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राम मंदिर में हुई श्रद्धा की डकैती का हिसाब कौन देगा? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नवस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और ब्लाक और वाइट मैं आपका स्वागत हूँ
00:04मुगल काल से लेकर मौजूदा काल तक इस देश ने लुटेरे बहुत देखे
00:09उस दौर में लुटेरे विदेशी आकरानता थे आज के लुटेरे अपनों के भेश में छुपे चोरे
00:15भारत को सोने की चिडिया इसके वैभव ने बनाया था
00:20सम्रिद्ध संस्कृती मंदिरों में सोने के भंडार तब का भारत दुनिया की समसे बड़ी अर्थ्वेवस्था हुआ करता था
00:27और श्रद्धा का वो सोना मंदिरों की तिजोरियों में सुरक्षित था
00:32फिर इस सोने की चमक पर घजनवी गौरी खिलजी औरंग जेब जैसे क्रूर शासकों की नजर पड़ी उन्होंने मंदिर तोड़े
00:41गर्ब ग्रह लूटे हमारे भगवान का धन छीन कर अपनी सल्तनत खड़ी की तब हम कहते थे वो तो विदेशी
00:48आकरांता थे
00:49लेकिन आज 2026 में अयोध्या की पावन धर्ती पर कोई औरंग जेब नहीं आया कोई घजनवी नहीं आया फिर भी
00:58प्रभू श्री राम के चड़ावे पर डाका डाल दिया गया
01:02चोरी, चोरी के नए-नए तरीके और फिर अंत में गिरफतारी नाम देखिए राम शंकर आरोप है कि ये शख्स
01:11उस कमरे में बार-बार जाता था जहां दान पेटियां खुलती थी
01:15सोने चांदी के जेवरात, नत, कंगन, जुम के सब उड़ा लिये गए
01:20रेजिस्टर में एंट्री बाद में होती थी, चोरी पहले कर ली जाती थी
01:24देश के सबसे अमीर तिरुपती बाला जी से लेकर पद्मनाब स्वामी और अयोध्या के राम मंदिर था
01:30भक्तों ने दिल खोल कर अर्वो खर्वों का ध्यान दिया, लेकिन सवाल अब ट्रस्ट प्रबंधन पर खड़ा होता है
01:37भक्त जानना चाहते हैं कि जिस राम मंदिर के लिए करोडों हिंदों ने अपनी गाड़ी कमाई सौप दी
01:46वहाँ सुरक्षा में इदनी बड़ी चूक कैसे हो गए?
01:49श्रद्धा की इस डखेती का हिसाब कौन देगा?
01:52इसके बाद आपको देश भर से आई महरम के जलूस की तस्वीरें दिखाएंगे
01:56महरम के मौके पर देश के कई राज्यों से तनाओं, बवाल और बड़े हादसों के खबर आ रही है
02:01कहीं खुनी जड़प और पत्थर बाजी हुई
02:04कहीं नियमों को ताक पर रखने से ताजिया हाई टेंचन तार की चपेट में आ गया
02:08कई लोगों की मौत की भी खबर आ रही है
02:11आखिर में आपको बताएंगे कि क्या अमेरिका की राश्ट्रपती ट्रम्प दुनिया में अपनी साख और धाक हो चुके है
02:18प्यूर रिसर्च सेंटर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के चार में से तीन लोग ट्रम्प पर रत्ती भर भी
02:25भरोसा नहीं करते है
02:26आखिर क्यूं दुनिया ट्रम्प से चड़ी है ये आपको बताएंगे
02:31लेकिन आज सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि भगवान श्री राम के साथ इस देश में ऐसा ही हुआ
02:39है
02:39भगवान श्री राम का जन में एक सामान्य राजकुमार की तरह नहीं बलकि लंबे इंतजार और तपस्या के बाद हुआ
02:46था
02:46बहुत कमायू में ही उन्हें महर्शी विश्ममित्र के साथ वन जाना पड़ा और राजमहल का सुख छोड़ कर राक्षसूं से
02:54युद्ध करना पड़ा
02:56माता सीता के साथ विवा हुआ तो राज्याबिशेक के दिन सारे अधिकार और वैभव त्याग कर चौद़ वर्षों के वनवास
03:03पर जाना पड़ा
03:04ये भगवान राम के जीवन का सबसे बड़ा व्यक्तिगत आगहात था लेकिन इसे भी उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया
03:26की परचाई तक नहीं पड़ी 14 वर्षों के वनवास के दोरान उन्हें राजपाट छोड़कर जंगलों में रहना पड़ा रिशियों की
03:33रक्षा करनी पड़ी राक्षसों से निरंतर संघर्ष करना पड़ा और राजकुमार होकर भी एक तपस्वी जैसा जीवन उन्होंने �
03:41जिया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता रावन का वद हो राजधर्म के लिए पारिवारिक सुखों का त्याग हो
03:50या माता सीता का प्रित्वी में समा जाना भगवान श्री राम ने अपने जीवन में कई कष्ट और अप्रत्याशित घटनाएं
03:57देखी और जब एक-एक क
03:59करके इन तमाम वियोग के बाद भगवान श्री राम ने सर्यू नदी के तट पर गुपकार घाट पर वेकुंट की
04:08और रवानगी की तब भी उनका संघर्ष खत नहीं हुआ जब भारत में मुगल काल आया तो अयोध्या में उनकी
04:14जन्म भूमी पर बाबरी मस्जद बना दी
04:18गई और इस अन्याए के खिलाफ भी उन्हें अपनी ही जन्म भूमी पर लगभग 500 वर्षों का वनवास काटना पड़ा
04:24और आखिरकार जब ये वनवास पूरा हुआ और अयोध्या की राम जन्म भूमी पर भव्वे राम मंदर की स्थापना से
04:32पहली बार ऐसा लगा कि अब
04:34नयाय हो गया है तो फिर सब कुछ सही होते हुए भगवान श्री राम के चरणों में चढ़ाए गया चढ़ावे
04:40को ही चुरा लिया गया और इससे आप समझ पाएंगे कि हमारे देश में भगवान श्री राम के साथ ऐसा
04:46ही हुआ है और ये सब देखकर लगता है कि उनका सं�
05:03समर्पित हैं लेकिन दुख की बात ये है कि इन देशों में भगवान श्री राम के मंदरों या उन मंदरों
05:09में चढ़ाए गया चढ़ावे को लेकर वैसा कोई विवाद नहीं जैसा विवाद हमारे अपने देश भारत में हुआ वो भारत
05:15जो भगवान श्री राम की जन भ�
05:31होट ने राम मंदर को लेकर निर्ने सुनाया तब क्या आपने ये सोचा था कि इसी मंदर के लिए इस
05:36देश को एक और कानूनी लड़ाई देखनी होगी और वो लड़ाई भी उन चढ़ावा चोरों के खिलाफ होगी जो इतने
05:43बेइमान हो जाएंगे कि भगवान के मंदर को
05:46भी नहीं छोडेंगे हमारे पास जो एफाई यार है उसमें इस चोरी को लेकर मुख्य रूप से चार बातें बताई
