00:06नमस्कार आप देख रहे हैं आज तक मैं हूँ आपके साथ मान शुद्यक्षिर
00:09अयोध्यक में करीब दो घंटे से राममंदे ट्रस्ट के कोशाध्यक्ष गोविंद देवगरी और ट्रस्ट के पूर्व महासचिफ चंपतराय के बीच
00:17बैठक चल रही है
00:19तीर्त क्षेत्र भवन में ये बैठक चल रही है चंपतराय की चट्थी के बाद इस बैठक की अमियत बढ़ गई
00:25है
00:25राममंदे ट्रस्ट के पूर्व महासचिफ चंपतराय ने कल एक पत्र जारी किया था
00:30राम भक्तों के नाम लिखी चट्थी में चंपतराय ने अनिल मिश्रा पर गंभी रारूप लगाए है
00:35चंपतराय ने चट्थी में कहा है कि बैंक के साथ हुए करार में गर्बड़ी हुई है
00:40उनकी जानकारी के बिना M.O.U. किया गया
00:43उन्होंने इसका ठीक रा अनिल मिश्रा पर फोड़ा है
00:48समर्थ श्रिवास्ता हमारे सायोग ये हमारे साथ इस वक्तर जड़ग में बात करते हुए
00:53समर्थ चिठी आई चिठी में अनिल मिश्रा पर बेहत गंभी रारूप लगे
00:57और अब एक बड़ी बैठक चल रही है आपके पास क्या अपडेट आ रहे हैं भी
01:15देखिए एक बड़ी बैठक जो चल रही थी वो दो घंटे रगभग बैठक चली है
01:22वो रुके हुए हैं चंपत रहे भवन वहाँ पर जाना पड़ा ये भी एक बड़ा मसला है
01:27क्या कल का जो एक पत्र चंपत रहे के रवारा दिया गया वो इतना विसपोठक था कि गोविंद गिरी को
01:32खुद उन से जाकर मिलना पड़ा
01:33नंबर दो जो एक उनका बयान सामने आया है साइटी को जिसमें वो अनल मिश्रा का नाम लिये बिना अनल
01:37मिश्रा को ही दोशी बताते हैं
01:39और कहते हैं बैंक के से जो एमो यू पिछले साल हुआ उसमें उनके साइन हुए ही नहीं है
01:57कि एसाइटी की जो फानल रिपोर्ट आएगी उसमें अनल मिश्रा को मुख्य आरोपी पूरे मामले का बनाया जा सकता है
02:02यानि कि चंपत राय को बचाया भी जा सकता है या यूँ कहें कि चंपत राय के खिलाफ उतने पुक्ता
02:08सबूत शायद पोलिस और S.I.T. को नहीं मिल पाए है
02:25जहां पर गोविंद गिरी इस वक्त निवास कर रहे हैं, अब देखना यह है कि क्या गोविंद गिरी इस मसले
02:29में बोलेंगे, क्या वो बताइए कि चंपत राय के सब उनकी मुलाकात हुई है, क्या कुछ बात हुई है, इस
02:34पर नजर बनी हुई है
02:34अच्छे इवा बताईए क्योंकि पहले भी ये बात सामने आई थी लेकिन कहा गया था कि उस वक्त कारवाई नहीं
02:41की गई
02:42अब चंपत राय अभी भले ही अनिल मिश्रा पर ठीक ला फोट रहे हो लेकिन ट्रस्ट की बैठक में इस
02:46बात पर भी जरूर चर्चा होई होगी कि पहले अगर सक्ती कर दी जाती पहले एक्शन ले लिया जाता तो
02:51ऐसा नहीं होता तो इतना बड़ा ये मुद्दा नहीं बनता
02:54तो यहां पर चंपत राय की भूमिका पर सवाल नहीं उठते या फिर अब सीधे जाच की सारी दिशाएं मुड़
03:00जाई या निल मिश्रा क्यों
03:24इसके पास हो सकती है तो यह सारे आरोप लग रहा हो इस वज़े से चंपत राय का नाम सामने
03:28आए चंपत राय भले कह रहे हो कि भाई मेरा इसमें कोई रोल नहीं है में अपनों नहीं मुझे ठगा
03:33आती है तो फिर वहाली बात हो गई कि आप इतनी बड़ी सिम्मेदारी ले
03:55इसाइटी ने भी जांच की है अब देखना यह कि चंपत राय को आरोपी बनाया जाता है या नहीं बनाया
