28रॉकेट है विक्रम वन इसका दाम है और अफसे कुछी मिनिट की देरी पर यह लाँच के लिए दुल तैयार
01:34है
01:35लोवर और अर्थ और्बिट इसे कहा जाता है यानि शार्ट सो किलोमेटर की वो दूरी होगी अर्थ सर्फिस से जहां
01:40तक यह रॉकेट जाएगा इसके अंदर जो पेलोड है उनको वहां पर प्लेस करके यह सेपरेट हो जाएगा यह अलग
01:48अलग चार चरड़ों में होता है
01:50लेकिन एहम बात यह है कि अब तक कही दशकों से हमने देखा लगबग्च है दशक से सरकारी एजंसियां है
01:56इस रोग है वो बहुत सारे जो सैटलाइट से रॉकेट से उनको लाँज करती है कि पहली बार अर्थ की
02:03ओर्बिट में इस तरह से एक निजी कंपनी द्वारा बना
02:20पूरी बुनिया के लिए खोला जारा है माना के विकास के लिए इस तरह का ये मिशन है बेहत खास
02:26है प्रदानमंती नारेंद्र मोदी ने एस वहिकल का लाँच किया था था था जो हैडराबाद कैंपन से स्कायरूट का वहां
02:33पर और अब ये पूरी तरह से मिशन रेडी है �
02:36दो हजार बाइस पे ऐसा ही एक वहिकल भेजा गया का स्कायरूट वारा उसका सब ऑबिटल लाँच था यानि कि
02:43और बिट से पहले और अब ये और बिट जाने के लिए तैयार है लेहाजा स्टेप बाइस्टेप भारत की जो
02:49स्पेस इंडस्री है वो आगे बढ़ रही है औ
02:51और इसमें छे अलग-अलग पेलोड रखे गए हैं ट्रिब्यूट के तौर पर इसमें सतीष धवन सीवी रमान अब्लकलाम की
02:58छोटी-छोटी आकरतियां है जो सोने से बनी हुई है हीरे इसमें बेजे जा रहे हैं स्पेस में तो एक
03:03ट्रिब्यूट भी बना जा रहा है भार
03:16प्रिब्यूट के यंग साइंटिस्स द्वारा बनाए गए ये कंपनी अब एक नया रिकॉर्ड एक नया कीरतिमान गड़ रही है
03:24बिल्कुल इसे का जा सकता है कि एक नया कीरतिमान गड़ा जा रहा है और आपसे कोछी देर में तत्वी
03:29की कख्षा तक सफर किया जाएगा जो की साड़े चार सो किलो मीटर का बताया जा रहा है
03:34भारत का पहला प्राइविट और्विटर रॉकेट विक्रम वन है जिसकी बॉड़ी कार्बन कंपोजिट माटेरियल से बनी हुई है
03:43और तीन सो पचास किलोग्राम का पेलोड ये बताया जा रहा है इसका और इंजन 3D प्रिंटेड इंजन इसका होने
03:52जा रहा है
03:53और इस पूरे मिशन के नाम आगबन रखा गया है
03:57कितना वक्त और शिवानी अभी लग सकता है किर इस बारे मैं और जान के रहे हैं अभी तक मिल
04:01पाई हो तो
04:03इमान से देखिए साड़े ग्यारा बज़े का वक्त रख गया था
04:07यानि कि अपसे एक मिनिट बाद ये लॉण शुरू होगा उसके पहने तमाम टेस्ट होते हैं कई फेजिज में वो
04:12लगातार चल रहे थे
04:13काई दिनों से हमने भी श्रीह रिपोर्टा टेक एक्स्क्लूसिव रिपोर्ट की थी उस वक्त भी हम देख रहे थी कि
04:18इंजिनियर्स इस पे काम करे थे और अब से कुछी सेकंड ज़े क्यारा बजने वाले हैं एक लाइव ट्रांसमिशन हम
04:24देख रहे हैं जहां पर उल्टी