05:52गए हैं पहला मंदर में आने वाले दान और चढ़ावी की गिंती के दौरान कुछ करमचारियों ने पैसे चुराए उनका
06:00गबन किया दूसरा ये काम सुन
06:15योगों को सीधे तोर पर आरूपी बनाया गया है इसमें अविनाश शुक्ला अनुकल्प मिश्रा लवकुष मिश्रा बनीश यादव करुणेश पांडे
06:24और रमाशंकर मिश्रा का नाम शामिल है
06:27इन पर चड़ावे की चोरी मंदर को भेट में मिले जेवरातों के गबन आपराधिक विश्वास घात, शड्यंत्र और चोरी की
06:35संपत्ती रखने जैसी संगीन धाराओं में मामला धर्ज किया गया है
06:40और इस F.I.R. की चोथी बड़ी बात ये है कि इसमें कुछ अन्य लोगों की भूमेका भी जाच
06:46के दाइरे में मानी गई है
06:47इनमें सुभाष श्रिवास्तव, रमा शंकर, राम शंकर यादव, उर्फ टिन्नु यादव और ट्रस्ट और बैंक के कुछ कर्मचारी शामिल है
06:58यहां ये भी देखना होगा कि ये F.I.R. श. राम जन्भूमी तीर्ट क्षेतर ट्रस्ट ने खुद दर्ज कराई
07:03है
07:03इसमें ट्रस्ट के एक भी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल नहीं है
07:07क्यूं नहीं है ये पूरा देश जानना चाहता है
07:10और क्यूं जानना चाहता है उसके लिए आपको ये आंकड़े देखने होंगे
07:15SIT की रिपोर्ट कहती है कि राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव राम मंदर के वेवस्थापक थे
07:20जिन के पास उस कमरे की चाबी रहती थी जहां दान पेटियों का पैसा गिना जाता था
07:25और आरूप है कि टिन्नू यादव ने खुद इस चोरी में कई बाद दूसरे आरूपियों की मदद की
07:31और वो इसमें शामिल रहा
07:33उसके बाद मनीश यादव को लेकर ये बताया गया है कि वो चड़ावे की गिंती करता था
07:38और जाच के दौरान पुलिस को उसके घर से कुछ कैश भी बरामद हुआ
07:43यानि सरकार, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट इन दोनों आरूपियों को चड़ावा चोर मान कर चल रहे है
07:52लेकिन यहाँ कोई ये नहीं भता रहा कि ये दोनों मंदिर ट्रस्ट के महासचे चंपत राए के करीबी थे
07:58तिन्नु यादव को राम मंदिर में इसलिए प्रवेश मिला क्यूंकि वो चंपत राए का ड्राइवर था
08:02और मनीश यादव को राम मंदिर में चड़ावा गिनने की नौकरी इसलिए मिली क्योंकि वो टिन्नू यादव का भतीजा था
08:09अब इससे ये सवाल पैदा होता है कि जब चोरी करने वाले ही चमपतराय के करीबी थे तो उनकी भूमेका
08:15को संदिक्द मानते हुए इस F.I.R. में उनका नाम शामिल क्यों नहीं किया गया
08:20दूसरा इस F.I.R. में लवकुष मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को भी आरूपी बनाया गया है जो गिंती के
08:26दोरान चड़ावे की चोरी करते थे
08:28इन आरूपों में पुलिस ने इन्हें गिरफतार भी कर लिया है लेकिन हैरानी की बात ये है कि ये दोनों
08:35आरूपी मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के रिष्टदार है
08:40आरूप है कि पहले अनिल मिश्रा ने सिफारिश से अपने रिष्टिदार अनुकल्प मिश्रा को मंदिर प्रबंधन की नौकरी दिलाई
08:45और फिर अनुकल्प मिश्रा ने अपने साले लवकुष मिश्रा को वारणसी की उस सेक्योरिटी एजनसी में भरती कराया
08:52जिसे SBI Bank ने चढ़ावा गिनने का ठेका दिया था
08:56यानि यहां भाई भतीजावाद के मॉडल पर मंदिर के चढ़ावी की चोरी हो रही थी
09:02लेकिन फिर भी FIR से अनिल मिश्टा के नाम को बाहर रखा गया
09:07अबुमन ऐसे मामलों में जब SIT की प्रारंभिक जाच के आधार पर FIR दर्ज कराई जाती है
09:13तो उनमें संदिग्धों का नाम भी जरूर शामिल किया जाता है
09:17लेकिन यहां छोटी मचलियों को तो गिरफतार करके जेल में डाला गया
09:22लेकिन जिन प्रभाव शाली लोगों की इसमें मिली भगत होने की आशंका है
09:26उनका इनमें जिकर नहीं है
09:29हैरानी की बात यह है कि FIR में बड़े पदाधिकारियों का नाम नहीं है
09:33लेकिन यहीं बड़े पदातिकारी खुद नैतिक्ता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा भी दे रहे हैं
09:38और इनमें भी वो दो नाम प्रमुक हैं जिनके बारे में हमने अभी बताए
09:42एक है महासचिव चमपत रहें दूसरे है मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा
09:47इस विशलेशन की शुरुआत में हमने आपसे कहा था कि इस देश में भगवान राम ने कई वनवास देखें
09:53एक वनवास राजजाबिशेक के लिए था दूसरा वनवास अपनी ही जन्भूमी परमंदिर बनवाने के लिए था
09:59तीसरा वनवास इस मामले में सिर्फ एफायार दर्ज करानी के लिए था जो बीस दिन तक चला
10:05और अब चायद एक वनवास यानि एक लंबा इंतजार बड़े नामू के खिलाफ इस मामले में कारवाई करने और नियाए
10:11मिलने के लिए भी देखना पड़े है
10:36जा भी जा बड़े है
11:07जब से राम मंदिर में काम कर रहे हैं तभी से अचानक मैंने इनको बढ़ते देखा
11:14पहले नहीं ऐसा था हम जब साधी करके गए थे तो नॉर्मल कंडेशन में लोग जी रहे थे
11:19लेकिन अब मुझे दो तीन साल से कुछ ज़्यादा ही आगे बढ़ते दिखें लोग पैसा बढ़ गया हाँ पैसा भी
11:27हाँ और वहां गाओं में मतलब फार्म हाउस भी बन वाया जब से उस मंदिर में मतलब काम किया तब
11:34से वो उस घर की इस्थिति ज़्यादा ही कुछ बढ�
11:41लगेंगे जेट के जेट के जेट के दमाद हैं तो लोकुष कभी यह हाल है लोकुष के आपर भी प्रपक्टी
11:50चलिए हैं हां मुझे जानकारी है कि लोकुष मिसरा ने सहाधत गंज में 40 लाख का प्लाट लिया है जिसमें
11:57मकान बनवा रहा है अगर इस मामले को सिर्फ चढ
12:10रोसे और आस्था की चोरी का भी है 22 जनवरी 2024 को राम मंदर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हमारे
