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  • 5 minutes ago
अमरनाथ यात्रा: यात्रा पर खतरा बड़ा, भक्तों का उत्साह पूरा, देखें वीडियो

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00:01वूू।
00:30बाबा अमरनाथ की यात्रा शुरू हो चुकी
00:46बंबं भोले के नारों से कश्मीर की वाधियां गूज रही
01:02आज पहले जट्थे के दर्शन भी हो चुकी
01:12यात्रा इस बार खास इसलिए है क्योंकि ये लंबी चलेगी
01:17अमरनाथ यात्रा इस बार 57 दिन की होगी
01:203 जुलाई से 28 अगस तक यात्रा चलेगी
01:23इस वक्त अलग-अलग यात्रा मार्गों से करीब 20 हजार लोग धर्शन करने जा रही
01:31यात्रा में आज तक की कई टीमें मौजूद है
01:35हमारी पहली टीम के जीतेंदर सिंग थी इस पहले जथे के साथ थी
01:41बाबा बर्फानी की गुफा के सबसे नजदीक पहुचने वाला अकेला चैनल आज तक है
01:46तस्वीरों में हम आपको सीधे लाइप दिखा रहे हैं कि बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए
01:51सरद्धालू किस तरीके से यहां उपर की तरफ सीधियों से होते हुए पहुच रहे हैं
01:56यह पवित्र गुफा बाबा बर्फानी की है और आज पहला जथा यहां पर दर्शन कर चुका है
02:02इसके साथ ही आज से जो यह सुरुवात हुई है दर्शन करने की वो 28 अगस तक चलेगा
02:07आप तस्मीरों में देखिए कि पूरा किस तरीके से यहां जो बाबा बर्फानी की गुफा के पास तर्यारियां की गई
02:14हैं
02:14और यहां पर लोगों के लिए सुविधाओं भी अलग अलग तरीके की दी गई हैं
02:19यह जो जल यहां से गुफा से आगे की और निकलता है यहां पर भी लोग जल का आजमन करते
02:27हैं
02:27लोग यहां मिलते हैं और इसके साथ असनान करने के बाद बाबा बर्फानी की गुफा के दर्शन करने के लिए
02:34जाते हैं
02:37अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से की जाती है
02:39पारंपरिक रास्ता 48 किलोमेटर लंबा नुन्मान पहलगाम से
02:44दूसरा रास्ता गांदेरबल जिले में 13 किलोमेटर लंबे बाल टाल से हिंदुओं की ये सबसे बड़ी यात्रा है
02:51सर्दियों में ये फूरा इलाका वर्फ से ढखा होता है
02:54मार्च में जब वर्फ गलती है तो यहां यात्रा का मार्ग साफ किया जाता है
02:59यात्रियों के रुखने के लिए इंतिजाम किये जाते इतना इंतिजाम करते करते तीन महीने से ज़्यादा का वक्त लगता है
03:05इसलिए अब जाकर यात्रा शुरू ही है
03:09तस्मीरों में जो आप यहाँ पर देख रहे हैं टेंट्स वगरा जो लगे हुए हैं
03:13ये स्रध्धालू के लिए यहाँ पर इंतिजाम किये गए हैं कि उनको किसी भी तरीके की दिक्कत न हो
03:18साथी बेस कैम्प भी हॉस्पिटल भी यहाँ पर बनाया गया है
03:21कि अगर स्रध्धालू किसी की इस 14,000 फीट की हाइट पर उनको परिशानी होती है
03:27या किसी भी तरीके से बीमार होते हैं तो उनके लिए इस तरीके की व्यवस्था यहाँ पर की गई है
03:31तो यह पूरी तैयारी यहाँ पर अमरनाथ स्राइन बोर्ट के द्वारा किया गया है
03:36मैं इस वक्त जहाँ पर खड़ा हूँ इसकी हाइट 14,000 फिट के आसपास है
03:40और बालटाल से होते हुए सीधा पूरा करीब 12-13 किलो मीटर का यह रास्ता है
03:48और उचे उचे पहाड है इन सब के बीच होते हुए बाबा बरफानी के दर्शन करने के लिए
03:53आज तक की टीम यहाँ पर पहुची हुई है और आप पहले दर्शन यहाँ पर कर सकते हैं
03:58क्योंकि पहला जथा जो है वो आज ही यहाँ पर पहुचा हुआ है
04:01और सभी लोग लगातार यहाँ पर आ करके जैकारे लगा रहे हैं बाबा बरफानी के
04:07और कोशिस उनकी यही है कि एक जलक बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद वो यहां से नीचे की
04:13तरफ रवाने हो
04:15कश्मीर की पावनवादी में गुंजे जै जै बाबा बर्फानी
