00:06जिस एतिहासिक धरोहर को पूरी दुनिया सलाम कर रही है वो खुद अपने ही देश में प्रशासलिक उदासीन्ता के आंसू
00:14बहा रही है ये है बिहार के मुझफरपुर का एतिहासिक लंगट सिंग कॉलेज का तारा मंडल और खगोलिया वेदशाला जो
00:21आज बरबादी की कग
00:23पर है उन्ने सो पचासी से एलिस कॉलेज में प्रोफेसर रहे वरिजनन्द कुमार कहते हैं कि वर्श उन्ने सो सोला
00:30में स्थापित ये वेदशाला उत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा खगोलिया की इंडर थी उन्ने सो अंठावन में यहां जर्मनी
00:38से मंगाया गया आध
00:57लेकिन आज 1990 के दशक से बंद पड़ी इस वेदशाला का गुमबद जर्जर हो चुका है यहां के दुरलभ वैग्यानिक
01:04उपकरण या तो जंग खा चुके हैं या चोरी हो चुके हैं
01:07अगस्त 2022 में यूनेसको ने इसे लुप्त प्राया विश्वध हरोहर की सूची में शामिल किया लेकिन चार साल बाद भी
01:15जमीन पर कुछ नहीं बदला
01:35फाइलों में योजनाय तो बहुत हैं लेकिन हकीकत में ये वैग्यानिक विरासत तम तुड़ रही है
01:41सवाल ये है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन
01:45मुझवफरपुर से ETV भारत के लिए विवेक कुमार के रिपोर्ट
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