12:19देश में एक नई सनातन लहर देखी यह लहर थी आयुध्या की राम जन भूमी पर जाकर अपने आराध्य प्रभू
12:25श्री राम को देखने की उनके दर्शन करने की इसके क
12:40अगर इन दोनों आकड़ों को जोड़ दें तो ये संख्या 46 करोड 49 लाक होती है जो अमेरिका जैसे देश
12:46की कुल आबादी से भी 12 करोड ज्यादा है
12:49यही नहीं इनी दो वर्शों में कितने लोग भारत के दूसरे मंदिरों में गए उसके आकड़े भी आप देखिए
12:55और इन आकड़ों से ही ये समझ सकते हैं कि अगर भारत का हर व्यक्ति राम मंदिर पहुँच रहा था
13:01या वहाँ जानी की इच्छा रख रहा था तो उस भरोसे कोई स्चोरी ने किस कदर चोट पहुँचाई
13:07जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तब अदालत ने अयोध्या में ही बाबरी मस्जिद के लिए पांच एकड़
13:14जमीन आवंटित करने का फैसला सुनाया था
13:16इस फैसले पर उत्तर प्रिदेश की सरकार ने ततकाल अयोध्या के धन्नीपुर में पांच एकड़ जमीन मुस्लिम पक्ष को सौप
13:22दी थी
13:23लेकिन उस जमीन पर आज भी एक एक नहीं रखी गए और कारण यही है कि उस मस्जिद को बनाने
13:28के लिए लोगों से चंदा ही नहीं मिला
13:31जबकि इसी दौरान राम मंदिर बनाने के लिए देश के करूडों राम भक्तों ने दिल खोल कर चंदा दिया
13:3830 नवंबर 2025 तक कुल 4575 करोड रुपए का चंदा भारत के लोगों ने श्रीराम जन भूमी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
13:48को दिया
13:48और इनमें भी मंदिर निर्मान पर कुल पैसा खर्च होने के बाद भी लगबग 2100 करोड रुपए बच गए
13:54और ऐसा नहीं है कि ये पैसा बचने के बाद लोगों ने दान देना बंद कर दिया
13:59एक अप्रेल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक 82 करोड अठटर लाख रुपए का चंदा और आया
14:07और ये सोचिये कि चंदा आ क्यों रहा है
14:11इसलिए आ रहा है क्योंकि इस देश के लोग चाहते हैं कि अयोध्या का राम मंदर अपने वैभव से पूरी
14:18दुनिया में चमके
14:19लेकिन सोचिये इस चोरी ने इस चमक को और लोगों के भरोसे और आस्था को कितनी बड़ी चोट पहुँचाई
15:00भारत के सनातन धर्म की आस्ता की प्रतीक है अयोध्या पर आकसेप मत करो
15:10प्रवुस्री राम की मर्यादा का पालन करना सीखो
15:19जनास्ता के साथ खिलवार स्विकारे नहीं
15:24सनातनास्ता के साथ जो भी खिलवार करेगा उसका भुप्त भोगी होगा
15:33ये जो लोग आज आकसेप कर रहे हैं उठाने का कुछित प्रियास कर रहे हैं
15:40इनकी मनसा अच्छी नहीं है ये वे लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे
15:50भगवान राम के स्पित्व पर प्रस्न खड़ा कर चुके थे
15:57भगवान राम का नाम लेने पर जो लोग बोली चलाते थे
16:01आज वे कहते हैं कि आस्ता के साथ खिलवाड़ोगा अरे आस्ता तुम बताओगे हमें आस्ता
16:09राम नौपी पर दंगा करवाते थे स्पिक्रिस्न जनमोत्सो को बेन करते थे
16:17कावड यात्रा को नहीं निकलने देते थे दुरगा पूजा में दंगा करवाते थे
16:24लार का दंगा तो सबको याद है ही बेन और भाईयों ये लोग कहते हैं आस्ता के साथ खिलवाड़ोगा
16:37अगर तथ्य नहीं है पुश्ट परमाण नहीं है तारो प्रत्यारो बंद करो और परमाण है
16:44तो SIT को सबूत सहीत परमाण प्रस्तुत करो SIT की सिपारिस के अंडूप सरकार कारवाई को आगे वढ़ा रही है
16:55और जब बरिश्ट दिकारियों की टीम कारे कर रही है तो उसमें फिर राजनितिक बयानबाजी बंद करें
17:02जो लोग प्रभु श्रीराम के चरणों में आये चढ़ावे में बैमानी कर रहे थे उन्होंने इंसानों की निगाहों से बचने
17:09की पूरी कोशिश की
17:10उन्होंने सोचा कि अगर वो CCTV कैमरों से बच गए तो सच कभी सामने नहीं आएगा
17:15इसके लिए उन्होंने कैमरों की पहुँच का अंदाजा लगाया
17:19ये भी सुनिश्चत करने की कोशिश की कि उनकी हरकतें कही रिकॉर्ड नहों जाएं
17:23लेकिन शायद वो एक बहुत बड़ी बात भूल गए
17:25वो भूल गए कि इनसानों के बनाए हुए कैमरे केवल दीवारों और कमरों को देखते हैं
17:30लेकिन इश्वर का कैमरा इनसान के मन को भी देखता है और यहां भी यही हुआ
17:35प्रभुश्री राम का CCTV 24 घंटे चल रहा था और इसमें सिर्फ हाथों की चोरी रेकॉर्ड नहीं हो रही थी
17:42बलकि इसमें इन चड़ावा चोरों की नियत को भी रेकॉर्ड किया जा रहा था
17:46और इसी वज़े से CCTV कैमरों और फुटेज से छेड़ चाड करने के बाद भी यह लोग पकड़े गए
17:52और अब तो सूतरों के हवाले से यह खबर आ रही है कि तमाम कोशिशाएं करने के बाद भी
17:56जब SIT ने कई घंटों की CCTV फुटेज का अध्ययन किया तो उसमें 27 अप्रेल 2026 से 5 जून 2026
18:05के बीच
18:06कुल 70 बार इन सभी लोगों को मंदिर के चड़ावे से चोरी करते हुए पकड़ा गया
18:11और ये 74 भी तब पकड़ी गई जब सिर्फ 3 CCTV क्यामरों की फुटेज की जाच हुई है
18:18इससे भी बड़ी बात ये है कि गिरफतार किये गए आरोपियों के पास से 89,85,493 रुपए बरामद हो
18:27चुके हैं
18:28और उसे ये तुसपश्ट हो जाता है कि मंदिर में बड़े स्तर पर चड़ावे को चंपत किया जा रहा था
18:33और आज ही स्थानिया अदालत ने सभी आठ आरोपियों को नियाई खिरासत में भीज दिया है
18:55देखे
18:56अश्ट हुए है आठ लोग रिपतार किये गए इनके सुबा की गरिपतार याद दिखाई गई है और उनका रिमांड लिया
19:01गया है उनको न्याले के समझपेश किया गया क्योंकि छुटी का दिन था तो रिमांड मस्टेट इसमें निवित्ता आजीज थी
19:05इनके समझ पेश क
19:30अब आप ये देखे कि राम मंदर में चढ़ावे की ये चूरी हो कैसे रही थी?
