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  • 2 days ago
उदयपुर में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी. 95 किलो चांदी से निर्मित अनोखा रजत रथ इस भव्य उत्सव का मुख्य आकर्षण है.

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00:13जीलों की नगरी उदैपूर इन दिनों पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर है
00:17मौका है भगवान जगननात की एतिहासिक रथियात्रा का
00:21जिसे देश की तीसरी सबसे बड़ी रथियात्रा होने का गौरव हासल है
00:25इस रथियात्रा को लेकर श्रधालों का उत्सा और श्रधा चरम पर है
00:30इस वर्ष की यात्रा में सबसे बड़ा आकरशन का केंद्र भगवान जगननात का वहदिव्यरत है
00:36जो पूरे 95 किलो शुद्ध चांदी से निर्मित है
00:39फिलहाल इस रजत रथ को अंतिम रूप देने का काम युधिस्तर पर चल रहा है
00:44देखिए भगवान ठाकुर्दी से जगनात स्वामी का जो रत है
00:48वह 16 जुलई के दिन जो है भगवान के नगर ब्रह्मन के उपर निकलेगा
00:54उससे पहले पूर्व संध्या में जो है 14 जुलई को जो है भगवान के विशाल बजन संध्या है
01:00जो बजन संध्या को आयोजन रखा गया है जगदिश चोप में तो विशाल बजन संध्या होगी और वहां पर दरसन
01:08के लिए इस्तापित किया जाएगा
01:30साल 1996 से इस यात्रा ने आधुनिक और विशाल रूप ले लिया
01:35इस पार 14 जुलाई को जहां विशाल बजन संध्या से पूरा शहर गुंजेगा वही 16 जुलाई की सुभा भगवान जगनात
01:42का पंचामरत इसनान होगा
01:44इसके बाद ठाकुर जी विशेश के सरिया वस्त्र धारन कर अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमर पर निकलेंगे
01:51पूरे शहर में सुरक्षा और स्वागत की तैयारियां पूरी की जा रही है
01:55और उसके बाद में एहां से जबाद जगनात स्वामी की भगवान के सोला जुले के कई
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02:27ुसके बाद में जो है वहां से पुना वगवान प्रस्तान करके और जगनिश मंदिर पदा रहेंगे तब तक 11.30
02:33बजे के आसपास जो है जगनिश मंदिर में फिर महा आरती के साथ ही रतियात्र का सम्मपन।
02:57महाराणा भूपाल सिंग के समय में तो रत के आगे नर्तकियां पारंप्रिक निर्ति करती थी और पूरा महल ठाकुर जी
03:04की भक्ति में लीन हो जाता था
03:27महाराणा नगरप्रबन को भक्तों को दर्शन देने सोय बक्तों के द्वार पहुंते हो उनके भक्तों के वहाव पाव और दुप
03:34दर्थ सुनते हैं और इस रतियात्र के दोरा जो भगवान ठाकुर जी का रत्य वो एक अठाउन खंड में पूरा
03:44फोल्डिंग रत्य और इस
03:55अपसे बड़ा आकर्शन है यह रजत रत 21 फीट उचे और 17 फीट लंबे इस विशाल रत की कहानी बेहद
04:02अनोखी है इसे पूरे साल एक साथ जोड कर नहीं रखा जाता बलकि इसके 58 अलग-अलग हिससे सुरक्षित तिजोरी
04:10में रहते हैं यात्रा से ठीक चार दिन पहले ज
04:24पिल पारी कि डिपूर
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