00:00इरान में 4 जुलाई से 9 जुलाई तक सुप्रिम लीडर आयातुला आले खामने के जनाजे की चर्चा हो रही है
00:06पश्चिम एशिया युद्ध की आग में जुलस रहा है
00:09हर्मुजिस ट्रेट पर दुनिया की सांसे अभी वियर्ट की हुई है
00:12लेकिन इसी बीच भारत से आई एक ख़बर ने करोडों किसानों की सबसे वड़ी चिंता खत्म कर दी है
00:20सवाल है जब दुनिया सप्लाई चेन के संकट से जूज रही थी तब भारत ने आखिर ऐसा क्या किया कि
00:26खादे और यूरिया की सप्लाई भी नहीं रुकी
00:28पश्चिम एशिया में कई महीनों से तनाव बना हुए है युद्ध, मिसाईल, हमले और हर्मोज स्ट्रेट पर पढ़ते खत्रे ने
00:35पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को जटका दिया
00:37हर्मोज स्ट्रेट वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के तेल और कई जरूरी सामान की बड़ी खेब गुसरती है
00:44ड़ यही था कि अगर यह रास्ता बादित हुआ तो सबसे पहले असर पढ़ेगा खाद, यूरिया और उर्वरुकों की सप्लाई
00:50पर और इसकी सीधी मार किसानों पर पढ़ेगी
00:53लेकिन भारत ने इस संकट किसमे ऐसा कदम उठाया जिसने हालात बदल दिये
00:58रसाइन इवं उर्वरक मंत्राले ने बताया कि 15 बड़े जहाज सुरक्षित तरीके से हर्मुझे स्ट्रेट पार कर चुके हैं और
01:05भारत की ओर पढ़ रहे हैं
01:07इन जहाजों में सिर्व सामान नहीं बलकि करोरों किसानों की राहत भी छुपी है
01:11आठ जहाजों में 3.32.00.00 टन यूरिया चार जहाजों में 2.57.00.00 टन टी एपी और
01:20तीन जहाजों में 1.1.1.00.00 बारत को मच रहे हैं
01:26यही नहीं सरकार ने साफ कर दिया है कि 5 और जहाज चल भारत के लिए रवाना होंगे
01:32प्रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड़ा के मताबिक पश्चिब एशिया के संघर्ष में वेश्ट्रिक सप्लाई चेन को प्रवाइड किया
01:39उर्वरकों की कीमत बड़ी शिप्में में देरी हुई
01:42लेकिन भारत के विदेशों में मौझूद मिश्चनों ने दुनिया भर के सप्लाईर से लगातार संपर्ग बनाए रखा ताकि किसानों तक
01:50हाद की कमी ना मचे
01:52इतना ही नहीं कुछ समय पहले उर्वरक खारखानों को मिलने वाली नेचरल गैस की सप्लाई करीब 65% तक घट
01:59गई थी
01:59लेकिन अब उसे 100% तक बहाल कर दिया गया है यानि घरेली उत्पादन भी पूरी रफतार से जारी है
02:06भारत ने सिर्फ मौझूदा संकट नहीं समाला बलकि बैक अप प्लान भी पहले से तैयार कर रखा है
02:12यूरिया के लिए उमान, मिलेशिया, वेतनाम, जॉर्जिया, नाइजिरिया, रूस, फिनलेंड, विस्र, अलजीरिया, तुर्की और नीदर लेंड जैसे वेकल्पिक विवस्ता की
02:20गई है
02:20जबकि डियेपी और न्पिय और वर्वरकों की आपुटी, रूस, मुरको, मिश्र, अमिर्का, जॉर्डन, टक्षन, कुरिया, टूनीशिया और साओधी अरब से
02:29सुनिशित की गई है
02:31यानि अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा रास्ता पहले से तैया रही
02:35सरकार के मताबिक भारत को हर साल करीब 383.9 लाक और वर्वरकों की जरूरत होती है
02:43लेकिन किसी भी आपात इस्तिती से निपटने के लिए
02:46197.56 लाक टन यानि सालाना जरूरत का 51 परतीशित से ज्यादा स्टॉक पहले से सुरक्षित रखा गया है
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