00:00मेरे लिए बड़े आशेरे की बाती बहुत साल पहले कोई कहा रहा था कि भूत बाधा और इस तरह की
00:05चीजें वही जो अंधविश्वास के अंतरगत आती हैं
00:07तो मैं उसको तरह तरह से समझा रहा था कि तुम क्या भूत प्रेत में उल्जो यह सब थोड़ी हो
00:11सकता है
00:11तो सुनता रहा सुनता रहा फिर बोलता रहा ये बात आप उनको तो कभी बोलते नहीं जो अच्छी ताकतों में
00:18विश्वास रखते हैं
00:19मैंने का क्या मतलब बोला मैं यही तो बोल रहा हूँ कि बुरी ताकते होती हैं
00:23अगर अच्छी ताकते हो सकती हैं अद्रिश्य तो फिर बुरी ताकते भी होंगी ना
00:27मैंने का आँ हाँ हाँ मुलता इसका मतलब ये बताइए कि अगर भगवान है तो फिर भूत भी होगा ना
00:33आप ये कैसे कह सकते हो कि भूत तो नहीं है पर भगवान है अगर एक अद्रिश शक्ति को मानोगे
00:40निगेटिव वाली तो पॉजिटिव वाली भी माननी पड़ेगी औ
00:43वाई से वर्सा और ये भूत वादियों के पास बहुत बड़ा तर्क रहता है वो कहते हैं अगर आस्मानों में
00:49छुपआ हुआ भगवान हो सकता है तो फिर इसी तरह यहाँ हवाओं में छुपे हुए भूत प्रेत क्यों नहीं हो
00:54सकते दर्शन वेदान इसी लिए परमसत्त
00:59को वहां नहीं स्थापित करता बिलकुल मना कर देता है कहता है ना आखों के सामने ना आखों के पार
01:06आखों के पीछे ना प्रत्वी पर है ना आकाश पर है परम सत्ता वस यहां है रिदय में अहम प्रहमास
01:14में और किसी को अगर तुमने माना तो जान लो कि माना है और माननेता
01:20ही अंधर विश्वास है
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