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US-ईरान के बीच विनाशकारी युद्ध का सीजन-2 शुरू हो गया? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और ब्लाक इन वाइट में आपका स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि क्या अमेरिका और इरान के बीच विनाशकारी युद्ध का सीजन टू शुरू हो चुका
00:10है
00:10अमेरिका के राश्वपते डॉनल्ड टूम्प ने सीजफायर रद करने का ऐलान क्या किया
00:14अमेरिकी सेना ने सिर्फ 48 घंटे के भीतर इरान के 170 रणनीतिक ठिकानों को बंबारी कर खंधर बना दिया
00:24आज आपको बताएंगे कि आखिर क्यूं सीजफायर समझोते के केवल तीन हफ़ते बाद ही ट्रम्प का इरान से भरोसा उट
00:31गया
00:31क्या है सीजफायर रद करने की वो इंसाइड स्टोरी जिसने मिडल इस्ट को फिर से वारूद के धेर पर लाकर
00:39बिठा दिया है
00:40और क्यूं कहा जा रहा है कि इस बार अमेरिकी मिसाइलों का अगला टागेट इरान के रिहाइशी इलाके और पानी
00:47के प्लांट होने वाले हैं
00:50इसके बाद आपको ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में प्रधान मंतरी मोदी का मेगा शो दिखाएंगे
00:54और इसके साथ ही उस मेगा डील के बारे में बताएंगे जिसने भारत के हाथों में उर्जा का वो खजाना
01:01सौप दिया है
01:01जिसके लिए देश दो दश्पों से इंपजार कर रहा था
01:05आज आपको बताएंगे कि कैसे जिस ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम देने से इनकार कर दिया था
01:13और आज ऑस्ट्रेलिया का मीडिया प्रधान मंतरी मोदी को रॉक स्टार बताते हुए भारत के साथ यूरेनियम डील की जम
01:20कर तारीफ कर रहा है
01:22आखिर में आपको मुंबई के 73 साल पुराने और बेहत चर्चित आइस्क्रीम पार्लर में लेकर चलेंगे जिसकी आइटम्स के बड़े
01:29-बड़े सेलिबरिटी दीवाने हैं
01:30आज वहां फूट डेपार्टमेंट की छापेवारी में चूहे, मक्खी, गंदगी और कुछ expired items मिले
01:39सवाल ये है कि इतने फेमस आइस्क्रीम पार्लर का ये हाल है तो भरोसा किस पर किया जा सकता है
01:47क्या अमेरिका और इरान के बीच युद्ध का सबसे खतरनाक दौर शुरू हो गया है
01:54आज पूरी दुनिया इस सवाल में उलजी हुई है
01:56इसका सीधा कारण है अमेरिकी राश्रुपती डॉनल्ड ट्रम्प का वो बयान
02:01जिसमें उन्होंने सीजफायर को खत्म करने का ऐलान किया
02:05और जैसे ये ऐलान हुआ धमा के शुरू हो गए
02:08पिछले दो दिनों से अमेरिकी सेना ने इरान के अलग-अलग रणनी तिक ठिकानों पर बंबारी किये
02:15सीजफायर के ऐलान के बाद ये पहली बार है
02:17जब लगातार दो दिनों से इतनी बड़े पैमाने पर हमले हो रहे है
02:22अमेरिकी सेना ने कल रात इरान के 90 ठिकानों पर हमले किये
02:26और इससे पहले 7 जुलाई को 80 ठिकानों को तबाह किया
02:29कुल मिलाकर पिछले दो दिनों के अंदर एरान के 170 रणनीति ठिकानों पर हमले हो चुके हैं जो सीजफायर के
02:37एलान के बाद सबसे बड़ी संख्या है
02:41आठ अप्रेल को जब अमेरिका और एरान के बीच सीजफायर की घोशना हुई थी
02:45तो ये तैह हुआ था कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज की आवाजाही को चालू कर दिया जाएगा
02:49और अमेरिकी सेना इरान पर लगाई गई नाके बंदी को खत्म कर देगी पिछे हट जाएगी
02:55लेकिन इस बीच दोनों देशों के बीच छिटपुट हमले होते रहे
03:00तीन मई को सीज़ फायर के बाद डॉनल्ड ट्रम्प ने जहाजों की आवाजाही पर इरानी नाके बंदी को देखते हुए
03:07प्रोजेक्ट फ्रीडम लॉंच किया था
03:10इसके तहत जिन जहाजों के पास इरान की अनुमती नहीं थी
03:15उन्हें अमेरिकी सेना की सुरक्षा में स्ट्रेट फॉर्मूज पार करवाया जाता था
03:19इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद 4 मई से ही इरान ने अमेरिकी सेना पर हमले शुरू कर दिया
03:26क्योंकि वो इरान की अनुमती लिये बिना जहाजों को स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज पार करवा रहे थे
03:30इस हमले का बदला अमेरिका ने 25 मई को लिया
03:33उस दिन अमेरिकी सेना ने इरान के मिसाइल ठिकानों पर बंबारी की
03:37फिर अगले दिन यानी 26 मई को इरान ने दावा किया
03:41उन्होंने एक अमेरिकी रीपर ड्रोन मार गिराया है
03:44इसके जवाब में 27 मई को अमेरिकी सेना ने इरान के कुछ और गणे दितिक ठिकानों पर फिर से हमले
03:49किये
03:51सीजफायर के बावजूद होने वाली इन छोटी छोटी जड़पों को स्ट्रेट ओफ हॉर्मूर पर नियंतरण की नूरा कुष्टी की तरह
03:59देखा गया
03:59इरान का मानना था कि जो भी जहाज स्ट्रेट ओफ हॉर्मूर से गुजरे वो इरान के बताए रास्ते और उनकी
04:05अनुमती के साथ ही जाए
04:07भले ही सीजफायर था लेकिन इरान यहीं चाहता था
04:12सीजफायर से पहले एरान केवल उन्हीं देशों के जहाजों को जाने देता था जो देश उसके साथ थे
04:18सीजफायर के बाद उसने सभी जहाजों को जाने तो दिया लेकिन अनुमती लेने वाला नियम नहीं बदला
04:26वो चाहता था कि सारे जहाज उसकी निगरानी में ही निकले
04:30ऐसा न करने वाले जहाजों पर वो हमले करता रहा
04:34इनी हमलों से उसाई अमेरिकी सेना बार-बार पलटवार करती थी
04:39हालकि ये पलटवार कभी बड़े पैमाने पर नहीं किये गए थे
04:42ये वैसी ही स्थिती थी कि तुम जितना मारोगे हम भी उतना ही मारेंगे
04:47अमेरिका कहता रहा कि अगर इरान हॉर्मूस से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करेगा
04:52तो अमेरिका भी उन पर हमले जरूर करेगा
04:55इसके बावजूद इरान अनुमती वाली शर्ट से पीछे नहीं हटा
05:00लेकिन इस बार की सिती थोड़ी अलग है
05:02हाले कि वज़े पुरानी वाली ही है
05:046 जुलाई को इरान ने स्ट्रेट ओफ ओर्मूल से गुजर रहे
05:07मार्शल आइलन, सौधी अरब और लाइबेरिया के जंडे वाले जहाजों पर हमला किया
05:12और इस पर अमेरिका ने पलटवार में पहली की तरह छोटे हमले नहीं किये
05:17उसने इन हमलों को MOU का उलंगन बताया