19:34पहली बार इस चूरी का शक्त मई महिने के आखरी हफते में जताये गया
19:38कारण ये था कि उस वक्त हर दान पेटी में 7-8 लाक रुपए एक बार में जमा होते थे
19:44और इनमें जो भक्त 500 रुपए के नोट दान पेटी में डालते थे उन नोटों की अलग से गड़ियां बनाई
19:49जाती थी
19:50जब ये बात सामने आई कि दान पेटीयों से 500 की गड़ियां कम निकल रही है
19:55और धीरे धीरे चड़ावे का पैसा कम होते जा रहा है तो गणना कक्ष में ऐसे कैमरे लगाए जो गुप
20:01थे
20:02जिने देखा नहीं जा सकता था गणना कक्ष वही निर्धारित कमरा है जहां चड़ावे के पैसों की गिनती होती थी
20:09और मंदिर प्रबंधन को शक था कि चड़ावे का पैसा चुराया जा रहा है
20:14इसके बाद जो हिडन कैमरा लगाए गए हैं उनमें ये पता चला कि जब चड़ावे का पैसा गिना जाता था
20:20तब कुछ कर्मचारी CCTV क्यामरों के सामने आकर खड़े हो जाते हैं
20:26और ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि CCTV क्यामरों में उनकी ये चोरी रिकॉर्ड न हो
20:33यहीं से पहली बार ये बात पुखता हुई कि कुछ कर्मचारी चड़ावे के पैसों को अपनी जेब में भर रहे
20:40हैं बाहर ले जा रहे हैं
20:41और इसमें कई स्तर पर लोग शामिल ये भी पता चला कि जो सौ नोटों की गड़ियां बनाए जाती थी
20:46उनमें हर गड़ी में अतरिक नोटों को डाल दिया जाता था
20:51जैसे 500 रुपए के सौ नोटों की एक गड़ी है तो उसमें 20 नोट अतरिक डाल दिया जाते थे
20:58और ऐसा क्यों किया जाता था इसलिए क्योंकि गिंती के दोरान स्टेट बांक औफ इंडिया के कर्मचारी ने बैंक में
21:05जमा करते वक्त सिर्फ ये देखते थी कि गड़ियां कितनी है ये मान कर चलते थे कि हर गड़ी में
21:11100 नोट ही होंगे
21:12इस तरह हर गड़ी में कुछ एक्स्ट्रा पैसा चढ़ावा चोर चुरालिया करते थे
21:17और मंदिर से बाहर निकलते ही ये पैसा चंपत हो जाता था
21:21यहां जो कर्मचारी चढ़ावे के वाउचर बनाता था
21:24अगर वो इमानदार होता तो भी ये चोरी रुक सकती थी
21:29लेकिन ये कर्मचारी भी बैमान मिकला और इसका नाम है अनुकल्प मिश्रा
21:34जो मंदिर ट्रस्ट के 15 सदस्यों में से एक अनिल मिश्रा का रिष्टेदार है
21:38और यही व्यक्ति चढ़ावे के फर्जी वाउचर बनाता था
21:42ताकि नोटों की गड़ियों में जो एक्स्ट्रा नोट डाले गए है वो पार हो सके
21:48जब शुरुआत में ये मामला पहली बार खुला तभी अनुकल्प मिश्रा संदे के घेरे में था
21:53और पुलिस को जाच के बाद अनुकल्प मिश्रा के साले लवकुष मिश्रा के घर से 10 लाख रुपए क्याश बरामद
22:00हुए थे
22:00और यहां ये मत भूलिये कि अनुकल्प मिश्रा ने लवकुष मिश्रा को चढ़ावा गिनने की नौकरी दिलाई थी
22:07इससे भी बड़ा आरोप यह है कि जो 36 कर्मचारी चढ़ावी की गिन्ती करते थे
22:13वो सभी एक दूसरे से परचित थे और किसी न किसी की सिफारिश से वहाँ पर नौकरी कर रहे थे
22:19यानि एक ऐसा सिस्टम बनाया गया जिसमें सारे चढ़ावा चोर एक दूसरे को जानते हो और किसी भी तरह उनकी
22:28चोरी सामने ना है
22:31इसके अलावा जिस अविनाज शुकला को पुलिस ने गिरफतार किया है वो चढ़ावे से चुराए गए पैसों को अपने बैंक
22:37खातों में जमा करा रहा था और साइटी को इसके साक्ष भी मिल गया है
22:41यह सबसे आगे पीले जो कुरते में हैं यह रमाशंकर यादो टिन्यू यादो है लवकुष मिश्रा अनुकल्प मिश्रा समेट यह
22:50सभी आठ रोपी है
22:52मनीश यादो यह सारे लोग को देखें यह दो अलग अलग गाड़ियों में ले जाए जा रहा है और यह
22:57आठ रोपी जो सभी आठ रोपी गिरफतार के गए थे
23:01अयोध्या रम मन्दिर में चड़ावा चोरी के मामले में इन सभी को आधरिमान मैस्टेट के सामने पेश किया गया है
23:07अयोध्या की एसोजी के दोरा इनको पेश किया गया बारी सुरक्षा के बीट में लाए आठ रोपी लाए गए
23:13और बीट में देखिए कि ये आपको दिखाई पढ़ रहा है जो स्कॉर्पी की बीट में बैटा है ये राम
23:18संकर यादो टिंडू यादो को बीट में रखा गया है और इसके लबाब बाकी तमाम अन्य आरोपियों को दो गारियों
23:25में ले जाए गया
23:26राम मंदिर के चड़ावे में हुए चोरी के बाद ये सवाल भी जरूर पूछा जाएगा कि आखिर मुगल काल और
23:32मुझूदा काल में क्या अंतर रहा
23:342024 में IIM एहमदाबाद ने इस विशे पर अध्यायन किया कि भारत में पहले मंदिरों के पास इतना सोना क्यूं
23:42हुआ करता था
23:43जब एतिहासिक दस्तावेजूं को पढ़ा और समझा गया तो ये पता चला कि आज से 1000 साल पहले भारत दुनिया
23:52की शीर्ष अर्थ विवस्थाओं में से एक था
23:54लोगों की आस्था, शद्धा, राजाओं की तरफ से दान देने के कारण हमारे मंदिर सोने, हीरे, जेवरातों से भरे रहते
24:04थे
24:04यही बातें जब विदेशी आकरानताओं को पता चलती तो भारत के मंदिरों का सोना लूटने के लिए कई हमले करते
24:11सबसे पहले महमूद घजनवी ने भारत के मंदिरों को लूटा, फिर तराइन की दूसरी लड़ाई के बाद मुहमत गौरी ने
24:18भी यही किया
24:19चौदवी शताबदी में अलाउदीन खिलजी ने भी भारत के मंदिरों को लूटा
24:22बाद में मुगल काल में भी कई मंदिर निशाना बनी
24:25और मुगल शासक औरंगजेब ने तो कई मंदिरों को तुड़वाया
24:28और उनका सोना लूट कर अपना खजाना भरा
24:31अब सोचिए ये सब उस मुगल काल में होता था
