भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन अपने पहले अंतरिक्ष मिशन पर सोयुज़ MS-29 के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हो गए हैं. कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से लॉन्च हुए इस मिशन में उनके साथ दो रूसी कॉस्मोनॉट भी शामिल हैं. अनिल मेनन करीब आठ महीने ISS पर रहकर माइक्रोग्रैविटी में मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव, अंतरिक्ष में इंट्रावीनस फ्लुइड तैयार करने की तकनीक, सेमीकंडक्टर क्रिस्टल निर्माण और AI आधारित मेडिकल तकनीकों पर महत्वपूर्ण शोध करेंगे. केरल मूल के अनिल मेनन पहले नासा फ्लाइट सर्जन और स्पेसएक्स के मेडिकल प्रोग्राम से जुड़े रहे हैं. यह मिशन भविष्य के डीप-स्पेस अभियानों और अंतरिक्ष चिकित्सा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
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