05:21क्योंकि 17 जून को जब दोनों देशों की बीच MOU साइन हुआ था
05:25तब से ये जड़पें बंद हो गई थी और स्थाई शान्ती के संकेत मिलने लगे थे
05:30अब जब इरान ने MOU का उलंगन किया तो अमेरिका भड़क गया
05:34बदला लेने के लिए अमेरिकी सेना ने इस पार छोटे हमले नहीं किये
05:38बलकि लगातार दो दिनों तक भीशन बंबारी की
05:44पिछले दो दिनों में अमेरिकी सेना ने कहां कहां हमले किये
05:49वो भी हम आपको दिखाते हैं
05:54इन हमलों को अमेरिका की बड़ी रणनीती का हिस्सा माना गया
05:58मुख्य रूप से अभी तक लड़ाई का केंद्र स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज रहा है
06:02इसलिए अमेरिका का टागेट भी इसके आसपासी है
06:04जैसे खर्ग आईलंड, लवान आईलंड, अबु मूसा आईलंड, केश्म आईलंड, बुशहर, बंदर अब्बास, कोहितास्क, पोर्ट, सिरिक, जास्क, कुनार्ग, इरान शहर
06:18और चबहार
06:19ये वो इलाके हैं जिनकी मदद से इरान, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के क्षेतर पर अपना नियंत्रण
06:24बनाता है
06:25इनही के दम पर वो स्टेट ओफ हॉर्मूस को ब्लॉक करने की ताकत रखता है
06:28लेकिन इस बार उसने सांकेतिक रूप से अपनी शक्ती दिखाते हुए
06:33अकाला रेलवे ब्रिज और मशद के रेलवे ब्रिज पर भी अटाक किया है
06:37ये वो इलाके हैं जो इरान के उत्तर में है
06:40इन हमलों के जरीया अमेरिका ने बताया कि उनकी पहुँच इरान के हर क्षेतर पर है
06:45और उनके हमले अब केवल सैन्य ठेकानों तक सीमत नहीं रहेंगे
06:49आठ जुलाई को अमेरिका ने जो हमला किया था
06:51उसमें उन्होंने मशहद के रेलवे ब्रिज को टागेट किया था
06:56मशहद वो जगे है जहाँ आज इरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुपुर्देखा किया गया है
07:03यानि अमेरिका का ये हमला इरान को एक धमकी की तरह भी था
07:07धमकी ये कि अगर इरान ने स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज से नियंतरन नहीं छोड़ा
07:11तो खामेनेई का अंतिम संसकार कारिकरम भी खत्रे में आ सकता है
07:14आयार जीसी ने इस हमले को लेकर अमेरिका पर आरोप भी लगा दिये
07:19कि वो अली खामेनेई के अंतिम संसकार के कारिकरम को प्रभावित करने की साजिश कर रहा है
07:25अमेरिकी सेनाओं ने इस बार आयार जीसी की छोटी हमलावर बोट्स को निशाना बनाया
07:30इन्ही बोट्स के जरिए आयार जीसी हॉर्मूज क्षेत्र पर नियंतरन करता है
07:35अमेरिकी सेना का दावा है उन्होंने करीब साथ बोट्स को तबाह किया है
08:16अमेरिकी सेना के इन हमलू के जवाब में इरान ने कोईत और बहरीन पर हमले किये
08:20लेकिन इन हमलू से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ
08:23इसकी एक वज़े ये है कि इरान की लीडर्शिप का फोकस अपने सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संसकार कारिक्रम
08:30में रहा
08:30और इसलिए बड़े पैमाने पर पलटवार नहीं किये गए
08:33लेकिन आज ये कारिक्रम खत्म हो गया है और इरानी संसद के स्पीकर मोहमद बागेर गालिबाफ की माने तो इरान
08:41पलटवार की बड़ी तैयारी कर रहा है
08:43मोहमद बागेर गालिबाफ ने अमेरिकी हमलों की जवाब में एक ट्वीट किया
08:48जिसमें उन्होंने लिखा कि अमेरिका अब भी नहीं सीखा कि दादागेरी दिखाना या वादे तोड़ना मुफ्त में नहीं आता
08:55उनका मतलब ये था कि अमेरिका ने अगर इरान पर हमला किया है तो उसका जवाब उसे हमले से ही
09:01मिलेगा
09:02गालिबाफ ने साफ शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ओफ ओर्मूज इरानी शर्तों और उसकी बनाई व्यवस्था पर ही खुलेगा अमेरिकी
09:10धमकियों से नहीं
09:11सीजफायर के बाद ये पहली बार है जब इरान की ओर से अमेरिका को इस तरह की धमकियां दी जा
09:16रही है
09:17दरसल हमलों की तीवरता को देखते हुए इरान की लीडिशिप को पता चल गया कि अमेरिका कुछ बड़ा करने वाला
09:24है
09:24अमेरिकी न्यूज पोर्टल आक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका लंबे युद के इरादे से एक बार फिर उतर गया
09:30है
09:30यानि अमेरिका के लिए इरान वार का सीजन टू शुरू हो गया है
09:34और ये युद अगले कई हफ़तों तक चल सकता है
09:38अक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि
09:42वाइट हाउस ने इरान के खिलाफ मल्टी वीक मिलिटरी कैमपेंड शुरू किया है
09:46यानि अमेरिकी सेना आगले कुछ हफ़तों तक इरान के खिलाफ सेने ओपरेशन जारी रखेगी
09:51जिस तरह के हमले पिछले दो दुनों में हुए हैं
09:54उसको देखते हुए ये कुछ हद तक सही लगता है
09:58अमेरिकी राश्रुपती द्वारा सीजफायर रद करने की घूशना के बाद
10:02आई इस रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को टेंशन में डाल दिया
10:0628 परवरी से 8 अप्रेल तक इरान वार का सीजन वन आया था
10:1040 दिनों के सीजन वन में आपने देखा 3468 मौते जिनमें 1460 मासून नागरिक थे
10:19इसके अलावा आपने देखा इरान का 25,89,000 करोर रुपे का नुकसान
10:25आपने देखा क्रूड ओयल की कीमतों को 70 डॉलर प्रती बैरल से 120 डॉलर प्रती बैरल तक पहुँचते हुए
10:32आपने एक लाख रिहाईशी इमारतों, 23,500 व्यावसाईक इमारतों और 349 असपतालों को द्वस्त होते हुए भी देखा
10:41अब साथ जुलाई से इरान वौर का सीजन टू शुरू हो गया है
10:45अब तक इरान के 170 ठिकानों पर हमले हो जुके हैं
10:48अब आगे क्या क्या होगा इस सवाल से पूरी दुनिया दह्शत में है
11:02अक्सियोस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से जो रिपोर्ट दी है
11:30अमेरिकी अधिकारियों ने आक्से उसको बताया कि इरान को अमेरिका से जबरदस्त मार लगेगी
11:36ताकि उन्हें पता चले कि अमेरिका मजाग नहीं कर रहा
11:38अधिकारियों के अनुसार तहरान की अगली चाल से पता चलेगा कि उनका क्या हाल होने वाला है
11:43अधिकारियों के अनुसार स्ट्रेट ओफ ओर्मूस से सभी जहाजों की सामाने आवा जाही होना पहली प्रात्मिकता है
