00:00पूरे देश में आज शद्धा और आस्था का पर्व निर्जला एकदशी मनाई जा रही है। जेश्ट शुकल पक्ष की एकदशी
00:08समस्त एकदशियों में सबसे सर्वशेष्ट मानी गई है। यही वज़ा है कि धर्मनगरी हरिद्वार से लेकर तीर्थ राज प्रयागराच �
00:15तक आस्था का सेलाब उमड़ पड़ा है। गंगा घाटो और त्रिवेडी संगम पर लाखो शद्धालू सनान दान और भगबान विश्णू
00:24की अराध्धा कर रही है। सूर्योदर से पहले ही हरिद्वार के हर की पौड़ी पर शद्धालू गंगा में आस्था की
00:31पवित्
01:00सनातन धर में निर्जला एकदशी का विशेश महत बताया गया है। धार्मिक माननेता है कि इस दिन बिना अन्न और
01:07जल ग्रहन किये भगबान विश्णू की उपासना करने से वर्ष भर की सभी एकदश्यों के बराबर पौन्य प्राप्त होता है।
01:14महभारत काल में महरिशी वेदव्यास ने भीम सेन को इस वरत का महत्व बताया था। तब ही सेसे भीम सेनी
01:21या पांडव एकदशी के नाम से भी जाना जाता है।
01:45संद्यावंदन आदी की जो किरिया है हमारी हम कलाब में नदी में अथवा अपने घर पर ही सनान करके इस
01:51वर का चिंतन करें।
02:17उधर तीर्थ राज प्रयागराज में भी निर्जला एकदशी पर शद्धालू का जन सेलाब उमड़ा।
02:23ब्रह्म मूरत से ही हजारो शद्धालू त्रिवेडी संगम पहुँचे और आस्था की डुपकी लगाई।
02:28लोग संगम तड़ पर पूर्जा अर्चना और दान कर रहे हैं।
03:00इसको सभी लोग जो है निर्जला एकदशी की रूपी बनाते हैं।
03:05जहां तर संभव होता है जो किसी भी रोग से ग्रशित नहीं है, तो इसको फूट भी है।
03:14जिसे किसी की पेटी बच्चा है, किसी ग्रकार का रूपी है। उर्जल ग्रहन करके भी रह सकता है।
03:20भगवान अपने भक्तों को सड़यों जो है उनके खुशी के लिए ही सारी बच्चा है।
03:24यह चोवीशो एकदशी का लाजा है। और आप करे चाहे ना और एकदशी करे चाहे ना करे।
03:30इस एकदशी को करने के बाद अधिक मास लगने के बाद यह सभीश एकदशी हो गया।
03:35यह सभीश एकदशी का फ़ल एक ही एकदशी करने में मिल जाता है।
03:39इसका इतना महत्तो है।
03:40आज निरजला एकदशी ब्रत है।
03:49ईसनान से ब्रत रहने से 12 साल भरनें, काक्षियों तो को शाथ लगा है.
04:01शAđधालों की बहरी भीड को देखते हुए प्रशाषन भी पूरी तरह मुस्तैध है.
04:04अरिद्वार और प्यागराज दोनों ही जगहों पर सुरक्षव विवस्था को चार्च चौवन्द किया गया है
04:09घाटो पर अत्रिक्ट पुलिस बल तैनाथ है और CCTV के जरीए लगातार निग्रानी रखी जा रही है
04:29गंगा के पावन तटो पर उम्री शद्धा की ये तस्वीरें सनातन संस्रिती की उस जीवन्द परंप्रा का प्रतीक है
04:36जो सदियों से लोगों को आस्था सेवा और आध्यात्मिक्ता का संदेश देती आ रही है
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