00:05बॉलिवर एक्टर संजिदत एक बार फिर से हैडलाइन्स में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बलकि 1993
00:12मुंबई ब्लास्ट केस से जुड़ा एक पुराना मामला है
00:16इस केस में सरकारी वकील रहे उजवल निकाम ने सालों बाद कई ऐसे खुलासे किये जिन्हों ने एक बार फिर
00:24इस दौर की याद ताजा कर दी
00:26हाली में दिये गए कि इंटर्वी में उजवल निकाम ने बताया कि जब संजेदत पर अवैध हतियार रखने का मामला
00:32चल रहा था तब उन्होंने कोट से उनके लिए किसी भी तरीकी की नर्मी ना बरतने की मांगी थी
00:38इतना इनी उन्होंने अदालत से संजेदत को साथ साल की सजा देने की अपील भी की थी उजवल निकाम ने
00:43बताया कि उस समय देश के कई बड़े और नामी वकील संजेदत का केस लट रहे थे
00:49बचाफ पक्ष लगातार ये दलील दे रहा था कि ये संजे का पहला पराद है इसलिए उन्हें राहत मिलनी चाहिए
00:55लेकिन सरकारी पक्ष की ओर से निकम ने इस दलील का कड़ा विरोध किया
01:00निकम के मताबिक संजेदत को प्रोबिशन ओफ ओफेंडर्स एक्ट का फाइदा नहीं मिलना चाहिए था क्योंकि मामला बहुत सीरिस था
01:09उन्होंने कहा कि भले ही संजेदत को साजिश के आरोप से बरी कर दिया गया था लेकिन आमस एक्ट के
01:15तहत अवैध हतियार रखने का �
01:17अपराद बहुत सीरिस था उन्होंने आगे दावा किया कि संजेदत के पास जो हतियार मिला था वो अंडर वर्ल्ड डॉन
01:24दाओद इब्राहिम के बड़े शूटर के जरीए उन तक पहुंचाया था निकम का कहना था कि जब कोई व्यक्ति ऐसे
01:29अपरादी से हतियार लेता है
01:31तो उसे उसके अपराद इतिहास की जानकारी के लिए जरूरी होते हैं इसलिए उन्हें पहली बार गलती करने का मासूम
01:40व्यक्ति की तरह नहीं देखा जा सकता उजवल निकम ने बताया कि कोट में उन्होंने पूरे जोर के साथ साल
01:47की सजा की मांगी थी और आखिर खार अ�
01:53इसके बाद निकम ने फैसले वाले दिन का एक बहुत इमोशनल किस्सा शेयर करा उन्होंने बताया कि जिस दिन कोट
02:00ने फैसला सनौया उस दिन संजदत काफी डरे हुए थे उनके हाथ का अपने थे वो बहुत इमोशनल नजर आ
02:06रही थे वहीं उजवल के मताबिक कोट ने �
02:10उसी समय संजदत की जमानत रद कर उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दे दिया था फैसला सुनते संजदत बार
02:16बार यही कह रहे थे कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया और वो वापस आएंगे उजवल ने बताया कि उस
02:22टाइम उन्होंने खुद संजदत से कहा था कि मीड
02:38पड़ते थे तो लोग उन्हें यानि सरकारी वकील को इसका जिम्मेदार ठेराते थे लेकिन उनका मानना था कि वो सिर्फ
02:45अपना कानूनी कर्तव्य निभा रहे थे और उनके लिए कानून सबसे उपर था हलाकि इस पूरे मामले में उजवन निकम
02:52ने एक बहुत इमोशनल और
02:53एक important बात भी कही उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी भी संजदत को आतंगवादी नहीं माना उनके मताबिक संजदत
03:00ने एक बहुत बड़ी गलती जरूर की थी लेकिन वो आतंगवादी नहीं थे
03:03निकम ने कहा कि उस दौर में अंडर वर्ल्ड की लोगों से मेल जोल रखना कुछ लोगों के लिए स्टेटस
03:10सिंबल माना जाता था
03:12संजेत भी उसी महौल का हिस्सा बन गए थे और उन्होंने बिना गंभीर यानि की सीरियस रिजल्ट्स को समचे गलत
03:19फैसला ले लिया था
03:20अब कहीं साल बाद जब ए खुला से हुए तो फैन्स भी काफी जादा शौक्ड है
03:24तो वाट्स यूर टेक उन दिस प्लीज दू कॉमेंट और ऐसी नेटेंमेंट से जोड़ी खबरू के लिए दिखतरी फिल्जी मीट
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