11:49और इरान की कोशिश है कि वो इस पर नियंतरन करे
11:54स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज पर आक्सियोस के साथ जिन अधिकारियों ने बात की है
11:58कुछ वैसी ही बात अमेरिका की उप राष्ट्रोपती जेनी वैंस ने भी पत्रकारों से कही
12:02जेडी वैंस ने कहा कि डील बहुत आसान है अगर इरान जहाजों पर हमला करेगा तो अमेरिका उन्हें तबाह कर
12:08देगा
12:08जेडी वैंस ने याद दिलाया कि सीज फायर की शर्त यही थी कि अमेरिकी नाके बंदी हटेगी और इरान हॉर्मूल
12:15से गुजरने वाले जहाजों पर फायरिंग नहीं करेगा
12:536 जुलाई को इरान द्वारा तीन जहाजों पर हुए हमलों को लेकर डॉनल ट्रम बहुत घुस्से में हैं अभी तक
12:58वो ये मानते रहे कि इरान के साथ भले ही छोटी-मूटी लडाईयां चल रही है
13:03लेकिन आखिर में दोनों देश सीजफायर चाहते हैं और इसके लिए बात्चीव भी चल रही है लेकिन इरान द्वारा हालिया
13:10हमले के बाद डॉनल ट्रम की ये सूच बदल गई
13:12अमरीकी राश्रुपती ने इरान को धमकी दे दी कि अगर वो एक हमला करेगा तो उस पर 20 हमले किये
13:19जाएंगे
13:19खब घुका हमले के लिए जी हो ठाहते हैं और दे बात्ते हैं और बुका है टी हो आएंवार। तो
13:27एंगप बात्वार। बात्चीव उनले की तो इता है
14:12को लगता है कि Donald Trump
14:14के इस बयान के दो मतलब हैं
14:15पहला ये कि वो इरान पर दबाव बना रहे हैं
14:18और जल्दी पलट जाएंगे
14:19दूसरा ये कि इरान के सीज़ फायर
14:22पर वो होपलेस हो चुके हैं
14:23उन्हें लगने लगा है कि इरान सीज़ फायर
14:25या न्यूकलियर हथियारों की होड़ छोड़ने को लेकर सीरियस नहीं है
14:28अमेरिकी अख़बार
14:29Wall Street Journal ने भी
14:30Iran War Season 2 की एक इंसाइड स्टोरी बताई है
14:34इसमें बताया है कि
14:35M.O.U. साइन होने के दो हफते बाद ही
14:37इरान की ओर से हमले किये जाने
14:39कि खबर ने डॉनल्ड ट्रम का भरूसा तोर दिया
14:42Wall Street Journal के अनुसार
14:44इरान पर हुए ताजा हमलों की पटका था
14:466 जुलाई की शाम को लिखी गई थी
14:48उस वक्त डॉनल्ड ट्रम तुर्किय निकलने की प्लानिंग कर रहे थे
14:51क्योंकि 7 और 8 जुलाई को
14:53नेटो की बैठक थी
14:55इसी दोरान अमेरिकी विदेश मंतरी माको रूबियो
14:57और रक्षा मंतरी पीट हेगसित
14:59अचानक ओवल ओफिस पहुँच गए
15:01उन्होंने डॉनल्ड ट्रम से बात की
15:03और इरान के नए हमलों के बारे में बताया
15:06अब 6 जुलाई को ही
15:08इरान ने स्ट्रेट ओफ और मूज से गुजर रहे
15:09तीन जहाजों पर हमला किया था
15:11इरान ने जहाजों पर हमले के लिए
15:13अंटी शिप क्रूज मिसाइल
15:15और आत्मगाती ड्रोन्स का इस्तेमाल किया था
15:19मार्को रूबियो और पीट हेगसित
15:21ने ट्रम्प को बताया कि जिन जहाजों पर
15:23ये हमले किये गए वो जहाज
15:25स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज के दक्षणी रूट का
15:28इस्तेमाल कर रहे था
15:29ये समुद्री रूट ओमान के
15:31समुद्री क्षेतर से होकर गुजरता है
15:33पिछले काफी समय से
15:35अमरिकी सेना उमान के तक्षणी सीमा
15:38वाले इसी रूट से जहाजों को
15:40सुरक्षा देते हुए हॉर्मूज
15:42पार कर वा रही थी
15:43इस रूट से उन्हीं
15:46जहाजों को ले जाया जा रहा था
15:47जिनके पास इरान की अनुमती नहीं थी
15:50ये इरान की
15:51आधिकारिक सीमा नहीं है इसलिए तक्नीकी रूप से इरान इसमें दखल नहीं देता था
15:57लेकिन तनाव बढ़ने के बाद से इरान ने इस हिस्से से गुजरने वाले जहाजों पर भी हमले शुरू कर दिये
16:03थे
16:05इसी वज़े से डॉनल्ड ट्रम्प इरान के हमले से घुस्से में आ गए
16:08उनका मानना था कि सीजफायर के बाद इरान को दूसरे देश की सीमा से गुजर रहे जहाजों पर हमला नहीं
16:14करना चाहिए
16:14यही वज़े थी कि उन्होंने सीजफायर को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि अब यह खत्म हो चुका है
16:21वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार इरान पर हमले से पहले डॉनल्ड ट्रम्प ने मारको रूबियो और पीट हेकसट से एक
16:28सवाल पूछा था
16:29कि क्या उन्हें लगता है कि इरान सीजफायर को लेकर सीरियस है इस सवाल के बाद काफी देर तक तीनों
16:36की बीच बातचीत हुई और कुछ अन्य अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया
16:40आखिर में डॉनल्ड ट्रम्प इस निशकर्ष पर पहुँचे कि इरान सीजफायर को लेकर गंभीर नहीं है
16:47इरान के हमले ने डॉनल्ड ट्रम्प को बड़ा जटका दिया
16:50इस हमले से आहट ट्रम्प ने सबसे पहले इरान की तेल बिक्री वाले लाइसेंस को रद्द कर दिया
16:55और फिर उन्होंने अमर्की सेनाओं को आदेश दिया कि वो स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज के पास इरान के सैनिटिकानों पर भीशन
17:02हमले करें
17:04और इसके बाद अब उन्होंने धमकी दिया है कि अगला हमला इरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर और डी सालिनेशन प्लांट्स पर
17:11होगा
17:11यानी ट्रम्प ने इरान को रिहाइशी मारतू और पीने के पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने की चेतावनी दी
17:20है
17:22इस बार के अमेरिकी हमलों ने इरान ही नहीं भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी है
17:27अमेरिकी सेना के निशाने पर इरान का चाबहार पोट भी था,
17:31सीजफायर के बाद से ये पहली बार है जब अमेरिका ने चाबहार को निशाने पर लिया है।
17:35चाबहार भारत के लिए व्यापारिक और रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपून है।
17:39अमेरिकी सेना ने चाबहार पर बड़े पैमाने पर हमला किया है. इरान की सरकारी मीडिया के अनुसार हमलों के बाद
17:46शहर के बड़े हिससे में बिजली कटॉती हुई और स्थानिय लोगों ने कई धमाकूं की आवाजी सुनने का दावा किया.
