00:00पीश में हम पहुचे है योग केंदर जहां पर अविनाज शुकला अपने भाई अभिशेक के साथ रहता था
00:05अभिशेक तो 10 साल से था लेकिन अविनाज शुकला डेर साल पहले आया और उसके बाद सब कुछ बिखर सा
00:10गया
00:11कैसे आपको हम दिखाते हैं, यहाँ पुलिस टीम्स भी कल दो तिन पहले पहले पहुंची है, और यहाँ पर आपकर
00:16कागसों को देखेंगे, तो डॉकिमेंट्स को भी तलाशा गया है, यहाँ आपको SBI की कुछ बुक्लेट्स भी दिखाई पड़ेंगी, यानि
00:21कि जो बैंक अ
00:38जिस पर नदर सब की है, वो एक रहसे मही बकसा है, वो रहसे मही बकसा आपको तस्वीर दिखाएंगे उस
00:43बकसे की और वो यह है, अब अगर इस बकसे को देखें, तो इसमें उपर लिखा हुआ है, राम राजय
00:47कोश और एक पे टीम का क्यू आर यहाँ पर दिया गया है, य
01:04यह बकसा अभी नहीं खुल सकता है, तो कहानी को मिला कर यह है कि आखिर इस बकसे का रास
01:09क्या है, क्या जो बरामदगी नगत की यहां से पुलिस टीम्स में की है, क्या वो इसी बकसे में थी,
01:15या कहीं और थी और बड़ी बाती है, अगर यह किसी परशासनिक तोर पर ट्रस्
01:34आपको दिखाता हूँ, यह देखें, यह है प्रेटिम का QR, और मैंने अपने मॉवाइल फोन में QR ओपिन किया है,
01:39और अब मैं इसको स्कान कर रहा हूँ, और जब मैं स्कान करता हूँ, तो स्कान कर यहां पर मेरे
01:42फोन में आता है राम राजे कोश, यानि कि जो मैं अमांट �
02:01अगर जाकर donation collection की बात चल रही थी, आपको हम और लोगों से भी बात कराएंगे, जो यहाँ पर
02:06योगा के इंदर में मौझूद हैं, उनसे भी हम बात करेंगे, और समझेंगे कि आकर कहानी को मिला कर किया
02:10है, आप लोग बताएं मुझे, कि यहाँ पर अविनार शुकला कपसे �
02:13जह रहा था, कैसा नेचर था, कि आप लोगो कभी शक था कि इतने बड़े चुलावा चोरी में उसका नाम
02:18सामने आएगा और वो जेल के पीछे जाएगा, भाईया, यह अपसे एक सुबला दोदस साल थे रहे थे, अब उनके
02:24भाई वो डेढ़ साल थे यहाए हैं, डेढ़ स
02:45बकसा मैं देख रहा हूँ सामने रहे समय बकसा, यह क्या है, इसमें क्या है, क्यों यहाँ रखा था, यह
02:50बकसा तो आपसे सुबला जाब, जब उनकों मिली तो अपना खरीद के लाए हैं बकसा, इसमें अपना कपड़ा रजाई वो
02:56गएरा सब रखते थे, अब उनके भाई
02:58आगे उसी में वो भी अपना कपड़ा रखते रहा हूँ, जिसमें उपर एक QR कोड लगा हूँ है, यह जो
03:04QR कोड लगा है, यह जब राम मंदिर बनने की तयारी हो रही थी, यह जब राम मंदिर के 2017
03:11-2013 में बनने की तयारी हो रही थी, तो यह 70 दिन की यात्तरा निकली थी, �
03:17यह जब पुलिस यहां आई थी, तब आप यहां मौजूद थी? उस दिन 5 जून को, क्या हुआ था उस
03:24दिन 5 जून को तो हम चाह बना रहे थे, उसके बाद पुलिस आई अब नास को लेकि, तो फिर
03:30अपना चाह भी लाए यह ताला खोले, ताले कौन सा ताला खोला? इसी मे
03:46अब इसका बक्सा है? यह अब इसका बक्सा है, अब इसका खोलने कोश्ट करते हैं, यह आप इसमें कपड़े देखेंगे,
03:54तमाम बुकलेट्स यहां पर पड़ी हूई है, यह कौन-कौन से कागज पड़े हैं यहां पर? उनहीं के पढ़ाई लिखाई
04:00के कागज और कागज
04:03अब इनाय शुकलाक, जो मुख्य आरोपी है, उसका भी समान इसी बक्से में है? अब दोनों भाई इसी में अपना
