00:00आजादी के बाद से मंदिरों के धनका दुरपियों किया गया है सरकारों के द्वारा
00:04अगर आजादी के बाद से जैसे बकवोड बनाता वैसे सनातनबोड बन जाता
00:09चार संक्राचार, पांच बैशनवाचार और अन्य जो धर्म मर्मगिलों गये वो होते
00:29लेकिन दुर्भाग यह है कि हम सब की नजर पैसे पर रहती है।
01:10देखिए अगर हम सिर्फ मंदिरों की चोरी देखेंगे तो हम लोग सनातन को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
01:56लेकिन दुर्भाग यह है कि हम सब की नजर पैसे पर रहती है।
01:59और जिनकी नजर पैसे पर रहती है वो तो फिर पैसे की चोरी भी करेंगे या अडपेंगे भी या लेके
02:05जाएंगे।
02:05तो अगर उसको धर्म के धन को हम समाज की शेवा में लगा देयां।
02:15कितने लोग हैं जो धन के अवाब में धर्म परिवर्तन कर लेते हैं।
02:18क्यों नहीं हम उनकी सेवा उन मंदिरों के धंसे कर सकते हैं।
02:21सनातन बोड ही एक उचित विवस्ता है और आप मीडिया वाले बंदूओं की यह डाय तो बनता है
02:26कि सिर्फ हम जैसों कोई मत फसाओ।
02:28कुछ तो पत्रकार बंदू भी इस बात को आगे बढ़ाएं।
02:35कि समाज की सेवा में लगा देंगे मुझे लगता है इस चोरी भी रुख जाएगी और सनातन बोड से सनातन
02:44आगे भी बढ़ेगा।
02:48कि है
02:53कि अष्डाव टूल्ट कि अब से नुल्सकी अज्सेट अप्डाव अर्ड़ कि अवान्टन आप है
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