00:05पंजाब को भारत की green revolution का engine कहा जाता था लेकिन आज सवाल ये है क्या वही पंजाब अपने
00:13लिए ही पर्याप बिजली पैदा कर पा रहा है क्या एक तरफ धान की बुआई का season दूसरी तरफ record
00:21गर्मी और इसी बीच बिजली की कमी
00:24बंद पड़े thermal plants, महेंगी बिजली खरीदने की मजबूरी और परिशान के साथ
00:30एक समय पर महराश गुजराज जैसे विक्सित राज्यों को टकर देने की ताकत रखने वाले पंजाब के power sector में
00:38आखिर गरबर कहा हुई
00:39क्या ये सिर्फ मौजूदा सरकार की नाकामी है या एक systematic failure और सालों से जमा होती आ रही समस्याओं
00:47का नतीज़ा आईए समझते हैं
00:55पंजाब में इस बर बिजली संकट ऐसे वक्त पर आया है जब बिजली की सबसे जादा जरूरत थी
01:00राज्य के छे थर्मल पावर यूनिट्स एक एक कर बंद हो गए
01:05अनुमान के मुताबिक इससे करीब 1800 मेगावाट बिजली उत्पादन पर असर पड़ा
01:11कम उत्पादन का मतलब बिजली बाहर से खरीदी जाएगी
01:15रिपोर्ट्स के मताबिक पंजाब स्टेट फावर कॉर्पोरेशन यानि की PSPCL को
01:21कुछ मौकों पर 10 रुपे प्रती यूनिट तक की कीमत देकर बिजली खरीदनी पड़ी
01:26लेकिन सवाल ये है कि पीक सीजन में राज्य की तैयारी इतनी कमजोर क्यों थी
01:32इस पूरे संकट की सबसे बड़ी तस्वीर दिखती है लहरा महबत थर्मल प्लांट में
01:38करीब 920 मेगावाट शमता वाला ये बड़ा सरकारी प्लांट लगभग पूरी तरह बंद हो गया
01:45रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वज़े तकनीकी खराबी फ्लाय आश का जमा होना और करमचारियों की हरताल जैसे कई कारण रहे
01:54लेकिन पावर प्लांस एक दिन में खराब नहीं होते एक्सपर्ट कहते हैं ऐसी स्थिती अकसर सालों तक मेंटेनिंस टाले जाने
02:03मॉडरनाइजेशन को इग्नॉर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पर्याप्त निवेश ना होने का नतीजा होती है
02:10यानि आज जो संकर दिखाई दे रहा है उसकी नीव कई साल पहले पढ़ चुकी थे
02:16मौजूदा आप सरकार पर सिस्टिम को उपरेशनल रखने की जिम्मेदारी जरूर है
02:21लेकिन पंजाब का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पिछली सरकारों से विरासत में मिली चुनौतियों से भी जूच रहा है
02:28कई थमल यूनिट्स जिसमें रोपर के भी दो यूनिट्स शामिल हैं अपनी तय उमर पार कर चुके हैं
02:34फिर भी समय रहते बड़े अप्ग्रेड्स और मॉडनाइजेशन की रफ्तार उतनी तेज नहीं रही जित्ति की होनी चाहिए थी
02:42समस्या एक दिन की नहीं है लेकिन जवाब देही आज की सरकार की तो बनती ही है
02:48आखिर पिछली नाकाम्याबी से तंग आकर ही तो जनता ने आप पर भरोसा किया था
02:53मामला सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं है
02:56करीब 1852 आउट्सोर्स कर्मचारियों की हर्ताल ने भी सिस्टम पर दबाव बढ़ाया
03:02कम स्टाफ के साथ जरूरी ऑपरेशन चलाना पड़ा
03:05जब तकनीकी दिक्कत और मैनपावर क्राइसिस एक साथ आ जाएं
03:09तो पूरी व्यवस्था पर असर पढ़ना तय है
03:12इसका सबसे बड़ा असर पढ़ा किसानों पर
03:15धान की रोपाई के दोरान खेतों को लगातार बिजली चाहिए
03:19लेकिन कई अलाकों से बिजली कटोती और अनियमित सप्लाई की शिकायतें सामने आएं
03:24बिजली सिर्फ एक सुविधा नहीं
03:26पंजाब जैसे क्रिशी प्रधान राज्य में यही फसल, सिचाई और किसानों की कमाई का आधार भी है
03:33अब बात इंडस्ट्री की
03:35कोई भी बड़ा इंवेस्टर सबसे पहले क्या देखता है
03:38Obviously, Stable Power Supply
03:41अगर बिजली महेंगी हो, बार-बार कटे
03:44या Power Plants बार-बार बंद हो तो Manufacturing Cost बढ़ती है
03:48इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है MSME पर
03:52जो पहले से कम मार्जन पर काम कर रहे होते हैं
03:55जब पंजाब निवेश के लिए हर्याणा, गुजरात और उत्तरप्रदेश ऐसे राजियों से मुकाबला कर रहा है
04:01तो Reliable Power अब सिर्फ एक सुविधा नहीं, बलकी competitive advantage बन चुकी है
04:07यही पंजाब और हर्याणा की तुलना भी सामने आती है
04:11दोनों पडोसी राजियों की भोगोलिक स्थिती लगभग एक जैसी है
04:15खेती दोनों की अर्थ्व्यवस्था का बड़ा हिस्सा है
04:19लेकिन हर्याणा ने पिछले कुछ बर्शों में
04:22Power Infrastructure, Transmission Network और Industrial Growth पर लगतार काम किया
04:28नतीजा आधिकारिक आखडों के मुताबिक 2022 तेस में हर्याणा की फ्रती व्यक्ती आये करीब 2,96,000 रुपे रही
04:36जबकि पंजाब की करीब 1,74,000 रुपे
04:40एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बहतर पावर अवेलेबिलिटी भी इस अंतर की एक बड़ी वजह रही है
04:47बिजली सिर्फ घरों की लाइट नहीं जलाती, यही खेतों में मोटर जलाती है, फैक्टरियों का प्रोडक्शन बढ़ाती है, निवेश भी
04:55लाती है और किसी राज की एकोनमी को गती देती है
04:59Punjab का मौझूदा बिजली संकत सिर्फ एक गर्मी का संकत नहीं बलकि governance, planning और infrastructure management की बड़ी परीक्षा
05:09बन चुका है
05:09अब सवाल यही है, क्या Punjab इस संकत से सबक लेकर अपने power sector को फिर से मजबूत बना पाएगा
05:18या फिर यही बिजली संकत आने वाले चुनाओं में सबसे बड़ा राजनेतिक मुद्दा बन जाएगा