04:08कपड़ा और रखते थे साल, एक साथ में रहते थे, दोनों लोग अपना रखते थे, यह जो बक्सा है, इसका
04:14क्या connection है? इसका तो वही, जो है, जब 18 या 17 �
04:20अब आखारा में चल रहा था, यह कहत्ता दिन की आत्रा, तभी हमारे गुरु जी को अपना मिला था, यह
04:25दान के लिए, आप चाह, आप ने कहा कि आप यहां पर सामने चाय बना रहे थे, यहीं चाय बना
04:29रहे थे? हाँ, जी, जी, जी, पीछे दिखाए, यहां पर एक चाय �
04:44जो है, आप बाहर जा सकते हैं, हम बिल्कुल जा सकते हैं, पुलिस ना आप से कहा कि आप बाहर
04:51जाए कुछ देए, आप बाहर जाए, तो फिर अभिनास अपना ताला खुले बक्से से बाएग निकाले उसके बादा में, अभिनास
04:56ने इस बड़े बक्से का ताला खुला था
05:01अपना पुलिस खड़े थे हमको कहें बाहर जाए फिर जो है एक जो उनके साथ में थे हमें बाहर करके
05:09त्रस्ट के थे सीनियर लग रहे थे या उसी की उमर के थे
05:14उमर दराज लग रहे है थे या उसी की उमर के थे
05:18कभी आपने देखा टॉन को?
05:19नहीं, कभी नहीं देखा था
05:20क्या कह रहे थे?
05:21वो कुछ नहीं कहा, बस वो लोग अपना
05:23हम बाहर चले गे, दरवज्जा बंद कर लिए
05:26की बात है?
05:27पांच जूंग थी
05:28कि देर पुलिस यहां रही?
05:30साले साथ बज़े पुलिस आई थी
05:32उसके बाद
05:33साम को
05:34और वापस कितने बज़े गई?
05:36उसके बाद जो है, आठ बज़े हम यहां से
05:38चले गए, लेकिन स्वीसी फूटेज में
05:40दिखा रहा है कि आठ बज़े के बारा मिनट पर
05:43वो गाड़ी में बिठाए थे
05:45बताया गया कि यहां से पांच लाख रुपए बरामत किए हैं पुलिस में
05:54हैं अब दोबर एक निकले हैं
05:58जो कुछ हो
05:59कसा डेर साल वो बंदा रहा रहा
06:01कभी किसी को शक नहीं हो कि वो इस तरही गतिवीदी में इंवालोव है?
06:04हुई संनप में जाता था इधर अपना रहता हैं
06:09फैस्ति खालिवा सब्सक्राइब को आड़ी की साइध में लोग गशारी तोयोग 10 गयी तो
06:26में पूमय ह्ै थी सांईगी के इंदर गूवर कुछ जीग आपना हवे,
06:33हम आ जाते थे उसके बाद उड़ता था ताला खुले रहता था उसके बाद वो अपना योग कराता था अब
06:39आज शुकला योग नहीं सीखता था उसे को इंटरेस्ट नी था बस यहां रह रहा था यहां रह रहा था
06:44अप से एक शुकला तो आनलाइन क्लास चला रहा था योग क
07:17न्हीं सब्सक्राइब।
07:19सुबा चार पांच छे होता है आपको मैं उस जगा ले जाता हूँ जहाँ पर योग सिखाया जाता है यानि
07:24कि यहाँ पर देखे तमाम दरियां बिची बिची हुई है यह वो योगा सेंटरेस की खास तस्वीर आपको दिखा रहे
07:29हैं और यही पर अभिशेक शुकला जो है यो
07:45बड़ी बात है और पुलिस की टीम यहाँ पर आई और जाता की योगा केंदर के लोग बताते हैं कि
07:50यहाँ पर यो उस ट्रस्ट के भी एक-दो अधिकारी पहुचे हुए थे क्या मामला था यह तो समय बताएगा
07:56लेकिन फिलाल यह वो स्पॉर्ट है यह जगा है आपको मैं
07:58यहाँ भी टेबल दिखा देता हूँ यहाँ भी कुछ बुकलेट्स पड़ी हुई है इसको भी आप देखी लें यहाँ पर
08:03यह सारी बुक्स है यह पदावली है इसमें यह सारी डिटेलिंग है यानि कि यह तो क्यों मिला कर जो
08:09है इसके शिवी शुक्री उगरा लिखी हु�
08:26लेकिन अविनार शुक्ला डेर साल पहले आया तब यहाँ आप भी देखिए कुछ कागज आपको दिखाऊंगा मैं