03:59जाता है लेकिन सूत्रों के मताबिक जानकारी हमें मिल रही है साइटी के फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय का नाम
04:04हो इस पर एक बड़ा सवाल अभी भी बना हु
04:23और चिठी में उन्होंने आरोप किस पर लगाए गंभीर आरोप लगाए है अनल मिश्रा पर चंपत राय ने कहा है
04:29कि एक सच सामने आएगा
04:51चड़ावा चोरी मामले में 25 जून को एफाइयार दर्ज की गई
04:5827 जून को चंपत राय ने ट्रस्ट को अपना स्टीफा सौंप दिया
05:016 जुलाई को ट्रस्ट ने स्टीफा मन्जूर भी कर लिया
05:04स्टीफा स्विकार किये जाने के बाद चंपत राय ने पूरे मामले में पहली बार अपनी बात रखी है
05:13चंपतराय ने रामभक्तों के नामें चिठी लिखी है
05:15इसमें उन्होंने अपने उपर लगाए गए आरोपों को मन गढ़ंत करार दिया है
05:19कहा है कि जल्द ही वो अपने उपर लगे सभी आरोपों का क्रम वाढ़ंग से जवाब देंगे
05:26राम भक्तों के नाम लिखी चिठी में चमपत राय ने कहा है कि मेरा जीवन खुली किताब के तरह रहा
05:32है सभी साथ के सामने आएंगे
05:35चिठी के जरीए चमपत राय ने सफाई दी है कि SIT के इंतिम रिपोर्ट आने के बाद वो सबी आरोपों
05:41और सवालों का जवाब देंगे
05:44चमपत राय ने SIT के इंतिम रिपोर्ट का भी जिक्र किया है जिस पर टरस्ट की बैठक में चर्चा हुली
05:49SIT ने चंपतराय से भी सवाल जवाब किये थे
05:52उस दोरान चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT को
05:54चंपतराय ने जो जवाब दिये वो भी सामने आ गए हैं
05:57अपने जवाब में चंपतराय ने ट्रस्ट के सदत से रहे
06:00अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगा दिये हैं
06:02उन्होंने कहा कि चढ़ावे की गिंती के लिए
06:04नियासी अनिल मिश्रा और बैंक के बीच दिशा निर्देश जारी किये गए थे
06:08उस पर अनिल मिश्रा और SBI मैनेजर के हस्ताक्षर थे
06:11मैं उस पत्र से कदापी सहमत नहीं हूँ
06:16चमपतराय ने च्छे फरवरी 2025 के जिस दिशा निर्देश पत्र का हवाला दिया है
06:21उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं है
06:22साथ ही कहा कि इसकी जानकारी 13 जून 2026 को हुई
06:28चमपतराय ने कहा कि बैंक के साथ हुए करार में गड़बड़ी हुई
06:31M.O.E.U. पर उनके हस्ताक्षर होने चाहिए थे
06:33लेकिन बिना उनकी जानकारी के M.O.E.U. साइन किया गया
06:36उन्होंने बैंक की तैप रकिरिया पर भी सवाल उठाए
06:39चमपतराय ने कहा कि बैंक ने कुरसी पर बैट कर और मेज पर रख कर
06:43काउंटिंग का सुझाव दिया यही चोरी में मददगार बना
06:46काउंटिंग रूम से आते जाते समय विशेश तलाशी में भी लापरवाही बरती गई
06:50बिना जेव के कपड़े के नियम का भी पालन नहीं किया गया
06:52बैंक ने पहले जो कपड़े दिये थे उसमें जेव थी चमपतराय ने कहा कि
06:57बैंक अधिकारी ही बताएंगे कि नियमों के पालन में धिलाई कैसे हुई
07:02हालांकि ट्रस्ट के कोशा जक्ष गोविन देवगिरी लगाताच चमपतराय का बचाव कर रहे हैं
07:07इस संपूर कारे को जिरोंने पहले दिन से खड़ा किया है और जिरोंने इसके लिए अपना पुरा जीवन समर्पन किया
07:15है
07:15उनके निर्दोष होने का हम लोगों को विश्वास है
07:18तो निर्दोष आप कैसे मानते हैं जब उनके नाक के नीचे इतनी बड़ी चोरी हुई
07:2589 लाक से ज़्यादा कैश पकड़ा गया
