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Is Punjab's power sector facing a serious crisis? Why have several thermal power plants shut down, and how is this affecting farmers, industries and ordinary citizens? Is this the result of policy failures under the AAP government?

In this video, we take an in-depth look at the real reasons behind the Punjab Power Crisis.

The video explains how Punjab's electricity crisis is the result of systemic failures, years of poor planning and neglect by successive governments. Is this merely a seasonal shortage, or could it become a major economic and political issue in the coming years?

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#PunjabNews #PunjabPowerCrisis #BhagwantMann #ThermalPower #LehraMohabbat

~HT.178~PR.100~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:05पंजाब को भारत की green revolution का engine कहा जाता था लेकिन आज सवाल ये है क्या वही पंजाब अपने
00:13लिए ही पर्याप बिजली पैदा कर पा रहा है क्या एक तरफ धान की बुआई का season दूसरी तरफ record
00:21गर्मी और इसी बीच बिजली की कमी
00:24बंद पड़े thermal plants, महेंगी बिजली खरीदने की मजबूरी और परिशान के साथ
00:30एक समय पर महराश गुजराज जैसे विक्सित राज्यों को टकर देने की ताकत रखने वाले पंजाब के power sector में
00:38आखिर गरबर कहा हुई
00:39क्या ये सिर्फ मौजूदा सरकार की नाकामी है या एक systematic failure और सालों से जमा होती आ रही समस्याओं
00:47का नतीज़ा आईए समझते हैं
00:55पंजाब में इस बर बिजली संकट ऐसे वक्त पर आया है जब बिजली की सबसे जादा जरूरत थी
01:00राज्य के छे थर्मल पावर यूनिट्स एक एक कर बंद हो गए
01:05अनुमान के मुताबिक इससे करीब 1800 मेगावाट बिजली उत्पादन पर असर पड़ा
01:11कम उत्पादन का मतलब बिजली बाहर से खरीदी जाएगी
01:15रिपोर्ट्स के मताबिक पंजाब स्टेट फावर कॉर्पोरेशन यानि की PSPCL को
01:21कुछ मौकों पर 10 रुपे प्रती यूनिट तक की कीमत देकर बिजली खरीदनी पड़ी
01:26लेकिन सवाल ये है कि पीक सीजन में राज्य की तैयारी इतनी कमजोर क्यों थी
01:32इस पूरे संकट की सबसे बड़ी तस्वीर दिखती है लहरा महबत थर्मल प्लांट में
01:38करीब 920 मेगावाट शमता वाला ये बड़ा सरकारी प्लांट लगभग पूरी तरह बंद हो गया
01:45रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वज़े तकनीकी खराबी फ्लाय आश का जमा होना और करमचारियों की हरताल जैसे कई कारण रहे
01:54लेकिन पावर प्लांस एक दिन में खराब नहीं होते एक्सपर्ट कहते हैं ऐसी स्थिती अकसर सालों तक मेंटेनिंस टाले जाने
02:03मॉडरनाइजेशन को इग्नॉर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पर्याप्त निवेश ना होने का नतीजा होती है
02:10यानि आज जो संकर दिखाई दे रहा है उसकी नीव कई साल पहले पढ़ चुकी थे
02:16मौजूदा आप सरकार पर सिस्टिम को उपरेशनल रखने की जिम्मेदारी जरूर है
02:21लेकिन पंजाब का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पिछली सरकारों से विरासत में मिली चुनौतियों से भी जूच रहा है
02:28कई थमल यूनिट्स जिसमें रोपर के भी दो यूनिट्स शामिल हैं अपनी तय उमर पार कर चुके हैं
02:34फिर भी समय रहते बड़े अप्ग्रेड्स और मॉडनाइजेशन की रफ्तार उतनी तेज नहीं रही जित्ति की होनी चाहिए थी
02:42समस्या एक दिन की नहीं है लेकिन जवाब देही आज की सरकार की तो बनती ही है
02:48आखिर पिछली नाकाम्याबी से तंग आकर ही तो जनता ने आप पर भरोसा किया था
02:53मामला सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं है
02:56करीब 1852 आउट्सोर्स कर्मचारियों की हर्ताल ने भी सिस्टम पर दबाव बढ़ाया
03:02कम स्टाफ के साथ जरूरी ऑपरेशन चलाना पड़ा
03:05जब तकनीकी दिक्कत और मैनपावर क्राइसिस एक साथ आ जाएं
03:09तो पूरी व्यवस्था पर असर पढ़ना तय है
03:12इसका सबसे बड़ा असर पढ़ा किसानों पर
03:15धान की रोपाई के दोरान खेतों को लगातार बिजली चाहिए
03:19लेकिन कई अलाकों से बिजली कटोती और अनियमित सप्लाई की शिकायतें सामने आएं
03:24बिजली सिर्फ एक सुविधा नहीं
03:26पंजाब जैसे क्रिशी प्रधान राज्य में यही फसल, सिचाई और किसानों की कमाई का आधार भी है
03:33अब बात इंडस्ट्री की
03:35कोई भी बड़ा इंवेस्टर सबसे पहले क्या देखता है
03:38Obviously, Stable Power Supply
03:41अगर बिजली महेंगी हो, बार-बार कटे
03:44या Power Plants बार-बार बंद हो तो Manufacturing Cost बढ़ती है
03:48इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है MSME पर
03:52जो पहले से कम मार्जन पर काम कर रहे होते हैं
03:55जब पंजाब निवेश के लिए हर्याणा, गुजरात और उत्तरप्रदेश ऐसे राजियों से मुकाबला कर रहा है
04:01तो Reliable Power अब सिर्फ एक सुविधा नहीं, बलकी competitive advantage बन चुकी है
04:07यही पंजाब और हर्याणा की तुलना भी सामने आती है
04:11दोनों पडोसी राजियों की भोगोलिक स्थिती लगभग एक जैसी है
04:15खेती दोनों की अर्थ्व्यवस्था का बड़ा हिस्सा है
04:19लेकिन हर्याणा ने पिछले कुछ बर्शों में
04:22Power Infrastructure, Transmission Network और Industrial Growth पर लगतार काम किया
04:28नतीजा आधिकारिक आखडों के मुताबिक 2022 तेस में हर्याणा की फ्रती व्यक्ती आये करीब 2,96,000 रुपे रही
04:36जबकि पंजाब की करीब 1,74,000 रुपे
04:40एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बहतर पावर अवेलेबिलिटी भी इस अंतर की एक बड़ी वजह रही है
04:47बिजली सिर्फ घरों की लाइट नहीं जलाती, यही खेतों में मोटर जलाती है, फैक्टरियों का प्रोडक्शन बढ़ाती है, निवेश भी
04:55लाती है और किसी राज की एकोनमी को गती देती है
04:59Punjab का मौझूदा बिजली संकत सिर्फ एक गर्मी का संकत नहीं बलकि governance, planning और infrastructure management की बड़ी परीक्षा
05:09बन चुका है
05:09अब सवाल यही है, क्या Punjab इस संकत से सबक लेकर अपने power sector को फिर से मजबूत बना पाएगा
05:18या फिर यही बिजली संकत आने वाले चुनाओं में सबसे बड़ा राजनेतिक मुद्दा बन जाएगा

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