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केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी चेतन को हथकड़ी में देखा जा सकता है, जबकि सिया बिना हथकड़ी नजर आती हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि दोनों के साथ अलग-अलग व्यवहार क्यों किया गया। इस वायरल वीडियो पर यूजर्स अपनी-अपनी राय दे रहे हैं और मामले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आखिर पुलिस की प्रक्रिया क्या कहती है और जनता इस वीडियो को लेकर क्या सोच रही है? जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में। Watch Out

A viral video linked to the Ketan Agarwal case has sparked intense discussion across social media platforms. In the clip, Chetan appears to be in handcuffs while Siya is seen without them, leading many users to question the apparent difference in treatment. The video has generated a wave of reactions, with netizens debating police procedures and sharing their opinions online. As the footage continues to circulate, public curiosity around the case has only grown stronger. What is the reason behind the contrasting visuals, and how are people reacting to it? Watch the full video for all the latest updates and reactions |Watch Out

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Transcript
00:04केतन अगरवाल मौलो केस में इस टाइम एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायल हो रहा है
00:10वीडियो में पुले सिया गोल और चेतन आनंद को लिकर बाहर निकलती नज़रा रही है
00:15लेकिन लोगों का अटेंशन एक ऐसी चीज पर गया जिस पर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस शड़ गई है
00:20वीडियो में ये चेतन के हातों में हतकडी दिखाई दे रही है जबकि सिया के हातों में कोई हतकडी नहीं
00:26है
00:26बस फिर क्या था लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिये कि आखिर दोनों एक ही केस के आरोपी हैं
00:31फिर एक को हद कड़ी और दूसरे को नहीं
00:33क्या पुलिस ने अलग लिग नियम लागू किये है या इसके पीछे कोई और वज़ा है आखिर ऐसा क्यूं हुआ
00:40दरसल सोशल मीडिया पर वारल हो रहे वीडियो में फिलाल पुलिस करमी सिया गोईल को महिला थाने से बाहर लेकर
00:47आते लिखाई देती हैं
00:48इस दुरान हाथों में हदकड़ी होती है वहीं इतना ही नहीं इस्टीस को लेकर पुलिस भी अपनी तरफ से एक
00:55रियायत रखती है कि कैसे जो है वो उन दोनों को बाहर लेकिती हुए आ रही है और जिसका वीडियो
01:01सोशल मीडिया पर जम कर वारल हो रहा है इतना ही नहीं
01:05वहीं कुछ देर बाद पुलिस चेतनानंद को बाहर लेकर निकलती है और उसके हाथों में हदकड़ी साफ दिखाए देती है
01:10खरी लोग पूछते हैं कि क्या महिला होनी के वज़े से सिया को हदकड़ी नहीं लगाई गई थी या फिर
01:15इसके बीचे कोई अलग कानूनी प्र�
01:31कानून का मानना है कि केवल गरिफतार होने के ही बल पर किसी व्यक्ति को हदकड़ी पहनाना आधार नहीं बनता
01:39नियमों के मताबिक सिर्फ एसकोट या एक ऐसी जगा से दूसरी जगा ले जाने के लिए आरोपी को हदकड़ी पहनाना
01:47ज़रूरी नहीं है खासकर महिला आरो�
01:59कर्मल सिच्वेशन में ही ऐसा किया जाता है अब सवाल उठता है कि आकर किन हालातों में हदकड़ी लगाई जाती
02:04है अगर पुलिस को लगता है कि आरोपी फरार हो सकता है या उसके भागनी की आशंका है या फिर
02:11उसका आपराथिक रिकॉर्ड बहुत ही सीरियस है तो ऐसी स
02:27कोट के पर्मीशन हदकड़ी नहीं लगाई जा सकती है अगर पुलिस रिमान के दौरान किसी आरोपी को हदकड़ी लगानी हो
02:33तो इसके लिए दालत से लिखे तनुमती लेना ज़रूरी पड़ सकता है इंडियन नयाय सहिता यानि की बिनस की धारा
02:4243 ब्राकेट 3 में कुछ सी
02:49इंसिटिफ मुद्दे जो हैं वो लिखे हुए हैं ऐसे मामलों में आरोपी को गिरफ्तार करते टाइम या कोट वे पेश
02:54करते टाइम हदकड़ी लगाई जा सकती है लेकिन बावजूद इसके पुलिस को हर मामले में सिचुएशन का आकलन करना होता
03:02है तो इसी वज़े से ज
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