07:29क्या उनको आप मानते हैं कि लापरवार है क्या मानते हैं कि उनके नाक करनी चीज़ चोरी हुई
07:50इस मामले में SIT की जांच तेज है चंपत राय पद छोड चूड़ चुके है
07:54आरोपियों से सवाल जवाब जारी है
07:56ऐसे में अब सभी के निगाहें
07:58SIT की फाइनल रिपोर्ट की ओर टिकी हैं
08:01समझ श्रिवास्तर के साथ कुमार अबशेक आयोध्या आज तक
08:05तो SIT के अंतरिम रिपोर्ट की नौ पन्नों को हमने पड़ा है
08:09इन पन्नों में चंपतराय का नाम कहीं भी सवालों के घेरे में नहीं है
08:13लेकिन अनिल मिश्चा को कई लापरवाही कई चूक के लिए जिम्मेदार ठेरा कर
08:17ये तक सरकार की SIT ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है
08:22कि अनिल मिश्चा की वज़ा से ही चोड़ी और गबन के हाला तने
08:25इसलिए सवाल है कि जब इतना कुछ साफ है तो F.I.R. में क्यों नाम नहीं है
08:32राम के सेवक जिनके दामन पर चड़ावा चोरो पर आखें मूंदे रखने की वजह से आरोपों का दाग लगा
08:38वो सभी का स्तीफे वाले साबुन और ट्रस्ट के पदों से विदाई के जाग से बेदाग साबित हो गए
08:45सबसे पहले याद करिए जनवरी 2022 के इस वीडियो में अनिल मिश्रा जब प्राण प्रतिष्ठा समारों से आयन पहले यजमान
08:53के तौर पर ट्रस्ट के सदस से
08:54अनिल मिश्रा सर्यूस नान करके वैदिक अनुष्ठान में सपत्नीक बैठने जाते हैं तो कहते हैं
09:18अनिल मिश्रा जिन पर भरोसा करके करोणों हिंदूों के आस्था से जुड़े राम मंदिर ट्रस्ट में राम काज सौपा गया
09:25अनिल मिश्रा जो कहते थे का योध्या की छवी पूरी दुनिया में बदल गई है
09:30मेरा एक बालक है जो जर्मनी में है चिकित्सक है जिस दिन यहां दीपों सो प्रारंब हुआ था वह बैठ
09:39करके टीवी वे अपने दोस्तों के साथ उसको देख रहा था उसके दोस्तों ने कहा
09:46सुधानसू तुम्हारी यह अध्या है
09:51लोग तो इसको दंगाई यह अध्या कहते थे अरे यहां तो दीपों की अध्या है
09:55कितना प्रकासित हो रही कितना दीप्तिमान है इस अयोध्या की च्छवी को कैसा लोगों ने स्थापित किया था
10:03माने और आपने आप करके अयोध्या की इस सोरूप को दुनिया के दृष्टी में बदल दिया है
10:10आने वाले समय में दुनिया में धर्म दोजा इस हिंदुत्य की पताका के रूप में सनातन की पताका के रूप
10:17में स्थापित रहेगी
10:18लेकिन अब अनिल मिश्रा ही अयुद्या की छवी को नुकसान पहुचाने के कड़ घरे में खणे
10:23अयुद्ध है के राममंदी ट्रस्ट में काम करते रहे अनिल मिश्रा ने भले स्टीफा दे दिया हो
10:28लेकिन योगी सरकार की तरफ से गठित SIT की शुरुवाती जांच के नौपनने चीक चीक कर कहते हैं
10:34के अनिल मिश्रा पर उठे सवाल केवल स्टीफे के साबुन से साफ नहीं हो सकते
10:39SIT की 23 जून की जांच रिपोर्ट कहती है अनिल मिश्रा जिम्मेदार है
10:43अनिल मिश्रा वित्तिय मामलो नकदी जमा करने के जिम्मेदार है
10:48SIT की 23 जून की जांच रिपोर्ट कहती है 6 फर्वरी 2025 के SOP में सारी जिम्मेदारी ट्रस्ट की थी
10:54वो ट्रस्ट जिसकी तरफ से दस्तकत अनिल मिश्रा ने किया लेकिन सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया आप कहेंगे
11:01कैसे सुरक्षा उपाय तो ध्यान से देखिए