08:31ये भी देखिए कुछ कागज हैं आधार कार्ट्स वगरा डिटेल्स वगरा हैं
08:34ये सारी चीज़ें यहाँ जो अन्य लोग रहते थे उनको लेकर डिटेलिंग है
08:38यानि कि पुलिस तफ्तीश जो हुई है उसमें सारी ही चीज़ों को इसमें इन्वाल्व किया है
08:42ये एक बड़ी बात कहानी है इसके अलावा अगर आप फुरे योगा सेंटर का वाइड व्यू दिखा दें एक बार
08:47तो ये कुछ इस तरीके का दिखता है योगा सेंटर
08:48और यहां की तस्वीरे अपने आप में बताने के लिए काफी है कि यहां पर क्या कुछ चल रहा था
08:53हाला कि योगा सेंटर का कहना है कि हमें इस बारे में कुछ वालूम नहीं था और जबी भी चीज़े
08:57हुई है हमने तुरंथ ही दोनों ही भाईयों को यहां से निकाला
09:00हम बात करेंगे जो योगा चारे यहां पर हैं उनसे भी बात करेंगे आप बताएं मुझे कि अविनाश शुकला का
09:05क्या रोल रहा आप लोग जब वो पहली दफ़ा यहां आया तो उसने कैसे रियाक्शन दिया क्या कुछ रहा
09:10वो देखने में तो बहुत सीधा साधा दीदी प्रणाम जब भी मिलता था बहुत अच्छे से मिलता कभी ऐसा नहीं
09:15लगा कि यह सीधा सा पागल सा दिखने वाला लड़का ऐसा भी कर सकता है
09:20योगा सेंटर में सुबा साथ आठ नौ बज़े सोकर उठना एक आम बात तो नहीं है माम
09:26हाँ वो थोड़ा लेट सो इसके लिए अभिशेग उसको बहुत डाटता था अभिशेग उसको कहता था कि इस तरह का
09:31यहां पे नहीं चलेगा उसको बहुत डाटता था
09:33और उसका थोड़ा सा था कि बहुत आलसी प्रविर्तिका था लेकिन ये कांड कर डालेगा इसके बारे में जरा भी
09:40अंदाजा नहीं था
09:40पुलिस यहां जब आई है तो कि आपनों को जानकारी बाद में हुई होगी क्या कुछ रिकवर किया यहां से
09:44हाँ बाद में पता चला हमें कि पुलिस आईती सुंदर ने बताया तो लेकिन ये कि इतनी रिकवरी हुई ये
09:52हमें जब सीची टीवी फूटेज दिखाया गया तब पता चला कि इतना पैसा यहां से मिला
09:59किसी ने कोई जानकारी नहीं लिए ट्रस्ट ने तो कुछ भी नहीं पूछा अभिशेक से चाहे जो पूछा हो पुलिस
10:04ने भी अभिशेक से ही पूछा है आप लोगों ने उसको फोन करके बता दिया था कि आप अपना सामान
10:11यहां से उठा ले जाईए और हम नहीं चाहते क
10:20कि अभी बात चीथ हुई थी अभी नाश से मेरी कोई बात चीथ नहीं पिछले डेड़ साल से अभिनाश आपके
10:29साथ यहां मतलब आप लोगों के सेंटर में रहता था योगा भी नहीं करता था इसकोले पर कभी आप लोगों
10:32कुछ ऐसा नहीं लगा कि यह तो अन्यूजल सी
10:34चीज़े कि योगा सेंटर में रह रहा है योगा सीख भी नहीं रहा है नई नेक सुभा के बैश में
10:38कभी कभी जाता था और दूसरा में पहले भी बता चुकी हमारे गुरुदेयों का सेंटर है और यहां पर बहुत
10:45सारे बच्ची आते जाते रहते हैं बहुत सारे लोग आत
11:01यह हमने आपको पहले भी बताया, यह 70 दिवसी यात्रा थी हमारी, हम लोग विवेक सिस्टी गुरुजी का आश्रम वहां
11:07से पैदल जाते थे राम मंदिर तक, यह बहुत बड़ा जनान दोलन था, आप इसे सोशल मीडिया पर देखेंगे तो
11:13आपको मिल जाएगा, यह उस समय
11:21का बक्सा, मतलब यह सुबहां काफी पुराना, इसका इस से तो कोई सम्मंद मुझे नहीं लगता कि होना चाहिए, अब
11:27इस आप ही लोग के उससे है, अब शेक का नहीं है, यह गुरुजी के टाइम का है, पुलिस जबहां
11:33आई यह तलाशी लेने तो क्या वो जो बक्सा ब�
11:48क्या चाहती है?