24:34लेकिन आज अगर मुझूदा काल में भी इसी देश के कुछ बैमान
24:37लोग मंदिर का चड़ावा लूटने लगेंगे
24:40तो मुगल काल में और आज के मुझूदा काल में क्या अंतर रह जाएगा
24:44आप सोचिए उस वक्त की लूट को हम ये कहकर भुला देते हैं कि
24:48गोरी, घजनवी और औरंगजेब जैसे आकरानताओं ने हमारे मंदिरों को निशाना बनाया
24:53लेकिन आज तो कोई औरंगजेब नहीं है, कोई घजनवी नहीं है, कोई मुझूद घौरी नहीं
24:57लेकिन फिर भी भगवान श्री राम की जन भूमी पर बने मंदिर के चड़ावे से धन चुराया जा रहा है
25:03और ये भी सोचिए कि धन चुरा कौन रहा है, वो राम शंकर यादव जो अपने नाम में ही प्रभू
25:10श्री राम का नाम लगाता है
25:11हमारे पास जो जानकारी आई है उसके अनुसार यही राम शंकर यादव बार बार मंदिर ट्रस्ट के उस कमरे में
25:18आता जाता था जहां दान पेटियां खुलती थी
25:20और आरोप है कि यही लोग मंदिर में चड़ाये गए सोने चांदी के जेवरात, बाली, जुमके, नत, कंगन, पाइल सब
25:29चोरी कर रहे थे
25:30और यह चोरी पे पहले की जाती थी और बाद में बचे हुए जेवरातों का हिसाब रिजिस्टर में लिखा जाता
25:35था
25:36अगर आप इस ग्राफिक्स को देखेंगे तो आज भी हमारे मंदिरों के पास कोई कम पैसा सुना नहीं है
25:42संपत्ती के मामले में भारत का समसे अमीर मंदिर आंधर प्रदेश का तिरुपती बाला जी है
25:47जिसके पास 3,00,00,00 करोड रुपए की संपत्ती है और ये पैसा हमारे कई मंत्रालेईों के सालाना बजट
25:54से जादा है
25:54इसके बाद केरल के पदमनाभस्वामी मंदिर के पास 1,20,000 करोड ओडिशा के श्री जगनातपुरी मंदिर के पास 1
26:03,20,000 करोड और अयोध्या के श्रीराम मंदिर के पास 5,000 करोड की संपत्ती है
26:09और इससे ये पता चलता है कि हमारे जो लोग हैं मंदिरों में दान देने में संकोच नहीं करते लेकिन
26:16सोचिए अगर मंदिरों का यही दान चोरी होने लगे और इससे लोगों की आस्था को चोट पहुँचे तो यह कितना
26:22बड़ा चल और क्या हमारे देश में कोई कानून ऐस
26:25जो इस आस्था की चोरी के लिए लोगों को सजा दे सके राम मंदिर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला हो
26:31कोई नई घोशना हो कोई विवाद हो या फिर कोई प्रशासनिक मुद्दा सामने आए एक नाम ऐसा रहा जो हमेशा
26:37चर्चा के केंद्र में आया है और वो नाम है चं
26:43चंपतराय हर क्यामरे के सेंटर फ्रेम में होते थी लेकिन आज स्थिती ये है कि SIT की जाच और इस
26:49मामले में उन पर उठ रहे सवालों को लेकर वो कुछ नहीं कह रहे है न किसी को इंट्रिव्यू दे
26:53रहे है आज जब पूरे देश में चंपतराय की इतनी चर्चा है और य
27:11परिश्वे हिंदू परिशद के वरिष्ट नेताओं में गिने जाते हैं राम मंदिर की रोज मर्रा की व्यवस्था निर्मान कारे की
27:19निगरानी दान और चढ़ावे के प्रबंधन ट्रस्ट की बैटकों और आधिकारिक समवाद की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं
27:41अब तक यहीं माना जाता था कि उन्होंने अपना लगभग पूरा जीवन राम मंदिर आंदोलन और संगठनात्मक कारियों को समर्पित
27:48कर दिया
27:48चमपतराय का जन 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था अपने शुरुवाती जीवन में वो शिक्षा के क्षेत्र
27:56से जुड़े और बिजनौर के आरसम डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्राध्यापक रह लेकिन उनका जुकाव बचपन से ही
28:05राश्
28:06सेवक संग की विचारधारा की ओर था
28:091975 में जब देश में आपात काल लगाया गया तब संग से जुड़े होने के कारण उन्हें जेल भी जाना
28:14पड़ा
28:15बाद के वर्षों में उन्होंने अध्यापन का जीवन छोड़कर प्रिचारक बनने का निर्णे लिया और स्वयम को पूरी तरह RSS
28:21के काम में समर्पित किया
28:24असी का दशक राम जन भूमी आंदोलन के विस्तार का दौर था और इस दौर में चंपत राय इस आंदोलन
28:30के सक्क्रिय और महद्वपून कारेकरताओं में शामिल हुए
28:33वो विश्व हिंदू परिशद के दिगज नेता अशोक सिंगल के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाने लगे
28:391984 की धर्म संसत के बाद जब राम जन भूमी आंदोलन को संगठित रूप दिया गया
28:44तब संग के कई प्रचारकों को विश्व हिंदू परिशद में भीजा गया था इनमें चंपत राय भी शामिल थे
28:50यानि चंपत राय आरसेस से निकले और फिर विश्व हिंदू परिशद का हिस्सा बने जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और जार्खन
28:57में संगठन विस्तार का काम संभाला
28:591990 की कार सेवा के दौरान कारे करताओं को संगठित करने और स्थानी अस्तर पर व्यवस्थाएं संभालने में उनकी महत्वपून
29:09भूमे कामानी जाती
29:096 दिसंबर 1992 को जब विवादे धाचा गिराया गया उस समय भी वो अयोध्या में मौजूद थे
29:18आंदोलन की उग्र और निर्नायक दोर में वो अशोक सिंगल और विने कटियार जैसे नेताओं के विश्वस्निय सहयोगी बन कर
29:26उभरे
29:27कहा जाता है कि अयोध्या विवाद के इतिहास उससे जुड़े दस्तावेजों, मुकदमों और तक्ठियों की उन्हें इतनी गहरी जानकारी है
29:34कि संगठन के भीतर उन्हें राम जन्म भूमी आंदोलन का इंसाइकलोपीडिया तक कहा जाने लगा
29:41जब राम जन्म भूमी का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारा धीन था