17:52जानकारी के अनुसार अमेरिकी सेना के निशाने पर चाबहार में मौजूद सैन्य ठिकाने और पोर्ट पर मौजूद कमर्शिल ठिकाने थे
18:01अमेरिकी हमले में चाबहार पोर्ट का ट्राफिक कंट्रोल टावर भस्त हो गया है
18:05चाबहार पर पिछली बार अमेरिका ने 28 फरवरी को हमला किया था और तब भी उसने पोर्ट पर अटाक नहीं
18:11किया था
18:1228 फरवरी के बार चाबहार पर अटाक भी नहीं किये गए
18:15यह पहली बार है जब अमेरिका ने चाबहार पोर्ट पर हमला किया है
18:18अमेर Killा पोर्ट का रणनीतिक इस्तिमाल कर रहा है
18:23चाबहर पोर्ट इरान के पूर्वी हिस्से में है
18:26जो ओमान की खाड़ी से लगता है
18:28देखा जाय तो स्ट्रेट ओफ और मूल से बिलकुल बाहर की दरफ है
18:32ये इरान का इकलौता ऐसा समुदरी बंदरगा है
18:35जो गेहरे पानी वाले हिस्से में है
18:37यहां से इरान की पहुँच अरब सागर और हिंद बहा सागर तक हो जाती है
18:42चाबहार लंबे समय से इरान की अर्थवेवस्था की लाइफ लाइफ लाइफ लाइन रहा है
19:01वो इरान की समुद्री लाइफ लाइफ लाइन को कट कर सकता है
19:05और इससे किवल इरान ही नहीं बलकि भारत की चिंताएं भी बढ़ गई है
19:10दरसल चाबहार पोर्ट के जरिये भारत का व्यापार पाकिस्तान को बाइपास कर देता है
19:15चाबाहर पोर्ट के जरिये भारत अपनी shipment समुद्री रास्ते से इरान के चाबाहर पहुचाता है
19:22और फिर यहां से अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक व्यापार करता है
19:26इस व्यापारिक मार्ग के होने से पाकिस्तान इसमें बाधा नहीं बनता है
19:33यही वज़़े है कि भारत के लिए चाबाहर पोर्ट एक एहम समुद्री ठिकाना है
19:37और इसी वज़े से पिछले कई वर्षों से भारत चाबाहर पोर्ट पर निवेश भी कर रहा है
19:42चाबाहर को विक्सित करने के लिए
19:44India Ports Global Limited और
19:47The Ports and Maritime Organization of the Islamic Republic of Iran के बीच एक अनुबंध है
19:52इसके तहट भारत और एरान मिलकर
19:54चाबाहर पोर्ट के शाहिद बहिष्टी टर्मिनल को विक्सित और इस्तमाल कर रहे हैं
20:00इसके तहट भारत अब तक 1146 करोड रुपे खर्च कर चुका है
20:06भारत ने चाबाहर पोर्ट के विकास के लिए इरान को 2387 करोड रुपे का कर्ज देने की बाद भी कही
20:13है
20:15चाबाहर पोर्ट के लिए भारत और इरान का गटबंधन
20:17चीन और पाकिस्तान के गटबंदन का जवाब माना जाता है
20:21चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को विक्सित करने का जिम्मा उठाया
20:25ग्वादर पोर्ट चाइना के सीपक का हिस्सा है
20:28इरान के चाबहार पोर्ट और पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के बीच की दूरी मातर 170 किलो मीटर है
20:33ये दोनों ही ओमान की खाड़ी से लगते हुए है
20:38चीन साल 2013 से ही पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को विक्सित कर रहा है
20:442017 में तो पाकिस्तान ने गवादर पोर्ट को 40 साल की लीज पर चीन को दे दिया
20:50इस पोर्ट के जरिये चीन की पहुँच उमान की खाड़ी तक हो गई
20:54चीन की इसी रणनीतिक चाल को टक्कर देने के लिए
20:56भारत ने साल 2018 में इरान के चाबहार पोर्ट को मिलकर विकसित करने की जिम्मेदारी लिए
21:03इससे इरान को भी फाइदा हुआ और भारत को भी
21:06यह इक लौता विदेशी बंदरगा है जिसे भारत विकसित कर रहा है और इस्तिमाल भी कर रहा है
21:12आलग कि अभी तक ये साफ नहीं है कि अमेरिका का हमला चाबाहर पोर्ट के शाहिद बहिष्टी टर्मिनल पर हुआ
21:18है या कहीं और
21:18लेकिन चाबाहर पोर्ट अगर अमेरिकी सेना के निशाने पर है तो इसका असर आज नहीं तो कल शाहिद बेहिश्टी टर्मिनल
21:25पर भी होगा और ये भारत के व्यापारिक नजरिये से अच्छी खबर नहीं होगी
21:31भारत की चिंता चाबाहर पोर्ट पर अमेरिकी हमला है और अमेरिकी राष्ट्रोपती डॉनल टरम्प की चिंता ये है कि कहीं
21:37इरान उनके जहाज पर हमला न कर दे
21:40कुवेट ने पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रोपती डॉनल्ड ट्रम्प को एक एर प्लेन गिफ्ट में दिया था
21:46इस प्लेन को कुछ मही ने पहले एर फोस वन में शामिल किया गया और नेटो की समिट के लिए
21:52ट्रम्प इसी एर प्लेन से तुर्किय गय थे
22:09इस बदलाव को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे ये बदलाव एक ऐसे वक्त में किया गया जब अमेरिका
22:15ने इरान पर बड़ा हमला किया था और एक साथ असी ठिकानों पर हमला किया था
22:19माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों की वज़े से ही डॉनल्ड ट्रम्प को नए एफोस वन के बज़ाए पुराने
22:25वाली ही विमान से ले जाया गया क्यूंकि सुरक्षा के लिहाज से वो ज्यादा सक्षम है
22:31हवाई जहाज बदलने की इस खबर को डॉनल्ड ट्रम्प के एक बयान ने भी हवा दी
22:35एफोस वन में ही पत्रकारों से बाचीत के दौरान डॉनल्ड ट्रम्प ने इरान से खुद को खत्रा बताया
22:40ड만ल ट्रम्प से पतरकारों ने पूझा कि क्या
22:43इरान की ओर से EFOS1 को किसी तरह की धंकी मिली है
22:46तो इसके जवाब में
22:47डानल ट्रम्प में कहा कि एरान की हिटलिस्ट में
22:49वो पहले नंबर पर है
22:50और उनके साथ-साथ शायद
22:52पतरकार भी खत्रे में हो
23:13अलिगी सीनेन ने अपनी एक रिपोर्ट में टरंप के हवाले से बताया कि जहाज को बदलने की वज़े सुरक्षा चिंताएं
23:18नहीं थी और किसी तरह की तक्नीकी खराबी भी नहीं थी लेकिन ये भी सच है कि एरान के साथ
23:23तनाव बढ़ने के बीच अचानक से अमेरिकी राश
23:382024 में आसिफ मर्चंट नाम के एक पाकिस्तानी व्यक्ति को टेकसिस में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने गिरिफतार किया था
23:45US Department of Justice के अनुसार आसिफ मर्चंट को इरान के इशारे पर टरंप की हत्या करने के लिए भीजा
