00:00महावी को पकड़ लेते थे और उनको घंडे पत्थर मारते थे, वो बोले ना लोग इसी बाद से चड़े आते
00:05थे, तो मूझ क्यों खड़ा है, कोई आकाश देवता नहीं उपतरते थे, फिर कि ये तो सिध्ध जन है, इनकी
00:10रक्षा की जाए, उजन मुततरते थे, एक आम आ�
00:29झाल झाल झाल झाल झाल
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