29:45तब हिंदू पक्ष को एतिहासिक दस्तावेज, नक्षे और साक्ष उपलब्द कराने में भी उनकी महत्वपूर भूमी का बताई जाती है
29:51यानि राम बंदिर के लिए जो कानूनी लड़ाई लड़ी गई उसका चंपतराय हिस्सा थे
29:56और यही कारण है कि आज जब चढ़ावे की चोरी में उन्हें लेकर सवाल उठ रहे हैं
30:00तो आयुध्या के लोग इस पर यकीन नहीं कर पा रहे
30:02चंपतराय के सार्जनिक जीवन की तरह उनका निजी जीवन भी काफी अलग रहा
30:07उन्होंने विवाह नहीं किया अपना पूरा जीवन संगठन और राम बंदिर आंदोलन को समर्पित कर दिया
30:12और इस सब के बीच उन्होंने अध्यायन और लेखन में भी रुची रखी
30:32चंपतराय उन व्यक्तियों में शामिल हैं जिन्होंने सांदोलन को दशकों तक बहुत करीब से देखा
30:37समझा उसके विभिन्द चर्णों में सक्रिय भूमिका निभाई
30:42लेकिन ये बात आज किसी को समझ नहीं आ रही कि जब उन्होंने खुद को भगवान श्री राम के चरणों
30:48में समर्पित कर दिया था
30:49तो उनके रहते इन ही चरणों से राम मंदिर का चढ़ावा कैसे चोरी हो गया
30:55हमारे पास चमपत्राय की कई तस्वीरें और वीडियो हैं जो ये दिखाती हैं कि प्र्दान मंत्री मोदी से ले कर
30:59मुख्यमंत्री योगी आदितनात या दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री जब अयूध्या के रामबंदर आते थे तो चंपत्राय उनके साथ सेंटर फ्रेम
31:07में ही खड़े दिखाई देते थे
31:08और इस दोरान उनकी शांदार वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती थी लेकिन आज यही चंपत्राय हर क्यामरे के फ्रेम से गायब
31:15है और लोग पूछ रहे हैं कि चड़ावा आखिर कहां चंपत्राय
31:39वाल थे खाब के बाले कमाथ चंपत्राय मेंही चंपत्राय कि मत्रमसका झालों के अत्म होती रहő
32:35झाल झाल
32:43जब त्रेता यूग में भगवान श्री राम ने रावण का वद किया था तब रावण उस यूग की बुराई का
32:48सबसे बड़ा प्रतीक था
32:50आज भी जब आप दशेहरे का त्योहार मनाते हैं तो उसे बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार ही कहा
32:57जाता है
32:58ये बात हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि हमें लगता है कि त्रेता यूग में रावण जैसी बुराई का
33:04अंत करने वाले भगवान श्री राम कल्यूग में बेइमानी और लालच की बुराई का अंत करने का जरिया बन सकते
33:10हैं
33:10और हमारी सरकारों और अदालतों को इस मामले में कानूनी कारवाई की एक ऐसी मिसाल पेश करनी चाहिए
33:15जिससे अगली बार अगर कोई ऐसी बेइमानी और चोरी करने के बारे में सोचे तो उसके हाथ काँ पर और
33:22ऐसी घटनाए कभी न हो
33:25खैर इस मुद्धे पर जो राजनीती हो रही है उसे भी आज आज आपको देखना चाहिए
33:28जिनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अर्विंद केजरिवाल खुद आज अयोध्या राममंदिर पहुचे
33:34उन्होंने इस चड़ावा चोरी को महापाप बताया
33:39हम भी मानते हैं कि यह महापाप है लेकिन जब यह बातें राजनीती के लिए कही जाती हैं
33:43तो इस देश को भी यह पता होना चाहिए कि अर्विंद केजरिवाल ने खुद एक बार कहा था
33:47कि जब उन्होंने विवादित धाची के विद्वन्स के बारे बाद अपनी नानी से ये पूछा था
33:53कि अब तो वो खुश होंगी तो उनकी नानी ने कहा था कि उनका राम किसी की मस्जिद तोड़कर बने
33:58वंदिर में नहीं रहेगा
33:59लेकिन आज यही केजरिवाल इस मुद्दे पर सक्रिये हैं
34:03पहले आम आदमी पार्टी के राज्य सभासांसद संजे सिंग
34:06SIT को इस मामले में सुबुत सौने के लिए युद्ध्याए
34:09और आज इस मामले में F.I.R. दर्ज होने के बाद अर्विन केजरिवाल भी राम मंदर पहुंच गए
34:42जिन लोगों ने चोरी की है जो इस महाड़कैती में शामिल हैं
34:50बदकिस्मती से उन्ही को कारवाई भी करनी है
34:55जाहिर तोर पे वो अपने खिलाफ तो कारवाई करेंगे नि
35:00तो वो अपने को पूरी तरह से अपने को बचाने में लगे हुए
35:05यह जो फरजी S.I.T. बनी अब कल फरजी F.I.R. हुई
35:12उस फरजी F.I.R. में आठ छोटे छोटे छोटे छोटे प्यादों को
35:19आरोपी शामिल किया गया कोई बड़े नाम नहीं है
35:24तो फरजी F.I.R. फरजी S.I.T. तो एक तरफ तो इतनी बड़ी महाड़कैती हुई
35:34प्रक्षस शामिल है उनको बचाने की कोशिश की जा रही है
35:38इस ट्रस्ट को भंग किया जाए और जो धर्माचार है जो संकराचार है जो साधू संथ है
35:46और जहां में जो सादू संतिस में लगे थे राम मंदर के शुरू से जो है राम मंदर के पक्ष
35:53में उन सब का कोई ट्रस्ट बनना चाहिए जो देखे ये इसका राजनीतिक ये नहीं होना चाहिए ट्रस्ट का संचालन
36:03राजनीत से नहीं धर्म से होना चाहिए जो ट्रस्ट का स
36:13संचालन राजीत से नहों बल्कि यह का संचालन जो है धार्मिक लोगों से हो राजीत में नहीं धर्मिप जो ना
36:23चाहिए और इसमें क्यों है भाजपा वरेस पाइन को rumor समय डाला रखते हैं उन साविक्त दर्मिक 누�ों वह भगवान
36:31की पूजा करें गढ से में
36:32पूछता हूँ बाबरी मस्जीद का चंदाय कठा हुआ था कहा हुआ उसके बारे में पूछो कोई पूछ रहा है यह
36:41समाजवादी पार्टी के लोग कांग्रेस के लोग केवल तुष्टी करण की पार्टिस कर रहे हैं केवल मुस्लिम बदाताओं को लुभावने
36:47के लिए जन
37:17हूँ इस मादले में ये भी सुनिश्चत करना होगा कि नियाय कही आदालतों में तारीखों के बीच फस करना रह
