00:14Bihar की माटी से उपजी एक प्राचिन कला अब बैश्विक मंच पर अपनी अमिर्चाप छो रही है
00:20हम बात कर रहे हैं भुजपुरी लोक कला पेडिया पेंटिंग की
00:24जिसे हाली में भारत सरकार द्वारा प्रतेष्ठित भववलिक संकेतक यानी GI TAC प्रदान किया गया है
00:30बहुत ज्यादा खुशी मिली और इसका अश्रे है कि बिहार में संक्रिती मंत्राले भारत सरकार ने इस पे भी द्यान
00:40दिया
00:40और इस कला को जगा दिया और GI TAC के लिए जो भी है उन्होंने चाहेज अपलाई किया और इसको
00:49GI TAC मिला और इस कला को अब पूरी दुनिया में लोग जानने समझने लगे
00:56और काफी लोग इसको करने के लिए भी उच्चुक हैं मैं लाएं गाह में तो बिल्कुल इसको देख करके काफी
01:03खुस हैं पिर इसकला को लुप्थ होने से बचाकर आधूनिक कैनवास तक पहुचाने का श्रे जाता है रोताज जिले की
01:10विनिता कुमारी को
01:11कभी गाहों की कच्ची दिवारों तक सिमित रहने वाली यकला अब कागज और कप्लों पर जिवन्त हो उठी है
01:42कि काम करो और आगे बढ़ो
01:45so I was thinking that I was making it up on paper because I had to do this work on
01:51my work.
01:52I could use the paper if I had the line, I could not have the paper if I had the
01:58line.
01:58So I had a lot of pleasure.
02:29કેય દૂતે અનીંએ કેણ ઑખેણ કેણ કેણ ગેણ્તે કેણ ક્રતે હિણે ન્તેય કેણે કેણે કેણ કેણતે કેણુત
03:09ॐनिता कुमारी ने नाकेवल इसकला का दस्तावेजी करण किया,
03:13बल्कि पिछले 7 वर्षों में 50 से अधिक ग्रामिन महिलाओं और लड़कियों को प्रशिक्षित भी किया है.
03:18उनका उदेश इसकला को रोजगार का जरिया बनाना और इसकी मौलिक्ता को संरक्षित रखना है.
03:25GI टैग मिलने से अब पेडिया पेंटिंग को उंतराश्री कला बाजार में एक विशिष्ट पहचान और प्रामानिक्ता मिलेगी.
03:31बिहार की अलुक संस्कृती अब दुनिया के नक्षिपर एक नई पहचान के साथ गर्व से खड़ी है.
03:38ETV भारत के लिए नई दिल्ली से शशिकला सिंग की रिपोर्ट.
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