04:41और भी श्रीह रिपोर्ट आपके दिखाते हैं श्रीह रिकोर्टा से इससे पहले तमाम साटलाइट और स्पेस मिशन्स लाँच किये गए
04:59हैं लेकिन विक्रम वन बेहत खास इसलिए है क्योंकि इसे निजी स्पेस कंपनी ने बनाया है
05:05स्काइरूट जो इसरो के साइंटिस द्वारा बनाई गई एक कंपनी है 2018 में इसकी स्थापना हुई
05:132020 में जब सरकार ने स्पेस को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला उसके बाद लगातार उस पर काम तेज हो
05:20गया
05:20आप मेरे पीचे देख सकते हैं विक्रम 1 को यहां लाँच पैट पर रखा गया है और यह साथ माले
05:27का एक रॉकेट है जो 350 किलोग्राम का पेलोड लेकर
05:31मिशन आगमन के तौर पर जाएगा आगमन यानि कि किस तरह से स्पेस इंडस्ट्री आ रही है और प्राइवेट सेक्टर
05:41के लिए संभावनाएं खुल रही है यह इसको दर्शाता है
05:45खास बात यह है कि साड़े 400 किलोमीटर की दूरी पर यानि कि लोवर अर्थ आउबिट पर विक्रम वन पहुंचेगा
05:52और यह पहली बार होगी कि जब कोई गैर सरकारी कमपनी यहां पर एक आउबिटल रॉकेट को लॉंच कर रही
06:00है
06:00यानि संभावनाओं के साथ साथ अंतिरिक्ष विज्ञान को लेकर यह एक बेहत बड़ी पहल है और 2020 के बाद जो
06:08शुरुआत सरकार की द्वारा की गई यह उसके लिए एक बड़ी उपलब धिमाना जा रहा है
06:21तो देखिए वो वक्त आगया है जब विक्रम वन रॉकेट को लॉंच किया जाएगा अंदरप्रदेश के श्री हरी कोटा से
06:28तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं
06:29अपसे कुछी देर में किसी भी पल इस रॉकेट को लॉंच किया जा सकता है
06:35एतिहासी कुडान कई जा रही देखिए जैसा अभी शिवानी भी बता रही थी कि पहला अपने पहले सफल मिशन मिशन
06:41आगमन में इसने चार सो पचास किलो मीटर की उचाईव पर ग्रोहों को थापित किया जो खास बात इसकी हम
06:48आपको बता रहे हैं
06:50और शिवानी हमारे साही होगे हमारे साथ जड़े होई है शिवानी आप मौके पर पहुचे थी आपने रिपोर्ट पर तयार
06:58किया और क्या है जो विक्रम वन को खास बनाता है
07:05अपयुकूशरी को शीए ट्रश्टी को प्राइबटाइज किया गया इन स्पेस जो है इननाचल से ऑटराइजाशन सेंटर और इस तरो इनकी
07:22मदद इस तरह के जो कंपनीज है
07:24उनको मौका दिया जा रहा है कि आप स्पेस सेक्षर में काम कीजिए और
07:29स्काइरूट में इसी तरह का काम किया दोहजार अचारा में इसकी साफना हो वे थी
07:40अचारा में इसकी साफना है यहां पर आप देख सकते हैं यह जो फॉर्स्ट लॉंस्टाइड कि इसको रखा गया है
07:50और लगातार एक हजार लोगों ने कई महीने तक इस पर काम किया है
07:56इसके क्राइजनिक एंजन्स है पूरी तरह से काबन एमिशन वाले इंजन्स है और 3D प्रिंटेड इंजन्स है पूरी कोशिश की
08:03गई है कि इसको खास बनाया जाए और आप देके सीडी तस्वीरे यहां पर दिखाई रहे हैं आप श्री हरी
08:10कोटा से जो तस्वीरे देख र
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