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  • 21 minutes ago
भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है. सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से कहा गया कि कुछ वेबलिंक उपलब्ध नहीं हैं और एक लिंक केवल पैपराजी फोटो से जुड़ा है, जबकि अभिषेक शर्मा की ओर से दावा किया गया कि वह AI से बनाई गई तस्वीर है. अदालत ने कहा कि मानहानि और व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन के बीच बेहद महीन अंतर होता है. कोर्ट ने याचिका में शामिल वेबलिंक के स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर नहीं होने पर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई तय की. इससे पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट कई चर्चित हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी कर चुका है.

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00:28
00:30सुनवाई के दौरान मेटा की और से अदालत को बताया गया कि याचिका में शामिल आर्ट वेब लिंक में से
00:35दो लिंक फिलाल खुल ही नहीं रहे जबकि एक लिंक में मौजूद तस्वीर सिर्फ पैपराजी फोटो है जिससे व्यक्तित्व अधिकारों
00:42का उलंगन नहीं होता
00:43इस पर अभिशेक शर्मा की और से पेश वकील ने दावा किया कि संबंधित तस्वीर आर्टिफिशल इंटेलिजन्स यानि AI से
00:51तैयार की गई है यहीं से अदालत में AI और व्यक्तित्व अधिकारों पर बहस तेज हो गई
00:56सुनवाई के दोरान दिल्ली हाई कोट ने कहा कि मानहानी और व्यक्तित्व अधिकारों के उलंगन के बीच एक बेहद पतली
01:03रेखा होती है कई मामलों में दोनों बाते एक दूसरे से जुड़ी हुई होती है
01:07कोट ने ये भी पाया कि याचिका में जिन वेबलिंग्स का दिकर किया गया है उनके स्क्रीन शॉर्ट रिकॉर्ड पर
01:13मौजूद नहीं है
01:14इसके बाद अदालत ने अभी शेख शर्मा के वकील को स्क्रीन शॉर्ट के साथ अतरिक थलफ नामा दाखिल करने का
01:20निर्देश दिया
01:20गौर तलब है कि दिल लिहाई कोट इससे पहले सलमान खान, गौतम गभीर, रवी किशन, शशी धरूर, अलू अर्जुन, सुनील
01:29गावसकर, करन जोहर, एश्वर्याराय बच्चन, अभिशेक बच्चन, काजोल और अन्यक कई चर्चत हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारो
01:37की सुरक्षा को लेकर ऐसे आदेश दे चुका है
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