12:47परात किया, उसका उसे कड़े से कड़ा दंड मिले।
12:48सारे डॉक्यमेंट्स उपर से नीचे आगे फीछे किये गए, और यह ड्रॉर्स वगेर आप देखिए, कि किस तरीके से यहाँ
12:53पर कागजाद भरे हुए हैं, यह देखिए, किस तरीके से तो टूटा भी हुआ है, काफी कागज अंदर भी हैं,
12:57तो पुलिस ने यह भी कोशि
13:13और अभिना शुकला, अभिना शुकला वो जो इस वक्त जेल के अंदर है, उसके तमाम डॉक्यमेंट्स, उसकी तमाम बांक डीटेल्स,
13:19यानि कि पुलिस जो मनी ट्रेल पर काम कर रही है, उसकी एक प्रक्रिया यहाँ पर भी हुई, जिसके तहत,
13:25SBI के जो तमाम कार्ट्स मे
13:42योगा में लगा, कभी कबार वो एक सेंटर से क्लास करता था, यहाँ पर आप देखेंगे तो यह उपर का
13:47रास्ता है, योगा सेंटर का, यहाँ पर आप देखेंगे तो यह नीचे का रास्ता योगा केंदर का है, और यहाँ
13:51की तस्वीरे जहाँ पर योग सिखाया जाता थ
14:07कि यहां पर इस तरह का घटना क्रम और चड़ावे चोरी का इतना बड़ा आरोपी यहां आराम से डेड़ साल
14:12से रह रहा था और वो नाक के नीचे सब कुछ कर रहा था कई बार सवाल पूछे गए उसके
14:17नेचर को लेकर भी लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया यानि कि वो स
14:33पहुचा जहां जहां वो रहा आप समझे यहीं पर की चाहर बैस पड़े हुए हैं चेर्ज पड़ी हुई हैं यहीं
14:38पर बेसिन बना हुआ है बाहर खिड़कियां लगी हुई है पूरा एक मोहला है क्रिस्टेंशल पर एरिया है आप दिल्ली
14:44के लाजपत नगर में जाएंग
15:03हमने सुबे से हम खबर एक बात बता रहे हैं कि जो सुतुरक मुदाबिक जानकारी मिली है कल की पूछताच
15:07में खासकर जो अविनाश शुकला जहां सेंटर से हम रिपॉर्ट कर रहे हैं जहां रहता था प्रमुक्विता से सबसे जाड़ा
15:13बड़ी पूछताच अयोध्य पो
15:33तो इस बात का आइडिया था कि जो फूटेज लगे हैं वो कहां कहां लगे सब्सक्राइब के पैसा यहां से
15:44उठाना तो तीन आदमी एक आदमी को यहां घेड़ते थे और फिर एक आदमी यहां से निकलता था तो तस्वीरे
15:49आप इस तरीके से देखें और सामने बना एक व
16:05बर बदी बात तो यह जैसा कि आपने सवाल किया कि जो लोग यहां पर मौझूद थे कैसे हुए तो
16:11बताएजारस में आनल मिश्रा के भी लोग थे
16:13चमपत्राय के भी कुछ लोग थे और कुछ गोविनगिरी के भी लोग थे तो ये एक बड़ा सवाल अपने आप
16:17में बना हुआ है
16:18शुक्रिया इस पूरी जानकारी के लिए
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