37:24जाए और ये बात हम क्यों कह रहे हैं उसके लिए आपको हमारा ये विशलेशन देखना होगा
37:30सुप्रीम कोट ने एक ऐसे अनुखे और करीब सत्तर वर्ष पुराने भूमी विवाद का निप्तारा किया है
37:36जो केवल एक मुकदमा नहीं बलकि भारत की न्याइक व्यवस्था में तारीख पर तारीख वाली परंपरा को दिखाता है
37:44ये मामला इतना पुराना है कि देश के सभी प्रधान मंत्रियों के कारेकाल से होकर गुजरा है
37:50और जब ये कानूनी लड़ाय शुरू हुई थी तब देश के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवारलाल नहरू देश की अगवाई
37:57कर रहे थे
37:57उसके बाद नजाने कितनी सरकारें आई और चली गई लेकिन ये मुकदमा अडालतों की फाइलों में चलता रहा
38:04सोचने वाली बात ये है कि इस मामले पर अंतिम फैसला सुनाने वाली सुप्रीम कोट की पीट के दोनों जज़ों
38:10का उस वक्त जन भी नहीं हुआ था
38:12जब इस विवाद के शुरुआत हुई थी यानि जिस मुकदमे की सुनवाई उन्होंने पूरी की उसकी उम्र उनके न्याइक जीवन
38:20से भी ज्यादा थी
38:21ये विवाद 4 जून 1957 को हरिद्वार के नरसीपुर कला गाओं में साड़े पंदरा बीघा जमीन की खरीद से जुड़ा
38:30हुआ है
38:30इस जमीन को शराफत अली के पूरवजू के नाम पर खरीदा गया था
38:35लेकिन क्योंकि उस समय वो नाबालिक थे इसलिए जमीन की खरीद उनके पिता ने की थी
38:40इस मुकदमे का सबसे मारमिक पहलू यही है कि इसमें केवल समय नहीं बीता
38:45बलकि पूरी की पूरी पीड़ियां बीट गई
38:48जिस व्यक्ति के परिवार ने इस लड़ाई की शुरुआत की थी
38:51वो अंतिम फैसला सुनने के लिए जीवत नहीं रहा
38:54अपील करने वाले शराफ अतली का इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान देहान्त हो गया
39:00और इसके बाद उनके कानूनी उत्तर अधिकारियों ने इस लड़ाई को आगे बढ़ाया
39:04अंततह सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचे
39:06इस तरह एक ही परिवार की चार पीड़ियां लगभग साथ दशक तक एक जमीन के अधिकार के लिए अधालतों के
39:14चक्कर लगाती रही
39:15और ये केवल एक परिवार की कहानी नहीं
39:19ये उस भारतिय न्याएं व्यवस्था का भी आइना है जहां कई बार मुकदबे लोगों की पूरी जिंदगी से भी लंबे
39:25हो जाते हैं
39:26और कई लोग न्याएं की उमीद लेकर अदालत का दर्वाजा खटखटाते हैं लेकिन फैसला उनकी अगली पीड़ी सुनती है
39:33बड़ी बात ये है कि सुप्रीम कोट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए नीचली अदालत और हाई कोट के
39:39फैसलों को भी पलट दिया
39:40और ये माना कि अपील करने वाले व्यक्ति का ही इस भूमी पर वास्तविक और वैद अधिकार है
39:46इस घटना के बाद फिर से बड़ा सवाल यही बनता है कि क्या नियाय मिलने में साथ दशक लग जाना
39:52भी नियाय कहला सकता है
39:56अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र एक ऐसा मुल्क जिसके राश्ट्रुपतियों के हर एक फैसले से वैश्विक राजनीती की दिशा
40:03बदल जाती थी
40:04लेकिन आज उसी अमेरिका के मौझूदा राश्ट्रुपती डॉनल्ड ट्रुम दुनिया के सबसे नापसंद किये जाने वाले नेताओं की फैरिस्त में
40:11सबसे आगे आखड़े हुए
40:13ये दावा मशूर प्यू रीसर्च सेंटर की ताजा और चौकाने वाली रिपोर्ट में किया गया है
40:1936 देशों में किये गए इस सर्वे में 42,000 से ज्यादा लोगों पर किये गए इस सर्वे के अनुसार
40:2676 प्रतिशत लोगों को डॉनल्ड ट्रम्प पर भरोसा नहीं है
40:29यानि दुनिया के चार में से तीन लोग ट्रम्प की बातों या नेत्रत्व पर भरोसा नहीं करते
40:36सोचने वाली बात ये भी है कि अभी भी 37 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनके अमेरिका के बारे में राय
40:42अच्छी है
40:43लेकिन केवल 23 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिने ट्रम्प पर भरोसा है
40:49साफ है कि दुनिया के दो तिहाई लोग ट्रम्प पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं करते
40:52हालत यह है कि अमेरिका के सबसे करीबी परोसी क्यानडा में
40:56जहां 2022 में 83 प्रतिशत लोग अमेरिका को एक भरोसे मन साथी मानते थे
41:01आज वो आंकड़ा गिर कर केवल 35 प्रतिशत रह गया है
41:05वहीं अस्ट्रेलिया के लिए आंकड़ा 89 प्रतिशत से घट कर 37 प्रतिशत रह गया है
41:09स्वीडन, नेधिलन्स, जर्मनी, इटली जैसे तमाम देशों का यही हाल है
41:15अब वो अमेरिका को भरोसे मन सहयोगी नहीं मानते
41:18आखिर दुनिया ट्रम्प से इतनी चिड़ी हुई क्यों है
41:22इसकी वज़े हैं अमेरिका फर्स्ट के नाम पर लिए गए उनके वो फैसले
41:39उन्होंने वेनेजुएला के ततकालीन राश्टोपती निकुलस मादूरो को जबरन उठवा लिया
41:44लाटन अमेरिका में जबरन दखल अंदाजी की कोशिशें की
41:48सबसे खतरनाक रहा इरान के साथ सैन्यत अनाओ
41:51जिसने पूरी दुनिया को युद्ध की कगार पर धकेल दिया
41:54प्यूर इसरच के अनुसार 74 प्रतिशत दुनिया ट्रंप की इरान नीती के सखत खिलाफ है
42:00ट्रंप की साख गिरने की एक बड़ी वज़े उनके बयानों और दावों में बार-बार बदलाव
42:04पलटना और विरोधा भास भी है
42:06उन पर जूट बोलने के आरोप लगते हैं
42:09दुनिया अब अमेरिकी दावों को संदेह की नजर से देखती है
42:12ट्रंप ने एक बार सरयाम दावा कर दिया था कि
