00:22बन्थे बिगड़ थे आदमी के किस्मत हो
00:27इहीला कही थे जिनगी के सूरत हो
00:33बन्थे बिगड़ थे आदमी के किस्मत हो
00:38इहीला कही थे जिनगी के सूरत हो
00:44पिर्या खवाले कोनों चाहे भगवान के
00:49धर के भी करमा जड़ थे मा था इनसान के
01:00ऐसे कईसे गिर जाही माटी के सपना
01:06महनत ले फिर आही खुसिया तोर अंगना
01:11ऐसे कईसे गिर जाही माटी के सपना
01:16महनत ले फिर आही खुसिया तोर अंगना
01:22आही रे तोर अंगना
01:55पाव के छालाहा तै ध्यान नई दे
02:01फिर यत का जन करते परान नहीं दे
02:06पाव के छालाहा तै ध्यान नई दे
02:12फिर यत का जन करते परान नहीं दे
02:18हो जाही तोर पूरा फर एक सपना
02:23धिल जाही फिर ले कर आओ अंगना
02:31उपर वाला दे खेरे करनी इंसान के
02:37महनत ले मिल थे संगी पैसा सम्मान के
02:42पैसा सम्मान के
02:47ऐसे कैसे गिर जाही माटी के सपना
02:53महनत ले फिर आही खुशिया तोर यंगना
02:58ऐसे कैसे गिर जाही माटी के सपना
03:04महनत ले थिर आही खुसिया तोर यंगना
03:09आही रे तोर यंगना
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