23:52गया था
23:52वो एक किलर टीम तयार कर रहा था
23:55मार्च दोहजार चब़ीस में आसिफ को हत्या की साजिश का दोशी ठहराया गया
24:01नवंबर दोहजार चौबीस में US Department of Justice ने ट्रंप की हत्या से जुड़ी एक बड़ी साजिश का खुलासा किया
24:07इस साजिश में फरहाद शाकेरी नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया जो एक इरानी अधिकारी के संपर्क में
24:14था
24:14US Department of Justice के अनुसार फरहाद को ट्रंप की निगरानी करने और चुनाओ से पहले उनकी हत्या करने का
24:21निर्देश दिया गया था
24:22हालनकि फरहाद अमेरिकी एजन्सियों की गिरफ्त में नहीं आया
24:26जुलाई दोहजार पचीस में इरान के पूर सुप्रीम लीडर अली खामने के सलाकार मुहमद जवाद लारिजानी ने ट्रंप को धमकी
24:35दी थी
24:36कि अगर ट्रंप ने ऐसा वैसा कुछ किया तो वो अपने बीच रिजॉर्ट पर सन बात नहीं ले पाएंगे
24:42क्योंकि जिस दिन वो ऐसा करेंगे उसी दिन एक ड्रोन सीधे उनकी नाभी पर हमला करेगा
24:48हालकि लारिजानी इरान युद के दोरान अमेरिकी हमलों में मारे जा चुके हैं
24:51लेकिन एक बात साफे के डॉनल्ड ट्रंप गलत नहीं कह रहे हैं
24:54वो इरान की हिटलिस में टॉप पर हैं
24:56और शायद इसलिए सीक्रेट एजेंसिया उनकी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी टिप को नजर अंदाज नहीं करती
25:0328 फरवरी के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रंप कभी शान्ती दूत बन जाते हैं
25:10कभी दुनिया के सबसे बड़े सेनापती
25:12लेकिन इरान के मामले में चिद भी मेरी पट भी मेरी का इरादा रखने वाले डॉनल्ड ट्रंप की एक न
25:17चले
25:18अमेरिका ने इरान के साथ युद विराम खत्म करके दोबारा हमले की शुरुआत ऐसे समय में की
25:25जब इरान ऐतुला अली खामेणई को सुपुर्द खाक करने के लिए
25:28एक विश्मस्तर का बड़ा आयूजन शुरू कर चुका था
25:32खामेणई के अन्तिम संसकार आयूजन का आज आखरी दन था
25:37इरान के पवित्र मशहज शहर में आयातुला अली खामेनेई को आज सुपुर्दे खाक की रस्म निभाई गई
25:44इरान की प्रेस टीवी के मुताबिक लाखों इरानी मशहद में अपने सर्वोच नेता सबसे बड़े धर्म गुरू और राजनीती के
25:52शिखर पर बैठे रहे अली खामेनेई के अंतिम संसकार में शामिल हुए
25:58तीन जुलाई को अली खामेनेई के अंतिम संसकार के आयूजन शुरू हुए थे इरान के तहरान, कौम और इराक के
26:06नजफ और करबला के बाद
26:089 जुलाई को अली खामेनेई का पाथिव शरीर पहुँचने का अंतिम ठिकाना इरान का मशहद शहर था
26:14तेहरान, कौम, नजफ, कर्बला और अब मशद में अली खामिनेई के लिए अभूत पूर्व भीड उमड़ी थे
26:25अबरकी अख़बार दे गार्डिन के अनुसार छे दिनों के अंतिम संसकार के आयूजनों में
26:30अली खामिनेई के तक्रीबन तीन करोड समर्थकों के शामिल होने की बात है
26:37अली खामिनेई का पार्थिव शरीर इराक के नजफ हवाई अड़े से मशद तक लाया गया
26:41इरानी वायुसेना के फाइटर जेट ने अली खामिने के पार्थिव शरीर को ले जा रहे विमान को एसकोर्ट किया
26:48इस विमान में अली खामिने के जनाजे के अलावा उनके परिवार के लोग मौझूद थे
26:52अली खामिनेई का जनाजा जब मशहद पहुचा तो वहां की सडकें अली खामिनेई की तस्वीरों, प्लाकार्ड और इरानी जंडे लिए
27:01लोगों से पटी पड़ी थी
27:02अली खामिनेई की समर्थक, इस्लामिक शासन के समर्थन में करांतिकारी नारे लगाते सुने जा सकते थे
27:39अली खामिनेई को सुपूर्देखा करने के लिए जिस मशहद की मिट्टी को चुना गया, वो न केवल इरान बल्कि दुनिया
27:46भर के शिया मुसल्मानों के लिए बहुत पवित्र धरती है
27:49मशद में इमाम रिजा की मजार है, आठवे इमाम अली इबन मुसा अल रिधा यानी इमाम रिजा को शिया मुसल्मान
27:57बहुत सम्मान देते हैं
27:58शिया मान्यताओं के अनुसार अमाम रिजा को नवी शताब्दी में तब जहर दे कर शहीद कर दिया गया था जब
28:05वो खुरसान में थे
28:06मशिद में इमाम रिजा की मजार होने से आज इस शहर को इरान की बड़ी धारमिक नगरे के तोर पर
28:13स्विकार किया जाता है
28:14एरान एराक लेबनन भारत पाकिस्तान अफगानिस्तान और अरब देशों से लाखों शिया मुसल्मान हर साल यहां आते रहें
28:23मशध में इमाम रिजा की मजार होने से मशध की एहमियत शिया मुसल्मानों के लिए इराक के नजफ और कर्बला
28:30जैसी
28:30इमाम रजा का सुनहरे गुंबद वाला मजार कॉम्पलिक्स धार्मिक शिक्षा, इसलामी अधायन और शिया विरासत का प्रमुख केंद्र भी है
28:41मशद में अली खामनेई को सुपुर्देखाक करना इसलिए भी बेहद एहम है क्योंकि मशद अली खामनेई की अपनी धर्ती भी
28:48है
28:491949 में अली खामनेई मशद में ही जन्मे थे यहां के जर्रे जर्रे में अली खामनेई के अली खामनेई बनने
28:56की कहानी है
28:57यूँ समझे कि मशद की आबो हवा ने अली खामनेई का धार्मिक और राजनीतिक विचार पैदा किया
29:04मशद की संस्कृती अली खामनेई के व्यक्तित्व के निर्माण की गवा है
29:08इरानी इसलामिक क्रांती के सबसे बड़े चहरों में से एक अली खामनेई का अपने ग्रे नगर में दफ्न होना एक
29:16ऐसा वाक्या है जिसे इरान का इतिहास याद रखेगा
29:19इरान में इस बात कुछ विकार करने वालों की कमी नहीं कियाने वाले दशकों और शताब्दियों में अली खामनेई को
29:25अली रजा के बाद दूसरे इमाम की एहमियत हासल हो सकती
29:30इरान की इस पवित्र धर्ती मशहद में इसलामिक क्रांती के जनक पहले सुप्रीम लीडर रुहोला खुमैनी को भी दफ्न नहीं
29:37किया गया था
29:381989 में उनकी मौत के बाद खुमैनी को तहरान के दक्षन में दफ्न किया गया था
29:46खुमैनी के मजार आज इरान के लिए राश्ट्र महत्व की धरूहर बन चुकी है
29:51खुमैनी के मजार पर लाकूं इरानी हर सालाते है
29:55ऐली-खामनेई की मौत जिन परिस्थितियों में हुई है
29:58और जिस तरह इरान अमेरिका के सामने अड़ा हुआ है
