00:00विदान परिश्यत मदे एक सदस्या नाते नी जावी एक प्रश्ण उपस्ति धाला होता त्यावी मी आसीन और इल परब जी
00:07आसती लितर सर्व सरकरी आसती
00:09त्यावी एक प्रश्णा असा निर्मान धालत के या मोडकली जालेला इमारती चावापतीत काई तेरी धोर्णत्मक निरने घ्याला पाई
00:16जानी 79ABC हाजो एक नभीन सेक्षन अपन इंट्रिड्यूस करने ता काम केला तो निर्मान राष्ट्रपती चिपन मानने ता म्याली होती
00:25माननी यह उच्छे ने आयलें कडे ज्यावी मालक वर्गानी हे दाकला केस दाकल केली
00:32त्यावी हा काईदया मधे यह तरतुची है त्या काईदया अनुसर माडाला अधिकारत नहीं है के तेहे नोटीस देऊ शकतात
00:40कर मोटे प्रमान वर्थी मानानी नोटीस दिली होती तेजा मधे 79A मंजे पहला मालका ना नोटीस
00:4779B मंजे राइवाशी ना नोटीस आनी 79C मंजे कोनीच पुडे आला नहीते मानानी स्वता उनरबांधीचा निरने ग्याईचा
00:56हा महत्वगांशी आ काईदा होता अनी मुननी सांगताना साहिं लगते आपन मुंबाई शहरा जाएका टाइम वोवर ते आपन उबयाओत अनी
01:04हैजाब अपती दला दोरन तुम्ही लगेज घेतला नाई
01:06आनी माननी नयायले नी उच्चे नयायले नी दिलीली स्कगी थी तेला सर्वच्चे नयायले मदे चैलेंज करना ता काम केला अनी
01:13सर्वच्चे नयायले मदे जर सम्धा विलंब लागला तो रोज इमारती पड़ता है रोज पुनर विकसाचा प्रश्णा हा अडगडी दरा
01:33चांगला निरनाईक बिल मदे दुरुस्ती आननेचा काम केलेले
02:10चांगला निरनाईक बिल मदे दुरुस्ती आननेचा काम केलेले
02:18माननीय सभापती मोदे अनि उपसभापती आनाते नी
02:22हा बिल लवकरत लवकर पारी द्वाव या दुष्टी कोना तुन आमसा ही प्रहत्त होता
02:27अनि तो प्रहत्तना आज यशेस्वी दाला करन हा शेवटता दिवसे
02:31अन्ती माटवड़ेची चर्चा आता कही तासा मदे कही विड़ा मदे होना रहे
02:35ते जा आगोदर है बिल मंजूर धाला
02:37वीस तार केला जे माननीय उच्छे ने आलेन कड़े
02:41क्यों सर्वच्चे ने आले कड़े जे अपला दाकल केलेले
02:45ते जा मदे हा युक्ति बात करता ही ल करन या काईदेची की सकाड़ून माननीय उच्छे ने आलेनी स्तगीती दिली
02:52होती
02:52मला अटे ती अड़सन अता या काईदेची दूरुस्ती मदे दूर धालेले
02:57अनेक शहरा मदे रालेला इमारती चा रहवाशन अधा नया मिलना रहे
03:02अटा एकंदरीत साड़े ती इन चे पाश्य लोकाना नोटिसीज दिली होती है
03:25पन ती फक्त सुरुआ जहली होती
03:27अनेक भागान मदे राईवाशी नी पन मांगनी केली होती
03:31त्यातले माला अटे का एक सत्तर रहेंची लोकानी तो रिस्पॉंस केला होता
03:35पन ही प्रक्रियास ज्यावी थामले नंतर रहेवाशी पन पुड़े यहला तैयार नोटे
03:40मालकाना सव अटलक आता हां अमसा अधिकारे
03:43आनि मनुन मालक जे रिडेवलप्मेंट ला तैयार होते
03:46एक रूपे ची वस्तु धादा रूपे मांगनी करला लागली
03:48आनि त्या मुले तेजी वाडले दरा मुले जे विकास अगस्तिल क्यों रहेवाशी है से
03:54कोड़ पुड़े यहला तैयार नोटे मालाटे ही अडचन दूर होते
03:57आनि या तरतुदी मदे मालकाला भायर डेवलेला नाई है
04:01मालकाला पन 15 टके जो तैने सा डेवलप एरिया आस देला जो क्यों शिस्सा है
04:06तो या काईदे जे अंतरगात पन तैला मिलना रहे मयजे मालका जबन हीता जा रक्षन
04:11काईदे मındे केलेला रहाउशी जबन केलेला आनि जे विकास रहाउशी आन्तिल
04:17कि वा करतील, तेजा मधे तेना ही देखिल, तेजा मधे फाइदा नफा होया लपाईजे, आशे ते तरतुधी करने ता काम
04:23के लगेले।
04:48आज मुंबई शहर के लिए बहुत बड़ा निरने राज्य सरकार ने और विधी मंडल ने हम लोग प्रस्ताव लाया था
04:55उसको पारित करने का काम किया।
05:17इसके पहले महामईन राष्ट्रपती ने भी इसको माननेता दी थी।
05:21माननिया उच्चे नहले में मालकों ने ये व्युक्तिवात किया कि महाड़ा कोई अधिकारी नहीं है ये सेक्शन के अंतरगत काम
05:27करने के लिए।
05:28और इसलिए उच्चे नहले ने सगीती देने का काम किया था।
05:31सरवच्चे नहले में ये प्रकरन पेंडिंग था।
05:35लेकिन एक सदस्य के नाते से मैंने ये मांग की थी कि इस विशे को जल से जल सरकार ने
05:42काईदे में या कुछ चीजों लोगों को दिलासा देने के लिए करना चाहिए।
05:46और उसका एक बाग बोलकर काईदे में सुधारना लाने का काम अभी किया गया है।
06:11इसके कारण मुंबई शहर में रहने वाले जो जूनी चैलों में रहने वाले जो लोग है वो उनको दिलासा मिलेगा।
06:20क्योंकि मुंबई के ये सब बाराजार हिमारत में रहने वाले लोग एक टाइम बॉम के उपर रह रहे।
06:25कभी भी अगर दुरदेल से अगर थोड़ी भुकम की अगर परिस्तिती हुई तो ये पत्तों के जैसे ये बिल्लिंगे गिर
06:31सकती है।
06:32इसलिए इसका मरमत करना इसका रीडेवलप्मेंट करना ये बहुत जरूरी था।
06:37और राज्य सरकार ने आधरणिया उपव मुख्य मंतरी एक नशिंदे जी के विभागने एक अच्छा निरणे मानिया मुख्य मंतरी जी
06:44के सयोग से लिया है।
06:48जो रामंदिर में छोडी करते हैं जो गदारी करते हैं ऐसे विधायक जो विधेक जो हमारे यहां पर मंजूर हुआ
07:08उसकी जानकर ही लोगों तक आना चाहिए ऐसी लिए
07:17जो रामंदिर में आना चाहिएे
Comments