Skip to playerSkip to main content
  • 3 months ago
For the last two decades, in the rural heartlands of Punjab, the elected leadership of a small village has done nothing to develop the community, instead engaging in corrupt and harmful practices. To save his home and combat pressing issues, Fateh steps up to take charge and run for the position of Sarpanch (village head), which forces him to confront intense opposition.
Transcript
00:00पंजाब नुँ हस्दा वास्दा रखन लई सनुएक गल समझनी पाऊगी के वोट कोई कागस्दा टुकडा नई
00:08पंजाब दी तकदीर लिखन वाली एक तलवार है ते तलवार उसे देहाथ जाऊगी जो लोकां दे अग्ये नई लोकां दे
00:18नाल खडूगा
00:21मैं सुनिया तू सर्पंची दा चाहा जाचड़ाई पिरता है जे कोई कम करते हो मो ते लोकां नुँ ती लोड़े
00:27नमा बंदा खड़ा करन दी
00:29जाट जे दो साल किसे दी जमीन ठेके देवाले ना छाड़दा नी
00:34सानुता फे सर्पंची कारदे नुँ वी साड़ोगे
00:38ओए तितली कुत्ते नुरोटी पादे नाड़े थाने दा नुँ चापण
00:41जेना मरजी पाई यो एनी राजी दे जे कुत्ता बर्क मार ले ना चाओदां ठीके लगगे ने
00:47क्या मैं को ते नुँ यहां तो ही नी जाया जी कुसा करके
00:50तू मेरे ना यारी पुगाई जानना तेरा बाई पेंड़ दी लगवड़ दी चोक चाया फेर ता
00:55समझाओ नु नहीं ता फिर मेरा बाई समझाओ
00:58साथे दो में प्रावानिय रगाज ना अनखी ते इमानदार प्योदा खुन धाओड़ दा है
01:03तू ते ते तरे बाई ने मिलके जो पठना हुया ना पट लियो
01:08सरपंचा फेक्टरी लओने लओने हैं तरीका चाहे कोई भी फर्फपाँ
01:13ताहीं तुसी शामलाड़ चो दास के लिए पहली दापटा मेरे ना उलवासाग देऊ
01:19गालोबाद गीया शोटे भाई सावले हो
01:21अधिया पखबातोन मेरा मसले चरतल सांसीना चड़ाए जारा पेंड़ बेनो ससरीकाल बुलाओं ते बाडा नकर्यादा पत्या होया ते बेरे वल
01:30चाहकदा भी नी तो अड़िक्या हुदा पेरे राचे कदे नकालोणा पेड़ा पेड़ाए ने आओधे जानते साथी मोर �
01:49पत्र खराबनो देया रावन दे पावे नानों काल खोलना सोखा पर सड़ी जुत्य दी नोपेपई सर्पंची जखनी बदो कि इचले
01:58बी साल तो ओर सालांते स्यासी लोकां दे शायर पेंड़ान अल तका कर दे आ रहे हो तुसी अधिकेसाय मर्द
02:06दी एकचनी वज्ये तु
02:17साले ओ, पेंड़ाने कुट्यां दे सर्ते ताज राखता सी, जे दुबारा पड़ी जनाना लेके आया, अब परताब सिंग दा खून
02:24ना जाड़िया, तु पुछे वाजदे सलूट का स्थोनी बिलोला के विच मुंदा सर्पांच वाजदा है
02:37सर्पांच सर्पेंडदा होना चाहिदा किसे राजनितिक पार्टी दा नहीं

Recommended