42:15डाइट कोक पीने से कैंसर खत्म हो सकता है
42:18मेडिकल साइन्स और दॉक्टरों ने तुरंट इस दावे की धज़ियां उड़ा दी
42:21इसे सिरे से खारिज कर दिया
42:22लेकिन ट्रंप की इस डाइट कोक से मुहबबत कितनी गहरी है
42:25इसका खुलासा अब खुद उनकी पोती ने अपने व्लॉग में किया है
42:29पोती किनु सार ट्रंप को डाइट कोक पीने की भयंकर लत है
42:32उन्होंने अपने दफतर की टेबल पर एक सीक्रिट लाल बटन लगवा रखा है
42:36ट्रंप जैसे ही ये बटन दबाते हैं उनके सामने डाइट कोक हाजर हो जाता है ये उन्होंने लिखा
43:13कभी मानवादिकारों का पार्ट पढ़ाने वाले अमेरिका के बारे में आज दुनिया के 56 प्रतिशत लोग मानते हैं
43:19कि खुद अमेर्की सरकार अपने नागरिकों की व्यक्तिका ताजादी का सम्मान नहीं करती
43:25अमेरिकी लोकतंत्र की सेहत पर पूरी दुनिया सवाल उठा रही
43:30रिजर्फ बैंक ओफ इंडिया ने ओनलाइन ठगी के मामलों पर एक नया नियम बना दिया है
43:34जो ठगी का शिकार बनने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है
43:38मान लीजिये कि किसी दिन आपके साथ ओनलाइन ठगी हो गई और आपके खाते से 20-25 अजार रुपए कट
43:44गए
43:44ठगी के शिकार लोगों की सबसे बड़ी चिंता होती है कि क्या उनके पैसे वापस आएंगे
43:50दरसल ओनलाइन ठगी के मामलों में पैसे की रिकवरी बहुत मुश्किल से हो पाती
43:55कारवाई होती दिखने पर भी ठगे गए व्यक्ति को कोई खास रहत नहीं मिलती
43:59लेकिन अब RBI ने इस तरह के मामलों में नए आक्शन लिया है
44:03RBI के नए नियम के अनुसार अगर आपके साथ ओनलाइन फ्रॉड होता है
44:08तो RBI आपको मुआवजा देगा
44:10ये नियम एक जनवरी दोहजार सताईस से देश के सभी कमर्शल बैंकों पर लागू होगा
44:17सिर्फ Small Finance Bank, Payment Bank, क्षेत्रिये ग्रामीर बैंक और स्थानिये क्षेत्रिये बैंक इसमें शामिल नहीं
44:25ये नियम सभी तरह के Digital Transaction पर लागू होगा
44:29जैसे UPI, Net Banking, Mobile Banking, Debit या Credit Card वाले पेमेंट
44:35आम तोर पर जब आनलाइन फ्रॉड होता है
44:38तो सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि इसका जिम्मेदार कौन है
44:42क्योंकि बैंक अकसर ग्राहकों को जिम्मेदार बताकर पैसे देने से बचते हैं
44:46अब RBI ने साफ कर दिया है कि बैंक ये कहकर नहीं बच सकते
44:49बलकि उन्हें ग्राहक की लापरवाही को साबित करना होगा
44:52RBI ने भुगतान को लेकर तीन बड़ी बातें कही है
44:56पहली बात अगर online fraud बैंकों की किसी गलती से हुआ है
45:01जैसी कि सुरक्षा में चूक, सिस्टम में गड़बड़ी या बैंक त्वारा आपको सूचना न भेजना
45:05तो ऐसे मामले में बैंक को पूरे पैसे का भुगतान करना होगा
45:08फिर चाहे ग्राहक में सही समय पर जानकारी दी हो या न दी हो
45:12दूसरी बात, अगर ओनलाइन फ्रॉड में कोई तीसरा पक्षा मिल है
45:16जैसे कोई पेमेंट आप या पेमेंट गेटवे
45:18ऐसी स्थिती में आपको बैंक से ही पूरा पैसा मिलेगा
45:21लेकिन इस केस में आपको घटना के पांच दिनों के अंदर बैंक को जानकारी देनी जरूरी होगी
45:28तीसरी बात, इसके अलावा अगर ओनलाइन फ्रॉड आपकी लापरवाही से हुआ है
45:33जैसे अगर आपने OTP दे दिया या चेतावनी को अंदेखा किया
45:37या फिर कोई संदिग्द आप डाउनलोड कर लिया
45:39तो ऐसी स्थिती में आपको तुरंत जानकारी देनी होगी
45:43तभी पेमेंट का प्रोसेस हो सकेगा
45:47मुआवज़े की सीमा भी तय है
45:49नियम कहते हैं कि भुगतान पूरी जिंदगी में एक व्यक्ति को केवल एक ही बार मिलेगा
45:53यानि ठगी की पहली रिपोर्ट पर ही पैसा वापस मिल पाएगा
45:57और भुगतान के तोर पर ठगी की रकम का 85 प्रतिशत या अधिक्तम 25,000 रुपे तक ही मिलेगा
46:02मुआवजे का मतलब ये नहीं कि आप ऑनलाइन ठगी के प्रतिला परवा हो जाएं
46:06बलकि ज्यादा साफधान रहना है
46:09RBI का ये कदम एक बड़ी रहा थे क्योंकि हमारे देश में
46:12ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं
46:15देश के 86 प्रतिशत लोग किसी न किसी माध्यम से इंटेनेट से जुड़े हुए हैं
46:20और ऑनलाइन ठगों का दाइरा भी इसी हिसाब से बढ़ता गया है
46:232022 में देश में साइबर सेक्योरिटी ब्रीच के 10,29,000 मामले सामने आये थे
46:29अगले दो वर्षों में ये केसिस बढ़कर 22,68,000 हो गए
46:32भारत में साइबर क्राइम पर आक्शन लेने वाली संस्था इंडिन साइबर क्राइम को ओर्डिनेशन सेंटर ने
46:37अब तक साइबर फ्रॉड से जुड़ी 3,962 Skype IDs, 83,000 से ज्यादा WhatsApp accounts, 9,42,000 SIM
46:46cards, 2,63,000 से ज्यादा IMEI number को ब्लॉक किया है
46:52साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर आक्शन हो रहे हैं लेकिन इसके बावजूर साइबर ठग नए नए तरीके निकाल लेते हैं
46:59इसलिए आपका सतर क्रहना जरूरी है ऐसे लोगों से साथधान रहें जो डिजिटल अरेस्ट की धमकी दें, AI वोईस के
47:06जरिए पैसे और OTP मांगें या जल्दी से जल्दी पैसा कमाने का लालच दें
47:11तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही पर हमारी मुलाकात का सिलसला रात 9 बजे चलता रहेगा
47:17तब तक देखते रहे हैं आज तक
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