04:32बालटाल यातरा का प्रमुख बेस कैम है
04:34यहां से आगे 13 से 14 किलोमेटर की पैदल यातरा है
04:37यही पर 15 से 20 हजार शद्धालू होते हैं
04:41आम तोर पर शद्धालू यहां से सुभ़़़़ यातरा शुरू करते हैं
04:45और पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के बाद शाम तक वापिस भी लोटाते हैं
04:53बालटाल में आज तक की दूसरे टीम मौचूद है
04:55अभी फिलाल हमन देखें तो करीब 20 हजार शद्धालू अलग-अलग रास्तों में अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ रहे हैं
05:02कुछ लोग वहां सुभ़़ पहली आरती करके जो हमने तस्वीरें दिखाई वहां से करके वापस उतर रहे हैं
05:09उनका पहुचना अब दीरे दीरे शरू हो गया है कि पहले जथे के जो शदालू थे वो दीरे दीरे करके
05:16जो हैं
05:16अब आप तस्वीर में देख सकते हैं दीरे दीरे करके वापस लोट रहे हैं
05:20ये करीब सुबह चार बजे बालटल के रास्ते से गए थे उसे पहले भी कुछ लोग निकले थे और अब
05:26जो है क्योंकि मौसम संबला है रात बर बारिश हुई थी सुबह भी करीब 9 बजे तक बारिश हो रही
05:31थी लेकिन 9 बजे के बाद खुली दूप निकली है रास्ते सूग
05:35गए हैं तो कहीं न कहीं पूरी तरह से जो है अमरनाथ यात्रा के लिए मिसाज यो है वो पूरी
05:40तरह से बन गया है
05:45लेकिन शद्धालू किस वक्त जाएंगे और कब लोटेंगे ये सब मौसम पर निर्भर करता है जैसा कि आज हुआ
05:51आज सुबह पाँच बजे शद्धालू का पहला जथा रवाना हुआ था लेकिन जब दूसरे जथे की बारी आई तो बारिश
05:58बहुत तेज होने पता चला कि शद्धालू की भीड़ बहुत जादा होगे इसी लिए प्रशासन को यात्रा रोखनी पड़ी
06:04पर दिन ही इस अमरनाथ यात्रा में कल रात से जम कर यहां बारिशे हुई पूरे अमरनाथ के जितने भी
06:10रास्ते हैं वहां पर बारिशे हुई और अब मौसम संबला है लेकिन यहां पर अनुमान से भी ज्यादा बीड़ इस
06:17पहले दिन के दर्शन के लिए नसर बाल टाल प
06:34यात्रा के रास्तों पर अब जो की नियम होते हैं दिन में बीस हजार से ज्यादा शदालू नहीं छोड़े जा
06:40सकते हैं सुबह चार बजे से यह यात्रा शुरू हो गई और अब गेरा बजे को यह बंद कर दी
06:46गई है यहां से क्यूंकि अब जो दर्शन करके लोट रहे हैं
06:49वो काफिला वहां से लोट रहा है काफी तंग रास्ते हैं पहाडूं के बीच में से तो किसी यात्री को
06:56कोई छती न पहुँचे उसके लिए फिलहाल अब आज जो है आज पहले जथे की यात्रा रोग दी गई है
07:02कल सुबह दुबारा शरू होगी
07:06प्रशातन की कोशिश थी कि 10 बजे तर दूसरे जथे को रवाना कर दिया जाए लेकिन पीछे से और शध्धालू
07:12भी आगा अब अगर प्रशातन एक सार इन शध्धाल्वों को छोड़ देगा तो रास्ते में भीड हो जाएगा धका मुक्की
07:18हो सकती इसलिए जब भोले के �
07:20दुक्तों को रोका गया तो को आप रोशद दूमों के लिए हैं यारा बजे का टायम था उससे पहले ही
07:30रास्ता बंद कर दिये इन्होंने बंद कर दिया अब यहां पर रोग रखें अब इससे लोगों को कितनी कटनायों का
07:37सामना करना पड़ रहा है एक दिन ज्यादा रु
07:50के पंद्रा मिंट पर यहां है तो यात्रा रोग दी गई कहा कि दस बजे का आखरी समय है इसके
07:54बाद आप यात्रा नहीं कर सकते हम पिछले एक घंटे से यहां पर पूरे खड़े हैं और ना किसी तरह
08:00का जवाब दिया जा रहा है
08:20अब ही तो यात्रा सुचारू रूप से चल रही है लेकिन जैसे जैसे बरसात बढ़ेगी पारिश तेज होगी हालात और
08:26खराब होगी लेकिन भोले के भुक्तों के उत्सा में कोई कमी नहीं है
08:32वाल्टाल से अश्रफ बानी के साथ जीतेंद्र सिंग अबरनाथ
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