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  • 8 hours ago
अमायरा डेथ केस: CCTV के बाद टीचर्स पर उठे सवाल, माता-पिता बोले- क्यों नहीं सुनी अमायरा की मदद की गुहार ?

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00:22देश किन्डामी स्कूलों में गिना जाने वाले निरजाब मोधी स्कूल का केंपस
00:28और चौथी क्लास में पढ़ने वाली महस नौ साल की अमायरा
00:32कुछ मेनिट बाद ऐसा फैसल देने वाली थी जिसकी कलपना भी कोई नहीं कर सकता
00:38एक चलाम और एक परिवार की दुनिया हमेशा के लिए बदल गए
00:45कई महीने बाद पुलिस की चार्चीट सामने आई
00:48सीसी टीवी फुटेज, गवाहों के बयान और चार्च इन सब को जोड़कर एक कहानी सामने आई
00:55चार्चीट के मताबिक घटना वाले दिन प्लास में अमायरा और कुछ बच्चों के बीच विवात हुआ
01:01वो परिशान थी, वो अपनी टीचर के पास गए, अपनी बात कहनी चाहिए
01:06लेकिन पुलिस का दावा है कि उसकी बात नहीं सुनी गई
01:10बस यहीं से सब कुछ पदल गया
01:13काश पुनीता शर्मा में अमायरा की बात सुन लेती
01:16अगर मैं के पास तू मिनिट का वक्त होता
01:19तो ना तो यह रिपोर्ट होती, ना ही अमायरा खबर होती
01:23और ना चाच्छीर बनती
01:30अभी भी सई सेक्शन्स नहीं लगे हैं
01:32जेजे 75 लगा है जो कि पुनीता शर्मा क्लास टीचर पे लगा है
01:36सिर्फ वो इंदू दूबे और सौरब मोधी पे नहीं लगा
01:39अबेटमेंट टू सुसाइड लगना चाहिए बिलकुल
01:41आप वीडियो देखेंगे, आप देखेंगे, आप देख पाएंगे
01:44कि उसको किस तरीके से स्कूल में प्रताड़ित किया गया है
01:47वो एकदम खुश स्टेट अफ माइड में आपको डांस करते हुए दिखेगी
01:51और उससे उसकी कैसी हालत कर दी कि वो जाके चौती मंजिल से कूद गई
01:55परिवार ने हुलिस जाच के निसकरशों के आधार पर
01:59सीसी टीवी के साथ एक वीडियो जारी किया
02:01वीडियो देखकर एक सवाल बार बार बन में आता है
02:05अगर उस दिन सिर्फ तो मिनिट किसी ने उस बच्ची की बात सुन ली होती
02:11तो क्या आज अमायरा हमारे बीच होती
02:17इस सवाल का जवाब अब शायद कभी नहीं मिलेगा
02:20अमायरा चली गई उसके पीछे छोड़ गई एक बहुत बढ़ा सवाल
02:28हमारे स्कूल बच्चों को पढ़ाना तो जानते हैं
02:31लेकिन उन्हें समझना क्या भूल गए हैं
02:34क्या माकशीट मानसिक स्वास्त से बड़ी हो गई हैं
02:38क्या क्लासरूम में होने वाली बुलिंग अब भी हमें छोटी बात लगती है
02:43जराई आकड़े देखिए
02:44पात साल के रिसर्च के बाद टीचर फाउंडेशन और विप्रो की रिपोर्ट कहती है
02:49क्लास 4 से 8 तर 42 प्रतिशत बच्चे बुलिंग जहिलते हैं
02:54क्लास 9 से 12 तक 36 फीज़ी बच्चे ऐसी पतारणा का शिकार होते हैं
02:59अमाईरा के परिवार ने नीरजा मोदी स्कूल के किलाफ़ कारवाई के लिए
03:03राजिस्तान हाई कोट में एक अलग केस दाकिल किया है
03:19जिनके पास जरूरी योग्यता थी जबकि 85 टीचर्स के पास जरूरी योग्यता नहीं थी
03:23प्राइमरी टीचर कैटेगरी में सभी 52 टीचर की योग्यता मानू किकी अनुसार नहीं थी
03:30अमाइरा केस में पुलिस ने क्लास टीचर के खिलाफ इसी कानून के तहट आरोप लगाए है
03:34मामला दालत में है और अंतिम फैसला नयायले करेगा
03:38कानून इस जम्मदारी को समझता है
03:41जो विनाईल जस्टिस एक्ट की धारा 75 कहती है
03:44कि अगर बच्चों की जम्मदारी सम्हालने वाला उसकी प्रतारणा को रोकने में नाकाम रहता है
03:49या उसे नजर अंदास करता है तो तीन साल तक की सजा हो सकती है
03:55किसी को धका देना, किसी का मदाक उड़ाना, उसे अलग तलग करना, दराना, रोज रोज अपमानित करना
04:14मेशा बोलते नहीं, वो चुप हो जाते हैं, मुस्कुराते भी हैं, स्कूल भी जाते हैं, लेकिन अंदर से तूट रहे
04:22होते हैं
04:23और माता पिता, टीचर, दोनों ये समझ ही नहीं पाते लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होता
04:33अमायरा का परिवार अब राजिस्तान हाई कोड पहुँच चुका है
04:36परिवार का कहना है कि जवाब दे ही सिर्फ एक टीचर की नहीं पूरे सिस्टम की तैह होनी चाहिए
04:41इसी दोरान सीबियसी चाच के रिकॉर्ड में स्कूल में शिक्षकों की योग्यता को लेकर भी सवाल होते
04:47अगर क्लासरूम समालने वाले पूरी तरह प्रसिक्षिन भी नहीं होंगे
04:51तो क्या बच्चों का व्यवार उनका डर उनका दर्द समझ पाएंगे
04:58ये रिपोर्ट किसी एक स्कूल के खिलाफ नहीं
05:01ये रिपोर्ट हर स्कूल, हर शिक्षक, हर अभी बावग और पूरे सिस्टम के लिए है
05:06क्योंकि बच्चों की सबसे बड़ी जरूरत सिर्फ अच्छी किताबे नहीं
05:10सिर्फ स्मार्ट क्लास नहीं, सिर्फ अच्छे नंबर नहीं
05:13बलकि एक ऐसा क्लासरूम है जहां वो बिना डरे अपनी बात कह सकें
05:20याल रखिये, बच्चे हमेशा मदद मांग कर नहीं रोते
05:24कई बार वो बस चुप हो जाते हैं
05:26और अगर हमने उस चुपी को समय रहते नहीं सुना
05:30तो शायद किसी और घर में एक और अमायरा हमेशा के लिए खामोश हो जाएगी
05:37जैपुर से देव अंकुर के साथ आज तक भी रो
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