30:01ये परिस्थिती इसलामिक सत्ता के समर्थकों के लिए नई भावनाओं को जन्द दे चुकी है
30:05इसलिए धार्मिक नगरी मशद में अली खामनेई को दफ्न किये जाने की एहमियत
30:11राजनीतिक और धार्मिक दोनों नजरियों से बहुत बढ़ गई
30:16या हुसे
30:27बिस्मिल्ही प्रह्मानी रही सबील लाही अम्वाता वला ताहसबन ल्वीन कुतिलुुुुुुुुुुुुुुुु
30:47बिस्मिल्ही अम्वाता वियुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुु
31:10सबस्ण formaliseringте
31:11लिए मॵला के ताहसबन लिए
31:21सबस्साबन
31:23« बिस्मिल्ही आघामनी वियु को
31:35अली खामनेई अब इतिहास बन चुके हैं लेकिन अमेरिका के सामने अपने संघर्ष की आथ जिन्दा रखने के लिए इरान
31:42की इसलामिक सत्ता का समर्थक समाज उनकी मौत को नभूल रहा है और नकिसी को भूल ने दे रहा है
31:49अली खामनेई को दफ्न करने से पहले इरान के महर न्यूज एजिन्सी ने अली खामनेई की मौत पर ऐसी फुटिज
31:55जारी की है जिसे पहले कभी नहीं देखा गया था
31:5828 फर्वरी को जब अमेरिका ने अली खामनेई के कमपाउंड पर हमला किया तो वहां क्या दृश्य बना ये तस्वीरें
32:06उसे दिखा रही है
32:08इस वीडियो में महर न्यूज ने अपनी प्रोग्रामिंग की है और तस्वीरों पर वोईस ओवर किया हुआ है
32:13वीडियो के आखर में अली खामनेई का पुराना वीडियो भी शामिल किया गया है
32:1728 फर्वरी को अली खामनेई के कमपाउंड पर अमेरिका और इस्रेल के हमले में
32:22अली खामनेई के अलावा उनके परिवार के कई सदस्य, आयार जीसी, इरानी रक्षा मंत्राले, साथी कई अन्य उच्च पदाधिकारियों की
32:31मौद हुई थी
32:32अब आपको प्रधान मंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बारे में बताएंगे
32:38जहां उनका जबर्दस स्वागत हुआ
32:41क्रिकेट के मैदान पर भारत और उस्ट्रेलिया कट्टर प्रतिदवंध्वी है
32:44लेकिन कूटनीती की पिच पर जब प्रधान मंत्री नरींद्र मोदी और उस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री आंतनी आलबनीज एक साथ उत्रे
32:51तो दोनों के बीच बहतरीन तालमेल के साथ लंबी साजिदारी की रणनीती नजर आई
32:56इस दौरान भारत और उस्ट्रेलिया के समझोतों के एलान के चौके छक्के तो लगे ही
33:02दोनों देशों ने कूट नीती के हर क्षेत्र में कीर्तिमान बना दिये
33:07दुनिया के कई देशों में भारतिय समुदाय के साथ समवाद के बड़े आयू जुनों को संबोधित कर चुके
33:12पीएम मोदी ने एक रिकॉर्ड मेलबर्न में भी बनाया
33:15जहां उन्हें सुनने के लिए मावल स्टेडियम 30,000 भारत वंशियों से खचा खच भरा था
33:3021 सदी का भारत आज विक्सित होने के लक्ष पर काम कर रहा है
33:41पिछले बारा वर्षों में भारत के दो दर्जन से अधिक शहरों में
33:50मेट्रो नेट्वर्क पहुँच चुगा है
33:56ठर में दूत ऑस्टेलिया वाला आता है
34:02लेकिन चाए भारत वाली बनती है
34:15हम दोनों देशों की साजेदारी को
34:18एक और सेक्टर मजबूती देता है
34:21यह सेक्टर है स्पोर्ट्स
34:25खेल कुद्ध
34:27मुझे पुरा विस्वाथ है
34:31स्पोर्ट्स के ख्षेत्र भी
34:35अस्ट्रेलिया और भारत की पार्टरशिप का
34:37और विस्तार होके रहेगा
34:56अब आपको साल 2010 की वो घटना बताते हैं
34:59अखबारों की हेडलाइन्स थी कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम देने से इंकार कर दिया
35:03और अब आप दूसरी तस्वीर देखिए
35:06जो प्रधानमंत्री मोदी के मौझूदा दौरे से जुड़ी है
35:09जिसमें उस्ट्रेलिया का मीडिया भारत के साथ यूरेनियम डील की तारीफ
35:12प्रधानमंत्री मोदी को रॉक्स्टार बताते हुए कर रहा है
35:16ये वो एतिहासिक डील है
35:17जो आने वाले दशकों में भारत की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकती है
35:23भारत को करीब दो दशक से यूरेनियम की निरबाद सप्लाई का इंतिजार था
35:28अब उससे अन शित्ता के बादल छटते हुए नजर आ रहे है
35:31क्योंकि भारत और अस्ट्रेलिया की बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर
35:35एक ऐसी महा डील पर मुहर लग चुकी है
35:38जो भारत को उर्जा के क्षेत्र की बड़ी चिंताओं को हत्म कर सकती है
35:42वास्तव में आने वाला वक्त उसका होगा जिसके पास क्लीन एनरजी की चाबी होगी
35:48और इस चाबी का सबसे बड़ा हिस्सा आस्ट्रेलिया के पास है
35:53दुनिया के कुल यूरेनियम भंडार का करीब 28 प्रतिशत हिस्सा
35:57अकेले आस्ट्रेलिया की धर्ती के नीचे दबा है
36:00आंकडों में कहें तो लगभग 17 लाख टन यूरेनियम
36:04दूर दूर तक कोई भी देश आस्ट्रेलिया के इस आंकड़े के आसपास भी नहीं है
36:08आस्ट्रेलिया में साल 1954 से ही यूरेनियम का खनन हो रहा है
36:12मौझूदा वक्त में वहां तीन बड़ी ख़दाने आक्टिव हैं
36:16भारत के लिए यूरेनियम पाने का ये सफर बिलकुल भी आसान नहीं रहा है
36:20इस कहानी के शुरुआत साल 2005 में हुई थी
36:23जब भारत अमरेका के बीच सिविल नूक्लियर डील की प्रक्रिया शुरू हुई थी
36:28इसके तहट भारत बिजली बनाने के लिए दुनिया से परमाणू इंधन यानि यूरेनियम खरीज सकता था
36:35लेकिन सवाल ये था कि ये परमाणू इंधन आएगा कहां से
36:402014 में आस्ट्रेलिया के साथ यूरेनियम सप्लाई को लेकर सहमती तो बनी
36:45लेकिन दोस्ती के बड़े-बड़े वादों और मजबूत इरादों के बाद भी
36:48आस्ट्रेलिया यूरेनियम की वास्तविक सप्लाई शुरू करने से हिचकता रहा
36:53यानि 12 साल बाद भी आस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई शुरू नहीं हो पाई
37:00असल में आस्ट्रेलिया परमाणू अप्रसार संधी को लेकर बहत सख्त है
37:04वो आश्वस्त होना चाहता था कि उसके यूरेनियम का इस्तमाल सिर्फ शांति पूर्ण बिजली उत्पादन के लिए हो न की
37:12हथियारों के लिए
37:13लेकिन कड़े कूटनी तिक प्रयासों और परमाणू सुरक्षा और शांती विदेयक पारित होने के बाद
