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ये वीडियो 21st दिसंबर, 2025 को पुणे मे हुए लाइव सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00कितने जूते पहने हैं?
00:01दो
00:02मैट्स नहीं आती तो जूते भी नहीं किन पाऊगी
00:04जिसके पास मैट्स नहीं होगी
00:06फिर वो नेचर को कैसे समझेगा, दुनिया को कैसे समझेगा
00:12तर, मेरा प्रश्ण ये था
00:14कि जो सही काम होता है
00:16हमें बहुत तो फॉलो करना ही चाहिए
00:18तो हम उनको हमें उनको आनन्द से कैसे करना चाहिए
00:22और आनन्द से कैसे करना वाने क्या?
00:26ये तुम्हारा अपना सवाल है?
00:29नहीं
00:29सर सच में?
00:32मैं आपकी वीडियो में सुना था
00:33कि हमें सही काम करना ची है और आनंद से
00:36सही काम में जो हो रहा है वही आनंद है
00:40सुखा रहा है तो सुखा आनंद है दुखा रहा है तो दुखा आनंद है
00:43सर पढ़ाई
00:47पढ़ाई में
00:49तो बस पढ़ो पढ़ना अच्छा लग रहा है तो अच्छाई को बोल दो यह आनन्द है अपने में बोर हो
00:54रहे हो तो बोल दो यह बोरियत ही आनन्द है
00:56सब मुझे से मैट्स में लगता है आपको जो मैट्स पढ़ा रहे हो फिर पता नहीं पा रहे हैं आपको
01:01कि मैट्स माने क्या होता है मैट्स माने जिन्दगी होता है मैट्स ऐसी चीज़ होती है समझ लो कि प्रक्रति
01:09भी उस पर चलती है अभी तुमने माइक पकड़ रखा है न
01:12प्रकृति काम अच्छे से पता था कि चार ये देने के बाद अब यह अरित्मेटिक हो गसा अलब के बाद
01:20अगर् disproportionately जेने के बाद खया
01:22अगर एक ये नहीं दिया क्या नाम है तुमारा नंवान्च टो नंवान्च प्रकृति को फिर दोलाड और डौन डियाथ
01:35तो जिसके बास मैट्स नहीं होगी, फिर वो नेचर को कैसे समझेगा, दुनिया को कैसे समझेगा, तफ हो जाएगा, और
01:44सर, आपकी बात से आपने बोलता है, कि ऐसे माथे पर चिपका के, मैं नहीं चलता था, कि टॉपर हो
01:51यह हूँ,
01:52मेरी माँ बोलती थी, कि दुनिया में निकलोगे माथे पर चिपका के नहीं चलोगे कि टॉपर हो, तुम हो टॉपर
02:00हो, तुम कैसे टॉपरों से मैट्स नहीं आती, नहीं, बागी सारे सब्जेक्स के, तो ऐसे थुड़ी टॉपर बन जाते है,
02:10मैट्स तो बहुत सेंट्रल सब
02:22मैट्स तो आती है, बस एक सिली कोश्यन की मिस्टेक हुई थी थी था, सिली मिस्टेक्स तो पेटा खूब करो
02:28जंदगी में, सिली होना और सिली एक्ट करना ये तो एक तरह से हक है हमारा, जन्मसेद हक है, पर
02:37बहिमानी मत करो
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