00:00दोस्तों, आज इस खुबसूरत दर्या में एक जाइन टर्टल आहिस्ता आहिस्ता तैर रहा था.
00:05किसी को नहीं पता था कि वो किस चीज की तलाश में है.
00:08अचानक टर्टल पानी के नीचे रुख गया.
00:10वहां उसे एक पुराना लकरी का संदूक नजर आया, जो आधा रेत में दबा हुआ था.
00:15जैसे ही टर्टल ने संदूक खोला, उसमें से चमकते हुए हीरे और मोती नजर आये.
00:20लेकिन उसी वक्त पानी में एक अजीब सी रोशनी फैल गई.
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