11:36लेकिन SIT की 23 जून की जांच रिपोर्ट ये भी कहती है जहां पेज नंबर 6 पर साफ साफ लिखा
11:42है अनिल मिश्रा की भूमिका महत्वपूर्ण क्योंकि
11:45कि एसोपी बैंक संग समन्वय कैश काउंटिंग से सीधे जुले तलाशी ना होने के बारे मां निल मिश्रा को बताया
11:51गया फिर भी प्रभावी निर्देश इन्होंने नहीं दिया चड़ावा गिनने वाले निर्धारित कपड़े पहने ताकि जेब और मोजे में पैसा
11:58भर क
11:58कर ना ले जा सके लेकिन अनिल मिश्रा ने सुधार करने का कोई आदेश नहीं दिया एसाइटी की रिपोर्ट कहती
12:04है चड़ावा गिनने वाले कमरे में निजी वस्तु लेकर लोग ना जाए ये रोका जाना था लेकिन अनिल मिश्रा ने
12:09यहां पर भी आदेश नहीं दिया �
12:11रिपोर्ट कहती है कि निल मिश्रा तलाशी की निर्धायत व्यवस्ता को शिथिल यानि ठंडे बस्ते में डाल देने के उत्तरदाई
12:17है रिपोर्ट में साफ लिखाये कि निल मिश्रा अपने दायत्तों की प्रति उदासीन रहे जिस से चोरी और गबन की
12:23घटना हो तो क्यों
12:38बाहर सोते रहे बेलकि जब इनको बताया गया कि मिश्रा जी आप ऐसा करेंगे तो चोरी हो जाएगी जरा जाग
12:44जाईए तो अनिल मिश्रा वापस फिर से आँख बंद करे रहे जैसे आँख बंद करके बैट रहे हैं ट्रस्ट के
12:49सदस्य भी जो सोंगवार की बैठक में ख�
13:05जाना रुक जाते हैं
13:07साइटी की रिपोर्ट में अनिल मिश्रा को बहुत जिम्मदार तहराए गया है उनके नाम हैं लेकिन चंपत राय के नाम
13:13नहीं तो अनिल मिश्रा दोशी है आपको लगता है
13:16दोशी है कि नहीं यह SIT निश्चित करेगी यह मुझे नहीं बतलाना है
13:22SIT जिसको दोशी करार करेगी वो दोशी है मैं क्यों बताओ कि वो दोशी है अत्वा नहीं है
13:27मेरे हाथो में सिट की जो 9 पन्ने की रिपॉर्ट है इस रिपॉर्ट के 6 पन्ने पर अनिल मिश्रा का
13:35दिकर है और ये जिकर कहता है कि अनिल मिश्रा की जिनमेदारी निगरानी रखने की रही है
13:43यानि कि आसान भाषा में समझाओं तो सुरक्षा मानको की निगरानी के तौर पर अनिल मिश्रा ट्रस्ट में एक्टिव रहे
13:51लेकिन उनके द्वारा ही इस पूरे नेक्सिस में अंदेखी की गई है
13:56इतना ही नहीं रिपोर्ट ये भी कहती है कि जब डोनेशन स्कैम की जानकारी मिली उसके बाद भी अनिल मिश्रा
14:02ने कोई कदम नहीं उठाया
14:04तो कुल मिलाकर अनिल मिश्रा की भारी चूक इस पूरे चंदा चोरी मामले में उजागर होती है
14:13लेकिन बड़ी बात तो ये है कि ट्रस्ट की बैठक में तो उनका स्थीफा कुबूल किया जाता है
14:19या यूं कहें कि उनका स्थीफा कुबूल कर उन्हें आसान रास्ता दिखा दिया जाता है
14:27सवाल तो ये भी बनता है कि जो ट्रस्ट आठ लोगों को जेल भिजवाता है
14:32F.I.R. भी कराता है क्या वही ट्रस्ट अपने पदादिकारी डॉक्टर अनिल मिश्टा के खिलाब भी मुकदम कराएगा
14:41ये सवाल इस वक्ट अयोध्या देश और प्रदेश ट्रस्ट से पूछ रहा है
14:48सवाल ट्रस्ट के कोश अद्यक्ष गोविद देवगिरी को लेकर भी उठ रहा है
14:53जो एकरफ तो क्लीन चिक चंपल राय को देते हैं दूसरी तरफ अपनी जवाब देही से पल्ला ज़ाड लेते हैं
15:11ट्रस्ट के महा सचिव चंपत राय को लेकर पूछिए तो कोशा ध्यक्ष गोविद देवगिरी कहते हैं जी वो तो एकदम
15:17निर्दोश है
