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  • 23 hours ago
भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी पकड़ने को इतना शुभ क्यों मानते हैं?

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00:00जगनात रत यात्रा में रत की रसी खींचना क्यों माना जाता है इतना शुब जानि ये माननेता
00:04आस्था और भक्ती का महाकुंब यानि विश्व प्रसिद्ध जगनात रत यात्रा आज 16 जुलाई 2026 से ओडिशा के पुरी धाम
00:11में शुरू हो चुकी है
00:12जो 24 जुलाई को बहुदा यात्रा यानि माहाप्रभु की घरवापसी के साथ संपन्न होगी
00:16हर साल आशाड मास के शुकल पक्ष की द्वितिया तिथी को निकलने वाली इस अलोकिक यात्रा में भगवान जगनात, भाई
00:22बलभद्र और बेहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर यानि गुंडचा मंदिर जाते हैं
00:26इस पावन अवसर पर भगवान स्वयम अपने गर भग्रिय से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं
00:31शास्त्रों में रत की रस्सी खींचने और उसे सपर्ष करने का एक विशेश आध्यात्मिक महत्व बताया गया है
00:35पौराणिक माननेताओं के अनुसार इस रत की रस्सी को शंक चूड का प्रतीक माना जाता है
00:39ऐसा कहा जाता है कि जो भी श्रद्धालू सच्चे मन से इस रस्सी को खींचता है उसका सारा अहंकार नश्ट
00:45हो जाता है
00:45उसके जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं
00:47ये क्रिया भक्त को सीधे मोक्ष के मार्ग पर ले जाती है
00:50जगनात पुरी की ये पावन यात्रा उंच नीच के सारे भेदों को मिटा कर
00:53प्रेम और समरस्ता का सबसे बड़ा संदेश देती है
00:56जहां हर कोई प्रभु का सार्थी बनने के लिए लालाईत रहता है
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