00:00ओम शहर में खामिनई की यात्रा में लोगों ने लाल ज़ंडे क्यों दिखाए?
00:10अर्तुला अली खामिनई का शब इराग क्यों ले जाय जा रहा है?
00:19इराग में इराग में इराग ने भेजी 15 गाहती में, कर्बला में पूरी तयारे
00:30इराग के पूर सुप्रीम लीडर आयतुला अली खामिनई का जनाजा अब शियाओं के धार्मिक शहर कौम में पहुचा
00:36तो विदाई देने के लिए भीड उमर पड़ती है
00:39जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चाहाया
00:42ये इसलामिक परंपरा में बदले या हून की बांग का प्रतीक माना जाता है
00:47आपको बता दे कि 4 जुलाई से शुरू हुई खामिनई की अंतिम यात्रा में
00:51इरान के लोग ऐलानिया कह रहे हैं कि वो खामिनई की मौत का बदला जरूर लेंगे
00:57कोम में खामिनई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई
01:01इसलामी परंपरा में ऐसी पगड़ी सिर्फ बड़े धर्मिक विद्वान पहनते हैं
01:05ताबूत पर इरान का रष्टिय जंडा भी उड़ाया गया है क्यूंकि वो देश के सर्वोच नेता थे
01:12टून से ली गई ये तस्पीरें इरान के कोम शहर की चमकरान मस्जिद की हैं
01:17जहां तक नजर घुमाईए काली पोशाक में अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन करने के लिए आए
01:23लोग ही नजर आएंगे
01:25मस्जिद में पैर रखने की जगह तक नहीं है
01:27लोग आ रहे हैं अपनी भावनाओं का इजहार कर रहे हैं
01:31बाहर निकल रहे हैं और बाकी लोगों के लिए अंदर आने का रास्ता बना रहे हैं
01:36कोम की जमकरान मस्जिद में हामिनाई और उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के जनाज़े की नमाज अदा की गई
01:46इस दोरान मस्जिद परिसर और आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
01:53इरां का कौम शहर शिया मुसलमानों का प्रमुक धर्मिक केंद्र है
01:57खामिने ने अपने शुरुवाती धर्मिक जीवन में यहीं इस्लामी शिक्षा हासल की थी
02:02इसलिए उनकी अंतिम यात्रा का ये पढ़ाव खास माना जा रहा है
02:06वैसे कौम शहर को शिया इस्लाम की वैचारिक राजधानी माना जाता है
02:10यहाँ कई जाने माने धर्मिक शिक्षर सर्थान और बड़े आयतुलाहों के केंद्र मौजूद है
02:15अली खामिने के जनाज़े से जुड़ी रस्पों में इस शहर को शामिल करना
02:19शिया धर्मिक नतिष्ठानों के तती सम्मान और एकता का प्रतीक बाना जा रहा है
02:24आठ जुलाई को खामिने के अंतिम यात्रा इराक के नजफ और कर्बला ले जाई जाएगी
02:30इरान ने अयतुला अली खामिने के अंतिम संसकार से जुड़े कारिकरमों के लिए इराक में 15 रहत टीमें भेजी हैं
02:37इरान की न्यूज इजनसी इर्णा के मताबिक 55% रहत कर्मी पूरी बचाव समगवी के साथ इराक के नजफ और
02:44कर्मला पहुँच चुके हैं
02:45ये तीमें अंतिम संसकार से जुड़े सभी कारिकरम खत्म होने तक वही तैनात रहेंगी और ज़रूरत पढ़ने पर लोगों को
02:52आपात कालीन और बचाव सेवाएं देंगी
02:54हमिनई के पार्थिव शरीर के अंतिम संसकार से जुड़ी रस्पों से एक दिन पहले इराक के शहर कर्बला में तैयारियां
03:01तेज हो गई हैं
03:02लोग कारिकरम से पहले ही बड़ी संख्या में कर्बला पहुँचने लगे हैं
03:06इराक से होते हुए नौ जुराई को हमिनई की अंतिम यात्रा उनके पैत्रिक शहर मशध पहुचेगी
03:12यहां इमाम रजा की दरगाह के अंदर हमिनई को सुपूर्दे हाक किया जाएगा
03:16शिया संप्रदाय के कुल 12 पवित्र इमामों में से इमाम रजा एक मात्रे ऐसे इमाम हैं जिन्हें इरान की धर्टी
03:23पर दफनाया गया है
03:24बाकी के सभी इमाम या तो साओधी अरब में या इराक के नजफ कर्बला और समर्रा में
03:30इमाम रजा शिया मसल्मानों के आठबे इमाम माने जाते हैं उनकी बठती लोग प्रियता से डर कर तकालीन शासक अबबासी
03:37खलीपा ने जहर दे कर उनकी हत्या करा दी थी
03:40जहां इमाम रजा को दफनाया गया उस जगह का नाम बाद में मशध पड़ा जो आज इरां का दूसरा सबसे
03:47बड़ा शहर है
03:47मशध शिया मसल्मानों के लिए मक्का, मदीना और कर्बना के बाद सबसे पवित्र स्थलों में से एक है
03:53जहां हर साल दुनिया के कई देशों से लाखों शियास्ट धालू दर्शन के लिए पहुंचते हैं
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