00:05वेनिजुएला से भारत वापस लाए गए एक भारतिया नाविक के शव को देखकर परिजनों के पैरो तले जमीन खिसक गई।
00:31वेनिजुएला में संदेख्द परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके शव को कानूरी प्रक्रियाओं के तहट भारत
00:37भेजा गया। लेकिन शव की जो हालत थी उसने मौत के कारणों पर गहरा संशय पैदा कर दिया है।
01:00उनका यहां तक का जो नीजी समान था वो भी कुछ नहीं उन लोगों ने दिया, हम लोग बात भी
01:06सही से नहीं करते हैं अकड़के ही बात करते हैं कंपनी वाले।
01:09और उनकी बाड़ी का हर एक पार्ट निकाल लिए हम लोग यहां पर पीम करवा हम लोग को पहले तो
01:14पता नहीं था हम लोग यह हुआ कि चलो बाड़ी आ रही है।
01:17उसके बाड़ जब हम लोग यहां दोबारा पीम करवा एंट तो यहां पीम में रिपोर्ट आया कि यह बाड़ी की
01:22एक भी और गंस नहीं है।
01:27इसकी सिकायत हम लोगों ने बहुत जगह किया, डेजी सिपिंग, विदेश मंत्राल, दिली, मतलब जहां जहां पाया हम लोगों ने
01:35सब जगह किया, और कहीं से कुछ नहीं आया,
01:38क्ण हम लोग सरकार से यही मांग चाते हैं कि जो कड़ी से कड़ी उनको सजाओए, उनको अच्छी से जाच
01:49स� is के जाच बेटाई जायाए,
01:54हाँ सर, हम ये चाते हैं कि हमारी जो उचित्त मौब्चा है, वो हमें सरकार दिलाए, वो हमें मिले,
02:01और हमें एक नौकरी सरकारी जो कै मिलने साइजए
02:05क्योंकि मेरे बच्चे का भविस एकदमन्दकार में है
02:09जो कि मुझे मिले कि मैं बच्चे को अपने अच्छे से पाल सकून
02:22नौकरी वात ना का बतारे थे वारें
02:29तो वो मुझे कॉल किये, बच्चे को वेडियो कॉल किये, उसमें एकदम अच्छा है थे, अच्छे से बात किये, फिर
02:36बोले ठीक है मैं जा रहा हूँ, ड्यूटी आके कॉल करता हूँ, ड्यूटी जाने के मैं को लगता है कि
02:43दो या तीन घंटे के ही बाद मेरे ससूर को कॉल �
02:47आया, कि आपके बच्चा वो गिर गया है, चक्कर आ गया है, वो गिर गया, एक्सिडेंट हो गया है, और
02:54हम लोग उनको हस्पतार लेकर जा रहे हैं।
03:17कि आपके बच्चा का एक्सिडेंट हो गया है, और वो बेनेजुएला में भीटर के पत पर मर्चेंट में भी में
03:24रहता था। तो वहां से काल आई का आफिस से कि आपका ललका गिर गया है, और उसको छोट लग
03:30गई हो भरती है।
04:15और वो बाड़ी आपको एक हपते में दे दी जाएगी।
04:17यहां से मेलोलकडी हमारे साथ आई, हम दीयम साब से मिले, दीयम साब से वो हुआ और पुछ राजनीतिक पूर
04:25विधायक और वरतमान लोगों ने उसमें प्रोच लगाया, दूतावास में बात किया।
04:30तो वहां से बाड़ी चार जून को आने की खबर मिली, चार जून को सब लोग गोरखपूर गए हम लोग
04:36साथ ही।
04:37गोरखपूर में फ्लाइट लेट होके साथे 5 बजे उतरी, साथे 6 बजे बाड़ी उतारी गई, वहां खोल के देखने नहीं
04:44दिये, सामान की चेकिंग की गई, कि पत्री ने मांग किया था कि उनके जो नीजी टूर्स थे वो दे
04:49दी जाएं, मोबाईल और बैग और सीवी औ
04:53नहीं था और उनके एंबुलेंस ने लाकर के यहां उतारा, ठाना धेक्ष भलवनी प्रदीप पांडे मैटीम वहां पे मौजूद थे,
05:01मरचरी आउस पे डाक्टर ने उसको बक्से को निगरानी में खोलवाया, तो उन्हें देखा और देखा बताया कि इसमें बाड़ी
05:09का �
05:09पहले से पोस्माडम हुआ लग रहा है, तो बोले कि इसका अब कल होगा, कल जब पर्मिशन करवाया गया, डियम
05:16साब ने बिना हिला वाली के तुरत पर्मिशन किया, और वो लेटर पहुचा, फिर सारे पांच बजे तीन डाक्टरों की
05:22पैनल बनी, उन्होंने उसको पीम कि
05:25और बताया कि सारे आरगं स्कुल 21 अंग निकाल लिए गया है, जो गैर कानूनी है, और मुझे लगता एक
05:33ओंग निकाल करके और तसकरी करने के उसी में हे उनकी हत्या कर दी गई, और साक्ष को छुपाने के
05:40लिए बाड़ी को एक महीने डी फ्रीजर में रखा गया, और उसे
05:45रूप दिया गया कि पुष्मार्टम हुआ है, जब कि पुष्मार्टम की कोई कापी आज तक नहीं दी गई और नजानकारी
05:50दी गई, नाहिक परिवार से पूछा गया था।
06:21कर दो
Comments