15:17ट्रस्ट के ताकतवर सदस्य अनिल मिश्रा को लेकर पूछिए तो ट्रस्ट के कोशा ध्यक्ष गोविद देवगिरी कहते हैं उनका फैसला
15:25SIT करेंगी और खुद की जवाब देही पर जब सवाल कोशा ध्यक्ष गोविन देव गिरी से होता है तो जवाब
15:31आता है हम तो पू
15:45आता नहीं था लेकिन हमारे पूने कार्यार लेके हमारे सहयोगी चैटर अकाउंटन्स जो मेरे सोयम के वहां के कोशाग द्यक्षा
15:54है उनको भेड और वे आकर के महिने में पांच दिन यहां पर रहते थे सारे हिसाब जाशते थे उने
16:00के कारण में निश्चिंद रहे पाता था
16:02अपनी कोशाग ध्यक्ष वाली जिम्मेदारी तो गोविन देवगिरी पूने से बैटकर हवा में निभाते रहे और अब कहते हैं चड़ावा
16:10चोरी की बात सुनकर इनको दुख, वेदना, शर्म, लज्जा सब होने लगी
16:31इतना कुछ होने लगा है तो क्यों नहीं खुद गोविन देवगिरी ट्रस्ट से अपनी जवाब देही को लेकर स्थीफा देते
16:37हैं
16:45अपनी नजर नहीं रखी जो लोग पोस्ट देख रहे थे हैं अपने साती जब काम कर रहे हैं और वो
16:50उनकी जिम्मेदारी है तो इसमें मुझे ध्यान देने के आवशक्ता नहीं थी
16:55तो फिर ट्रस्ट में कोशा ध्यक्ष्टी कुरसी पर बैठे रहने के आवशक्ता क्यों क्यों नहीं चंपत्राय और अनिलविश्रा पर ये
17:02फाई यार कराते क्यों चंपत्राय के माफी मांगने से जुड़े सवाल पर ये बचने लगते
17:08अखरी सवाल ये बता जी कि क्या चंपत्राय को या दूसरे लोगों को माफी माव लेनी चाहिए
17:25आखरी सवाल है माराजी
17:38यह तो हालत मानो जल्दबाजी है कि बस एसाइटी की जाच में जो आठ लोग का नाम सामने आये उनको
17:45ही सदा दिला कर बाकी चेहरे बचा लिए जाने जिसमें गोविन देव गिरी को लेकर भी सवाल आता है
17:51गोविन देव गिरी जो पूने से आडिट करने वालों को भेज कर अपने कोशा ध्यक्ष वाले करतब की इतिश्री करते
17:57हैं जिनको इतना भी नहीं पता चला कि जिस ट्रस्ट के ये कोशा ध्यक्ष हैं उसके कोश से चढ़ावा चोरी
18:04होता जा रहा है लेकिन इनको वो जरूर �
18:06पता चल गया जो एसाइटी को भी पता नहीं चल पाया अपरादी को अपने पास ड्राइवर के रूप में रखा
18:14उसके पास चाबिया रही वो सब को नियंद्रन करता रहा इन सब बातों की अंदेखी करना यह उनका जो सुलहावगत
18:22दोश्य है उनका जो ड्राइवर है उसक
18:28उसके तो जो आशंका है उसका ड्राइवर भी बाहर के लोगों के साथ कनेक्टेट था उन लोगों के द्वारा इसको
18:36यह बूस्ट किया गया कि ऐसा कुछ करो और हमें उसकी सुचना दो यह करवाया गया ऐसा भी मुझे निकबार
18:43लगता है
18:45मतलब अपनी जिम्मेदारी वाली द्रिष्टी नहीं लेकिन इनके पास सियासी दिव्य द्रिष्टी है जिनको अभी यह लगने लगा कि CEO
18:51की न्युक्ति हो जाएगी तो फिर कभी चढ़ावा चोरी नहीं होगी
18:56एक CEO के अभाव में यह सुब हुआ है क्योंकि निगरानी रखने का काम जो है यह इस प्रकार के
19:02जो प्रोफेशनल ब्यूराक्रेटिक लोग है उनकी डिसिप्लिन से होता है वह हम लोग यहां पर नहीं लाएं इसका यह प्रणाम
19:10हुआ
19:11तो यह बात ट्रस्ट बनते ही क्यों नहीं कह दी क्यों इतने लंबे वक्त तक वो पदभार उठाते रहे जिसके
19:16लिए खुद को ही योग्य नहीं मानते और नहीं मानते तो फिर इस्तीफा क्यों नहीं देते
Comments