37:20अस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने का रास्ता पूरी तरह खुल गया
37:24अब समझे कि भारत को यूरेनियम की इतनी प्रचंड जरूरत क्यूं है
37:29भारत आज दुरिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थ व्यवस्ता है
37:32हमारी उर्जा जरूरते अब सिर्फ घरों में पंखे और लाइट जलाने तक सीमत नहीं है
37:37भारत आज AI, सुपरकंप्यूटर और डेटा सेंटर्स का हब बन रहा है
37:42इन आधूनिक उद्योगों को 24 गंटे बिना एक सेकंड के कटके भारी मात्रा में बिजली चाहिए होती है
37:50अब तक भारत अपनी 70 प्रतिशत से ज्यादा बिजली के लिए कोईले पर निर्भर रहा है
37:56लेकिन परियावरण को बचाना है और काबन एमिशन्स को जीरो करना है तो हमें कोईले से पीछा चुडाना होगा
38:03सोलर और विंड एनरजी, क्लीन एनरजी है लेकिन वो मौसम पर भी निर्भर करते हैं
38:09ऐसे में निूकलियर एनरजी एक मात्र ऐसा जरिया है जो बिना प्रदूशन फैलाए लगातार और भारी मात्रा में बिजली दे
38:17सकता है
38:18ऑस्ट्रेलिया से आने वाला ये यूरेनियम भारत के मौजूदा और भविश्य में बनने वाले दर्जनों परमाणू सन्यंत्रों के लिए संजीवनी
38:26का काम करेगा
38:27अभी भारत में साथ अलग-अलग जगहों पर 24 अटॉमिक पावर स्टेशन काम कर रहे हैं जो देश को परमाणू
38:35उर्जा से बिजली सप्लाई कर रहे हैं
38:382014 में न्यूकलिय पावर से बिजली उत्पादन की ख्षमता 4.7 गीगावाट थी जो 2025 में 84 प्रतिशत बढ़कर 8
38:47.4 गीगावाट हो चुकी है
38:49लेकिन इसके बाद भी कुल बिजली उत्पादन में परमाणू बिजली की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत के आसपास ही रही है
38:572021-32 तक परमाणू उर्जा से 22.38 गीगावाट बिजली उत्पादन का अनुमान है और भारत ने 2047 तक परमाणू
39:09उर्जा 100 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष रखा है
39:13और ये यूरेनियम की निर्बाद आपूर्ती से ही संभव हो पाएगा
39:18जब भारत अपने 70 प्रतिशत से ज्यादा बिजली उत्पादन के लिए कोईले पर निर्भर है तब ये समझना भी बहुत
39:25जरूरी है कि सिर्फ एक ग्राम यूरेनियम से उतनी ही बिजली पैदा की जा सकती है
39:31जितनी 2000 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाले कोईले को जलाने से मिलती है यानी एक छोटी सी यूरेनियम की गोली एक
39:39मिडल क्लास फैमिली को सालू तक बिजली दे सकती है
39:43यही वज़ह है कि इसे दुनिया का सबसे कीमती इंधन माना जाता है
39:47इसलिए भारत और अस्ट्रेलिया के बीच हुआ यह समझाता दो देशों के बीच व्यापार का सौधा नहीं है
39:53बलकि यह भारत की एनजी सिक्योरिटी की गारेंटी है
39:572047 के विक्सित भारत के संकल को पूरा करने के लिए
40:01जिस असीमित और स्वच्छ शक्ती की जरूरत है आज उसका रास्ता साफ हो गया है
40:07भारत और अस्ट्रेलिया के बीच हुआ समझाता यूरेनियम या व्यापार की आपचारिकता नहीं है
40:14बलकि ये अंतरिक्ष के असीम विस्तार से समुंदर की अतल गहराई तक और क्रिटिकल मिनरल्स से लेकर डिफेंस सप्लाई चेन
40:24तक फैली एक ऐसी रणनीतिक दिवार है
40:26जिसे भेद पाना चीन जैसे विस्तारवादी ताकत के लिए मुमकिन नहीं होगा
40:31आज इंडो पसिफिक यानी हिंद प्रिशान प्षेत्र जियो पॉलिटिक्स का सबसे समवेदन शीला खाड़ा है
40:38एक तरफ है चीन जो समुंदर में अपनी दादागेरी के दम पर नए नियम लिखना चाहता है
40:42दूसरी तरफ हैं भारत और उस्ट्रेलिया जैसे देश जो नियमों के आधार पर इंटरनाशनल ओर्डर के पैरोकार है
40:49भारत और उस्ट्रेलिया के समझोते से जुड़े बयानों में भले ही चीन का नाम सीधे तोर पर न लिया गया
40:55हो
40:55लेकिन बैक्ग्राउंड में अद्रिश्य किरदार के रूप में ड्रागन का खतरा साफ महसूस किया जा सकता है
41:02भारत और उस्ट्रेलिया की जुगल बंदी इसी खतरे का मुकमल जवाब है
41:07हिंद महसागर के मुहाने पर भारत है तो प्रिशांत महसागर के द्वार पर ऑस्ट्रेलिया
41:13दोनों देशों के लिए समुद्री सुरक्षा का सवाल है
41:17समुदर में चीनी नौसेना के आकरामक रुख के अलावा एक और बड़ा संकट है
41:22वो है चीन के जासूसी और फिशिंग ट्रॉलर्स
41:26चीन के ये फिशिंग ट्रॉलर्स साधारन नावे नहीं हैं
41:30बलकि ये चलती फिरती समुद्र की फैक्टरियां है
41:33हजारों टन वजनी ये जहाज समुदर से भारी मात्रा में मचलियां अवैद रूप से निकाल लेते हैं
41:40इनमें वहीं पर प्रोसेसिंग, पैकिंग, सप्लाई का पूरा सिस्टम होता है
41:45चीन की इस आर्थिक दादागिरी की वज़े से समुदर में मचलियों के पनपने का चक्र तूट रहा है
41:50सानिय मचवारूं के लिए आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है
41:54और छोटे देश चीन से डिबबावन मचली खरीदने पर मजबूर भी हो रहे हैं
41:59यानी चीन अपने लोगों का पेट भरने के लिए दूसरों की रोजी रोटी छीन रहा है
42:04इसी का मुकाबला करने के लिए भारत और उस्ट्रेलिया
42:07मारिटाइम सेक्यॉरिटी कोलाबरेशन रोड मैप और मारिटाइम डोमेन अवेरनेस पर काम कर रहे है
42:13अब दोनों देश रियल टाइम डेटा शेयर करेंगे कि समुंदर में कौन सी सबमरीन घूम रही है
42:19कितने जहाज आ रहे हैं किस देश के हैं
42:22इसके जरिये समुंदर में होने वाली चीनी चालाकियों पर भी सخت निगरानी रखी जाएगी
42:28चीन की घेराबंदी के लिए भारत उस्ट्रेलिया अकेले नहीं है
42:31बलकि वो क्वार्ड को और मजबूत कर रहे है
42:34वही क्वार्ड जिसको लेकर कई लोग कहने लगे थे कि यह खत्म हो रहा है
42:38लेकिन अब भारत उसे मजबूत कर रहा है
42:40प्रधानमंत्री मूदी की हालिया मुलाकातों का क्यालेंडर इसकी गवाही दे देता है
42:44हाली में प्रधानमंत्री मूदी ने फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प से मुलाकात की
