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भारत सरकार ने Semiconductor Mission 2.0 के तहत ₹1.27 लाख करोड़ के मेगा प्लान को मंजूरी देकर देश के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई रफ्तार देने की तैयारी की है। इस वीडियो में जानिए इस मिशन का उद्देश्य क्या है, किन सेक्टरों और कंपनियों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है, और निवेशकों के लिए कौन-से 10 संभावित स्टॉक्स चर्चा में हैं। साथ ही समझेंगे कि यह योजना भारत को ग्लोबल चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में कैसे मदद कर सकती है। निवेश से पहले पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक देखें।

The Indian government has announced Semiconductor Mission 2.0, a massive ₹1.27 lakh crore initiative aimed at strengthening the country's semiconductor and electronics manufacturing ecosystem. In this video, we explain what the mission includes, which sectors are expected to benefit the most, and the 10 companies/stocks that could gain from this policy. We also discuss how this initiative could boost India's position in the global chip manufacturing industry and what it may mean for long-term investors. Watch the full video for a complete analysis and key insights. This video is for educational and informational purposes only and is not investment advice.

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Transcript
00:02क्या भारत दुनिया का अगला स्टेमी कंड़क्टर हब बनने जा रहा है क्या आने वाले कुछ बर्षों में भारत भी
00:09चिप मैनुफेक्चरिंग के शेतर में अमेरिका ताइवान दक्षिन कोरिया और चीन जैसे देशों कुछ चुनोती दे पाएगा और सबसे बड़ा
00:16सवाल
00:17यह कि क्या केंद सरकार के 1.27 लाग करोर के इंडिया सेमी कंड़क्टर मीशन 2.0 से भारतिये शेयर
00:24वाजार में एक नया निविश का थीन तयार हो सकता है इसके साथ ही एक और बड़ा सवाल की सरकार
00:29के इस मेगा प्लान से किन किन कंपनियों को फायदा होगा तो चलिए इस �
00:34में 10 ऐसे कंपनियों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं जिसको सरकार के इस स्कीम से सीधा फायदा
00:40मिल सकता है आज के समय में सेमी कंड़क्टर को आधनिक दुनिया का ब्रेन कहा जाता है स्मार्टफोन, लैप्टॉप, इलेक्ट्रिक
00:46वीकल, आर्टिफिसियल इंटेलि
01:01और टेकनोलोजी कंपनियों का उत्पादन बूरी तरह प्रभावित हुआ था इसी अनुभाव के बाद दुनिया के कई देश अपनी घरेलू
01:09चिप इंडश्ट्री को मजबूत बनाने में जूट गए हैं और अब भारत भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है
01:14के इंदर सर
01:27बिचाइन करने वाली कंपनियां मशीन बनाने वाली कंपनियां, पैकेजिंग, टेस्टिंग, यूनिट्स, रिसर्च, संस्थान और हाई टेक मैनुफेक्टिरिंग से जुड़ी पूरी
01:38सप्लाइचेन ब्हारत विक्सीत हो सके अगर यह योजना सफल होती है तो आने वाले �
01:43वर्षों में भारत बैश्विक सेमी कंड़क्टर इंड़स्ट्री का एक महत्पून के अंदर बन सकता है इस बड़े मिशन का फायदा
01:50किन कंपनियों को हो सकता है इस पर बाजार की नजरेटी की हुई है सबसे पहले बात करें टाटा गुरूप
01:55की तो समूह की पहली सेमी कंड
02:12सेमी कंड़क्टर मैनुफेक्टरिंग में अपनी मौजूदा इस्थिती मजबूत कर रही है कंपनी की चिप मैनुफेक्टरिंग योजनाओ को ISM 2.1
02:20से अतरिक्त प्रोचसाहन मिल सकता है इसके बाद है कैन्स टेक्नोलोजी या पहले से इलेक्ट्रोनिक्स मैनुफेक्टरि
02:33सरकार की नई निती में एडवांस पैकेजिंग और रोसेट सुविधाओं पर विशेश जोर दिया गया है जिससे कंपनी के लिए
02:39नए उसर पैदा हो सकते हैं वहीं टाटा इलेक्सी चिप डिजाइन, एसेमडेड सिस्टम और आटोमोटिव इंजिनियरिंग में मजबूत �
02:47पकर रखती है, डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से टाटा एलेक्सी के लिए नए घरेलू और ग्लोबल इस्तर पर प्रोजेक्ट्स
02:53आने की संभावना बढ़ सकती है, भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रोनिक्स कॉंट्रेक्ट मैनुफेक्ट्रिंग कंपनियों मे
02:58शामिल है डिक्सन टेक्नोलोजिच, इस मिशन की संभावी तलाभार्थी कंपनियों में गिनी जा रही है, अगर देश में चिप्स का
03:05घरेलू उत्पादन बढ़ता है और सप्लाई चेन मजबूत होती है, तो डिक्सन को लागत और उत्पादन दोनों इस्तर पर फायदा
03:12मि
03:23बन सकती है, इसके बाद है मोस्चिप टेक्नोलोजिच, इसका मुख्य कारोबार चिप डिजाइन, सेमी कंड़क्टर, इंजिनियरिंग और आईपी डेवलप्मेंट से
03:31जुरा है, सरकार द्वरा डिजाइन एकोसिष्टम और बौधिक संपदा विकास को बढ़ावा देने स
03:36कंपनी के लिए नए उसर बन सकते हैं, वहीं HCL Technologies दुनिया की कई बड़ी सेमी कंड़क्टर कंपनियों के साथ
03:42डिजाइन और इंजिनियरिंग रिसर्च सेवाओं में काम करती है, भारत में डिजाइन एकोसिष्टम मजबूत होने से HCL Tech को भी
03:49नए प्रोजक्ट मिलने की सं�
04:03काम करती है, अगर भारत में सेमी कंड़क्टर सेक्टर में निवेश बढ़ता है तो TCS के इंजिनियरिंग और टेकनोलोजी बिजनेस
04:10को इसका फायदा मिल सकता है, वहीं अगर साइंट की बात करें तो Embedded Engineering, Electronics, Design और सेमी कंड़क्टर
04:16डिजाइन सेमाओं में सक्रिये है, न
04:31नहीं कहा है कि उससे सीधे इस योजनाकार लाब मिलेगा, यहां जिन कंपनियों का जिक्र किया गया है, उनका चैन,
04:37उनके मौजूदा कारोबार, सेमी कंड़क्टर सेक्टर में मौजूदगी और भविशिकी संभावनाओं के अधार पर किया गया है, आने बाले समय
04:44में इन
04:59यह नतीजे, औरडर वुक, वेलवेशन, मैनेजमेंट के रननीती, कैस्ट फ्लो और भविस्ति की विकास्ट योजनाओं का बिशलेशन करना बहर चरूरी
05:07है, सिर्फ किसी सरकारी घोशना के अधार पर निवेश करना सही रननीती नहीं मानी जाती, कुल मिलाकर देखा जाये
05:26तो आने वाले वर्षों में भारत का सेमी कंड़क्टर एको सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है, और इससे जुड़ी कई
05:33भारतिये कंपनियां लंबी ओधी में नए औस्वरों का लाभ उठा सकती है, इसलिए आने वाले वर्षों में इस सेक्टर पर
05:39निवेश को की नजर तै
05:41माना जा रहा है, हाला कि आपसे एक ही रिक्वेस्ट है कि कि सी भी निवेश चे पहले अपने एकस्पोर्ट्स
05:46की चरूर ले, बिना सला निवेश ना करें, क्योंकि बिना सला निवेश करने से आपको नुखसान हो सकता है
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