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ये वीडियो श्रीमद्भगवद्गीता - 10th जनवरी, 2026 (लाइव सत्र) से लिया गया है।
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Transcript
00:0012-14 साल पहले गी बात होगी, अद्वैत लाइफ एजुकेशन में था एक वो शादी करने आ रहा था, तो
00:05उसने दृष्टता की वो काड़ देने आया, तो मैंने उसको हाथ पकड़ के बैठाया, मैंने का ऐसे थोड़ी देके चले
00:11जाओगा, तो मैंने का हाँ बताओ, क्या उस
00:29उस से कोई विरोधनी, बस बता दो क्या करने जा रहे हो, जो तुम करने जा रहे हो, यह क्या
00:34है, वो तो सब जानते है, और समस्या वीवाहा में नहीं है तुम्हारे जानने में है, तो एक मनुष्य है,
00:45ज़ीक है, यहां तक सामझ में आई मुझा आथी
00:59और वो जो कुछ भी इस मनुष्य और इस मनुष्य का होने जा रहा है तुम उसके मुझे अमंत्रित भी
01:03कर रहे हो
01:03तो उसमें मेरा क्या योगदान होगा ये भी बताओ
01:05नहीं तुम्हें करना है कुछ भी तो करो पर पहले पता करो
01:08तो कुछ भी करने दे पहले पता करूंगा कि नहीं, कि नहीं करूंगा, ऐसे ही कुछ भी, ये भी खड़े
01:13हैं पीछे, ये भी सुंखते हैं पहले, तुमने तो सुंखा भी नहीं, ये देखिए इनको, इनके पास भी ज्यानेंदरियां होती
01:19हैं, तुम्हारे पास सिर्फ ज्या
01:32वागे कैसे देख रहा है साफ मासूम आखों से देख रहा है तुम कुछ देखते हो या बस कूद पढ़ते
01:38हो करने के लिए कूद पढ़े हैं यह लिजे कड़ अरे जाओ तुम्हारे पास सारी ज्यानेंद्रियां है आख से देखो
01:44नाख से सुनो हाँच से चूओ बुद्धि
01:47से तर्क करो विवेक से विभाजन करो असत्य को गिरने दो सत्य को उभरने दो कुछ समझ में आ रहा
01:56है यह बस जुमले उच्छालने जुमला बनके रह गई जिन्दिगी
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