42:50जिपान की प्रधानमंत्री से उन्होंने दो बार भेट की
42:54एक बार फ्रांस में फिर वो भारत दोरे पर आई
42:57और अब उस्ट्रेलिया में आल्बनीज के साथ रणनीतिक मंथन हुआ
43:01यानि करीब तीन हफ्तों में क्वार्ड के सभी शीर्ष नेताओं से मुलाकात
43:05इन मुलाकातों से पहले भारत ने क्वार्ड विदेश मंत्रियों की सफल मेजबानी भी की थी
43:11भारत सिर्फ क्वार्ड तक सीमत नहीं है
43:13बल्कि वो हिंद महासागर के पडूसियों के बीच तालमेल की धुरी भी बन रहा है
43:17ये देखना दिल्चस्प है कि पीम मोदी इंडोनेशिया के रास्ते आस्ट्रेलिया पहुँचे
43:22जो ये भी दिखाता है कि चीन को काउंटर करने के लिए भारत एक मजबूत स्ट्रिटीजिक ट्राइंगल बना रहा है
43:28तभी तो प्रधानमंत्री मोदी के जकार्ता दोरे में इंडोनेशिया ने भारत से ब्रमोस और अस्त्र जैसी मिसाइल खरीद का फैसला
43:36किया है
43:36तो वहीं ऑस्ट्रेलिया भी भारत के साथ रक्षा साज़धारी बढ़ा रहा है
43:39इतना ही नहीं भारत इंडोनेशिया और अस्ट्रेलिया के साथ मिलकर रणनीतिक समवाद का त्रीकोन बना रहा है
43:49भारत और अस्ट्रेलिया की सिनाएं अब सिर्फ शांतिकाल के अभ्यास नहीं कर रही हैं
43:54बलकि वास्तविक युद्ध जैसे हालात के लिए खुद को तैयार कर रही है
43:58समझोते के तहट दोनों देश एक दूसरे के सैनिय ठिकानों और हवाई पट्टियों का इस्तमाल कर सकेंगे
44:04भारतिय लड़ाकों विमान और नौसैनिक जहाज ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक ठिकानों का इस्तमाल कर सकते हैं
44:10इसका मकसद दोनों देशों के हथियार, टेकनोलिजी और कम्यूनिकेशन सिस्टम को एक दूसरे के अनुकूल बनाना है
44:18ताकि युद्ध की स्थिती में दोनों सेना बिना किसी रुकावट के मिलकर काम कर सके
44:24भारत और अस्ट्रेलिया का समझोता हथियारों की खरीद और बिक्री तक सीमत नहीं है
44:29युद्ध की स्थिती में हथियारों और कल पुर्जों की कमी न हो
44:33इसके लिए दोनों देशों की रक्षा कंपनिया मिलकर
44:35जॉइंट प्रोडक्शन और मजबूट डिफेंस सप्लाय चेन का निर्मान करेंगी
44:40आज के दौर में जंग सिर्फ बारूट से नहीं टेक्नोलोजी से जीती जाती है
44:45स्मार्ट फोन, समी कंड़क्टर, रक्षा उपकरण और ईवी
44:49इन सब के लिए लिथियम, कोबाल्ट, रेर अर्थ, मिनरल्स की जरूरत है
44:54फिलहाल क्रिटिकल मिनरल्स के 70 प्रतिशत बाजार पर चीन का कबजा है
44:58इसे तोड़ना बेहत जरूरी है
45:01लिथियम के उत्पादन में उस्ट्रेलिया दुनिया में सबसे आगे है
45:04वो रेर अर्थ मिनरल्स के मामले में संपन्न देशों में है
45:08भारत और उस्ट्रेलिया के बीच हुआ क्रिटिकल मिनरल्स समझोता
45:12भारत में भविश्य की एलेक्ट्रोनिक्स और ईवी इंडिस्ट्री के लिए गेम चेंजर है
45:17ये सीधे तोर पर चीन की सप्लाइ चेंड ब्लाक मेलिंग को खत्म करने की दवाई भी है
45:24समुंदर और जमीन के बीच तीसरा मूर्चा है डिजिटल दुनिया
45:28भारत और उस्ट्रेलिया ने तई किया है कि अब दोनों देश साइबर क्राइम और हैकर्ज से निपटने के लिए हाथ
45:34मिलाएंगे
45:35इतना ही नहीं पहलगाम की आतंकी हमले का घाउज हिलने वाला भारत और बॉन्डाइ बीच आतंकी हमले से घायल उस्ट्रेलिया
45:42मिलकर न केवल आतंकवाद और संगठित अपराद के खिलाफ लड़ेंगे बलकि ओनलाइन राडिकलाइजेशन और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए
45:50भी दोनों देशों की खुफिया एजेंसिया रियल टाइम इन्पुट साजा करेंगे
45:56प्रधानमंत्री नरेंद्र बूदी और उस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री आंथनी आल्बनीज की मुलाकात के दौरान एक बेहद महत्वपून और रणिनी तक एहलान
46:05हुआ
46:05Australia IPM Albanese ने घूशना की है कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन यानी गगन्यान को सफल बनाने के
46:13लिए
46:13Australia अपने strategic island, Cocos Keeling Island पर एक temporary space tracking terminal बनाने जा रहा है
46:20जब भारत का गगन्यान अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर पृत्वी के चक्कर काटेगा
46:26तो हिंद महासागर के उपर से गुजरते समय भारत से उसका सीधा संपर्क तूटने का खत्रा रहता है
46:33ऐसे में Australia का Cocos Keeling Islands ठीक उसी रूट के नीचे आता है
46:38वहाँ बनने वाला ये tracking station इसरो के वैग्यानिकों को गगन्यान के crew module पर हर पल पहनी नजर रखने
46:47और पल-पल का डेटा सीधे बैंगलूरू कंट्रोल सेंटर भेजने में मदद करेगा
46:53इसकी एहमियत को इस बाद से भी समझा जा सकता है कि ये Cocos Keeling Islands भारत के स्पेस पोर्ट
47:00श्री हरी कोटा से
47:022800 किलोमीटर दक्षण पश्चिम में है यानि ठीक ऐसी जगए पर जहां से लॉंच के बाद अंतरिक्ष यान बंगाल की
47:09खाड़ी के उपर उठने के बाद अपने प्रक्षेपण मार्ग पर होता है
47:13और उसकी निगरानी सबसे महत्वपूर्ण होती है
47:18गगन यान मिशन के लिए ये और भी ज़रूरी है क्योंकि इसके साथ भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने वाला
47:24है
47:24ये घोशना ऐसे वक्त में हुई है जब इस रोंने गगन यान मिशन के लिए एक और मील का पत्थर
47:30छूलिया है
47:31मध्य प्रदेश के श्योपूर में वायू सेना के IL-76 माल बाहक विमान की मदद से
47:37धाई किलोमीटर की उचाई से गगन यान के मुख्य पारशूट का सफल ड्रॉप टेस्ट किया गया
47:43यह वही पारशूट सिस्टम है जो अंतरिक्ष से लोटते वक्त हमारे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करेगा
47:57तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात 9 बजे
48:02आगे देखिए दस तक साइध अंसारी के साथ देश और दुनिया के बाकी खबरों के लिए देखते रहे आज तक
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